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                <title>खेती-किसानी - देश रोजाना</title>
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                <description>खेती-किसानी RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Narnaul News: महेंद्रगढ़ और कैथल से शुरुआत, अब किसान एडवांस में बुक कर सकेंगे सब्सिडी वाली खाद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हरियाणा के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। फसल बुवाई के पीक सीजन में खाद की किल्लत, डीएपी-यूरिया के लिए दुकानों के चक्कर काटने और लंबी कतारों में खड़े रहने की समस्या से जल्द ही मुक्ति मिलने जा रही है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/haryana/mahendragarh-narnaul/narnaul-news-starting-from-mahendragarh-and-kaithal-now-farmers-will/article-3483"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-08/khaad.jpeg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div>नारनौल। हरियाणा के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। फसल बुवाई के पीक सीजन में खाद की किल्लत, डीएपी-यूरिया के लिए दुकानों के चक्कर काटने और लंबी कतारों में खड़े रहने की समस्या से जल्द ही मुक्ति मिलने जा रही है। प्रदेश सरकार ने सब्सिडी वाले उर्वरकों की पारदर्शी और सुगम बिक्री सुनिश्चित करने के लिए ‘डिजिटल बुकिंग’ व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत किसान अपने खेत की जरूरत के हिसाब से खाद की एडवांस बुकिंग करा सकेंगे, जिससे उन्हें तय समय पर बिना किसी परेशानी के खाद मिल सकेगी।</div>
<div> </div>
<div><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-08/khaad.jpeg" alt="khaad" width="1280" height="718"></img></div>
</div>
<h6> </h6>
<h6><strong>महेंद्रगढ़ और कैथल से होगी शुरुआत, मुख्य सचिव ने दी मंजूरी:</strong></h6>
<div>हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय प्रशासनिक बैठक में इस नई व्यवस्था के खाके को अंतिम रूप दिया गया। सरकार ने शुरुआती चरण में इस डिजिटल प्रोजेक्ट को परीक्षण के तौर पर लागू करने के लिए महेंद्रगढ़ और कैथल जिलों का चयन किया है।</div>
<div>अधिकारियों के मुताबिक, इन दोनों जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन और व्यावहारिक नतीजों का आकलन करने के बाद इस पूरी व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से राज्य के बाकी सभी 20 जिलों में लागू कर दिया जाएगा। सरकार का मुख्य मकसद वास्तविक मांग के आंकड़ों के आधार पर ही जिलों और सोसायटियों को खाद की आपूर्ति का सटीक ढांचा तैयार करना है।</div>
<div> </div>
<h6><strong>क्यूआर कोड और टोकन से मिलेगी खाद, कालाबाजारी पर लगेगी रोक:</strong></h6>
<div>नई व्यवस्था के तहत किसानों को एक विशेष मोबाइल एप्लीकेशन या डिजिटल वेब पोर्टल की सुविधा दी जाएगी। किसान अपने मोबाइल से ही जमीन के ब्योरे के साथ आवश्यक यूरिया या डीएपी की मांग दर्ज कराएंगे। आवेदन मंजूर होते ही किसान के मोबाइल पर एक डिजिटल क्यूआर कोड या यूनिक टोकन नंबर भेजा जाएगा। इसके बाद किसान अपनी सुविधानुसार नजदीकी कृषि बिक्री केंद्र या पैक्स जाकर वही क्यूआर कोड दिखाकर अपनी निर्धारित खाद प्राप्त कर सकेगा।<span style="color:#888888;"><br /></span></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>खेती-किसानी</category>
                                            <category>महेंद्रगढ़ / नारनौल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 12:55:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NELOFER HASHMI]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Nuh Mewat News: फसल बीमा दावों के निस्तारण में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी : उपायुक्त अखिल पिलानी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>उपायुक्त अखिल पिलानी की अध्यक्षता में गुरुवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के अंतर्गत जिला शिकायत निवारण समिति (डीजीआरसी) एवं जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति (डीएलएमसी) की बैठक आयोजित की गई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/haryana/nuh-mewat/nuh-mewat-news-negligence-in-settlement-of-life-insurance-claims/article-3392"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-08/akhil.jpg" alt=""></a><br /><div>नूंह: उपायुक्त अखिल पिलानी की अध्यक्षता में गुरुवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के अंतर्गत जिला शिकायत निवारण समिति (डीजीआरसी) एवं जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति (डीएलएमसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में फसल बीमा दावों, लंबित आवेदनों, अस्वीकृत प्रकरणों तथा क्रॉप कटिंग प्रयोगों से संबंधित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई।</div>
