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                <title>दिल्ली /एनसीआर - देश रोजाना</title>
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                <description>दिल्ली /एनसीआर RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>New Delhi :अब विदेशियों पर होगी कड़ी नजर, गृह मंत्रालय ने बदल डाले इमिग्रेशन के नियम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स रूल्स, 2025 में एक बड़ा संशोधन अधिसूचित किया है, जिसके तहत कम अवधि के वीजा पर आने वाले विदेशियों के लिए ठहरने की अवधि बढ़ाने से जुड़े नियमों को पहले से ज्यादा सख्त बना दिया गया हैI</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/top-news/new-delhi-now-there-will-be-a-close-watch-on/article-1767"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-06/home-minister.jpeg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स रूल्स, 2025 में एक बड़ा संशोधन अधिसूचित किया है, जिसके तहत कम अवधि के वीजा पर आने वाले विदेशियों के लिए ठहरने की अवधि बढ़ाने से जुड़े नियमों को पहले से ज्यादा सख्त बना दिया गया हैI<img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-06/home-minister.jpeg" alt="home minister" width="948" height="533"></img>केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भारत में विदेशी नागरिकों की निगरानी और इमिग्रेशन प्रक्रिया को पहले से अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से इमिग्रेशन एंड एंड फॉरेनर्स रूल्स, 2025 में कई संशोधन किए गए हैं I नए नियमों के अनुसार,अब 180 दिन या उससे कम अवधि के वीजा पर भारत आने वाले उन विदेशी नागरिकों को, जो अपनी निर्धारित वीजा अवधि से आगे देश में रुकना चाहते हैं, अपनी 180 दिनों की तय समय सीमा समाप्त होने से पहले ही किसी भी समय अपना आधिकारिक रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से कराना होगा I कुछ विशेष परिस्थितियों जैसे किसी इमरजेंसी में ही देरी से रजिस्ट्रेशन की अनुमति दी जाएगीI</p>
<p>मंत्रालय ने नियमों में बदलाव करते हुए भारतीय माता-पिता के बच्चों के लिए नागरिकता संबंधी विशेष प्रावधान जोड़े हैंI यदि बच्चा भारत में रहते हुए बाद में किसी भी अन्य देश की नागरिकता प्राप्त कर लेता है तो ऐसी स्थिति में माता-पिता को इसकी जानकारी 30 दिनों के अंदर पंजीकरण अधिकारी को देनी होगीI इसके अतिरिक्त अपील प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन बनाया गया हैI</p>
<p>बता दें कि विदेशी नागरिकों के लिए लागू पुराने नियम के तहत ये व्यवस्था काफी अलग थी. पहले भारत आने वाले विदेशी नागरिकों को अपनी तय अवधि यानी 180 दिन पूरे हो जाने के बाद भी अगले 14 दिनों के अंदर अपना रजिस्ट्रेशन कराने की कानूनी अनुमति दी गई थी, जिसे अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया हैI<img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-06/letter-home-minister.jpeg" alt="letter home minister" width="1080" height="1503"></img>गृह मंत्रालय द्वारा नियमों में किए गए इस बड़े बदलाव का मुख्य उद्देश्य भारत आने वाले विदेशी नागरिकों की देश में मौजूदगी की निगरानी को दुरुस्त करना है I साथ ही  साथ ही पूरी इमिग्रेशन प्रक्रिया को डिजिटल और प्रशासनिक रूप से अधिक प्रभावी तथा पारदर्शी बनाना है, ताकि सुरक्षा बनी रहे I</p>
<p>---- समाप्त ---- </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>दिल्ली /एनसीआर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 13:27:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NELOFER HASHMI]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दिल्ली से कटरा — सफर होगा सुपरफास्ट, श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>NE-5 एक्सप्रेसवे को केंद्र सरकार ने मंज़ूरी दे दी है। यह हाई-स्पीड कॉरिडोर दिल्ली से कटरा तक हरियाणा और पंजाब होते हुए जाएगा, जिससे यात्रा समय घटेगा, व्यापार बढ़ेगा और श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/yoth/technology/delhi-to-katra-journey-will-be-superfast-devotees-will-get/article-1658"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-05/e29a8cc1-6ae0-4015-ba58-61726434b0c4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/0ab0f678-082f-45a0-9b32-a86a34d62a5d.jpg" alt="0ab0f678-082f-45a0-9b32-a86a34d62a5d" width="751" height="563"></img>केंद्र सरकार ने एक बड़ा और एहम कदम उठाते हुए NE -5 एक्सप्रेसवे को आधिकारिक रूप से घोसित कर दिया है। । यह हाई-स्पीड कॉरिडोर दिल्ली को हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर से जोड़ते हुए सीधे कटरा तक पहुंचेगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत इस परियोजना को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का हिस्सा बना दिया है।   आपको बता दें की इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत दिल्ली के रानी खेड़ा गांव के पास से होगी और यह कुंडली–मानेसर–पलवल एक्सप्रेसवे से जुड़ते हुए आगे बढ़ेगा। हरियाणा और पंजाब के कई अहम शहरों से गुजरकर यह जम्मू-कश्मीर के कटरा तक पहुंचेगा।<img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/3cd975a6-8ced-4876-b119-822301495a2d.jpg" alt="3cd975a6-8ced-4876-b119-822301495a2d" width="689" height="973"></img> हरियाणा में यह एक्सप्रेसवे खरखौदा, गोहाना, बुटाना, कलायत और बारटा जैसे इलाकों को जोड़ेगा, जिससे इन क्षेत्रों में विकास की रफ्तार और तेज़ होने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इस कॉरिडोर के बनने से दिल्ली से कटरा की दूरी कम समय में तय की जा सकेगी। जिससे माल परिवहन  आसान होगा , व्यापार और उद्योग को नया बल मिलेगा और छोटे शहरों में धन निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। खासतौर पर माता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर और सुरक्षित सड़क सुविधा मिलेगीऔर  निर्माण कार्य के दौरान बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। अनुमान है कि NE-5 एक्सप्रेसवे बनने के बाद दिल्ली और हरियाणा से कटरा की यात्रा में करीब 4 से 6 घंटे तक का समय बचेगा।  कुल मिलाकर, NE-5 एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि उत्तर भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास की नई रफ्तार बनने जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>दिल्ली /एनसीआर</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>पलवल</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 12:17:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Desh Rojana Bureau]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>New Delhi News :प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने प्रदर्शन के नए आयाम स्थापित किए।</title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने बीते 12 वर्षों में विकास और परिवर्तन की अभूतपूर्व यात्रा तय की है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/top-news/under-the-guidance-of-prime-minister-shri-narendra-modi-khadi/article-1635"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-05/whatsapp-image-2026-05-26-at-16.06.50.jpeg" alt=""></a><br /><div class="mail-message-content collapsible zoom-normal mail-show-images">
