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                <title>व्यापार - देश रोजाना</title>
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                <description>व्यापार RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>होर्मुज जलडमरूमध्य पर जंग क्यों ? सबके अपने-अपने समुद्री क्षेत्र तो ईरान का क्यों नहीं?</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (UNCLOS) के अनुसार, तटवर्तीय क्षेत्रों से 200 समुद्री मील या लगभग 370 किमी तक जितने भी संसाधन होते है उनका उपयोग देश कर सकता है।  इसे अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) कहा जाता है। इसमें  मछली पकड़ना, खनन और ऊर्जा उत्पादन आदि किया जा सकता है। तो ईरान का होर्मुज पर अधिकार क्यों नहीं ? ईरान अमेरिका जंग क्यों बन रही वर्ल्ड वार की वजह जानेंगे इस लेख में। </strong></p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/top-news/why-war-on-the-strait-of-hormuz-everyone-has-their/article-658"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-04/1408102_720.jpg" alt=""></a><br /><p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-04/1408102_720.jpg" alt="1408102_720" width="720" height="405"></img></p>
<p>समुद्र तट से सटे देशों की सुरक्षा को लेकर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर 10 दिसंबर 1982 को जमैका के मोंटेगो में एक कानून पारित किया गया। जिसमे कहा गया कि तटरेखा से 12 समुद्री मील तक देश का पूर्ण अधिकार होगा। जबकि विशेषाधिकार के रूप में 200 मील तक जो संसाधन है उनका उपयोग क्षेत्रीय देश उठा सकते हैं। इसके आगे अंतरराष्ट्रीय सीमा शुरू होगी जिस पर सबका अधिकार होगा। इस समझौते का नाम रखा गया संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन यानि (UNCLOS) । भले ही कानून 1984 में बन गया था लेकिन आधिकारिक रूप से लागू हुआ 16 नवंबर 1994 को। </p>
<p><strong>समुद्र में 12 मील तक कड़ी सुरक्षा का अधिकार। </strong><br />दुनिया का 80 प्रतिशत व्यापार समुद्री रास्तों से होता है। लेकिन समुद्र से जुड़े जो तटवर्तीय देश हैं उनकी सुरक्षा के लिए सागर, महासागर और समुद्र पर अधिकार को लेकर कुछ कानून बनाये गए। जिसमें 12 समुद्री मील तक देश अपनी सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए सभी उपाय कर सकता है। समुद्र पर निगरानी रख सकता, पनडुब्बियों और शिप से गश्त कर सकता है। सुरक्षा के लिए हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। लेकिन हां फ्रेंडली रूप से गुजरने वाले शिप यहाँ से गुजर सकते हैं। ये एक आपसी सहमति या संधि होती है। </p>
<p><strong>200 मील तक आर्थिक क्षेत्रों पर अधिकार। </strong><br /> संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (UNCLOS) के अनुसार, तटवर्तीय क्षेत्रों से 200 समुद्री मील या लगभग 370 किमी तक जितने भी संसाधन होते है उनका उपयोग देश कर सकता है।  इसे अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) कहा जाता है। इसमें  मछली पकड़ना, खनन और ऊर्जा उत्पादन आदि किया जा सकता है। इसके आगे उस देश अधिकार नहीं होता। बल्कि उसे अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र माना जायेगा। </p>
<p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-04/2.png" alt="2" width="1552" height="720"></img></p>
<p><strong>समुद्र पर चलती है क्षेत्रीय देशो की दादागिरी। </strong><br />ऐसे में कई सवाल उठते हैं जैसे -क्या समुद्र में भी ‘टोल टैक्स’ देना पड़ता है? मैरीटाइम लॉ यानी समुद्र में आवाजाही से जुड़े कानून की इसमें भूमिका क्या होती है? कैनाल से गुजरने पर क्या होता है? युद्धपोत और पनडुब्बी को लेकर नियम क्या अलग होता है? इस पर विशेज्ञों की लग अलग रे है जैसे इसमें कुछ मार्ग प्राकृतिक है तो कुछ मैन मेड। विशेषज्ञों का कहना है कि जो प्राकृतिक पैसेज हैं उन पर सबका अधिकार है। लेकिन इसके बावजूद कई देश है जो लाखों डॉलर का टैक्स वसूलते हैं।</p>
<p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-04/10_05_2025-jagran_photo_1_23934637_m.jpg" alt="10_05_2025-jagran_photo_1_23934637_m" width="789" height="444"></img></p>
<p> </p>
<p><strong>मिश्रा की स्वेज नहर </strong><br />स्वेज नहर पूरी तरह से मिस्र के नियंत्रण में है। यह भूमध्य सागर और लाल सागर को जोड़ता है। यहां जहाज के आकार, वजन और प्रकार के आधार पर लाखों डॉलर का टोल वसूला जाता है। यहाँ तक की कचरा प्रबंधन के नाम पर एक और टैक्स जोड़ा गया है। </p>
<p><strong>पनामा नहर </strong><br />अटलांटिक और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाली यह नहर पनामा सरकार के लिए आय का मुख्य स्रोत है। यहां 'स्लॉट नीलामी' और ट्रांजिट फीस के रूप में भारी वसूली होती है। </p>
<p><strong>तुर्की स्ट्रेट्स- बोस्फोरस और डार्डानेल्स </strong><br />उत्तर-पश्चिमी तुर्की में स्थित दो जलमार्ग हैं 'बोस्फोरस' और 'डार्डानेल्स' जो काला सागर को मरमारा और एजियन साग से जोड़ते हैं। हालांकि ये प्राकृतिक रास्ते हैं, लेकिन 1936 की मॉन्ट्रो कन्वेंशन के तहत तुर्की को यहां से गुजरने वाले जहाजों से सैनिटरी निरीक्षण, लाइटहाउस और बचाव सेवाओं के नाम पर शुल्क लेने का अधिकार है। हाल ही में तुर्की ने इसमें कई गुना की बढ़ोतरी की है। </p>
<p><strong>कोरिंथ नहर से ग्रीस</strong><br />यह एक छोटी नहर है जहां से गुजरने के लिए ग्रीस टोल वसूलता है। </p>
<p> </p>
<p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-04/3.png" alt="3" width="1108" height="577"></img></p>
<p><strong> होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर विवाद क्यों ?</strong><br />अब यहां एक बड़ा साल उठता है कि सबकी अपनी-अपनी समुद्री सीमाएं है तो ईरान का होर्मुज पर अधिकार क्यों नहीं। इस पर पहले समुद्री सीमा पर बने कानूनों को ठीक से समझते है। पहले होर्मुज के आकार के बारे में जान लेते हैं। ये लगभग 167 किलोमीटर यानि लगभग 104 मील लंबा है। इसकी चौड़ाई अलग अलग क्षेत्रो में अलग है। इसके सबसे संकरे बिंदु लगभग 33 से 39 किलोमीटर या 21-24 समुद्री मील चौड़ी है। अब बात इस पर विवाद की। </p>
