<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.deshrojana.com/business/category-17" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>देश रोजाना RSS Feed Generator</generator>
                <title>व्यापार - देश रोजाना</title>
                <link>https://www.deshrojana.com/category/17/rss</link>
                <description>व्यापार RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Faridabad News : सीजीएसटी फरीदाबाद ने करदाताओं के साथ मनाया 9वाँ जीएसटी दिवस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर आयुक्तालय, फरीदाबाद द्वारा 9वाँ जीएसटी दिवस सेक्टर 29 स्थित राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्याक्ष कर एवं नारकोटिक्स अकादमी के ऑडिटोरियम, में उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों, विभागीय अधिकारियों, करदाताओं, व्यापारिक संगठनों तथा कर विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति रही।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/yoth/technology/faridabad-news-cgst-faridabad-celebrated-9th-gst-day-with-taxpayers/article-2530"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-07/a2.jpg" alt=""></a><br /><p>केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर आयुक्तालय, फरीदाबाद द्वारा 9वाँ जीएसटी दिवस सेक्टर 29 स्थित राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्याक्ष कर एवं नारकोटिक्स अकादमी के ऑडिटोरियम, में उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों, विभागीय अधिकारियों, करदाताओं, व्यापारिक संगठनों तथा कर विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति रही। <img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-07/a2.jpg" alt="a" width="1600" height="1066"></img></p>
<p>कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विवेक रंजन, पूर्व सदस्य (सेवानिवृत्त), केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड तथा सदस्य, RoDTEP समिति रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ, जिसके पश्चात सीजीएसटी फरीदाबाद के आयुक्त रेयाज़ अहमद ने एक पौधे द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत किया। अपने संबोधन में आयुक्त श्री रेयाज़ अहमद ने सभी करदाताओं, व्यापारिक संगठनों, कर विशेषज्ञों तथा विभागीय अधिकारियों को जीएसटी की सफलता में उनके अमूल्य योगदान के लिए हार्दिक बधाई एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयुक्तालय की उल्लेखनीय उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि सीजीएसटी आयुक्तालय, फरीदाबाद का सकल जीएसटी राजस्व वित्तीय वर्ष 2018-19 में लगभग ₹3,000 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग ₹6,500 करोड़ हो गया है। उन्होंने इसे फरीदाबाद एवं हरियाणा की सुदृढ़ औद्योगिक प्रगति, करदाताओं की बेहतर कर-अनुपालना तथा विभाग के समर्पित प्रयासों का परिणाम बताया। अपने समापन वक्तव्य में उन्होंने सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा 'विकसित भारत' के निर्माण में सामूहिक योगदान देने के संकल्प को दोहराया। (सीबीआईसी) के सेवानिवृत्त सदस्य श्री विवेक रंजन  ने अपने संबोधन में जीएसटी व्यवस्था की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ईमानदार एवं उत्तरदायी करदाता देश की आर्थिक प्रगति के वास्तविक भागीदार हैं। उन्होंने स्वैच्छिक कर अनुपालन की संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ करने तथा करदाताओं एवं कर प्रशासन के बीच निरंतर संवाद और सहयोग बनाए रखने पर बल दिया।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान जीएसटी सुधारों एवं फर्जी जीएसटी पंजीकरणों की रोकथाम विषय पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। इसके अतिरिक्त, जीएसटी की नौ वर्षीय यात्रा पर आधारित एक विशेष प्रस्तुति भी दी गई। व्यापार एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ एक सार्थक संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसने विभाग एवं हितधारकों के बीच विश्वास एवं सहयोग को और अधिक सुदृढ़ किया। करदाताओं एवं औद्योगिक संगठनों की ओर से फरीदाबाद आयरन एंड स्टील मर्चेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान संदीप सिंघल द्वारा स्थानीय विभाग की कार्यप्रणाली पर संस्तुति प्रकट करते हुए इस आयोजन पर स्थानीय सी जी एस टी विभाग को बधाई दीं एवं मुख्य अतिथि श्री विवेक रंजन तथा आयुक्त श्री रेयाज अहमद को एक स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। <br />इस अवसर पर फरीदाबाद के शीर्ष करदाताओं के रूप मे  स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड, जे बी एम इलेक्ट्रिकल वहीकल्स प्रा लिमिटेड, स्टेर्लिंग टूल्स लि, टाटा मोटर्स लिमिटेड, हमबोल्ट, इग्राम माइक्रो इंडिया प्रा लि, एक्साइड इंडस्ट्रीज लि को राष्ट्र निर्माण एवं आर्थिक विकास में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही, सीजीएसटी फरीदाबाद के कई अधिकारियों को कर प्रशासन में उत्कृष्ट सेवाओं एवं समर्पित कार्य के लिए प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का कुशल संचालन विभाग मे सहायक आयुक्त अनुराधा अग्रवाल द्वारा किया गया और  संयुक्त आयुक्त अभिषेक बंसल के द्वारा दिये गए धन्यवाद ज्ञापन  एवं राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, तदोपरांत  सभी उपस्थित अतिथियों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>यूथ</category>
                                            <category>फरीदाबाद</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                    

                <link>https://www.deshrojana.com/yoth/technology/faridabad-news-cgst-faridabad-celebrated-9th-gst-day-with-taxpayers/article-2530</link>
                <guid>https://www.deshrojana.com/yoth/technology/faridabad-news-cgst-faridabad-celebrated-9th-gst-day-with-taxpayers/article-2530</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 14:50:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.deshrojana.com/media/2026-07/a2.jpg"                         length="385219"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vinod Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Faridabad News : भारतनेट परियोजना के तहत ग्रामीण फरीदाबाद एवं पलवल में बीएसएनएल द्वारा हाई-स्पीड इंटरनेट सेवाओं का विस्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><span style="font-size:large;">भारत सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान को साकार करने की दिशा में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) द्वारा भारतनेट परियोजना के अंतर्गत फरीदाबाद एवं पलवल जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवाओं का तीव्र गति से विस्तार किया जा रहा है।</span></p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/yoth/technology/faridabad-news-expansion-of-high-speed-internet-services-by-bsnl-in/article-2403"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-06/d1.jpeg" alt=""></a><br /><div dir="ltr"><span style="font-size:large;">फरीदाबाद। भारत सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान को साकार करने की दिशा में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) द्वारा भारतनेट परियोजना के अंतर्गत फरीदाबाद एवं पलवल जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवाओं का तीव्र गति से विस्तार किया जा रहा है। <img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-06/d1.jpeg" alt="d" width="640" height="640"></img></span></div>