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<div>नई दिल्ली: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने बीते 12 वर्षों में विकास और परिवर्तन की अभूतपूर्व यात्रा तय की है। वित्त वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 1,87,105 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई, जो अब तक की सर्वाधिक बिक्री है और ग्रामीण भारत की बढ़ती उद्यमशीलता, आत्मनिर्भरता तथा आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त प्रमाण है। ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों से प्रेरित होकर खादी आज केवल एक पारंपरिक उत्पाद नहीं, बल्कि ‘नये भारत’ की आत्मनिर्भरता, स्वदेशी गौरव और ग्रामीण समृद्धि का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। उत्पादन, विपणन और रोजगार सृजन के नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान की है।<img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/whatsapp-image-2026-05-26-at-16.06.50.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-05-26 at 16.06.50" width="1280" height="720"></img><br /><br /><strong>केवीआईसी ने जारी किए वित्त वर्ष 2025-26 के अनंतिम आंकड़े<br /></strong>नई दिल्ली के गांधी दर्शन, राजघाट स्थित कार्यालय में वित्त वर्ष 2025-26 के अनंतिम आंकड़े (Provisional Data) जारी करते हुए केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि आयोग ने उत्पादन, बिक्री और रोजगार सृजन के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013-14 की तुलना में पिछले 12 वर्षों में बिक्री में 501 प्रतिशत, उत्पादन में 380 प्रतिशत और रोजगार सृजन में 56 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पूर्व वर्षों की प्रवृत्ति को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में वर्ष 2013-14 की तुलना में बिक्री में 447 प्रतिशत और उत्पादन में 347 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में वर्ष 2013-14 की तुलना में बिक्री में 400 प्रतिशत और उत्पादन में 315 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी थी।<img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/whatsapp-image-2026-05-26-at-16.06.51-(1).jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-05-26 at 16.06.51 (1)" width="1280" height="720"></img><br /><strong>खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 1.87 लाख करोड़ रुपये के पार<br /></strong>अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि केवीआईसी का यह सशक्त प्रदर्शन ‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प को गति प्रदान करने के साथ-साथ भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रभावी मार्गदर्शन, महात्मा गांधी की प्रेरणा तथा देश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत करोड़ों कारीगरों की मेहनत को दिया। अध्यक्ष केवीआईसी ने बताया कि वित्त वर्ष 2013-14 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों का उत्पादन जहां 26109 करोड़ रुपये था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह करीब पांच गुना बढ़कर 380 प्रतिशत के उछाल के साथ 125296 करोड़ रुपये पहुंच गया। जबकि वित्त वर्ष 2013-14 में बिक्री जहां 31154 करोड़ रुपये थी, वहीं करीब छह गुना बढ़कर 501 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि के साथ यह वित्त वर्ष 2025-26 में 187105 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो कि अब तक की सर्वाधिक बिक्री है।<br /><br /><strong>खादी वस्त्रों के उत्पादन और बिक्री में अभूतपूर्व वृद्धि<br /></strong>खादी वस्त्रों के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2013-14 में 811 करोड़ रुपये का उत्पादन बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 390 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3,974 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं बिक्री 1,081 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 628 प्रतिशत वृद्धि के साथ 7,869 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री द्वारा खादी के सतत प्रचार-प्रसार का सकारात्मक प्रभाव इस क्षेत्र की बढ़ती स्वीकार्यता और बाजार विस्तार में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।<br /><br /><strong>ग्रामोद्योग क्षेत्र में उत्पादन और बिक्री का नया रिकॉर्ड<br /></strong>ग्रामोद्योग क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2013-14 में जहां ग्रामोद्योग उत्पादों का उत्पादन 25,298 करोड़ रुपये था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 380 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह बढ़कर 1,21,322 करोड़ रुपये हो गया है। इसी प्रकार बिक्री 30,073 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 496 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,79,236 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी ग्रामोद्योग ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वर्ष 2013-14 में जहां इस क्षेत्र में 1.19 करोड़ लोगों को रोजगार प्राप्त था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 1.99 करोड़ के स्तर के करीब पहुंच गया है, जो ग्रामीण आजीविका सृजन में इस क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘घर-घर स्वदेशी’ जैसे अभियानों के प्रभाव से ग्रामोद्योग उत्पादों की मांग में निरंतर वृद्धि हुई है, जिससे यह क्षेत्र ग्रामीण उद्योगों के विस्तार, बाजार सुदृढ़ीकरण और रोजगार सृजन का एक प्रमुख आधार बनकर उभरा है।<br /><br /><strong>रोजगार सृजन के क्षेत्र में केवीआईसी की ऐतिहासिक उपलब्धि<br /></strong>रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी केवीआईसी ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2013-14 में जहां खादी और ग्रामोद्योग से जुड़ी गतिविधियों में संचयी रोजगार (Cumulative Employment) 1.30 करोड़ था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह 56 प्रतिशत की वृद्धि के साथ बढ़कर 2.04 करोड़ हो गया है, जो ग्रामीण आजीविका सृजन में केवीआईसी की केंद्रीय भूमिका को दर्शाता है।</div>
<div><br /><strong>पीएमईजीपी से स्वरोजगार एवं उद्यमिता को नई गति</strong><br />प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत वित्त वर्ष 2025-26 में 66,494 नई इकाइयों की स्थापना की गई, जिनके लिए 7,375 करोड़ रुपये के ऋण के विरुद्ध 2,457 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी वितरित की गई। इन इकाइयों के माध्यम से 7,31,434 लोगों को रोजगार उपलब्ध हुआ। योजना की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 10,84,679 इकाइयों की स्थापना की जा चुकी है, जिनके लिए 80,705 करोड़ रुपये के ऋण के सापेक्ष 29,623 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी संवितरित की गई है। इसके माध्यम से अब तक लगभग 97.95 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।<br /><br /><strong>ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत टूलकिट वितरण से कारीगरों को सशक्तिकरण<br /></strong>ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत अभी तक 51,230 विद्युत चालित चाक, 2,46,099 बी-बॉक्स एवं बी-कालोनी, 2,674 ऑटोमैटिक एवं पैडल चालित अगरबत्ती निर्माण मशीन, 7,669 फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग एवं रिपेयरिंग टूलकिट, 836 पेपर प्लेट एवं दोना निर्माण मशीन, 7,571 एसी, मोबाइल, सिलाई, इलेक्ट्रिशियन एवं प्लंबर टूलकिट, 5,138 टर्नवुड, वेस्टवुड क्रॉफ्ट एवं लकड़ी के खिलौने बनाने की मशीन तथा 1,789 पामगुड़, तेल घानी एवं इमली प्रसंस्करण मशीनों का वितरण किया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना के अंतर्गत 37,769 मशीन, टूलकिट एवं उपकरणों का वितरण किया गया है। यदि पिछले चार वर्षों पर दृष्टि डालें तो वर्ष 2022-23 में 21,874, वित्त वर्ष 2023-24 में 29,540, वित्त वर्ष 2024-25 में 38,904 तथा वित्त वर्ष 2025-26 में 37,769 मशीनों एवं उपकरणों का वितरण किया गया है। इस प्रकार ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत केवीआईसी ने अभी तक कुल 3,23,006 मशीन, टूलकिट एवं उपकरणों का वितरण कर ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।<br /><br /><strong>केवीआईसी के प्रयासों से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा<br /></strong>महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी केवीआईसी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में केवीआईसी के विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अंतर्गत 79,682 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिनमें 47,382 महिलाएं शामिल हैं, जो कुल का लगभग 59 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त, पीएमईजीपी के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 28,180 महिला उद्यमियों द्वारा इकाइयों की स्थापना की गई, जिनके माध्यम से 3,09,980 महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए, जो महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने में योजना की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। खादी क्षेत्र में लगभग 5 लाख कारीगरों में 80 प्रतिशत से अधिक महिलाओं की भागीदारी इस क्षेत्र को महिला नेतृत्व आधारित आर्थिक सशक्तिकरण का एक प्रभावी माध्यम बनाती है।<br /><br /><strong>कारीगरों के पारिश्रमिक में 275 प्रतिशत तक की वृद्धि<br /></strong>कारीगरों के पारिश्रमिक में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, जो वर्ष 2013-14 में 4 रुपये प्रति हैंक से बढ़कर वर्तमान में 15 रुपये प्रति हैंक हो गया है, अर्थात इसमें लगभग 275 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।<br /><br /><strong>सरकारी आपूर्ति, प्रदर्शनी बिक्री और राष्ट्रीय ध्वज की मांग में वृद्धि<br /></strong>इसके साथ ही खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की सरकारी आपूर्ति बढ़कर 92.08 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो इस क्षेत्र की बढ़ती स्वीकार्यता और संस्थागत मांग को दर्शाती है। इसी क्रम में खादी उत्पादों की प्रदर्शनी एवं विपणन गतिविधियों के माध्यम से 30.83 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गई है, जो बाजार विस्तार और उपभोक्ता जुड़ाव को सुदृढ़ करती है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय ध्वज की बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो 2013-14 में 0.87 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 2.35 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह वृद्धि देश में ‘हर घर तिरंगा’ जैसे जन-अभियानों के प्रभाव और खादी के प्रति बढ़ती जनभागीदारी को रेखांकित करती है।</div>