<p>समुद्र का कानून और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून दोनों सुनने में भले ही एक जैसे लगते हैं, लेकिन इनमें एक बड़ा अंतर है. समुद्री कानून निजी व्यापार और जहाजों से जुड़ा है, जबकि लॉ ऑफ द सी, देशों के बीच के रिश्तों और सीमाओं को तय करता है।बात करें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की, जहां जहाजों की पासिंग को लेकर दुनिया में बवाल मचा हुआ है। गौरतलब है कि यहां कोई आधिकारिक ‘टोल गेट’ नहीं है, लेकिन यहां की राजनीति और सुरक्षा स्थिति इतनी संवेदनशील है कि जहाजों को सुरक्षा और बीमा पर बहुत पैसा खर्च करना पड़ता है। दूसरा हरमुज पर अकेले ईरान का अधिकार नहीं है। इसके उत्तर में ईरान और दक्षिण में ओमान का मुसंडम प्रायद्वीप की सीमाएं मुख्य रूप से जुड़ी हैं। यह संकरा समुद्री मार्ग फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। इसके पास ही संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सीमा भी स्थित है, जो इस क्षेत्र का एक प्रमुख खिलाड़ी है। बस यही ईरान अपना दबदबा बनाना चाहता है। उसने हाल में यहाँ से टोल वसूने की घोषणा की। </p>
<p><strong>अमेरिका-ईरान विवाद  </strong><img style="aspect-ratio:auto;" src="https://www.deshrojana.com/media/2026-04/7.png" alt="7" width="1393" height="577"></img>होर्मुज जलडमरूमध्य अमेरिका और ईरान के बीच विवाद का मुख्य कारण सामरिक और आर्थिक वर्चस्व की लड़ाई है। यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है, जिससे दुनिया का 20% तेल गुजरता है। अमेरिका ने ईरानी तेल निर्यात को रोकने और आर्थिक प्रतिबंधों को कड़ा करने के लिए यहाँ नाकाबंदी की है, जबकि ईरान इसे अपनी संप्रभुता पर हमला मानता है।  ईरान इस रास्ते को एक ‘रणनीतिक हथियार’ की तरह इस्तेमाल करता है, जिससे वह वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित करने की ताकत रखता है। हाल ही में ईरान ने यहाँ टैक्स बड़े टैक्स वसूली की बात कही जिससे जिससे अमेरिका समेत कई बड़े देश इसका विरोध कर रहे हैं। </p>
<p>हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच मचे घमासान ने इस समुद्री मार्ग को युद्ध के मैदान में बदल दिया है। परमाणु विवाद से शुरू हुई यह जंग अब समुद्री सीमाओं पर कब्जे और टोल टैक्स की वसूली तक जा पहुंची है, जिससे वैश्विक व्यापार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य और कूटनीतिक तनातनी में 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' सबसे बड़ा हथियार बनकर उभरा है। 4 मार्च के बाद से इस जलमार्ग को बंद करने की धमकियों ने वैश्विक बाजार में हलचल पैदा कर दी। ईरान ने न केवल इस मार्ग को ब्लॉक करने की कोशिश की, बल्कि अब यहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल टैक्स वसूलने का दावा भी ठोक दिया है। </p>
<p> </p>
<p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-04/usa-iran-b.jpg" alt="usa-iran-b" width="1640" height="664"></img></p>
<p><strong>अमेरिकी नाकेबंदी से बढ़ा विवाद। </strong></p>
<p>अमेरिका की ओर से की गई जवाबी नाकाबंदी ने इस विवाद को और हवा दे दी है, जिससे परमाणु मुद्दे से शुरू हुई लड़ाई अब समुद्री वर्चस्व की होड़ में बदल गई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज महज एक समुद्री रास्ता नहीं है, बल्कि यह वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की लाइफलाइन है। अगर यह रास्ता बंद होता है, तो भारत समेत पूरी दुनिया में ऊर्जा का संकट खड़ा हो जाएगा। ईरान इसी बात का फायदा उठाकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है, ताकि वह अमेरिका के खिलाफ अपनी स्थिति मजबूत कर सके।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक, किसी भी देश का अपनी तटरेखा से केवल 12 समुद्री मील (लगभग 22 किलोमीटर) तक ही समुद्र पर अधिकार होता है. ईरान इसी 'टेरिटोरियल वॉटर'</p>
<p><img style="aspect-ratio:auto;" src="https://www.deshrojana.com/media/2026-04/5.png" alt="5" width="1552" height="809"></img></p>
<p> कानून का हवाला देकर होर्मुज पर अपना मालिकाना हक जताता है. हालांकि, तकनीकी रूप से यह जलमार्ग इतना संकरा है कि यहां ईरान और ओमान की सीमाएं आपस में मिलती हैं.</p>
<p>इसका साफ मतलब है कि होर्मुज पर किसी एक देश का एकाधिकार नहीं है. जितना हक ईरान का है, उतना ही ओमान और यूएई का भी है. ईरान द्वारा टोल टैक्स की वसूली और जहाजों को रोकना सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 12:32:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[ANJU SHARMA]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश में टाटा समूह की उपस्थिति होगी दोगुनी, राज्य बनेगा बड़ा निर्यात हब: एन. चंद्रशेखरन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के सबसे संभावनाशील औद्योगिक राज्यों में एक है और आने वाले वर्षों में यहां टाटा समूह की उपस्थिति दोगुनी से अधिक होने जा रही है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/state/uttar-pradesh/tata-groups-presence-in-uttar-pradesh-will-double-the-state/article-634"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-04/whatsapp-image-2026-04-15-at-11.13.49-pm-(2).jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ:</strong>  टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के सबसे संभावनाशील औद्योगिक राज्यों में एक है और आने वाले वर्षों में यहां टाटा समूह की उपस्थिति दोगुनी से अधिक होने जा रही है। राज्य में निवेश के लिए अनुकूल माहौल, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत नेतृत्व के कारण उद्योगों के विस्तार के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। एन चंद्रशेखरन ने ये बातें राजधानी में टाटा मोटर्स की 10 लाखवीं बस के फ्लैग ऑफ अवसर पर कहीं।</p>
<p><strong>यूपी बनेगा देश का प्रमुख ग्रोथ इंजन</strong><br />एन चंद्रशेखरन ने कहा कि यूपी में तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत नीतिगत समर्थन और निवेश के अनुकूल वातावरण इसे औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बना रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास की गति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। राज्य सरकार की नीतियों और सहयोग के कारण उद्योगों को विस्तार का बेहतर अवसर मिल रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश में मौजूद अपार संभावनाएं, बढ़ती आर्थिक गतिविधियां और युवा कार्यबल इसे देश का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में प्रदेश न केवल औद्योगिक, बल्कि तकनीकी और सामाजिक विकास के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छुएगा।</p>