<div dir="ltr"><span style="font-size:large;">इस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच डिजिटल अंतर को समाप्त करते हुए प्रत्येक नागरिक तक विश्वसनीय, किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराना है। वर्तमान में फरीदाबाद एवं पलवल के ग्रामीण क्षेत्रों में 8,000 से अधिक सक्रिय एफटीटीएच (Fiber to the Home) कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। बेहतर नेटवर्क संचालन एवं निर्बाध सेवा सुनिश्चित करने के लिए 213 ऑप्टिकल लाइन टर्मिनल (OLT) स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से गांव-गांव तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।<br />भारतनेट परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-गवर्नेंस, कृषि, डिजिटल बैंकिंग तथा स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा रही है। इसके अंतर्गत फरीदाबाद एवं पलवल की ग्राम पंचायतों, विद्यालयों, आंगनवाड़ी केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs), किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) एवं अन्य सार्वजनिक संस्थानों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।<br />यह योजना मासिक, अर्धवार्षिक एवं वार्षिक विकल्पों में उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त बीएसएनएल का फाइबर बेसिक प्लान ₹499 प्रतिमाह में उच्च गति की ब्रॉडबैंड सुविधा, पर्याप्त डेटा लाभ, निःशुल्क इंस्टॉलेशन तथा ओएनटी (ONT) उपकरण उपलब्ध कराता है। भारतनेट उद्यमी योजना से ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार बीएसएनएल द्वारा भारतनेट उद्यमी योजना के माध्यम से फरीदाबाद एवं पलवल के स्थानीय युवाओं, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), कॉमन सर्विस सेंटर (CSCs) संचालकों तथा ग्रामीण उद्यमियों को भारतनेट सेवाओं के विस्तार से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।<br />इस योजना के अंतर्गत सक्रिय ब्रॉडबैंड कनेक्शनों से प्राप्त होने वाले राजस्व में उद्यमियों को आकर्षक हिस्सेदारी प्रदान की जाती है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित आय एवं स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। ग्रामीण फरीदाबाद एवं पलवल का डिजिटल रूपांतरण भारतनेट नेटवर्क का विस्तार फरीदाबाद एवं पलवल के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक पात्र परिवार एवं संस्थान तक फाइबर आधारित इंटरनेट सुविधा पहुंचाई जा सके। बेहतर इंटरनेट उपलब्धता से विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा, किसानों को आधुनिक कृषि संबंधी जानकारी, युवाओं को रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर तथा आम नागरिकों को डिजिटल एवं सरकारी सेवाओं का लाभ सरलता से प्राप्त हो रहा है।<br />डिजिटल सशक्तिकरण के प्रति बीएसएनएल की प्रतिबद्धता<br />बीएसएनएल फरीदाबाद के वरिष्ठ महाप्रबंधक डॉ. डी. एन. कटयान ने कहा कि “भारतनेट परियोजना ग्रामीण भारत को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। बीएसएनएल का लक्ष्य फरीदाबाद एवं पलवल के प्रत्येक गांव तक विश्वसनीय एवं किफायती हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवाएं पहुंचाना है। वर्तमान में 8,000 से अधिक सक्रिय एफटीटीएच कनेक्शन तथा 213 ओएलटी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ किया गया है। यह परियोजना शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ई-गवर्नेंस तथा ग्रामीण उद्यमिता को नई गति प्रदान करते हुए क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। आने वाले समय में बीएसएनएल इस नेटवर्क का और अधिक विस्तार कर प्रत्येक गांव तक डिजिटल सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।” बीएसएनएल फरीदाबाद एवं पलवल के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल अवसंरचना को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा प्रत्येक गांव और नागरिक तक आधुनिक संचार सेवाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।</span></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>यूथ</category>
                                            <category>फरीदाबाद</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                    

                <link>https://www.deshrojana.com/yoth/technology/faridabad-news-expansion-of-high-speed-internet-services-by-bsnl-in/article-2403</link>
                <guid>https://www.deshrojana.com/yoth/technology/faridabad-news-expansion-of-high-speed-internet-services-by-bsnl-in/article-2403</guid>
                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 16:37:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.deshrojana.com/media/2026-06/d1.jpeg"                         length="35927"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vinod Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Palwal News : केंद्र सरकार ने स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की ‘नया सफर’ योजना : उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ऐतिहासिक ‘नया सफर’ योजना शुरू की गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/yoth/technology/palwal-news-central-government-launched-naya-safar-scheme-to-promote/article-2343"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-21-at-12.34.10-am.jpeg" alt=""></a><br /><p>पलवल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ऐतिहासिक ‘नया सफर’ योजना शुरू की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले बीएस-4 ट्रकों और बसों को हटाकर बीएस-6, सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) से बदलना है, जिससे ट्रक और बस मालिकों को लाभ होगा। ‘नया सफर’ योजना को लेकर भारत सरकार के सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने बृहस्पतिवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उपायुक्तों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।<img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-21-at-12.34.10-am.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-06-21 at 12.34.10 AM" width="774" height="721"></img></p>
<p>उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने वीसी उपरांत संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में सचिव आरटीए जितेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का वित्तपोषण आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) द्वारा किया जाएगा और इसका कार्यान्वयन सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा किया जाएगा। हरियाणा सरकार की ओर से ‘नया सफर’ योजना के तहत टैक्स छूट, ब्याज सबवेंशन, फ्यूल वाउचर और रजिस्ट्रेशन शुल्क माफी जैसे बड़े प्रोत्साहन दिए जाएंगे, जिससे हरियाणा में आर्थिक लाभ के साथ-साथ पर्यावरणीय सुधार भी होगा।</p>
<p>उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बताया कि योजना के तहत दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पंजीकृत उन ट्रकों और बसों के मालिकों को प्रोत्साहित किया जाएगा जो बीएस-4 या उससे पहले के उत्सर्जन मानकों का पालन करते हैं, ताकि वे उन्हें बीएस-6 या उससे भी सख्त उत्सर्जन मानकों का पालन करने वाले वाहनों या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदल सकें। स्वच्छ परिवहन प्रौद्योगिकियों की ओर बदलाव को गति देकर इस योजना से वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आने और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।</p>