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                                            <category>देश</category>
                                            <category>दिल्ली /एनसीआर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 00:09:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NELOFER HASHMI]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>महंगाई का बड़ा झटका: पेट्रोल-डीजल-CNG की कीमतों में फिर बढ़ोतरी, आम आदमी का बजट बिगड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम चढ़ने और वैश्विक तनाव के चलते आम लोगों पर सीधा असर पड़ा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/world/america/big-blow-of-inflation-rise-in-prices-of-petrol-diesel/article-1522"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-05/7710b7ce-7295-465d-9e98-dca513b16063.jpg" alt=""></a><br /><p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/7710b7ce-7295-465d-9e98-dca513b16063.jpg" alt="7710b7ce-7295-465d-9e98-dca513b16063" width="717" height="403"></img>देश में एक बार फिर महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में बढ़ोतरी ने हर घर के बजट को झकझोर कर रख दिया है।सरकारी तेल कंपनियों ने 10 दिन के भीतर तीसरी बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं. दिल्ली में पेट्रोल अब 99 रुपये 51 पैसे प्रति लीटर बिक रहा है, डीजल के दाम 91 पैसे बढ़ गए हैं और CNG भी 1 रुपये महंगी होकर 81 रुपये 9 पैसे प्रति किलो पहुंच गई है। इसकी सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव से पहले क्रूड ऑयल करीब 70 डॉलर प्रति बैरल था, जो अब 100 डॉलर के पार पहुंच चुका है। दरअसल, ख़ास बात यह है कि मार्च 2024 से पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर थे। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले सरकार ने 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय हालात और बढ़ते घाटे के चलते कीमतों में तेजी  की गयी है। सरकारी तेल कंपनियों को हर महीने करीब 30 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था,जिस वजह से यह फैसला लिया गया। <br />इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालात को देखते हुए देशवासियों से कहा कि पेट्रोल, डीजल और गैस का उपयोग जरूरत के अनुसार करें, ताकि विदेशी मुद्रा बचे और युद्ध जैसे हालात का असर देश पर कम पड़े।<img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/b92aaeef-59af-421c-abd3-74084957703f.jpg" alt="b92aaeef-59af-421c-abd3-74084957703f" width="1111" height="861"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>दिल्ली /एनसीआर</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>ईरान</category>
                                            <category>अमेरिका</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 12:18:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Desh Rojana Bureau]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>New Delhi News:श्री सौरभ विजय ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में चार्ज संभाला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>श्री सौरभ विजय ने सोमवार को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में चार्ज संभाला। वे महाराष्ट्र कैडर के 1998 बैच के IAS अधिकारी हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/top-news/shri-saurabh-vijay-takes-charge-as-the-chief-executive-officer/article-1383"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-05/image001engd.jpg" alt=""></a><br /><div>नई दिल्ली: श्री सौरभ विजय ने सोमवार को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में चार्ज संभाला। वे महाराष्ट्र कैडर के 1998 बैच के IAS अधिकारी हैं।<img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/image001engd.jpg" alt="image001ENGD" width="602" height="437"></img>IIT-दिल्ली से सिविल इंजीनियर होने के नाते, उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और भारत सरकार में कई पदों पर कार्य किया है।<br /><br />UIDAI में शामिल होने से पहले वे महाराष्ट्र सरकार के वित्त विभाग में प्रधान सचिव (व्यय) थे। कैडर में उनके पूर्व असाइनमेंट में महाराष्ट्र के प्रधान सचिव योजना और विकास आयुक्त, प्रधान सचिव पर्यटन, सचिव चिकित्सा शिक्षा, सचिव उच्च व तकनीकी शिक्षा, इत्यादि शामिल हैं।<br /><br />उन्होंने केंद्रीय डेप्युटेशन में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय महत्वपूर्ण भूमिकाओं में सेवा दी है, जिनमें नई दिल्ली में राष्ट्रपति सचिवालय में निदेशक तथा वाशिंगटन डी.सी. में विश्व बैंक में बांग्लादेश, भूटान, भारत व श्रीलंका के लिए कार्यकारी निदेशक के सलाहकार के रूप में कार्य शामिल है।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>दिल्ली /एनसीआर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 23:40:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NELOFER HASHMI]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>New Delhi News: प्रधानमंत्री की मितव्ययिता, संसाधन-संरक्षण और आत्मनिर्भरता की अपील पर शिवराज की अध्यक्षता में बड़े निर्णय</title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययिता, संसाधन-संरक्षण और आत्मनिर्भरता की अपील को प्रशासनिक अमल का रूप देते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को बड़े फैसले किए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/top-news/major-decisions-taken-under-the-chairmanship-of-shivraj-on-prime/article-1381"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-05/1001631116.jpg" alt=""></a><br /><div>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययिता, संसाधन-संरक्षण और आत्मनिर्भरता की अपील को प्रशासनिक अमल का रूप देते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को बड़े फैसले किए। अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में एक तरफ जहां बचत, ईंधन-संरक्षण, बिजली नियंत्रण, वर्चुअल कार्यप्रणाली और सरकारी खर्च घटाने के उपाय तय किए गए, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों ने एक वर्ष तक विशेष पारिवारिक परिस्थितियों को छोड़कर सोना नहीं खरीदने का भी सामूहिक संकल्प लिया। </div>
<div><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/1001631116.jpg" alt="1001631116" width="1157" height="668"></img>वैश्विक चुनौतियों और बदलते आर्थिक माहौल के बीच केंद्र सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह संदेश दे रही है कि राष्ट्रहित में संयम और बचत की शुरुआत सरकार खुद से करेगी। इसी दिशा में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि शिक्षा और भूमि संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक कर कई ऐसे फैसले किए, जो शासन, समाज और कृषि- तीनों स्तरों पर सकारात्मक असर डालने वाले हैं। </div>
<div> </div>