<p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-15-at-11.13.49-pm-(2).jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-04-15 at 11.13.49 PM (2)" width="2560" height="1315"></img></p>
<p><strong>अगले पांच वर्षों में 20 लाख वाहनों के उत्पादन का लक्ष्य</strong><br /><strong>उ</strong>न्होंने कहा कि लखनऊ स्थित टाटा प्लांट केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि सप्लायर्स, पार्टनर्स और स्थानीय समुदाय के साथ विकसित एक सशक्त इकोसिस्टम है, जो टाटा समूह और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच विश्वास और साझेदारी का प्रतीक है। 34 वर्षों में 10 लाख वाहनों के उत्पादन का यह माइलस्टोन इस मजबूत संबंध और निरंतर विकास यात्रा को दर्शाता है। एन चंद्रशेखरन ने विश्वास जताया कि जिस प्रकार अब तक की प्रगति हुई है, अगले पांच वर्षों में 20 लाख वाहनों के उत्पादन का लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले दशकों में वैश्विक स्तर पर सबसे तेज गति से बढ़ेगी और उत्तर प्रदेश इस विकास यात्रा में अग्रणी भूमिका निभाएगा।</p>
<p><strong>टीसीएस की यूपी यूनिट्स में अगले 5 वर्षों में होंगे 40 हजार प्रोफेशनल्स</strong><br />एन चंद्रशेखरन ने बताया कि टाटा मोटर्स का पोर्टफोलियो तेजी से विस्तृत हो रहा है, जिसमें पारंपरिक डीजल वाहनों के साथ-साथ सीएनजी, इलेक्ट्रिक और भविष्य में हाइड्रोजन आधारित वाहन भी शामिल होंगे। इससे उत्तर प्रदेश न केवल देश के लिए, बल्कि वैश्विक बाजार के लिए भी एक महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात केंद्र बन सकता है। टाटा समूह की अन्य कंपनियों के विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के वर्तमान में लगभग 20,000 प्रोफेशनल्स लखनऊ, नोएडा और वाराणसी में कार्यरत हैं, जिनकी संख्या अगले पांच वर्षों में 40,000 तक पहुंच सकती है। इसके अलावा पावर, डिफेंस, रिटेल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी समूह का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।</p>
<p><strong>मथुरा व गोरखपुर में भी सक्रिय पहल, सीएम का जताया आभार</strong><br />उन्होंने कहा कि टाटा समूह केवल औद्योगिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक क्षेत्रों में भी सक्रिय योगदान दे रहा है। जल संरक्षण, स्किल डेवलपमेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में पहल करते हुए समूह मथुरा में जल स्रोतों के पुनर्जीवन और गोरखपुर में एआई टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना जैसे कार्य कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के सहयोग और दूरदर्शी नीतियों के कारण ही यह विकास संभव हो पाया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>उत्तरप्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 23:19:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Desh Rojana Bureau]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> 6 से 8 फरवरी तक कुरुक्षेत्र में 41वीं राज्य स्तरीय पशु प्रदर्शनी का होगा आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी तथा पशुपालन एवं कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा के मार्गदर्शन में 41वीं राज्य स्तरीय पशु प्रदर्शनी का आयोजन 6 फरवरी से 8 फरवरी 2026 तक तीन दिवसीय पशु मेले के रूप में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मेला ग्राउंड में किया जाएगा। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/haryana/kurukshetra/41st-state-level-animal-exhibition-will-be-organized-in-kurukshetra/article-369"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-02/whatsapp-image-2026-02-05-at-17.00.23.jpeg" alt=""></a><br /><p>उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी तथा पशुपालन एवं कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा के मार्गदर्शन में 41वीं राज्य स्तरीय पशु प्रदर्शनी का आयोजन 6 फरवरी से 8 फरवरी 2026 तक तीन दिवसीय पशु मेले के रूप में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मेला ग्राउंड में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस राज्य स्तरीय पशु प्रदर्शनी में प्रदेशभर से लगभग 1500 उत्कृष्ट नस्ल के पशु विभिन्न श्रेणियों में भाग लेंगे।</p>
<p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-02/whatsapp-image-2026-02-05-at-17.00.23.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-02-05 at 17.00.23" width="1003" height="611"></img><br />उपायुक्त ने बताया कि विजेता पशुपालकों को आकर्षक नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य उत्तम नस्ल के पशुओं का प्रदर्शन कर नस्ल सुधार के लिए पशुपालकों को प्रेरित करना तथा दुग्ध उत्पादन में वृद्धि कर किसानों की आय बढ़ाना है। पशुपालन विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के पशुपालकों से संपर्क कर उन्हें मेले में भाग लेने तथा अपनी उच्च गुणवत्ता की नस्ल के पशुओं को प्रदर्शनी में लाने के लिए प्रेरित करें, साथ ही आयोजन की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाएं।<br />पशुपालन एवं डेयरी विभाग पलवल के उपनिदेशक डा. विरेंद्र सिंह राठी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदर्शनी में मुर्रा भैंस, देशी नस्ल की गायें (हरियाणा, साहीवाल, गिर, थारपारकर, साही, बेहली), क्रॉस ब्रीड गाय, घोड़े सहित अन्य पशु भाग लेंगे। प्रदर्शनी के दौरान चयनित सर्वश्रेष्ठ पशुओं को नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पशुपालकों को प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए अपने साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक तथा परिवार पहचान पत्र अनिवार्य रूप से लाने होंगे। पशुपालन विभाग पलवल द्वारा पशुपालकों को प्रदर्शनी स्थल तक लाने एवं वापस ले जाने के लिए प्रतिदिन तीन बसों की व्यवस्था की गई है। उप निदेशक ने जिला पलवल के सभी पशुपालकों से आह्वान किया है कि वे इस राज्य स्तरीय पशु मेले में बढ़-चढक़र भाग लें, विभिन्न प्रकार के पशुओं की उच्च कोटि की नस्लों को देखें तथा पशुपालन से संबंधित नवीन जानकारी प्राप्त कर अपने व्यवसाय को और अधिक लाभकारी बनाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>कुरुक्षेत्र</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 01:33:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NELOFER HASHMI]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक आयोजित होगा 39वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव 2026</title>