<p>उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि बीएस-3 या उससे पुराने वाहनों के लिए पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं पर स्क्रैप कराना अनिवार्य है, जबकि बीएस-4 वाहनों को एनसीआर के बाहर गैर-एनसीएपी शहरों/कस्बों में स्क्रैप या बेचा जा सकता है। इसके बाद मालिकों को एनसीआर के भीतर बीएस-6 या उससे भी सख्त मानकों के अनुरूप या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना और पंजीकृत कराना होगा। दिल्ली में हालांकि इस योजना के तहत खरीदे गए हल्के मालवाहक वाहन इलेक्ट्रिक होने चाहिए, जबकि बसें केवल बीएस-6 सीएनजी या इलेक्ट्रिक होनी चाहिए। सरकारी वाहन इस योजना से बाहर हैं।</p>
<p>उपायुक्त ने बताया कि योजना के तहत केंद्र सरकार पांच साल के लिए ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, वाहन की श्रेणी के आधार पर 4,800 रुपये तक के मासिक ईंधन वाउचर और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने या जमा प्रमाणपत्र के व्यापार के लिए एकमुश्त लाभ प्रदान करेगी। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को वाहन की केटेगरी अनुसार 64 हजार से लेकर 2.56 लाख तक का एकमुश्त प्रोत्साहन भी मिलेगा। इसके अलावा वाहन निर्माता कंपनियां नए वाहनों की खरीद पर 8 प्रतिशत तक की अतिरिक्त छूट देंगी। सरकार  का मानना है कि योजना से वाहन बिक्री, ऑटोमोबाइल उद्योग और परिवहन क्षेत्र को नई गति मिलेगी तथा रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।</p>
<p>उपायुक्त ने बताया कि इस योजना के तहत बीएस-4 और उससे पुराने ट्रकों एवं बसों को हटाकर बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा। सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार योजना से प्रदूषण में कमी आने के साथ-साथ परिवहन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा मिलेगा।<br />उन्होंने बताया कि योजना के तहत पात्र वाहन मालिकों को नए बीएस-6 या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 100 प्रतिशत मोटर वाहन (एमवी) टैक्स छूट, 100 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन शुल्क माफी, 5 प्रतिशत ब्याज सबवेंशन तथा पांच वर्षों तक फ्यूल वाउचर की सुविधा दी जाएगी।</p>
<p>‘नया सफर’ पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा योजना का संचालन : उपायुक्त<br />उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने स्पष्टï किया कि योजना का लाभ केवल उन ट्रक और बस मालिकों को मिलेगा जिनके वाहन एनसीआर में पंजीकृत हैं और बीएस-4 या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों के हैं। बीएस-3 और उससे पुराने वाहनों को अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्रों पर स्क्रैप करना अनिवार्य होगा, जबकि बीएस-4 वाहनों को स्क्रैप करने या एनसीआर से बाहर गैर-एनसीएपी क्षेत्रों में बेचने का विकल्प दिया गया है। योजना का संचालन पूरी तरह डिजिटल ‘नया सफर’ पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा, जिससे लाभार्थी अपनी पात्रता, सबवेंशन और फ्यूल वाउचर की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>यूथ</category>
                                            <category>पलवल</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                    

                <link>https://www.deshrojana.com/yoth/technology/palwal-news-central-government-launched-naya-safar-scheme-to-promote/article-2343</link>
                <guid>https://www.deshrojana.com/yoth/technology/palwal-news-central-government-launched-naya-safar-scheme-to-promote/article-2343</guid>
                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 15:58:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.deshrojana.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-21-at-12.34.10-am.jpeg"                         length="45409"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vinod Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Palwal News : संयुक्त किसान मोर्चा ने उपायुक्त से मुलाकात कर किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए ज्ञापन सौंपा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रतिनिधिमंडल के अंदर संयुक्त किसान मोर्चा के नेता महेंद्र सिंह चौहान, उदय सिंह सरपंच, किसान सभा के जिला प्रधान रूप राम तेवतिया के साथ किसान नेता डॉ रघुवीर सिंह, श्याम दत्त नंबरदार, नन्द किशोर शर्मा, ताराचंद प्रधान, कर्ण सिंह आर्य, धर्म चन्द घुधेरा, समय राम कुंडू, दिगंबर सिंह तेवतिया, नरेन्द्र सहरावत शामिल थे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/yoth/career/palwal-news-united-kisan-morcha-met-the-deputy-commissioner-and/article-2341"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-06/aa12.jpg" alt=""></a><br /><p>पलवल। संयुक्त किसान मोर्चा पलवल के प्रतिनिधि मंडल ने उपायुक्त कार्यालय में उपायुक्त डॉ जयेंद्र सिंह से मुलाकात कर किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए मांगों का ज्ञापन सौंपा। <img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-06/aa12.jpg" alt="aa" width="1600" height="1200"></img></p>
<p>प्रतिनिधिमंडल के अंदर संयुक्त किसान मोर्चा के नेता महेंद्र सिंह चौहान, उदय सिंह सरपंच, किसान सभा के जिला प्रधान रूप राम तेवतिया के साथ किसान नेता डॉ रघुवीर सिंह, श्याम दत्त नंबरदार, नन्द किशोर शर्मा, ताराचंद प्रधान, कर्ण सिंह आर्य, धर्म चन्द घुधेरा, समय राम कुंडू, दिगंबर सिंह तेवतिया, नरेन्द्र सहरावत शामिल थे। किसान नेताओं ने उपयुक्त पलवल को बताया कि पिछले वर्ष खरीफ सीजन में भारी बारिश और जलभराव से लाखों एकड़ जमीन के अंदर किसानों की फसल पूर्णतः नष्ट हो गई थी जिस पर मुआवजे की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने पूरे प्रदेश और पलवल जिले के अंदर आंदोलन किया था जिस पर हरियाणा सरकार ने 15000 प्रति एकड़ मुआवजा देने की घोषणा की थी अब जो मुआवजा प्रभावित किसानों को दिया जा रहा है वह सरकार की घोषणा से काफी कम है और बड़ी संख्या में अभी भी प्रभावित किसान मुआवजे से वंचित हैं,  किसान नेताओं ने यूरिया और डीएपी  की किल्लत और इसकी बिक्री में की जाने वाली कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग भी उठाई,इसी के साथ पलवल जिले में सभी रजवाहो की साफ सफाई कराने तथा इन समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराने की अपील की, जिस पर उपायुक्त पलवल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर जल्दी ही किसानों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन किसान मोर्चा के नेताओं को दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>हेल्थ एंड ब्यूटी</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>यूथ</category>
                                            <category>पलवल</category>
                                            <category>करियर</category>
                                    

                <link>https://www.deshrojana.com/yoth/career/palwal-news-united-kisan-morcha-met-the-deputy-commissioner-and/article-2341</link>
                <guid>https://www.deshrojana.com/yoth/career/palwal-news-united-kisan-morcha-met-the-deputy-commissioner-and/article-2341</guid>