<div>कृषि भवन, नई दिल्ली में आज आयोजित इस बैठक में सबसे महत्वपूर्ण संदेश उस समय उभरा, जब अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह के आह्वान पर सामूहिक रूप से यह फैसला किया कि अगले एक वर्ष तक, केवल बेटी की शादी या किसी विशेष अपरिहार्य पारिवारिक अवसर जैसी परिस्थितियों को छोड़कर, वे सोना नहीं खरीदेंगे। यह निर्णय औपचारिक सरकारी आदेश से अधिक एक स्वैच्छिक नैतिक-सामाजिक संकल्प के रूप में है, जिसे शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अपील के प्रति गंभीर प्रतिक्रिया और राष्ट्रहित में व्यक्तिगत संयम का उदाहरण बताया। <img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/1001631114.jpg" alt="1001631114" width="1280" height="877"></img></div>
<div> </div>
<div>प्रशासनिक स्तर पर बैठक में तय किया गया कि गुवाहाटी और विशाखापट्टनम में आगामी दिनों में होने वाली दो जोनल कॉन्फ्रेंस अब फिजिकल मोड में नहीं होंगी, बल्कि वर्चुअल मोड में आयोजित की जाएंगी। इससे यात्रा, आवास, स्थल, लॉजिस्टिक्स और अन्य संबंधित खर्चों में कमी आएगी, जबकि राज्यों और हितधारकों के साथ संवाद और समीक्षा की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी। </div>
<div> </div>
<div>कार्यालयों में बिजली संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई है। लाइट, पंखे, एसी, कंप्यूटर और अन्य उपकरण आवश्यकता न होने पर बंद रखने के निर्देश केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह द्वारा दिए गए हैं, जबकि एयर-कंडीशनर और अन्य विद्युत उपकरणों के उपयोग को नियंत्रित और व्यवस्थित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि अनावश्यक बिजली खपत रोकी जा सके। </div>
<div> </div>
<div>बैठक में यह भी तय किया गया कि लगभग 20 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए रोटेशन के आधार पर वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू की जाएगी। हालांकि इसके साथ यह भी कहा गया है कि फाइल निस्तारण, बैठकों, समन्वय, राज्य-संबंधी कार्य और नियमित कार्यालयीन कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। घर से काम करने वाले कर्मचारी फोन, ईमेल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ई-ऑफिस के माध्यम से उपलब्ध रहेंगे। </div>
<div> </div>
<div>केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि ईंधन बचत और सार्वजनिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए सप्ताह में एक दिन कार-पूलिंग व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था निदेशक स्तर तक बढ़ाई जाएगी, जबकि मंत्रालय में लगभग एक-तिहाई वाहनों के उपयोग को कम करने का लक्ष्य भी रखा गया है, जिससे ईंधन, वाहन रखरखाव, चालक व्यवस्था और अन्य संबंधित खर्चों में कमी लाई जा सके। </div>
<div> </div>
<div>उन्होंने कहा कि सरकारी दौरों और बैठकों को भी अब अधिक नियंत्रित और जरूरत-आधारित बनाया जाएगा। केवल अत्यावश्यक दौरे ही किए जाएंगे और जहां संभव होगा, समीक्षा, परामर्श और बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएंगी, ताकि बड़े दलों की अनावश्यक यात्रा रोकी जा सके और खर्च में कमी लाई जा सके। </div>
<div> </div>
<div>बैठक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा खाद्य तेल की खपत को लेकर भी रहा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह के निर्देश पर मंत्रालय ने फैसला किया है कि खाद्य तेल के संतुलित और स्वस्थ उपयोग के लिए विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि अत्यधिक खपत कम हो, स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़े और देश की खाद्य तेल आयात निर्भरता घटाने के लक्ष्य को बल मिले। खाद्य तेल और तिलहन के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए चल रहे मिशन को और प्रभावी बनाया जाएगा। </div>
<div> </div>
<div>कृषि क्षेत्र को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्राकृतिक खेती और उर्वरकों के संतुलित उपयोग को साथ लेकर चलना होगा। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग और आईसीएआर ने “खेत बचाओ अभियान” चलाने का फैसला किया है, जिसके तहत वैज्ञानिक गांवों में जाकर मिट्टी की जांच और उसमें मौजूद तत्वों के आधार पर किसानों को यह सलाह देंगे कि कौन-सा खाद, कितनी मात्रा में और किस जरूरत के अनुसार डाला जाना चाहिए। इसका उद्देश्य अनावश्यक उर्वरक उपयोग रोकना और आयातित खादों पर निर्भरता कम करना है। श्री चौहान ने कहा कि खेत बचाओ अभियान को 1 जून से 15 दिनों तक पूरे देश में अधिक संगठित और प्रभावी रूप से चलाया जाएगा। राज्य सरकारों के साथ मिलकर किसानों को जागरूक किया जाएगा कि आवश्यक खाद का उपयोग जरूर करें, लेकिन अनावश्यक उपयोग से बचें, ताकि लागत भी घटे और जमीन की सेहत भी सुरक्षित रहे। </div>
<div> </div>
<div>खरीफ सीजन की तैयारी को भी इस पूरी रणनीति से जोड़ा गया है। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि 28 और 29 मई को होने वाली खरीफ कॉन्फ्रेंस में संतुलित खाद उपयोग पर विशेष जोर दिया जाएगा, जबकि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए अलग से एक विशेष सत्र रखा जाएगा। इस सत्र में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को आमंत्रित करने का भी निर्णय लिया गया है, ताकि प्राकृतिक खेती के व्यावहारिक और प्रेरक अनुभव राज्यों के साथ साझा किए जा सकें। शिवराज सिंह ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में छोटे-छोटे कदम भी बड़े राष्ट्रीय परिणाम दे सकते हैं। उनका कहना है कि बचत, संयम और संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी है और यह सब करते हुए खेती, खाद्य सुरक्षा, पोषण सुरक्षा और किसानों की आजीविका किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>दिल्ली /एनसीआर</category>
                                    

                <link>https://www.deshrojana.com/top-news/major-decisions-taken-under-the-chairmanship-of-shivraj-on-prime/article-1381</link>
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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 23:34:55 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>विकसित भारत जी राम जी योजना की शुरुआत एक जुलाई से, गांवों के समग्र विकास को मिलेगी नई दिशा- शिवराज सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[<p>केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज महाराष्ट्र के सतारा स्थित सैनिक स्कूल ग्राउंड में आयोजित “प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) लाभार्थी सम्मेलन एवं महा आवास अभियान राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह” में 5 लाख पूर्ण ग्रामीण आवासों के गृह प्रवेश का शुभारंभ किया</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/state/maharashtra/launch-of-vikas-bharat-ji-ram-ji-yojana-from-july/article-1285"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-05/1001619747.jpg" alt=""></a><br /><div>सतारा (महाराष्ट्र)/नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज महाराष्ट्र के सतारा स्थित सैनिक स्कूल ग्राउंड में आयोजित “प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) लाभार्थी सम्मेलन एवं महा आवास अभियान राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह” में 5 लाख पूर्ण ग्रामीण आवासों के गृह प्रवेश का शुभारंभ किया। तथा5 लाभार्थियों को आवास की चाबियां सौंपीं और महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास को नई गति देने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की। <img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/1001619747.jpg" alt="1001619747" width="3008" height="2000"></img>इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री जयकुमार गोरे, पर्यटन, खननकर्म एवं माजी सैनिक कल्याण मंत्री तथा सतारा के पालकमंत्री शंभूराज देसाई, सार्वजनिक बांधकाम मंत्री शिवेंद्रसिंह भोसले, मदद एवं पुनर्वसन मंत्री मकरंद जाधव (पाटील), ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राज्य मंत्री योगेश कदम तथा स्थानीय सांसद श्रीमंत छत्रपति उदयनराजे भोसले उपस्थित थे।</div>
<div> </div>
<div>अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि देश में कोई भी गरीब कच्चे मकान में न रहे और प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक पक्की छत मिले। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने PMAY-G के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय कार्य करते हुए रिकॉर्ड समय में 5 लाख आवास पूर्ण कर सुशासन, संवेदनशीलता और परिणामोन्मुख प्रशासन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। <img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/1001619748.jpg" alt="1001619748" width="1280" height="1042"></img></div>