                                    <description><![CDATA[<p>39वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव 2026, 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक आयोजित होगा।इस बार उत्तर प्रदेश और मेघालय को थीम राज्य के रूप में चुना गया है।बता दें कि इस बार मिस्र को सहायक देश के रूप में चुना गया है। विश्व की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक होने के नाते मिस्र मेले में एक विशिष्ट सांस्कृतिक आयाम जोड़ेगाI </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/haryana/faridabad/will-be-held-from-31-january-to-15-february-2026/article-349"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-01/surajkund-international-craft-mela-2026-a.jpg" alt=""></a><br /><p>Surajkund Mela 2026 : <strong>39वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव 2026, 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026</strong> तक आयोजित होगा।सूरजकुंड, फरीदाबाद (हरियाणा) में 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय महोत्सव भारतीय कारीगरी की समृद्ध विरासत को करीब से देखने और अपनाने का सुनहरा अवसर है।</p>
<p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-01/surajkund-international-craft-mela-2026-a.jpg" alt="Surajkund-International-Craft-Mela-2026-A" width="1200" height="675"></img></p>
<h6><strong>थीम राज्य :</strong></h6>
<p>इस बार उत्तर प्रदेश और मेघालय को थीम राज्य के रूप में चुना गया है।यह भव्य महोत्सव भारतीय हस्तशिल्प, लोक कला और आत्मनिर्भरता की भावना को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा।मिट्टी के बर्तन, लकड़ी की नक्काशी, हाथ से बुने हुए वस्त्र, पारंपरिक ज्वेलरी, प्रिंटेड फैब्रिक और खूबसूरत होम डेकोर की विविध वस्तुएँ इस मेले का मुख्य आकर्षण बनेंगी।</p>
<p>सूरजकुंड, फरीदाबाद हरियाणा में आयोजित होने जा रहे अंतर्राष्ट्रीय शिल्प महोत्सव का आकर्षण और भी खास होने जा रहा है।बता दें कि इस बार मिस्र को सहायक देश के रूप में चुना गया है। विश्व की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक होने के नाते मिस्र मेले में एक विशिष्ट सांस्कृतिक आयाम जोड़ेगाI </p>
<h6><strong>खाद्य स्टॉल :</strong></h6>
<p>सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव में इस बार 100 से अधिक खाद्य स्टॉल लगाए जाएंगे, जो भारत के विभिन्न राज्यों से जातीय व्यंजन प्रदान करेंगे। विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारतीय राज्यों जैसे असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड और सिक्किम की पाक संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा।</p>
<h6><strong>समय</strong></h6>
<p>आगंतुक प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 8:30 बजे तक मेले का आनंद ले सकते हैं।</p>
<h6><strong>टिकट की कीमत</strong></h6>
<p>कार्यदिवसों (Weekdays) पर टिकट ₹120 और सप्ताहांत (Weekends) पर ₹180 निर्धारित है। वरिष्ठ नागरिकों और छात्रों के लिए छूट का प्रावधान भी रहता हैI</p>
<h3><strong>सूरजकुंड महोत्सव तक पहुँचना हुआ बेहद आसान:</strong></h3>
<p>नजदीकी अंतर्राजीय बस स्टैंड फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और महाराणा प्रताप आईएसबीटी कश्मीरी गेट हैं, जबकि मेट्रो से आने वाले आगंतुक बदरपुर बॉर्डर और सराय मेट्रो स्टेशन का उपयोग कर सकते हैं।<br />दूर से आने वाले यात्रियों के लिए इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा सबसे नजदीकी एयरपोर्ट है, और ओला/उबर जैसी कैब सेवाओं से "Surajkund Mela Ground, Faridabad" लोकेशन चुनकर सीधे मेले तक पहुँचा जा सकता है।</p>
<p>महोत्सव में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए टॉल फ्री नंबर 0129-2988666 भी उपलब्ध है, ताकि लोगों को जानकारी और सहायता आसानी से प्राप्त की जा सके।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>फरीदाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 17:10:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NELOFER HASHMI]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएम योगी के निर्देश पर एफएसडीए का बड़ा एक्शन, कोडीनयुक्त कफ सिरप की पैरेलल सप्लाई चेन ध्वस्त </title>
                                    <description><![CDATA[<p>योगी सरकार ने पिछले पौने नौ वर्षों में अवैध नशे के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की है। योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/state/uttarakhand/big-action-by-fsda-on-instructions-of-cm-yogi-parallel/article-259"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2025-12/whatsapp-image-2025-12-29-at-2.55.20-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p>योगी सरकार ने पिछले पौने नौ वर्षों में अवैध नशे के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की है। योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ताबड़तोड़ एक्शन ने अवैध नशे के सौदागरों की कमर तोड़ दी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) को कोडिनयुक्त कफ सिरप एवं एनडीपीएस श्रेणी की औषधियों के अवैध भंडारण, क्रय-विक्रय, वितरण तथा अवैध डायवर्जन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिये। इस पर तीन माह पहले अभियान शुरू किया।    </p>
<p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2025-12/cccccccccccc.jpeg" alt="cccccccccccc" width="960" height="1280"></img></p>
<h1><br />कई प्रदेशों में विवेचना की गई और सुपर स्टॉकिस्ट के साथ होलसेलर के कारोबारी रिश्तों के सबूत जुटाए</h1>
<p>विभाग ने कोडिनयुक्त कफ सिरप के अवैध डायवर्जन को लेकर देश का सबसे बड़ा क्रैक डाउन शुरू करने से पहले अंदरुनी गहन जांच शुरू की। इस दौरान झारखंड, हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड जैसे राज्यों में विवेचना की गई और यूपी के सुपर स्टॉकिस्ट और होलसेलर के साथ उनके कारोबारी रिश्तों के सबूत जुटाए। इसके बाद प्रदेश में क्रैक डाउन शुरू हुआ, जिसने सिरप के अवैध डायवर्जन की परतें उधेड़ दीं। एसएसडीए की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस और एसटीएफ ने नशे के सौदागरों को दबोचने के लिए एक्शन शुरू किया। सीएम के निर्देश पर सिरप का नशे के रूप में इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ एनडीपीएस और बीएनएस के तहत मुकदमे दर्ज किये गये। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा चलाने को सही ठहराते हुए 22 मामलों में आरोपियों की रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने 22 मामलों में आरोपियों द्वारा अरेस्ट स्टे की रिट याचिकाओं को भी खारिज कर दिया।</p>