                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 15:44:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.deshrojana.com/media/2026-06/aa12.jpg"                         length="195286"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vinod Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Palwal News : सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर कृषि विभाग ने चलाया प्राकृतिक खेती जागरूकता अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पलवल। केंद्र एवं प्रदेश सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पलवल द्वारा गत 12 जून से 20 जून 2026 तक जिले के विभिन्न गांवों में प्राकृतिक खेती विषय पर किसान जागरूकता कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/yoth/career/palwal-news-on-completion-of-12-years-of-government-agriculture/article-2222"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-06/c7.jpg" alt=""></a><br /><p>पलवल। केंद्र एवं प्रदेश सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पलवल द्वारा गत 12 जून से 20 जून 2026 तक जिले के विभिन्न गांवों में प्राकृतिक खेती विषय पर किसान जागरूकता कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा सरकार द्वारा संचालित किसान हितैषी योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना रहा। <img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-06/c7.jpg" alt="c" width="1600" height="900"></img>कृषि उप निदेशक डॉ. बाबूलाल के मार्गदर्शन में शनिवार को गांव रजोलका, भैंडोली और फुलवाड़ी में आयोजित इ कार्यक्रमों में किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया तथा खेती की लागत कम करने, भूमि की उर्वरता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर कृषि विशेषज्ञों से संवाद किया और खेती से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।<br />कृषि उप निदेशक डॉ. बाबूलाल ने बताया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक एकड़ या उससे अधिक क्षेत्र में प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को देसी गाय की खरीद पर 30 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसके अतिरिक्त जीवामृत एवं बीजामृत तैयार करने के लिए आवश्यक चार प्लास्टिक ड्रमों की खरीद पर 3 हजार रुपए का अनुदान भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों का संबंधित योजना में पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।<br />डॉ. बाबूलाल ने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग भविष्य में भी गांव स्तर पर इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि अधिक से अधिक किसान प्राकृतिक खेती को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें तथा टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि प्रणाली को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने किसानों से सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने और प्राकृतिक खेती की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया।<br />सहायक तकनीकी प्रबंधक अतुल शर्मा ने कार्यक्रमों के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि विभाग किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती न केवल उत्पादन लागत को कम करती है, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार लाकर दीर्घकालीन कृषि विकास का मार्ग भी प्रशस्त करती है। उन्होंने किसानों को जीवामृत, बीजामृत, प्राकृतिक कीट नियंत्रण तकनीकों तथा जैविक खादों के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने खाद एवं उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर बल देते हुए कहा कि यह कृषि उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए भी आवश्यक है। कार्यक्रमों के दौरान विभागीय अधिकारियों ने किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं, अनुदान सुविधाओं एवं कृषि विकास कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रदान की। किसानों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपनी जिज्ञासाएं विशेषज्ञों के समक्ष रखीं, जिनका मौके पर समाधान किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>यूथ</category>
                                            <category>पलवल</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>करियर</category>
                                    

                <link>https://www.deshrojana.com/yoth/career/palwal-news-on-completion-of-12-years-of-government-agriculture/article-2222</link>
                <guid>https://www.deshrojana.com/yoth/career/palwal-news-on-completion-of-12-years-of-government-agriculture/article-2222</guid>
                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 15:26:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.deshrojana.com/media/2026-06/c7.jpg"                         length="161279"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vinod Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Palwal News : केन्द्र और प्रदेश सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर पलवल में पशुसंवर्धन सम्मेलन व किसान यात्रा आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>केन्द्र और प्रदेश सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हरियाणा सरकार द्वारा 8 जून से 20 जून, 2026 तक चलाए जा रहे विशेष राज्यव्यापी जनसंपर्क एवं जनजागरूकता अभियान के तहत बुधवार को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पलवल और पशुपालन एवं डेयरी विभाग पलवल द्वारा संयुक्त रूप से  पशुसंवर्धन सम्मेलन और किसान यात्रा का आयोजन किया गया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/yoth/technology/faridabad-news-animal-husbandry-conference-and-kisan-yatra-organized-in/article-2151"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-06/cc5.jpg" alt=""></a><br /><p>पलवल। केन्द्र और प्रदेश सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हरियाणा सरकार द्वारा 8 जून से 20 जून, 2026 तक चलाए जा रहे विशेष राज्यव्यापी जनसंपर्क एवं जनजागरूकता अभियान के तहत बुधवार को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पलवल और पशुपालन एवं डेयरी विभाग पलवल द्वारा संयुक्त रूप से  पशुसंवर्धन सम्मेलन और किसान यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के सैकड़ों किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और कृषि संबंधी नवीन तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। <img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-06/cc5.jpg" alt="cc" width="1599" height="899"></img></p>
<p>उप-निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पलवल डा. बाबू लाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनहितकारी योजनाओं, विकास कार्यों तथा किसानों के कल्याण के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी आमजन तक पहुंचाना है। अभियान के अंतर्गत किसानों को प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, संतुलित उर्वरक उपयोग, फसल अवशेष प्रबंधन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कृषि यंत्रीकरण सहित विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूक किया जा रहा है। उप-निदेशक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने तथा कृषि को लाभकारी बनाने के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जैसी योजनाओं का लाभ देशभर के करोड़ों किसानों को मिला है।</p>