<div> </div>
<div>केंद्रीय मंत्री चौहान ने महाराष्ट्र के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत वित्त वर्ष 2026-27 हेतु 8,368.50 करोड़ रु. की केंद्रीय अंश सहायता जारी किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह राशि राज्य में ग्रामीण गरीबों के आवास निर्माण अभियान को और तेज करेगी तथा बेघर-मुक्त ग्रामीण महाराष्ट्र के संकल्प को मजबूत आधार देगी। </div>
<div>केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि जिन पात्र परिवारों का नाम अब तक छूट गया है, उनके लिए भी रास्ता खुला है और सर्वे तथा सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यकतानुसार और आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि बिजली, जल, स्वच्छता और सम्मानपूर्ण जीवन के साथ समग्र ग्रामीण जीवन-स्तर को ऊंचा उठाना है। </div>
<div>केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के अंतर्गत महाराष्ट्र के लिए 122.98 करोड़ रु. की लागत वाली 35 सड़क परियोजनाओं की स्वीकृति भी मुख्यमंत्री फडणवीस को सौंपी। 95.99 किलोमीटर लंबाई की इन परियोजनाओं से राज्य की 35 ग्रामीण बसावटों को लाभ मिलेगा और शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच अधिक सुगम होगी। </div>
<div>शिवराज सिंह चौहान ने ‘महा आवास अभियान’ के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों, इकाइयों और अधिकारियों को मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ सम्मानित करते हुए कहा कि जब राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रशासनिक दक्षता और जनकल्याण का भाव साथ आता है, तब विकास अभियान जनआंदोलन बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने ग्रामीण आवास के क्षेत्र में जिस गति और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है, वह अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरक है। <img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/1001619749.jpg" alt="1001619749" width="1280" height="852"></img>केंद्रीय मंत्री चौहान ने विकसित भारत जी राम जी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि एक जुलाई से शुरू होने जा रही यह पहल गांवों के समग्र और सुनियोजित विकास की नई आधारशिला बनेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्राम पंचायतें अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की व्यापक रूपरेखा तैयार करेंगी, जिससे गांवों के बुनियादी ढांचे, जनसुविधाओं और आजीविका से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को गति मिलेगी तथा विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प को विकसित गांवों के मजबूत आधार पर आगे बढ़ाया जा सकेगा।</div>
<div>किसानों के मुद्दों पर विशेष रूप से बोलते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने प्याज उत्पादक किसानों को बड़ी राहत दी। उन्होंने कहा कि उत्पादन बढ़ने और निर्यात संबंधी परिस्थितियों के कारण बाजार भाव प्रभावित हुए हैं, इसलिए आज से ही NAFED द्वारा 12 रु. 35 पैसे प्रति किलो की दर से प्याज की खरीदी शुरू की जाएगी, ताकि किसानों को तत्काल सहारा मिल सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार किसानों को संकट में अकेला नहीं छोड़ेगी और खरीदी व्यवस्था को प्रभावी, पारदर्शी तथा व्यवस्थित बनाने पर बल दिया। चौहान ने अधिकारियों को सतर्क निगरानी रखने के निर्देश भी दिए, ताकि खरीदी प्रक्रिया सुचारु रहे और वास्तविक किसानों को उसका लाभ मिल सके। </div>
<div>गन्ना उत्पादकों से जुड़े मुद्दों पर चौहान ने भरोसा दिलाया कि केंद्र और महाराष्ट्र सरकार मिलकर समस्याओं का समाधान निकालेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ इस विषय पर चर्चा हुई है और संबंधित मंत्रालयों के स्तर पर आवश्यक विमर्श कर व्यावहारिक समाधान की दिशा में पूरी कोशिश की जाएगी, क्योंकि किसान देश की अर्थव्यवस्था का आधार हैं। </div>
<div>चौहान ने यह भी रेखांकित किया कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा हैं। उन्होंने MSP में हालिया बढ़ोतरी, तिलहन-दलहन खरीदी, कपास मिशन, फार्मर आईडी, किसान-केंद्रित व्यवस्थाओं और ग्रामीण आधारभूत संरचना के विस्तार जैसे उपायों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों और ग्रामीण गरीबों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। </div>
<div>शिवराज सिंह चौहान ने सतारा की पावन धरती को छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता, स्वाभिमान और सुशासन की प्रेरणास्थली बताते हुए कहा कि शिवाजी महाराज केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के नायक हैं। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने देश को यह संदेश दिया कि सुशासन का अर्थ गरीबों के आँसू पोंछना, माताओं-बहनों का सम्मान सुनिश्चित करना, किसानों को समृद्ध बनाना और समाज के अंतिम व्यक्ति को गले लगाना है; प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार इसी जनकल्याणकारी और संवेदनशील शासन-दृष्टि को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।</div>
<div>महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सहयोग से महाराष्ट्र को रिकॉर्ड 30 लाख आवासों की स्वीकृति मिली और राज्य ने रिकॉर्ड समय में 5 लाख घर पूर्ण कर आज लाभार्थियों को समर्पित किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आवासों की गुणवत्ता बढ़ाने, सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली सुविधा उपलब्ध कराने और जमीनविहीन पात्र परिवारों को भी सहायता देकर इस अभियान को व्यापक सामाजिक सुरक्षा के मॉडल में बदला है। </div>
<div> </div>
<div>मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र का लक्ष्य बेघर-मुक्त राज्य का निर्माण है और आने वाले समय में और अधिक परिवारों को आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने प्याज किसानों के लिए केंद्रीय मंत्री श्री चौहान द्वारा घोषित NAFED खरीदी का स्वागत किया तथा गन्ना एवं चीनी उद्योग से जुड़े मुद्दों पर केंद्र-राज्य समन्वय से समाधान निकालने का भरोसा व्यक्त किया। </div>
<div>कार्यक्रम में ग्रामीण विकास से जुड़े जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, लाभार्थियों और बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिकों की उपस्थिति रही।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>दिल्ली /एनसीआर</category>
                                            <category>खेती-किसानी</category>
                                            <category>महाराष्ट्र</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 22:49:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Desh Rojana Bureau]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 के लिए राष्ट्रीय क्‍विज का शुभारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[<p>युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने गृह मंत्रालय के सहयोग से विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (वीवीवीपी) 2026 के लिए मेरा युवा भारत पोर्टल के माध्‍यम से राष्ट्रीय क्विज का शुभारंभ किया है। यह प्रश्नोत्तरी जून 2026 में आयोजित होने वाले सीमावर्ती गांवों के लिए सहभागिता कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी के लिए चयन का पहला चरण है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/top-news/launch-of-national-quiz-for-developed-vibrant-village-program-2026/article-1227"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-05/whatsapp-image-2026-05-14-at-12.13.56-am-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली:  युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने गृह मंत्रालय के सहयोग से विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (वीवीवीपी) 2026 के लिए मेरा युवा भारत पोर्टल के माध्‍यम से राष्ट्रीय क्विज का शुभारंभ किया है। यह प्रश्नोत्तरी जून 2026 में आयोजित होने वाले सीमावर्ती गांवों के लिए सहभागिता कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी के लिए चयन का पहला चरण है।</p>
<p>युवाओं के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय पहल विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 का उद्देश्य लेह-लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सीमावर्ती गांवों के विकास के प्रति जागरुकता बढाना और जमीनी स्तर की भागीदारी, सामुदायिक जुड़ाव तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करना है।</p>