<h2>52 जनपदों में 332 से अधिक थोक औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों की जांच की गई</h2>
<p><br />एफएसडीए ने पिछले तीन माह में कोडिनयुक्त कफ सिरप और एनडीपीएस श्रेणी की औषधियों के अवैध भंडारण, क्रय-विक्रय, वितरण तथा अवैध डायवर्जन पर कुल 52 जनपदों में 332 से अधिक थोक औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों की जांच की। जांच के दौरान प्राप्त अभिलेखीय एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर 36 जनपदों की कुल 161 फर्मों/संचालकों के विरुद्ध बीएनएस तथा एनडीपीएस एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई। वहीं, जिलाधिकारियों को गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के लिए पत्र लिखा ताकि अवैध नशे के अर्जित संपत्ति को जब्त किया जा सके। सीएम के निर्देश पर एफएसडीए ने कोडिनयुक्त कफ सिरप की नशे के रूप में तस्करी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की, जो पूरे देश में सबसे बड़ा क्रैक डाउन है। </p>
<img src="https://www.deshrojana.com/media/2025-12/whatsapp-image-2025-12-29-at-2.55.20-pm.jpeg" alt="WhatsApp Image 2025-12-29 at 2.55.20 PM" width="960" height="1280"></img>
कोडीन कफ सिरप के गैर-चिकित्सीय उपयोग के खिलाफ सुपर स्टॉकिस्ट और होलसेलर के यहाँ जांच करते एफएसडीए अधिकारी

<h3>मामले की तह तक पहुंची एफएसडीए और पकड़ में आया पूरा नेक्सेज </h3>
<p><br />एफएसडीए आयुक्त ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए जनपद स्तर पर कई टीमें बनाईं। टीमों की निगरानी के लिए मुख्यालय पर एक टीम बनाई गई। विभिन्न टीमें जांच के लिए विभिन्न प्रदेशों में गई और गोपनीय तरीके से साक्ष्य जुटाए। टीम ने केंद्रीय नॉरकोटिक्स ब्यूरो, ग्वालियर, मध्य प्रदेश से कोडीन फॉस्फेट का कोटा एवं उठान के विवरण को एकत्रित किया। वहीं टीम ने कोडिनयुक्त कफ सिरप निर्माता फर्मों की जांच के लिए हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड गई। यहां से सिरप के निर्माण और वितरण से संबंधित अभिलेख जुटाए। इसके बाद सिरप के क्रय विक्रय अभिलेख के लिए रांची, दिल्ली और लखनऊ का रूख किया। इस दौरान पाया गया कि अधिकांश होलसेल के पास स्टॉक पहुंचने का सत्यापन नहीं है और रिटेल मेडिकल स्टोर के नाम पर कोई भी विक्रय बिल नहीं मिला जबकि दिल्ली, रांची के सुपर स्टॉकिस्ट और इनसे जुड़े कुछ चिन्हित होल सेलर के नाम पर बिलिंग करके सिरप के साथ एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं की एक सामानान्तर वितरण श्रृखंला बनायी गयी। इसका खुलासा करने के लिए विभाग द्वारा कड़ी मेहनत की गयी। इसके बाद पूरी चेन को कनेक्ट किया, जिसके बाद सिरप के अवैध डायवर्जन का मामला सामने आया।</p>
<h4>वर्ष 2024-25 में कफ सिरप की आपूर्ति चिकित्साीय आवश्यकता से कई गुना अधिक मिली</h4>
<p><br />कई मामलों में फर्में विक्रय बिल प्रस्तुत करने में असफल रहीं, जबकि कुछ फर्मों द्वारा केवल कागजी अभिलेखों में सिरप का क्रय-विक्रय दर्शाया गया। प्रस्तुत विक्रय विवरणों में भी किसी भी फुटकर औषधि प्रतिष्ठान को कोडीनयुक्त कफ सिरप की वास्तविक आपूर्ति का सत्यापन नहीं हो सका, जिससे कथित आपूर्ति को अप्रमाणित पाया गया। वर्ष 2024-25 प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप की आपूर्ति वास्तविक चिकित्सीय आवश्यकता से कई गुना अधिक पाई गई। जांच में ऐबोट हेल्थ केयर द्वारा निर्मित फेन्सिडिल की 2.23 करोड़ से अधिक बोतलें, लैबोरेट फार्मास्युटिकल्स द्वारा निर्मित एस्कॉफ की 73 लाख से अधिक बोतलें तथा अन्य कंपनियों द्वारा निर्मित लगभग 25 लाख बोतलों की आपूर्ति दर्ज मिली, जिनका चिकित्सीय उपयोग प्रमाणित नहीं हो सका।</p>
<p>एफएसडीए ने रिपोर्ट सीएम और पुलिस को सौंपी। इसके आधार पर पुलिस और एसटीएफ ने 79 अभियोग दर्ज किये। इसमें अब तक 85 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। वर्तमान में एक्शन चल रहा है। वहीं मामले में गठित एसआईटी भी जांच कर रही है। जानकारों की मानें तो अगले माह एसआईटी जांच रिपोर्ट सीएम को सौंप सकती है।</p>
<h6>  लाइसेंसिंग प्रणाली सख्त करने का प्रस्ताव</h6>
<p><br />मुख्यमंत्री के निर्देश पर एफएसडीए मुख्यालय द्वारा थोक औषधि विक्रय लाइसेंसिंग प्रणाली को और अधिक सख्त व पारदर्शी बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें थोक प्रतिष्ठान की जीओ टैगिंग, भंडारण क्षमता की पुष्टि और इनकी फोटोग्राफ कराने का प्रस्ताव भेजा गया है। वहीं प्रतिष्ठान के टेक्निकल पर्सन का अनुभव प्रमाण पत्र को ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा सत्यापन करने का भी प्रस्ताव भेजा गया है। कोडीनयुक्त कफ सिरप के निर्माण, बल्क सप्लाई, वितरण एवं निगरानी के लिए भारत सरकार से आवश्यक अधिसूचना एवं दिशा-निर्देश जारी करने के लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>हेल्थ एंड ब्यूटी</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.deshrojana.com/state/uttarakhand/big-action-by-fsda-on-instructions-of-cm-yogi-parallel/article-259</link>
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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 16:05:59 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Reliance नहीं... इस बार TCS ने मार ली बाजी, 5 दिन में निवेशकों ने छाप डाले ₹36,000 Cr</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बीते सप्ताह शेयर बाजार में TCS चमकी और महज पांच दिनों में निवेशकों की दौलत में ₹36,000 करोड़ का इजाफा कर दिया। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के शेयर दबाव में रहे, जिससे निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा। मार्केट ट्रेंड दिखा रहा है कि इस बार निवेशकों का भरोसा पारंपरिक कंपनियों से हटकर आईटी और टेक सेक्टर की ओर ज्यादा बढ़ा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/top-news/not-reliance-this-time-tcs-won-the-game-investors-deposited/article-228"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2025-12/6922cbede48f7-stock-market-114613351-16x9.jpg" alt=""></a><br /><p>बीते सप्ताह Tata Consultancy Services (TCS) के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला, जिससे TCS निवेशकों ने महज पांच कारोबारी दिनों में करीब ₹36,000 करोड़ की कमाई कर डाली। इस दौरान पारंपरिक मुनाफाबाज़ कंपनियों में से एक Reliance Industries (RIL) का जोर कमजोर रहा यानी इस बार बाज़ी Reliance के नहीं, TCS के हाथ लगी है। <br />लेख का सार — क्या हुआ है?<br />पिछले सप्ताह शेयर बाजार में सेंसेक्स-टॉप-10 कंपनियों की मार्केट वैल्यू में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया।</p>