<div> </div>
<div>
<img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-08/akhil.jpg" alt="akhil" width="1280" height="902"></img>
लघु सचिवालय नूंह में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत आयोजित जिला शिकायत निवारण समिति एवं जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त अखिल पिलानी।

</div>
<div> </div>
<div>उपायुक्त ने बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि किसानों के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई, लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और पात्र किसानों को समय पर योजना का लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए।</div>
<div> </div>
<div>उपायुक्त ने लंबित एवं ताजा आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने, सभी मामलों की समयबद्ध जांच पूरी करने तथा पात्र आवेदनों को तत्काल स्वीकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन आवेदनों को नियमों के अनुसार अस्वीकृत किया जाना आवश्यक है, उनमें किसानों, राज्य एवं केंद्र सरकार के हिस्से की बीमा प्रीमियम राशि नियमानुसार तत्काल वापस की जाए।</div>
<div>उन्होंने बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि जिन मामलों में प्रीमियम राशि वापस की जा चुकी है, उनकी विस्तृत एक्सेल रिपोर्ट निर्धारित समय में जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए। यदि किसी स्तर पर अनावश्यक देरी या तथ्यों को छिपाने का प्रयास किया गया तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।</div>
<div> </div>
<div>बैठक में खरीफ एवं रबी सीजन के फसल बीमा आवेदनों, अस्वीकृत प्रकरणों तथा क्रॉप कटिंग प्रयोगों पर प्राप्त आपत्तियों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक आपत्ति का तथ्यों एवं नियमों के आधार पर निस्तारण किया जाए तथा किसानों के साथ पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए।</div>
<div> </div>
<div>उपायुक्त ने कहा कि विभागीय अधिकारी नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें तथा बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी लंबित मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों के हितों की अनदेखी करने वाले किसी भी अधिकारी या बीमा कंपनी के प्रतिनिधि के प्रति प्रशासन सख्त रुख अपनाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
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                                            <category>नूंह / मेवात</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 15:32:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NELOFER HASHMI]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Faridabad News: कृषि यंत्रों के चयन के लिए पूर्ण पारदर्शिता के साथ ऑनलाइन ड्रॉ आयोजित : सीईओ जिला परिषद शिखा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद शिखा ने कहा कि किसानों को कृषि यंत्रीकरण का लाभ पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि यंत्रों के चयन के लिए ऑनलाइन ड्रॉ का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि इस चरण में लेजर लैंड लेवलर के लिए 17 तथा रोटावेटर के लिए 25 यंत्र उपलब्ध थे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/haryana/faridabad/faridabad-news-online-draw-organized-with-full-transparency-for-selection/article-3040"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-07/shikha.jpeg" alt=""></a><br /><p>फरीदाबाद: मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद शिखा ने कहा कि किसानों को कृषि यंत्रीकरण का लाभ पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि यंत्रों के चयन के लिए ऑनलाइन ड्रॉ का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि इस चरण में लेजर लैंड लेवलर के लिए 17 तथा रोटावेटर के लिए 25 यंत्र उपलब्ध थे। लेजर लैंड लेवलर के लिए 33 तथा रोटावेटर के लिए 51 पात्र आवेदन प्राप्त हुए। उपलब्ध यंत्रों से अधिक आवेदन प्राप्त होने के कारण लाभार्थियों का चयन कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन ड्रॉ के माध्यम से किया गया।</p>