<p>10 से 20 मई 2026 तक आयोजित इस ऑनलाइन क्विज में देशभर के युवा भाग ले सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य प्रतिभागियों को विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के दृष्टिकोण और उद्देश्यों के बारे में जागरुक करना है, साथ ही राष्ट्र निर्माण और सीमावर्ती समुदायों के विकास में युवाओं की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।</p>
<img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/whatsapp-image-2026-05-14-at-12.13.56-am-(1).jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-05-14 at 12.13.56 AM (1)" width="426" height="347"></img>
इच्छुक युवा मेरा युवा भारत पोर्टल के माध्यम से इस क्विज में भाग ले सकते हैं।

<p>यह क्विज प्रतिभागियों के लिए सीमावर्ती गांवों के परिवर्तन, स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण के प्रति जागरुकता, शासन संबंधी पहलों, सामुदायिक भागीदारी और सीमावर्ती क्षेत्रों को मजबूत करने की दिशा में सरकार के प्रयासों के बारे में जानने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगी।</p>
<p>क्विज़ में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों की पात्रता और फिटनेस का मूल्यांकन किया जाएगा, जिसके बाद राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 500 मेरा युवा भारत स्वयंसेवकों का चयन किया जाएगा, जो जून 2026 में आयोजित होने वाले साप्‍‍ताहिक विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में भाग लेंगे।</p>
<p>चयनित स्वयंसेवक सीमावर्ती गांवों में जमीनी स्तर के कार्यों और सामुदायिक संपर्क गतिविधियों में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में स्वच्छता अभियान, युवा संवाद कार्यक्रम, पर्यावरण संबंधी पहल, सांस्कृतिक आदान-प्रदान गतिविधियां, जागरुकता अभियान, करियर परामर्श सत्र और जमीनी स्तर के विकास और राष्ट्रीय एकता पर केंद्रित अनुभवात्मक शिक्षण के अवसर शामिल होंगे।</p>
<p>यह पहल युवाओं को विकसित भारत @2047 में सक्रिय योगदानकर्ता के रूप में सशक्त बनाने और जीवंत सीमावर्ती समुदायों के महत्व के बारे में जागरुकता बढाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>दिल्ली /एनसीआर</category>
                                            <category>यूथ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 00:34:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Desh Rojana Bureau]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गांव की सड़क ही समृद्धि की रीढ़, गरीब का घर और बहनों की आय भाजपा सरकार की प्राथमिकता - शिवराज सिंह चौहान </title>
                                    <description><![CDATA[<p>केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भेरूंदा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में PMGSY-IV का शुभारंभ करते हुए राज्य को सड़क, आवास और ग्रामीण विकास की अनेक बड़ी सौगातें समर्पित कीं। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/top-news/village-roads-are-the-backbone-of-prosperity-the-houses-of/article-1144"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-05/whatsapp-image-2026-05-10-at-8.15.01-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p>भेरूंदा (सीहोर)/भोपाल/नई दिल्ली:   केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भेरूंदा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में PMGSY-IV का शुभारंभ करते हुए राज्य को सड़क, आवास और ग्रामीण विकास की अनेक बड़ी सौगातें समर्पित कीं। इस अवसर पर म.प्र. के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान तथा केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी सहित राज्य के मंत्री करण सिंह वर्मा तथा विधायकगण भी उपस्थित रहे। </p>
<p>केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित इस समारोह में PMGSY-IV का शुभारंभ करते हुए कहा कि गांव की सड़क केवल रास्ता नहीं, बल्कि समृद्धि, सम्मान, शिक्षा, इलाज, बाजार और अवसर का प्रवेश-द्वार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में उन्होंने यह संदेश भी दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार गांव, गरीब, किसान और बहनों के जीवन में ठोस बदलाव लाने के लिए संकल्पबद्ध है। </p>
<p>कृषि मंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जोरदार प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत वैभवशाली, गौरवशाली, आत्मनिर्भर, संपन्न और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जनता से मोदी जी के समर्थन में तालियां बजवाकर यह राजनीतिक संकेत भी दिया कि देश की सुरक्षा, स्थिरता और विकास का भरोसा आज भाजपा नेतृत्व के साथ मजबूती से जुड़ा हुआ है। </p>
<p>राजनीतिक तेवर के साथ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कांग्रेस पर भी करारा हमला बोला। उन्होंने पुराने दौर की टूटी सड़कों, पानी-बिजली के संकट और ग्रामीण दुर्दशा को याद दिलाते हुए कहा कि एक समय म.प्र. में 18 किलोमीटर चलने में हालत खराब हो जाती थी, जबकि आज वही प्रदेश ग्रामीण सड़क निर्माण में देश का अग्रणी चेहरा बनकर उभरा है। </p>
<p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/whatsapp-image-2026-05-10-at-8.15.01-pm.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-05-10 at 8.15.01 PM" width="1280" height="852"></img></p>
<p>कार्यक्रम में म.प्र. को PMGSY-IV के तहत 2,117.52 किलोमीटर लंबाई की 973 सड़कों की मंजूरी मिली, जिनकी कुल लागत 1763.08 करोड़ रु. है और जिनसे 987 बसावटों को लाभ होगा। इसी क्रम में विदिशा क्षेत्र को 600.393 किलोमीटर लंबाई की 259 सड़कें स्वीकृत हुईं, जिनसे 264 बसावटों को लाभ मिलेगा, और यह शिवराज सिंह चौहान के क्षेत्रीय विकास एजेंडे की बड़ी उपलब्धि के रूप में उभरा। </p>
<p>चौहान ने कहा कि विदिशा संसदीय क्षेत्र में 500 करोड़ रु. से अधिक की सड़कें बनेंगी और उनकी प्राथमिकता है कि कोई भी गांव सड़क से वंचित न बचे। उन्होंने यह भी साफ कहा कि PMGSY के मापदंड में आने वाली म.प्र. की सभी पात्र सड़कें स्वीकृत की जाएंगी। </p>
<p>PM-JANMAN के तहत 384.34 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजनाओं को 261.81 करोड़ रु. की मंजूरी मिली है, जिनसे 168 बसावटें लाभान्वित होंगी। इसके साथ ही वर्ष 2026-27 के लिए PMGSY के कुल 18,907 करोड़ रु. के सांकेतिक आवंटन में से 830 करोड़ रु. म.प्र. को दिए गए हैं, जिसे चौहान ने राज्य की विकास रफ्तार को नई ऊर्जा देने वाला कदम बताया। </p>
<p>प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत 2055 करोड़ रु. की मदर सैंक्शन मुख्यमंत्री मोहन यादव को सौंपते हुए चौहान ने कहा कि भाजपा सरकार का संकल्प है कि कोई गरीब बिना पक्के घर के न रहे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नए सर्वे के आधार पर पात्र परिवारों का भौतिक सत्यापन कर उन्हें आवास योजना का लाभ दिया जाएगा, ताकि गरीब की छत का सपना अधूरा न रहे। </p>
<p>बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लखपति दीदी अभियान को और तेजी दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प और मुख्यमंत्री मोहन यादव की प्रतिबद्धता के साथ म.प्र. में हर दीदी को आय, सम्मान और आत्मनिर्भरता से जोड़ने में सरकार कोई कमी नहीं छोड़ेगी। </p>
<p>किसानों के सवाल पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष शोर मचाता है, जबकि भाजपा सरकार समाधान देती है। कांग्रेस के लोगों ने गेहूं खरीदी को लेकर बेवजह बड़ा हल्ला मचाया। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीदी में किसी पात्र किसान के साथ अन्याय नहीं होगा, लंबित सत्यापन का निपटारा होगा और किसानों की उपज की खरीदी सुनिश्चित की जाएगी, साथ ही भूमि अधिग्रहण के मामलों में अधिक लाभकारी तंत्र बनाने की दिशा में भी प्रयास जारी रहेंगे। चौहान ने भावनात्मक लहजे में कहा कि जब तक सांस है, तब तक जनता की सेवा और क्षेत्र के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। </p>