<p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2025-12/6922cbede48f7-stock-market-114613351-16x9.jpg" alt="6922cbede48f7-stock-market-114613351-16x9" width="948" height="533"></img><br />इस दौरान RIL का मार्केट कैप गिरा जिसके कारण RIL निवेशकों को नुक़सान हुआ। <br />दूसरी ओर, TCS निवेशकों को फायदा पहुंचाने में सबसे आगे रही। TCS का मार्केट कैप तेजी से बढ़ा और निवेशकों को लगभग ₹36,000 करोड़ का फायदा हुआ। इसके अलावा, अन्य कंपनियों जैसे Infosys, Bajaj Finance, और Bharti Airtel ने भी निवेशकों को रिटर्न दिया। <br />क्या कारण है इस बदलाव का?<br />आमतौर पर RIL निवेशकों के लिए मुनाफे का भरोसेमंद विकल्प रहा है  लेकिन इस बार बाजार के उतार-चढ़ाव और शेयर विश्लेषकों की राय के आधार पर निवेशक TCS जैसे आईटी सेक्टर में शिफ्ट हुए। TCS के बेहतर रुझान, टेक-सेक्टर में बढ़ती मांग, और उसकी मुनाफाखोरी की संभावनाओं ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया जिससे शेयर की कीमतों में उछाल आया। दूसरी ओर, RIL के शेयरों पर किसी तरह का भार या नकारात्मक भावना रही हो सकती है (उदाहरण के लिए, तेल-गैस या अन्य कारोबारी कारकों की वजह से), जिससे मार्केट वैल्यू घट गई। असर निवेशकों और बाजार पर जिन निवेशकों ने TCS में निवेश किया था उनके लिए यह सप्ताह फायदे का रहा। वहीं RIL निवेशकों को नुकसान झेलना पड़ा जो पहले “सेफ-हैवेन” समझी जाने वाली कंपनी थी। इस घटना से स्पष्ट होता है कि अब निवेशक “पारंपरिक इंडस्ट्री” (जैसे रिटेल, तेल-गैस) की बजाय “आईटी और टेक्नोलॉजी” कंपनियों की ओर ज्यादा झुकाव दिखा रहे हैं।<br />यदि यह प्रवृत्ति जारी रही, तो आने वाले समय में बड़े पैमाने पर पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन देखने को मिल सकता है यानी निवेशक सिर्फ एक-दो कंपनियों पर निर्भर नहीं रहेंगे।<br />इस बार, बाजार की चाल ने ये दिखा दिया कि निवेशकों का भरोसा बदल रहा है पारंपरिक “मजबूत” कंपनियों पर नहीं, बल्कि तेज गति से बढ़ने वाली टेक्नोलॉजी कंपनियों पर। TCS की इस तेजी ने साबित कर दिया कि अब सिर्फ “ब्रांड नाम” ही नहीं, “सेक्टर ट्रेंड + भविष्य की संभावना” मायने रखती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Dec 2025 18:05:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Desh Rojana Bureau]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से कनाडा के राजदूत ने की मुलाकात</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार हरियाणा को शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक हब बनाने के</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/yoth/career/canadian-ambassador-met-chief-minister-nayab-singh-saini/article-218"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2025-12/cm-saini-3-(1).jpg" alt=""></a><br /><p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2025-12/cm-saini-3-(1).jpg" alt="cm-saini-3 (1)" width="1200" height="675"></img></p>
<p>हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार हरियाणा को शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक हब बनाने के लगातार प्रयास कर रही है। इन्हीं प्रयासों की कड़ी में मंगलवार को भारत में कनाडा के राजदूत क्रिस्टोफर कूटर ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से उनके निवास स्थान संत कबीर कुटीर पर शिष्टाचार भेंट की।</p>
<p>इस अवसर पर कनाडा ने हरियाणा राज्य के साथ शिक्षा, निवेश और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में सहयोग करने की पेशकश करने के साथ-साथ कनाडा द्वारा हरियाणा में एक विश्वविद्यालय खोलने पर भी चर्चा हुई।</p>
<p>बैठक के दौरान चर्चा की गई कि फास्ट ट्रैक सिस्टम के माध्यम से  हरियाणा और कनाडा के निवेश प्रक्रियाओं को सुविधाजनक बनाया जाएगा। फास्ट ट्रैक सिस्टम के माध्यम से अनुमति प्रक्रियाओं के सरलीकरण, विभागों के बीच समन्वय सहित सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इसके अलावा, हरियाणा की तीव्र आर्थिक वृद्धि, मजबूत औद्योगिक आधार और निवेश–अनुकूल नीतियों को देखते हुए कनाडा ने राज्य के साथ अपने आर्थिक व रणनीतिक जुड़ाव को और सुदृढ़ करने में रुचि व्यक्त की है।</p>
<p>हरियाणा और कनाडा के बीच यह पहल राज्य में निवेश के नए द्वार खोलेगी, रोजगार सृजन को गति देगी और वैश्विक साझेदारियों को मजबूत बनाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि हरियाणा को उत्तरी भारत का सबसे विश्वसनीय वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाए।</p>
<p>इस दौरान श्री क्रिस्टोफर कूटर ने मुख्यमंत्री के साथ वेस्ट टू एनर्जी, विद्युत उत्पादन और कनाडा के खनन क्षेत्र में हरियाणा के युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की।</p>
<p>इसके अलावा, उन्होंने कनाडा के निवेशकों को हरियाणा में निवेश के लिए आकर्षित करने संबंधी विस्तृत रोडमैप पर भी विचार–विमर्श किया, ताकि दोनों पक्षों के व्यावसायिक संबंध और अधिक मजबूत तथा परिणाम मुखी बन सकें।</p>
<p> मुख्यमंत्रीश्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार युवाओं को वैश्विक स्तर पर अवसर प्रदान करने और प्रदेश को विकास के नए आयामों की ओर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। साथ ही युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसर दिलाने के लिए भी विस्तृत प्रयास किए जा रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक हरियाणा की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें शिक्षा, ऊर्जा, एआई इत्यादि क्षेत्रों का प्रमुख योगदान होगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हरियाणा को वैश्विक मंच पर निवेशकों के लिए पसंदीदा स्थल बनाने के लिए राज्य सरकार ने ईज ऑफ डुइंग को प्राथमिकता दी है। इसके लिए सरकार ने अलग से विदेश सहयोग विभाग का गठन किया है, जो लगातार राजदूतों और निवेशकों व अन्य प्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर परस्पर सहयोग को बढ़ावा दे रहा है।</p>