<p>हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन, फसल विविधीकरण, पशुपालन विकास, डेयरी क्षेत्र के विस्तार तथा किसानों को समय पर मुआवजा और अनुदान उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, जल संरक्षण और जैविक खेती के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। सम्मेलन में विशेषज्ञों ने किसानों को पशुधन संवर्धन, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन तथा प्राकृतिक खेती की उन्नत विधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। किसानों को बताया गया कि रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती अपनाने से लागत घटेगी और भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी। पशुपालन विभाग की ओर से वेटेनरी सर्जन डा. जय सिंह ने किसानों को पशुपालन क्षेत्र में उपलब्ध सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि खेती के साथ पशुपालन व्यवसाय किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न अनुदान योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ किसान ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<p>कृषि विभाग की ओर से गुण नियंत्रक निरीक्षक डा. सुनील दत्त ने किसानों को खाद के संतुलित उपयोग के महत्व से अवगत कराया। वहीं सहायक तकनीकी प्रबंधक अतुल शर्मा ने विभागीय योजनाओं एवं कृषि क्षेत्र में उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में खंड कृषि अधिकारी होडल डा. सुभाष चंद तथा खंड कृषि अधिकारी हसनपुर डा. देवेंद्र कुमार अपनी टीमों सहित उपस्थित रहे। प्रगतिशील किसान राकेश कुमार गांव औरंगाबाद ने प्राकृतिक खेती को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए किसानों से इसे अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए लाभकारी है, बल्कि इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी कम होती है। उप-कृषि निदेशक कार्यालय पलवल से आगरा चौक तक किसान यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>हेल्थ एंड ब्यूटी</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>यूथ</category>
                                            <category>पलवल</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                    

                <link>https://www.deshrojana.com/yoth/technology/faridabad-news-animal-husbandry-conference-and-kisan-yatra-organized-in/article-2151</link>
                <guid>https://www.deshrojana.com/yoth/technology/faridabad-news-animal-husbandry-conference-and-kisan-yatra-organized-in/article-2151</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 15:42:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.deshrojana.com/media/2026-06/cc5.jpg"                         length="173813"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vinod Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Faridabad News : डीटीपी ने हाईवे पर कैली गांव में बने देवांश बैंकट हॉल को नेस्तनाबूत कर दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>डीटीपी इंफोर्समेंट यजन चौधरी ने बताया कि कैली गांव के पास देवांश गार्डन अवैध रूप से बना हुआ था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/yoth/technology/faridabad-news-devansh-banquet-hall-built-in-kaili-village-on/article-1804"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-06/a1.jpg" alt=""></a><br /><p>डीटीपी एनफोर्समेंट के दस्ते ने नेशनल हाईवे पर स्थित कैली गांव में बने देवांश बैंकट हॉल को नेस्तनाबूत कर दिया। तोड़फोड़ की कार्रवाई को डीपी ने पुलिस फोर्स की मौजूदगी में अंजाम दिया। <img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-06/a1.jpg" alt="a" width="1600" height="900"></img></p>
<p>डीटीपी इंफोर्समेंट यजन चौधरी ने बताया कि कैली गांव के पास देवांश गार्डन अवैध रूप से बना हुआ था। उन्होंने बताया कि इस मैरिज बैंकट हॉल को बनाने के लिए देवांश ग्रीन के प्रबंधकों ने सरकार से सीएलयू नहीं लिया हुआ। प्रशासन ने इस वेंकट मलिक को सीएलयू लेने के लिए कई मौके भी दिए लेकिन उसने आज तक सीएलयू नहीं लिया। इस वजह से पूरे बैंकट हॉल पर डीटीपी की जेसीबी चली और गार्डन को साफ कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>फरीदाबाद</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                    

                <link>https://www.deshrojana.com/yoth/technology/faridabad-news-devansh-banquet-hall-built-in-kaili-village-on/article-1804</link>
                <guid>https://www.deshrojana.com/yoth/technology/faridabad-news-devansh-banquet-hall-built-in-kaili-village-on/article-1804</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 15:56:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.deshrojana.com/media/2026-06/a1.jpg"                         length="199117"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vinod Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली से कटरा — सफर होगा सुपरफास्ट, श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>NE-5 एक्सप्रेसवे को केंद्र सरकार ने मंज़ूरी दे दी है। यह हाई-स्पीड कॉरिडोर दिल्ली से कटरा तक हरियाणा और पंजाब होते हुए जाएगा, जिससे यात्रा समय घटेगा, व्यापार बढ़ेगा और श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/yoth/technology/delhi-to-katra-journey-will-be-superfast-devotees-will-get/article-1658"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-05/e29a8cc1-6ae0-4015-ba58-61726434b0c4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/0ab0f678-082f-45a0-9b32-a86a34d62a5d.jpg" alt="0ab0f678-082f-45a0-9b32-a86a34d62a5d" width="751" height="563"></img>केंद्र सरकार ने एक बड़ा और एहम कदम उठाते हुए NE -5 एक्सप्रेसवे को आधिकारिक रूप से घोसित कर दिया है। । यह हाई-स्पीड कॉरिडोर दिल्ली को हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर से जोड़ते हुए सीधे कटरा तक पहुंचेगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत इस परियोजना को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का हिस्सा बना दिया है।   आपको बता दें की इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत दिल्ली के रानी खेड़ा गांव के पास से होगी और यह कुंडली–मानेसर–पलवल एक्सप्रेसवे से जुड़ते हुए आगे बढ़ेगा। हरियाणा और पंजाब के कई अहम शहरों से गुजरकर यह जम्मू-कश्मीर के कटरा तक पहुंचेगा।<img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/3cd975a6-8ced-4876-b119-822301495a2d.jpg" alt="3cd975a6-8ced-4876-b119-822301495a2d" width="689" height="973"></img> हरियाणा में यह एक्सप्रेसवे खरखौदा, गोहाना, बुटाना, कलायत और बारटा जैसे इलाकों को जोड़ेगा, जिससे इन क्षेत्रों में विकास की रफ्तार और तेज़ होने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इस कॉरिडोर के बनने से दिल्ली से कटरा की दूरी कम समय में तय की जा सकेगी। जिससे माल परिवहन  आसान होगा , व्यापार और उद्योग को नया बल मिलेगा और छोटे शहरों में धन निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। खासतौर पर माता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर और सुरक्षित सड़क सुविधा मिलेगीऔर  निर्माण कार्य के दौरान बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। अनुमान है कि NE-5 एक्सप्रेसवे बनने के बाद दिल्ली और हरियाणा से कटरा की यात्रा में करीब 4 से 6 घंटे तक का समय बचेगा।  कुल मिलाकर, NE-5 एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि उत्तर भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास की नई रफ्तार बनने जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>दिल्ली /एनसीआर</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>पलवल</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                    