<p>कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी शिवराज सिंह चौहान की तारीफ करते हुए उनका अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि म.प्र. सरकार, भारत सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है और जनता व जनप्रतिनिधियों की जो व्यवहारिक मांगें सामने आई हैं, उन्हें पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। चौहान ने मंच से क्षेत्रीय मांगों पर सकारात्मक संकेत दिए। नर्मदा जल को शेष गांवों तक पहुंचाने, स्थानीय सड़कों की स्वीकृति, पट्टा वितरण, शिक्षा संस्थानों की मांग, मंदिर क्षेत्रों में सुविधाओं के विकास और सिंचाई परियोजनाओं जैसे मुद्दों पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने समन्वित रुख दिखाया।</p>
<p>PMGSY के तहत बड़े राज्यों में अधिकतम लंबाई पूरी करने में म.प्र. 90,766 किलोमीटर के साथ पहले स्थान पर रहा। गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र में भी म.प्र. प्रथम रहा, जबकि दोष दायित्व अवधि के बाद रखरखाव के मामले में 1044 करोड़ रु. के साथ राज्य शीर्ष पर दर्ज हुआ, जिसने यह स्थापित किया कि प्रदेश केवल सड़कें बना नहीं रहा, बल्कि गुणवत्ता और स्थायित्व के मानक भी तय कर रहा है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सम्मानित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>दिल्ली /एनसीआर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 21:30:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Desh Rojana Bureau]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>यूआईडीएआई डेटा हैकाथॉन 2026 समावेशी शासन के लिए डेटा-आधारित नवाचारों को प्रदर्शित करता है</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने यूआईडीएआई डेटा हैकाथॉन 2026 का सफलतापूर्वक समापन किया। इस कार्यक्रम में डिजिटल पहचान के क्षेत्र में छात्रों द्वारा किए गए उन बेहतरीन नवाचारों का उत्सव मनाया गया, जिनका उद्देश्य शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार लाना है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/yoth/technology/uidai-data-hackathon-2026-showcases-data-driven-innovations-for-inclusive-governance/article-1121"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-05/uidai.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने यूआईडीएआई डेटा हैकाथॉन 2026 का सफलतापूर्वक समापन किया। इस कार्यक्रम में डिजिटल पहचान के क्षेत्र में छात्रों द्वारा किए गए उन बेहतरीन नवाचारों का उत्सव मनाया गया, जिनका उद्देश्य शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार लाना है।<br /><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/uidai.jpg" alt="uidai" width="600" height="350"></img>डिजिटल पहचान डेटा के नवीन और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए इस हैकाथॉन ने छात्रों और युवा पेशेवरों को एक ऐसा मंच प्रदान किया, जहां वे ऐसे बड़े पैमाने पर लागू होने योग्य और डेटा-आधारित समाधान विकसित कर सकें, जिनका लक्ष्य समावेशिता, कार्यकुशलता और शासन के परिणामों को बेहतर बनाना है।<br />लगभग 15,000 टीमों के पंजीकरण और 5,000 से ज़्यादा टीमों की तरफ से समाधान जमा करने के साथ, इस पहल को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। इस तरह, यह डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) इकोसिस्टम में डेटा नवाचार के सबसे बड़े चैलेंज में से एक बन गया।<br />एक सख्त, कई चरणों वाली मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद-जिसमें 5,000 से ज़्यादा प्रविष्टियों की जांच, 30 परियोजनाओं की शॉर्टलिस्टिंग और 15 फाइनलिस्ट टीमों का विस्तृत मूल्यांकन शामिल था-टॉप पांच टीमों को अंतिम समारोह में अपने समाधान पेश करने के लिए आमंत्रित किया गया।<br />इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट, कोलकाता और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च, कोलकाता की विजेता टीम ने यूआईडीएआई द्वारा साझा किए गए, इकट्ठा किए गए आधार नामांकन और अपडेट डेटासेट का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया।<br />उनके काम से अलग-अलग क्षेत्रों, राज्यों और जनसांख्यिकीय समूहों में नामांकन के रुझानों और बायोमेट्रिक अपडेट के तरीकों के बारे में अहम जानकारी मिली, साथ ही सेवा देने के तरीके को बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी मिले।<br />प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, यूआईडीएआई के सीईओ श्री विवेक चंद्र वर्मा ने टीमों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने विश्लेषण की बारीकियों को जनहित के मजबूत नजरिए के साथ जोड़ा। उन्होंने कहा कि इस तरह के नए प्रयोगों में नीतियों और कामकाज में सुधार को सीधे तौर पर मदद करने की क्षमता है; साथ ही उन्होंने शासन में सबको शामिल करने और कुशलता लाने के लिए डेटा के जिम्मेदार और नैतिक इस्तेमाल के महत्व पर भी जोर दिया।<br />यूआईडीएआई के सीईओ ने इस पहल के लिए यूआईडीएआई के भविष्य के विजन के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि यूआईडीएआई डेटा हैकाथॉन को एक सालाना प्लेटफॉर्म के तौर पर संस्थागत रूप दिया जा सकता है, ताकि डिजिटल पहचान और सार्वजनिक डेटा के इस्तेमाल में नवाचार को बढ़ावा मिल सके।<br />हैकाथॉन के आने वाले संस्करणों में भी उम्मीद है कि इसमें सिर्फ छात्रों तक ही भागीदारी सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें शिक्षा जगत, शोधकर्ता, स्टार्ट-अप और अन्य गैर-शैक्षणिक योगदानकर्ताओं को भी शामिल किया जाएगा। इससे एक ज्यादा विविध और अलग-अलग विषयों वाला नवाचार इकोसिस्टम तैयार होगा।<br />यूआईडीएआई डेटा हैकाथॉन 2026, यूआईडीएआई का मुक्त नवाचार, युवाओं को जोड़ने और प्रमाणों पर आधारित नीति-निर्माण के प्रति बढ़ती प्रतिबद्धता को दिखाता है। प्रतिभागियों को असल दुनिया के डेटासेट पर काम करने का मौका देकर, इस पहल ने न सिर्फ तकनीकी उत्कृष्टता को बढ़ावा दिया, बल्कि ऐसे समाधानों को भी प्रोत्साहित किया जिनका सीधा असर जनता पर पड़े।<br />यूआईडीएआई ने हैकाथॉन की सफलता में योगदान देने के लिए सभी प्रतिभागियों, जूरी सदस्यों और साझेदारों के प्रति अपनी सराहना व्यक्त की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>दिल्ली /एनसीआर</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 20:06:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NELOFER HASHMI]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>किसान एमएसपी से नीचे उपज बेचने को मजबूर न हो - शिवराज सिंह </title>
                                    <description><![CDATA[<p>केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कृषि भवन, नई दिल्ली में NAFED और NCCF के साथ उपार्जन संबंधी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां बाजार भाव MSP से नीचे हैं, वहां किसानों से प्रभावी और समयबद्ध खरीद हर हाल में सुनिश्चित की जाए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/farming/farmers-should-not-be-forced-to-sell-produce-below-msp/article-1110"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-05/1001595027.jpg" alt=""></a><br /><div>नई दिल्ली:  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कृषि भवन, नई दिल्ली में NAFED और NCCF के साथ उपार्जन संबंधी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां बाजार भाव MSP से नीचे हैं, वहां किसानों से प्रभावी और समयबद्ध खरीद हर हाल में सुनिश्चित की जाए। कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने दोटूक कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में किसान को उसकी उपज का न्यायसंगत मूल्य दिलाना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्रतिबद्धता है और इस लक्ष्य में किसी भी स्तर की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। <img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/1001595027.jpg" alt="1001595027" width="1548" height="1032"></img>केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कृषि भवन में NAFED और NCCF की उपार्जन प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपार्जन को केवल औपचारिक स्वीकृति के रूप में नहीं, बल्कि किसानों को MSP का लाभ दिलाने वाले मिशन मोड दायित्व के रूप में लिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि बाजार में कीमतें MSP से नीचे चल रही हैं और फिर भी खरीद अपेक्षित स्तर पर नहीं हो रही है, तो यह स्थिति किसानों के हित में नहीं मानी जा सकती। कृषि मंत्री चौहान ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि एजेंसियां अपने-अपने जिलों और केंद्रों के स्तर पर स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण करें। उन्होंने कहा कि राज्यवार आवंटन के साथ-साथ जिला-स्तर पर उत्पादन, संभावित आवक और 25 प्रतिशत खरीद क्षमता का आकलन कर ठोस कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि उपार्जन का लक्ष्य वास्तविक जमीन पर हासिल हो सके। </div>