<p>श्री क्रिस्टोफर ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि आने वाले समय में हरियाणा और कनाडा के बीच यह साझेदारी बहुआयामी रूप से आगे बढ़ेगी और इसका लाभ सीधे–सीधे प्रदेश के लोगों और युवाओं को मिलेगा।</p>
<p>इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ साकेत कुमार, विदेश सहयोग विभाग के सलाहकार श्री पवन चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>यूथ</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>करियर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Dec 2025 13:57:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NELOFER HASHMI]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>16 नवंबर को सरकारी फरमानों और गलत नीतियों के खिलाफ कैथल में ठेकेदार करेंगे विरोध प्रदर्शन I</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हरियाणा सरकार द्वारा कथित तौर पर लागू किए गए काले कानूनों, मनमानी नीतियों और ठेकेदार वर्ग के खिलाफ लिए जा रहे कथित गलत फैसलों के विरोध में ऑल हरियाणा गवर्नमेंट कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन ने </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/haryana/kaithal/on-november-16-contractors-will-protest-in-kaithal-against-government/article-134"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2025-11/img-20251114-wa0156.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div>हरियाणा सरकार द्वारा कथित तौर पर लागू किए गए काले कानूनों, मनमानी नीतियों और ठेकेदार वर्ग के खिलाफ लिए जा रहे कथित गलत फैसलों के विरोध में ऑल हरियाणा गवर्नमेंट कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन ने एक बड़े स्तर के विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। यह विरोध प्रदर्शन 16 नवंबर 2025, दिन रविवार, सुबह 11 बजे, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, कैथल में आयोजित होगा। कार्यक्रम को लेकर पूरे प्रदेश के ठेकेदारों में खासा उत्साह और रोष दोनों ही दिखाई दे रहा है।इस विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक जैन करेंगे, जबकि प्रधान जयभगवान इस आंदोलन का नेतृत्व करेंगे।<img src="https://www.deshrojana.com/media/2025-11/img-20251114-wa0156.jpg" alt="IMG-20251114-WA0156" width="732" height="632"></img></div>
<div>एसोसिएशन ने बताया कि प्रदेशभर के विभिन्न विभागों लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), मार्केटिंग बोर्ड, और अन्य सरकारी एजेंसियों से जुड़े सभी वर्गों के ठेकेदार बड़ी संख्या में शामिल होंगे। एसोसिएशन का आरोप है कि सरकार पिछले काफी समय से ऐसे कानून और शर्तें लागू कर रही है, जो ठेकेदारों के लिए न केवल प्रतिकूल हैं, बल्कि विकास कार्यों को भी बाधित कर रही हैं। ठेकेदारों का कहना है कि भुगतान में देरी, अप्राकृतिक शर्तें, बढ़ती तकनीकी जटिलताएँ, और विभागीय दखलअंदाज़ी ने कार्यप्रणाली को बेहद कठिन बना दिया है। साथ ही, नए कड़े कानूनों की वजह से छोटे और मध्यम ठेकेदारों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। सीनियर वाइस प्रेजिडेंट मनोज चहल कोटड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह विरोध प्रदर्शन केवल ठेकेदारों का रोष नहीं, बल्कि सरकार को एक चेतावनी भी है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है। उन्होंने बताया कि ठेकेदार वर्ग लंबे समय से अपनी माँगों को सरकार तक पहुंचा रहा है, लेकिन समाधान न मिल पाने के कारण अब सामूहिक विरोध के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। मनोज चहल ने यह भी कहा कि प्रदेशभर से ठेकेदार एकजुट होकर कैथल पहुंचेंगे और सरकार के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद करेंगे। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन अपनी अनेक प्रमुख मांगों को लेकर लामबंद है।</div>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>कैथल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Nov 2025 13:49:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[VIDHYA NEGI]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पुष्कर मेले में 23 करोड़ का भैंसा, 15 करोड़ का घोड़ा  </title>
                                    <description><![CDATA[<p>राजस्थान की सुनहरी रेत के बीच बसा एक छोटा-सा शहर  पुष्कर, जिसे लोग “आस्था की धरती” कहते हैं। कहा जाता है, जब भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि रची, तो उनके हाथ से एक कमल का फूल गिरा, और जहाँ वह कमल गिरा  वहीं बनी पुष्कर झील। झील के किनारे बना है ब्रह्मा जी का विश्व प्रसिद्ध मंदिर,जो पूरे संसार में एक अकेला ब्रह्मा मंदिर है। सुबह-सुबह मंदिर की घंटियाँ बजती हैं, आरती की आवाज़ झील के पानी में गूंजती है, और पूरा वातावरण भक्ति से भर जाता है। लेकिन पुष्कर की पहचान सिर्फ धर्म से नहीं यह लगता है हर साल कार्तिक पूर्णिमा  के समय दुनिया का सबसे बड़ा और रंगीन पुष्कर मेला। यह मेला सिर्फ पशुओं का नहीं, यहाँ आता है पूरा राजस्थान अपनी पूरी शान के साथ। यह मेला सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि राजस्थान की संस्कृति, संगीत और रंगों का उत्सव है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/state/rajasthan/buffalo-worth-23-crores-horse-worth-15-crores-in-pushkar/article-94"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2025-10/14_11_2018-pushkar_mela_18634949.jpg" alt=""></a><br /><p>राजस्थान की सुनहरी रेत के बीच बसा एक छोटा-सा शहर  पुष्कर, जिसे लोग “आस्था की धरती” कहते हैं। कहा जाता है, जब भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि रची, तो उनके हाथ से एक कमल का फूल गिरा, और जहाँ वह कमल गिरा  वहीं बनी पुष्कर झील। झील के किनारे बना है ब्रह्मा जी का विश्व प्रसिद्ध मंदिर,जो पूरे संसार में एक अकेला ब्रह्मा मंदिर है। सुबह-सुबह मंदिर की घंटियाँ बजती हैं, आरती की आवाज़ झील के पानी में गूंजती है, और पूरा वातावरण