                <link>https://www.deshrojana.com/yoth/technology/delhi-to-katra-journey-will-be-superfast-devotees-will-get/article-1658</link>
                <guid>https://www.deshrojana.com/yoth/technology/delhi-to-katra-journey-will-be-superfast-devotees-will-get/article-1658</guid>
                <pubDate>Thu, 28 May 2026 12:17:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/e29a8cc1-6ae0-4015-ba58-61726434b0c4.jpg"                         length="146675"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Desh Rojana Bureau]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महंगाई का बड़ा झटका: पेट्रोल-डीजल-CNG की कीमतों में फिर बढ़ोतरी, आम आदमी का बजट बिगड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम चढ़ने और वैश्विक तनाव के चलते आम लोगों पर सीधा असर पड़ा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/world/america/big-blow-of-inflation-rise-in-prices-of-petrol-diesel/article-1522"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-05/7710b7ce-7295-465d-9e98-dca513b16063.jpg" alt=""></a><br /><p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/7710b7ce-7295-465d-9e98-dca513b16063.jpg" alt="7710b7ce-7295-465d-9e98-dca513b16063" width="717" height="403"></img>देश में एक बार फिर महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में बढ़ोतरी ने हर घर के बजट को झकझोर कर रख दिया है।सरकारी तेल कंपनियों ने 10 दिन के भीतर तीसरी बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं. दिल्ली में पेट्रोल अब 99 रुपये 51 पैसे प्रति लीटर बिक रहा है, डीजल के दाम 91 पैसे बढ़ गए हैं और CNG भी 1 रुपये महंगी होकर 81 रुपये 9 पैसे प्रति किलो पहुंच गई है। इसकी सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव से पहले क्रूड ऑयल करीब 70 डॉलर प्रति बैरल था, जो अब 100 डॉलर के पार पहुंच चुका है। दरअसल, ख़ास बात यह है कि मार्च 2024 से पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर थे। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले सरकार ने 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय हालात और बढ़ते घाटे के चलते कीमतों में तेजी  की गयी है। सरकारी तेल कंपनियों को हर महीने करीब 30 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था,जिस वजह से यह फैसला लिया गया। <br />इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालात को देखते हुए देशवासियों से कहा कि पेट्रोल, डीजल और गैस का उपयोग जरूरत के अनुसार करें, ताकि विदेशी मुद्रा बचे और युद्ध जैसे हालात का असर देश पर कम पड़े।<img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/b92aaeef-59af-421c-abd3-74084957703f.jpg" alt="b92aaeef-59af-421c-abd3-74084957703f" width="1111" height="861"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>दिल्ली /एनसीआर</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>ईरान</category>
                                            <category>अमेरिका</category>
                                    

                <link>https://www.deshrojana.com/world/america/big-blow-of-inflation-rise-in-prices-of-petrol-diesel/article-1522</link>
                <guid>https://www.deshrojana.com/world/america/big-blow-of-inflation-rise-in-prices-of-petrol-diesel/article-1522</guid>
                <pubDate>Sat, 23 May 2026 12:18:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/7710b7ce-7295-465d-9e98-dca513b16063.jpg"                         length="159050"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Desh Rojana Bureau]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहकों के लिए अलर्ट: 23 से 28 मई तक लगातार छह दिन बंद रह सकती हैं SBI शाखाएं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 23 से 28 मई के बीच छुट्टियों, कर्मचारियों की हड़ताल और बकरीद के कारण शाखाओं का कामकाज प्रभावित रह सकता है, जिससे ग्राहकों को परेशानी हो सकती है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/top-news/alert-for-state-bank-of-india-customers-sbi-branches-may/article-1493"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-05/54961a5e-501c-4b46-914b-fd21a3097e7e.jpg" alt=""></a><br /><p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/54961a5e-501c-4b46-914b-fd21a3097e7e.jpg" alt="54961a5e-501c-4b46-914b-fd21a3097e7e" width="732" height="411"></img>देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहकों के लिए आने वाले दिन परेशानी भरे हो सकते हैं।वजह यह है की   23 मई से 28 मई 2026 के बीच SBI की शाखाएं लगातार छह दिनों तक बंद रह सकती हैं। जिसकी वजह बताई जा रही है की ,23 मई को महीने का चौथा शनिवार, जबकि 24 मई को रविवार की साप्ताहिक छुट्टी रहेगी। इसके बाद 25 और 26 मई को SBI कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल का असर देखने को मिल सकता है। जो की ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन ने 16 मांगों को लेकर हड़ताल करने का ऐलान किया है।  संगठन का कहना है कि यह कदम कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा, कामकाजी हालात में सुधार और ग्राहकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। । इसके बाद 27 और 28 मई को बकरीद के चलते कई राज्यों में बैंक बंद रहने की संभावना है। बकरीद की छुट्टियां रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा घोषित बैंक अवकाश सूची के अनुसार होंगी।और आपको बता दें की अगर  यह हड़ताल होती है, तो इसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ेगा। चेक क्लियरिंग, कैश जमा-निकासी, पासबुक अपडेट और ब्रांच से जुड़े ज्यादातर काम बंद  रह सकते हैं। हालांकि ATM, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं चालू रहने की संभावना है, ऐसे में ग्राहकों को सलाह दी गई है कि बैंक शाखा से जुड़ा कोई भी ज़रूरी काम समय रहते पूरा कर लें, ताकि आने वाली परेशानियों  से बचा जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                    

                <link>https://www.deshrojana.com/top-news/alert-for-state-bank-of-india-customers-sbi-branches-may/article-1493</link>
                <guid>https://www.deshrojana.com/top-news/alert-for-state-bank-of-india-customers-sbi-branches-may/article-1493</guid>