<div> </div>
<div>शिवराज सिंह चौहान ने दलहन-तिलहन, विशेषकर चना, मसूर, उड़द और सरसों जैसी फसलों पर विशेष फोकस करते हुए कहा कि जहां किसानों को MSP से कम दाम मिल रहे हैं, वहां खरीद में तेजी लाना अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उपार्जन केंद्रों की संख्या, खरीद क्षमता, जिला-स्तरीय बाधाएं, राज्य सरकारों के निर्देश, गुणवत्ता संबंधी स्थानीय समस्याएं और भुगतान व्यवस्था इन सभी पहलुओं की रोजाना निगरानी की जाए और जहां भी बाधा हो, उसका समाधान तत्काल केंद्रीय स्तर पर रखा जाए। <img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/1001595024.jpg" alt="1001595024" width="1600" height="1065"></img>मसूर उपार्जन की समीक्षा के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने राज्यों में वास्तविक बाजार भाव की ताजा जानकारी जुटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां कीमतें MSP के आसपास या नीचे हैं, वहां खरीद तंत्र और अधिक चुस्त किया जाए। </div>
<div> </div>
<div>कृषि मंत्री चौहान ने किसानों को समय पर भुगतान को अत्यंत संवेदनशील विषय बताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि भुगतान व्यवस्था को तेज, सरल और भरोसेमंद बनाया जाए। समीक्षा में यह मुद्दा सामने आया कि किसानों को भुगतान में विलंब की शिकायतें हैं, जिस पर मंत्री ने 72 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में सख्त SOP तैयार करने और राज्यों से चर्चा कर इसे प्रभावी रूप से लागू करने को कहा। </div>
<div>बैठक में राज्य पोर्टलों और CNA पोर्टल के एकीकरण, भुगतान में देरी, बिहार में DBT व्यवस्था की कमी, गुजरात में भुगतान विलंब, महाराष्ट्र में डेटा लंबित रहने और आंध्र प्रदेश से अतिरिक्त मात्रा के लिए आंकड़े प्राप्त होने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि यदि किसी राज्य के निर्देश, प्रक्रियाएं या स्थानीय प्रशासनिक अड़चनें किसानों से खरीद में बाधा बन रही हैं, तो केंद्र सरकार सक्रिय समन्वय के जरिए उनका समाधान सुनिश्चित करेगी। </div>
<div>कृषि मंत्री चौहान ने यह भी कहा कि दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने का राष्ट्रीय लक्ष्य तभी सफल होगा, जब किसानों को यह भरोसा होगा कि जरूरत पड़ने पर उनकी उपज MSP पर खरीदी जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की मंशा स्पष्ट है- किसान को संकट में नहीं छोड़ना है, बल्कि उसे उचित मूल्य, त्वरित भुगतान और प्रभावी खरीद तंत्र के माध्यम से मजबूत समर्थन देना है। </div>
<div> </div>
<div>मंत्री शिवराज सिंह ने NAFED और NCCF को निर्देशित किया कि वे उपार्जन को लेकर बेहतर काम करें, समस्याओं की सूची बनाकर समाधान सहित प्रस्तुत करें और शेष अवधि में खरीद प्रदर्शन में ठोस सुधार दिखाएं। उन्होंने कहा कि किसान हित में केंद्र सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है और उपार्जन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाया जाएगा।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>दिल्ली /एनसीआर</category>
                                            <category>खेती-किसानी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 01:05:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NELOFER HASHMI]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नूंह के स्कूलों की बदहाली पर मानवाधिकार आयोग सख्त-सरकार से मांगी रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश के आकांक्षी और पिछड़े जिलों में शामिल हरियाणा के नूंह जिले की सरकारी शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एक विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स सामने आने के बाद हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने जिले के कई सरकारी प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति पर स्वत: संज्ञान लेते हुए गंभीर चिंता जताई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/top-news/human-rights-commission-is-strict-on-the-condition-of-schools/article-1081"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-05/img_20260508_160318.jpg" alt=""></a><br /><p>फिरोजपुर झिरका।<strong> </strong>देश के आकांक्षी और पिछड़े जिलों में शामिल हरियाणा के नूंह जिले की सरकारी शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एक विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स सामने आने के बाद हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने जिले के कई सरकारी प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति पर स्वत: संज्ञान लेते हुए गंभीर चिंता जताई है। आयोग ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बुनियादी सुविधाओं से युक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन नूंह के कई गांवों में हालात बेहद चिंताजनक हैं।<img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/img_20260508_160318.jpg" alt="IMG_20260508_160318" width="1812" height="1048"></img><br />मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया कि फिरोजपुर झिरका खंड के गांव कुबड़ाकाबास में सरकारी प्राथमिक विद्यालय एक निजी भवन में संचालित किया जा रहा है। यह भवन गांव के ही एक व्यक्ति का है, जिसने बच्चों को शिक्षा से वंचित न रहने देने के उद्देश्य से दिन के समय स्कूल चलाने के लिए अपना मकान उपलब्ध कराया हुआ है। हालांकि यह भी सच है कि रात के समय उसी भवन में पशु बांधे जाते हैं, जिसको लेकर आयोग ने चिंता जाहिर की है। आयोग का मानना है कि ऐसी परिस्थितियां बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मानजनक शिक्षा के अधिकार के अनुकूल नहीं हैं।<br />स्थानीय लोगों के अनुसार कुबड़ाकाबास गांव से रावली गांव की दूरी करीब तीन किलोमीटर है। छोटे बच्चों के लिए रोजाना इतनी दूरी तय कर स्कूल पहुंचना आसान नहीं है। इसी वजह से गांव में ही अस्थायी रूप से स्कूल संचालित किया जा रहा है, ताकि बच्चे शिक्षा से वंचित न रहें। वहीं कालू बास गांव में बच्चे खुले मैदान और पेड़ों के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। गर्मी, बारिश और सर्दी के मौसम में बच्चों और शिक्षकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।<br />जानकारी के मुताबिक फिरोजपुर झिरका ब्लॉक में करीब 10 ऐसे स्कूल हैं जिनके पास स्वयं की बिल्डिंग नहीं है। शिक्षा विभाग कई बार संबंधित अधिकारियों को लिखित रूप से अपनी मजबूरियों और भवनों की कमी के बारे में अवगत करा चुका है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कई गांवों में भूमि उपलब्ध न होने के कारण स्कूल भवन निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।<br />कुबड़ाकाबास गांव का मामला भी इसी समस्या से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि कुबड़ाकाबास में पंचायत के पास अपना कोई रकबा उपलब्ध नहीं है और अधिकांश जमीन वन विभाग के अधीन आती है। ऐसे में स्कूल निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बना हुआ है। हालांकि रावली पंचायत ने इस समस्या के समाधान के लिए वन विभाग को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव में कहा गया है कि यदि वन विभाग स्कूल निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराता है तो पंचायत बदले में अपने रकबे से वन विभाग को जमीन देने को तैयार है।<br />आयोग ने यह भी माना कि वर्ष 2020 में नूंह जिले में कई नए स्कूल स्वीकृत किए गए थे, लेकिन आज भी अनेक विद्यालय भवन और मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। शिक्षकों की कमी भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। दूरदराज क्षेत्रों से लगाए गए संविदा शिक्षक लंबी दूरी और संसाधनों की कमी के कारण नौकरी छोड़ रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।<br />मामले में हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव, नूंह के उपायुक्त और जिला शिक्षा अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। आयोग ने स्कूलों की वास्तविक स्थिति, भवन निर्माण, सुरक्षित वातावरण, शिक्षकों की उपलब्धता और सुधारात्मक कदमों की जानकारी मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को निर्धारित की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 23:15:44 +0530</pubDate>
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