भक्ति से भर जाता है। लेकिन पुष्कर की पहचान सिर्फ धर्म से नहीं यह लगता है हर साल कार्तिक पूर्णिमा  के समय दुनिया का सबसे बड़ा और रंगीन पुष्कर मेला। यह मेला सिर्फ पशुओं का नहीं, यहाँ आता है पूरा राजस्थान अपनी पूरी शान के साथ। यह मेला सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि राजस्थान की संस्कृति, संगीत और रंगों का उत्सव है। <img src="https://www.deshrojana.com/media/2025-10/14_11_2018-pushkar_mela_18634949.jpg" alt="14_11_2018-pushkar_mela_18634949" width="650" height="540"></img><br />किसान अपने ऊँट, घोड़े और भैंसे लेकर आते हैं, ताकि उन्हें अच्छे दामों पर बेच सकें, और श्रद्धालु आते हैं  पवित्र झील में स्नान करके अपने जीवन को पवित्र करने। इस साल 2025 में मेला आयोजित किया जा रहा है 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक। और इसका सबसे बड़ा और खास दिन है कार्तिक पूर्णिमा, जो इस साल 4 नवंबर, मंगलवार को पड़ रही है। <br />इस 7-दिन के मेले में हर दिन कुछ नया देखने को मिलता है ऊँट और घोड़ों की सजावट प्रतियोगिता,पुष्कर मेला सिर्फ खरीद-बिक्री का मेला नहीं है। बल्कि पुष्कर मेला की शान हैं सज-संवरे ऊँट और घोड़े। रंग-बिरंगे कपड़े, झंडियाँ, चमकदार आभूषण और कभी-कभी सींगों पर सुनहरी सजावट!<br />मालिक अपने पशुओं को गर्व से घुमाते हैं, और दर्शक तालियों से उनका उत्साह बढ़ाते हैं। और इस मेले की खुबसुरती बढ़ते है यह के लोक नृत्य और संगीत, दाढ़ी और पगड़ी प्रतियोगिता, और रात में झील के किनारे दीपदान का मनमोहक नज़ारा। जहाँ हजारों छोटे-छोटे दीपक पानी में तैरते हैं,जैसे आसमान और धरती दोनों रोशनी से झिलमिला रहे हों।<br />और अब एक बार फिर साल 2025 में, पूरे देश की नज़रें इस मेले पर तब टिक गईं, जब एक भैंसा ‘अनमोल’ मेले में आया जिसकी कीमत बताई गई ₹23 करोड़! अनमोल के मालिक का कहना है — “अनमोल केवल पशु नहीं, परिवार का सदस्य है।” उसका वजन करीब 1500 किलो, लंबाई 6 फीट से ज़्यादा,<br />और उसे खिलाया जाता है  दूध, सूखे मेवे और विशेष चारा।<br />इसी मेले में एक और सितारा बना  ‘शहबाज़’ नाम का मरवाड़ी घोड़ा, जिसकी कीमत है ₹15 करोड़! उसकी चाल, उसकी कद-काठी और शाही अदा ने सबका दिल जीत लिया। लोगों ने उसे “राजस्थान का शहंशाह” कहा।<img src="https://www.deshrojana.com/media/2025-10/whatsapp-image-2025-10-30-at-2.04.57-pm-(1).jpeg" alt="WhatsApp Image 2025-10-30 at 2.04.57 PM (1)" width="1280" height="720"></img><br />विदेशी पर्यटक भी यहाँ हजारों की संख्या में आते हैं कभी ऊँट की सवारी करते, कभी राजस्थान के लोकनृत्य पर झूमते, तो कभी कैमरे में कैद करते इस रेगिस्तान के पुष्कर मेले के रंगों के जादू को। पुष्कर मेला 2025 ने एक बार तैयार है परंपरा और आधुनिकता को साथ लेन के लिए , और जब ऐसा होता है तो  नज़ारा कुछ यूं बनता है कि दुनिया देखती रह जाती है। “रेत में भी रंग है, और हर चेहरे में एक कहानी — यही है पुष्कर मेला, जहाँ दिल भर जाए, पर नज़र न हटे।” </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सैर सपाटा </category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Oct 2025 17:10:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Desh Rojana Bureau]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पलवल व्यापार मंडल को किया गया सम्मानित </title>
                                    <description><![CDATA[<p>हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने व्यापार मंडल जिला पलवल इकाई की टीम को व्यापारियों के हितों में बेहतर कार्य के लिए सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में मंडल के प्रदेश संगठन मंत्री प्रवीण गर्ग, व्यापार मंडल पलवल शहरी प्रधान विनोद जैन, व्यापार मंडल हथीन प्रधान नरेश चौधरी, जिला उपप्रधान बलराम बंसल, लक्ष्मन शर्मा, युवा नेता शुभम गर्ग शामिल थे। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/haryana/palwal/palwal-business-board-honored/article-63"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2025-10/img-20251008-wa0191.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p>प्रवीण बैंसला </p>
<p> </p>
<p>पलवल। अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष व हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने व्यापार मंडल जिला पलवल इकाई की टीम को व्यापारियों के हितों में बेहतर कार्य के लिए सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में मंडल के प्रदेश संगठन मंत्री प्रवीण गर्ग, व्यापार मंडल पलवल शहरी प्रधान विनोद जैन, व्यापार मंडल हथीन प्रधान नरेश चौधरी, जिला उपप्रधान बलराम बंसल, लक्ष्मन शर्मा, युवा नेता शुभम गर्ग शामिल थे। </p>
<p>इस अवसर पर बजरंग गर्ग ने कहा कि व्यापारियों के साथ प्रदेश में किसी प्रकार की ज्यादती सहन नहीं की जाएगी और ज्यादती होने नहीं देंगे। व्यापारी हित में काम करने वाली टीमों का हर मंच से सम्मान किया जाएगा। बजरंग गर्ग ने कहा कि व्यापार मंडल व्यापारी की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रदेश में लगातार लगा हुआ है। सरकार को दिवाली का त्यौहार को देखते हुए व्यापारियों को हर प्रकार का सहयोग करना चाहिए। देश व प्रदेश में लगातार छोटे व माध्यम व्यापारियों का व्यापार कम होता जा रहा है। ऑनलाइन व्यापार जो व्यापारियों का नुकसान कर रहा है सरकार को उस पर अंकुश लगाना चाहिए। जबकि बड़ी-बड़ी कंपनियां सब्जी, फल, किरायना का सामान, रेडीमेड, जनरल गुड्स व हर प्रकार का सामान बेचने से छोटे व माध्यम व्यापारियों की व्यापार खत्म होने के कगार पर है। जिसके कारण लाखों व्यापारी बर्बादी के कगार पर पहुंच गए हैं सरकार को छोटे व माध्यम व्यापारियों की समस्या का समाधान करना चाहिए। बजरंग गर्ग ने कहा कि हरियाणा में व्यापार व उद्योग बढ़ने से सरकार को पहले से ज्यादा राजस्व की प्राप्ति होगी और लाखों बेरोजगार को रोजगार मिलेगा। इस मौक़े पर युवा व्यापार मंडल के प्रदेश प्रभारी राहुल गर्ग ने भी अपने विचार रखे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>पलवल</category>
                                    

                <link>https://www.deshrojana.com/haryana/palwal/palwal-business-board-honored/article-63</link>
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                <pubDate>Wed, 08 Oct 2025 14:22:31 +0530</pubDate>
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