                <pubDate>Fri, 22 May 2026 13:16:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/54961a5e-501c-4b46-914b-fd21a3097e7e.jpg"                         length="40646"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Desh Rojana Bureau]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मत्स्य विभाग की योजनाओं से अनुसूचित जाति को मिलेगा आर्थिक संबल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>उपनिदेशक एवं जिला मत्स्य अधिकारी कश्मीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मत्स्य विभाग पलवल द्वारा अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के कल्याण के लिए विभिन्न लाभकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/haryana/palwal/scheduled-castes-will-get-financial-support-from-the-schemes-of/article-1052"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-05/whatsapp-image-2026-05-07-at-10.59.52-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p>पलवल:  उपनिदेशक एवं जिला मत्स्य अधिकारी कश्मीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मत्स्य विभाग पलवल द्वारा अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के कल्याण के लिए विभिन्न लाभकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य अनुसूचित जाति के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा उनके सामाजिक एवं आर्थिक स्तर को सुदृढ़ बनाना है।</p>
<p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/whatsapp-image-2026-05-07-at-10.59.52-pm.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-05-07 at 10.59.52 PM" width="700" height="394"></img></p>
<p><strong>प्रथम वर्ष पट्टा राशि पर अनुदान</strong><br />उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पंचायती/सरकारी जलाशयों, जो न्यूनतम 5 वर्ष या उससे अधिक अवधि के लिए पट्टे पर दिए गए हों, पर प्रथम वर्ष की वास्तविक पट्टा राशि का 50 प्रतिशत या अधिकतम 50 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर (जो भी कम हो) अनुदान प्रदान किया जाता है।</p>
<p><strong>द्वितीय एवं आगामी वर्षों की पट्टा राशि पर अनुदान</strong><br />इस मद में पंचायती/सरकारी जलाशयों पर दूसरे तथा आगामी वर्षों (कुल 5 वर्ष तक) के लिए वास्तविक पट्टा राशि का 40 प्रतिशत या अधिकतम 40 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर (जो भी कम हो) अनुदान दिया जाता है।</p>
<p><strong>जाल खरीद पर अनुदान</strong><br />इसमें लाभार्थी को 40 हजार रुपए तक के जाल की खरीद पर 60 प्रतिशत या अधिकतम 24 हजार रुपए प्रति लाभार्थी (जो भी कम हो) अनुदान प्रदान किया जाता है।</p>
<p><strong>अनुसूचित जल क्षेत्रों में मछली पकड़ने के ठेके पर अनुदान</strong><br />इसके अंतर्गत अनुसूचित जल क्षेत्रों में मछली पकड़ने के अधिकार प्राप्त करने के लिए अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को स्वीकृत बोली का 50 प्रतिशत की दर से या अधिकतम 5 लाख रुपए (जो भी कम हो) की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।</p>
<p><strong>रेहड़ी (ठेला) पर अनुदान</strong><br />इसमें 60 हजार रुपए तक की लागत वाली रेहड़ी (स्टोव/गैस चूल्हा, बर्तन आदि सहित) की खरीद पर 60 प्रतिशत या अधिकतम 36 हजार रुपए प्रति लाभार्थी (जो भी कम हो) अनुदान दिया जाता है।</p>
<p><strong>खाद एवं खुराक पर अनुदान</strong><br />इसमें पंचायती/निजी तालाबों/सरकारी जलाशयों में खाद एवं खुराक पर 1 लाख 50 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर तक की लागत पर 60 प्रतिशत या अधिकतम धनराशि 90 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर (जो भी कम हो) अनुदान प्रदान किया जाता है। उपनिदेशक एवं जिला मत्स्य अधिकारी कश्मीर सिंह ने सभी इच्छुक पात्र व्यक्तियों से अपील की है कि वे इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए जिला मत्स्य कार्यालय पलवल से दूरभाष नंबर-01275-356270 पर संपर्क कर सकते हैं।<br />000</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>पलवल</category>
                                    

                <link>https://www.deshrojana.com/haryana/palwal/scheduled-castes-will-get-financial-support-from-the-schemes-of/article-1052</link>
                <guid>https://www.deshrojana.com/haryana/palwal/scheduled-castes-will-get-financial-support-from-the-schemes-of/article-1052</guid>
                <pubDate>Thu, 07 May 2026 23:08:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/whatsapp-image-2026-05-07-at-10.59.52-pm.jpeg"                         length="52557"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Desh Rojana Bureau]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होर्मुज जलडमरूमध्य पर जंग क्यों ? सबके अपने-अपने समुद्री क्षेत्र तो ईरान का क्यों नहीं?</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (UNCLOS) के अनुसार, तटवर्तीय क्षेत्रों से 200 समुद्री मील या लगभग 370 किमी तक जितने भी संसाधन होते है उनका उपयोग देश कर सकता है।  इसे अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) कहा जाता है। इसमें  मछली पकड़ना, खनन और ऊर्जा उत्पादन आदि किया जा सकता है। तो ईरान का होर्मुज पर अधिकार क्यों नहीं ? ईरान अमेरिका जंग क्यों बन रही वर्ल्ड वार की वजह जानेंगे इस लेख में। </strong></p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/top-news/why-war-on-the-strait-of-hormuz-everyone-has-their/article-658"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-04/1408102_720.jpg" alt=""></a><br /><p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-04/1408102_720.jpg" alt="1408102_720" width="720" height="405"></img></p>
<p>समुद्र तट से सटे देशों की सुरक्षा को लेकर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर 10 दिसंबर 1982 को जमैका के मोंटेगो में एक कानून पारित किया गया। जिसमे कहा गया कि तटरेखा से 12 समुद्री मील तक देश का पूर्ण अधिकार होगा। जबकि विशेषाधिकार के रूप में 200 मील तक जो संसाधन है उनका उपयोग क्षेत्रीय देश उठा सकते हैं। इसके आगे अंतरराष्ट्रीय सीमा शुरू होगी जिस पर सबका अधिकार होगा। इस समझौते का नाम रखा गया संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन यानि (UNCLOS) । भले ही कानून 1984 में बन गया था लेकिन आधिकारिक रूप से लागू हुआ 16 नवंबर 1994 को। </p>
<p><strong>समुद्र में 12 मील तक कड़ी सुरक्षा का अधिकार। </strong><br />दुनिया का 80 प्रतिशत व्यापार समुद्री रास्तों से होता है। लेकिन समुद्र से जुड़े जो तटवर्तीय देश हैं उनकी सुरक्षा के लिए सागर, महासागर और समुद्र पर अधिकार को लेकर कुछ कानून बनाये गए। जिसमें 12 समुद्री मील तक देश अपनी सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए सभी उपाय कर सकता है। समुद्र पर निगरानी रख सकता, पनडुब्बियों और शिप से गश्त कर सकता है। सुरक्षा के लिए हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। लेकिन हां फ्रेंडली रूप से गुजरने वाले शिप यहाँ से गुजर सकते हैं। ये एक आपसी सहमति या संधि होती है। </p>
<p><strong>200 मील तक आर्थिक क्षेत्रों पर अधिकार। </strong><br /> संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (UNCLOS) के अनुसार, तटवर्तीय क्षेत्रों से 200 समुद्री मील या लगभग 370 किमी तक जितने भी संसाधन होते है उनका उपयोग देश कर सकता है।  इसे अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) कहा जाता है। इसमें  मछली पकड़ना, खनन और ऊर्जा उत्पादन आदि किया जा सकता है। इसके आगे उस देश अधिकार नहीं होता। बल्कि उसे अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र माना जायेगा। </p>
<p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-04/2.png" alt="2" width="1552" height="720"></img></p>
<p><strong>समुद्र पर चलती है क्षेत्रीय देशो की दादागिरी। </strong><br />ऐसे में कई सवाल उठते हैं जैसे -क्या समुद्र में भी ‘टोल टैक्स’ देना पड़ता है? मैरीटाइम लॉ यानी समुद्र में आवाजाही से जुड़े कानून की इसमें भूमिका क्या होती है? कैनाल से गुजरने पर क्या होता है? युद्धपोत और पनडुब्बी को लेकर नियम क्या अलग होता है? इस पर विशेज्ञों की लग अलग रे है जैसे इसमें कुछ मार्ग प्राकृतिक है तो कुछ मैन मेड। विशेषज्ञों का कहना है कि जो प्राकृतिक पैसेज हैं उन पर सबका अधिकार है। लेकिन इसके बावजूद कई देश है जो लाखों डॉलर का टैक्स वसूलते हैं।</p>
<p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-04/10_05_2025-jagran_photo_1_23934637_m.jpg" alt="10_05_2025-jagran_photo_1_23934637_m" width="789" height="444"></img></p>
<p> </p>
<p><strong>मिश्रा की स्वेज नहर </strong><br />स्वेज नहर पूरी तरह से मिस्र के नियंत्रण में है। यह भूमध्य सागर और लाल सागर को जोड़ता है। यहां जहाज के आकार, वजन और प्रकार के आधार पर लाखों डॉलर का टोल वसूला जाता है। यहाँ तक की कचरा प्रबंधन के नाम पर एक और टैक्स जोड़ा गया है। </p>
<p><strong>पनामा नहर </strong><br />अटलांटिक और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाली यह नहर पनामा सरकार के लिए आय का मुख्य स्रोत है। यहां 'स्लॉट नीलामी' और ट्रांजिट फीस के रूप में भारी वसूली होती है। </p>
<p><strong>तुर्की स्ट्रेट्स- बोस्फोरस और डार्डानेल्स </strong><br />उत्तर-पश्चिमी तुर्की में स्थित दो जलमार्ग हैं 'बोस्फोरस' और 'डार्डानेल्स' जो काला सागर को मरमारा और एजियन साग से जोड़ते हैं। हालांकि ये प्राकृतिक रास्ते हैं, लेकिन 1936 की मॉन्ट्रो कन्वेंशन के तहत तुर्की को यहां से गुजरने वाले जहाजों से सैनिटरी निरीक्षण, लाइटहाउस और बचाव सेवाओं के नाम पर शुल्क लेने का अधिकार है। हाल ही में तुर्की ने इसमें कई गुना की बढ़ोतरी की है। </p>
<p><strong>कोरिंथ नहर से ग्रीस</strong><br />यह एक छोटी नहर है जहां से गुजरने के लिए ग्रीस टोल वसूलता है। </p>
<p> </p>
<p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-04/3.png" alt="3" width="1108" height="577"></img></p>
<p><strong> होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर विवाद क्यों ?</strong><br />अब यहां एक बड़ा साल उठता है कि सबकी अपनी-अपनी समुद्री सीमाएं है तो ईरान का होर्मुज पर अधिकार क्यों नहीं। इस पर पहले समुद्री सीमा पर बने कानूनों को ठीक से समझते है। पहले होर्मुज के आकार के बारे में जान लेते हैं। ये लगभग 167 किलोमीटर यानि लगभग 104 मील लंबा है। इसकी चौड़ाई अलग अलग क्षेत्रो में अलग है। इसके सबसे संकरे बिंदु लगभग 33 से 39 किलोमीटर या 21-24 समुद्री मील चौड़ी है। अब बात इस पर विवाद की। </p>
<p>समुद्र का कानून और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून दोनों सुनने में भले ही एक जैसे लगते हैं, लेकिन इनमें एक बड़ा अंतर है. समुद्री कानून निजी व्यापार और जहाजों से जुड़ा है, जबकि लॉ ऑफ द सी, देशों के बीच के रिश्तों और सीमाओं को तय करता है।बात करें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की, जहां जहाजों की पासिंग को लेकर दुनिया में बवाल मचा हुआ है। गौरतलब है कि यहां कोई आधिकारिक ‘टोल गेट’ नहीं है, लेकिन यहां की राजनीति और सुरक्षा स्थिति इतनी संवेदनशील है कि जहाजों को सुरक्षा और बीमा पर बहुत पैसा खर्च करना पड़ता है। दूसरा हरमुज पर अकेले ईरान का अधिकार नहीं है। इसके उत्तर में ईरान और दक्षिण में ओमान का मुसंडम प्रायद्वीप की सीमाएं मुख्य रूप से जुड़ी हैं। यह संकरा समुद्री मार्ग फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। इसके पास ही संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सीमा भी स्थित है, जो इस क्षेत्र का एक प्रमुख खिलाड़ी है। बस यही ईरान अपना दबदबा बनाना चाहता है। उसने हाल में यहाँ से टोल वसूने की घोषणा की। </p>
<p><strong>अमेरिका-ईरान विवाद  </strong><img style="aspect-ratio:auto;" src="https://www.deshrojana.com/media/2026-04/7.png" alt="7" width="1393" height="577"></img>होर्मुज जलडमरूमध्य अमेरिका और ईरान के बीच विवाद का मुख्य कारण सामरिक और आर्थिक वर्चस्व की लड़ाई है। यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है, जिससे दुनिया का 20% तेल गुजरता है। अमेरिका ने ईरानी तेल निर्यात को रोकने और आर्थिक प्रतिबंधों को कड़ा करने के लिए यहाँ नाकाबंदी की है, जबकि ईरान इसे अपनी संप्रभुता पर हमला मानता है।  ईरान इस रास्ते को एक ‘रणनीतिक हथियार’ की तरह इस्तेमाल करता है, जिससे वह वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित करने की ताकत रखता है। हाल ही में ईरान ने यहाँ टैक्स बड़े टैक्स वसूली की बात कही जिससे जिससे अमेरिका समेत कई बड़े देश इसका विरोध कर रहे हैं। </p>
<p>हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच मचे घमासान ने इस समुद्री मार्ग को युद्ध के मैदान में बदल दिया है। परमाणु विवाद से शुरू हुई यह जंग अब समुद्री सीमाओं पर कब्जे और टोल टैक्स की वसूली तक जा पहुंची है, जिससे वैश्विक व्यापार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य और कूटनीतिक तनातनी में 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' सबसे बड़ा हथियार बनकर उभरा है। 4 मार्च के बाद से इस जलमार्ग को बंद करने की धमकियों ने वैश्विक बाजार में हलचल पैदा कर दी। ईरान ने न केवल इस मार्ग को ब्लॉक करने की कोशिश की, बल्कि अब यहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल टैक्स वसूलने का दावा भी ठोक दिया है। </p>
<p> </p>
<p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-04/usa-iran-b.jpg" alt="usa-iran-b" width="1640" height="664"></img></p>
<p><strong>अमेरिकी नाकेबंदी से बढ़ा विवाद। </strong></p>
<p>अमेरिका की ओर से की गई जवाबी नाकाबंदी ने इस विवाद को और हवा दे दी है, जिससे परमाणु मुद्दे से शुरू हुई लड़ाई अब समुद्री वर्चस्व की होड़ में बदल गई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज महज एक समुद्री रास्ता नहीं है, बल्कि यह वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की लाइफलाइन है। अगर यह रास्ता बंद होता है, तो भारत समेत पूरी दुनिया में ऊर्जा का संकट खड़ा हो जाएगा। ईरान इसी बात का फायदा उठाकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है, ताकि वह अमेरिका के खिलाफ अपनी स्थिति मजबूत कर सके।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक, किसी भी देश का अपनी तटरेखा से केवल 12 समुद्री मील (लगभग 22 किलोमीटर) तक ही समुद्र पर अधिकार होता है. ईरान इसी 'टेरिटोरियल वॉटर'</p>
<p><img style="aspect-ratio:auto;" src="https://www.deshrojana.com/media/2026-04/5.png" alt="5" width="1552" height="809"></img></p>
<p> कानून का हवाला देकर होर्मुज पर अपना मालिकाना हक जताता है. हालांकि, तकनीकी रूप से यह जलमार्ग इतना संकरा है कि यहां ईरान और ओमान की सीमाएं आपस में मिलती हैं.</p>
<p>इसका साफ मतलब है कि होर्मुज पर किसी एक देश का एकाधिकार नहीं है. जितना हक ईरान का है, उतना ही ओमान और यूएई का भी है. ईरान द्वारा टोल टैक्स की वसूली और जहाजों को रोकना सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                    

                <link>https://www.deshrojana.com/top-news/why-war-on-the-strait-of-hormuz-everyone-has-their/article-658</link>
                <guid>https://www.deshrojana.com/top-news/why-war-on-the-strait-of-hormuz-everyone-has-their/article-658</guid>
                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 12:32:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.deshrojana.com/media/2026-04/1408102_720.jpg"                         length="62675"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[ANJU SHARMA]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        