<p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-07/shikha.jpeg" alt="shikha" width="1280" height="498"></img></p>
<p>सीईओ जिला परिषद शिखा ने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही और इसमें किसी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप नहीं किया गया। ड्रॉ प्रारंभ करने से पूर्व प्रतिभागियों के समक्ष कई बार ट्रायल कराकर यह प्रदर्शित किया गया कि प्रत्येक बार कंप्यूटर प्रणाली अलग-अलग परिणाम देती है। इसके उपरांत सभी की उपस्थिति में अंतिम ड्रॉ आयोजित कर चयनित लाभार्थियों एवं प्रतीक्षा सूची की घोषणा की गई।</p>
<p>ड्रॉ के माध्यम से रोटावेटर श्रेणी में कुल 25 पात्र किसानों तथा लेजर लैंड लेवलर श्रेणी में 17 पात्र किसानों का चयन किया गया। चयनित किसानों में शोराज, अजय बिसला, बृजेश, राम कुमार कौशिक, अमीराम, मिंटू नागर, विजय त्यागी, देवेंद्र कुमार, लीला, कौशल कुमार, सचिन चौहान, योगेंद्र सिंह, कर्णवीर, मांगेराम, खजान सिंह, विक्रम, बिजेंद्र, दयावती, रमेश चंद, जागेराम, बिक्रम सिंह, प्रिंस त्यागी, सुशीला, सतपाल सहित अन्य किसान शामिल हैं। इसी प्रकार लेजर लैंड लेवलर के लिए नरेंद्र लांबा, विनोद कुमार, अनिल कुमार, राजेश कुमार, सूरज सिंह, राहुल भाटी, इंद्रपाल, तरुण बिसला, मनजीत सिंह, बिरेंद्र, श्याम सिंह, सर्वेश त्यागी, राजेंद्र, छज्जू राम, उमरदीन एवं दरवेश भाटी सहित कुल 17 किसानों का चयन किया गया।</p>
<p>सीईओ जिला परिषद शिखा ने कहा कि यदि चयनित लाभार्थियों में से कोई किसान निर्धारित समयावधि में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं करता अथवा योजना का लाभ लेने से वंचित रहता है, तो निर्धारित प्रतीक्षा सूची के अनुसार पात्र किसानों को लाभ प्रदान किया जाएगा। उन्होंने चयनित किसानों से समय पर आवश्यक दस्तावेज एवं औपचारिकताएं पूर्ण करने का आग्रह करते हुए कहा कि विभाग द्वारा पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न कराया गया है, जिससे सभी पात्र किसानों को समान अवसर उपलब्ध हो सके। उन्होंने सभी चयनित किसानों को शुभकामनाएं देते हुए आधुनिक कृषि यंत्रों का अधिकाधिक उपयोग कर खेती को लाभकारी बनाने का आह्वान किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
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                                            <category>फरीदाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 13:07:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NELOFER HASHMI]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Nuh Mewat News:सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर ही मिलेगी खाद, अधिक कीमत वसूलने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई : उपनिदेशक कृषि</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक अनिल कुमार ने बताया कि जिला नूंह में सरकार के निर्देशानुसार उर्वरकों का वितरण निर्धारित व्यवस्था के तहत किया जा रहा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/haryana/nuh-mewat/nuh-mewat-news-fertilizer-will-be-available-only-at-the/article-2714"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-07/16_12_2024-18_10_2024-bihar_dap_khad_23817872_23849537.jpeg" alt=""></a><br /><div class="mail-message expanded">
<div class="mail-message-content collapsible zoom-normal mail-show-images">
<div class="clear">
<div>
<div>नूंह: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक अनिल कुमार ने बताया कि जिला नूंह में सरकार के निर्देशानुसार उर्वरकों का वितरण निर्धारित व्यवस्था के तहत किया जा रहा है। इसके अनुसार कुल खाद का 60 प्रतिशत वितरण सरकारी बिक्री केंद्रों तथा 40 प्रतिशत वितरण निजी विक्रेताओं के माध्यम से सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर किया जा रहा है।<img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-07/16_12_2024-18_10_2024-bihar_dap_khad_23817872_23849537.jpeg" alt="16_12_2024-18_10_2024-bihar_dap_khad_23817872_23849537" width="1200" height="675"></img></div>
<div> </div>
<div>उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई खाद विक्रेता सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर उर्वरक बेचता पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी तथा उसका खाद विक्रय लाइसेंस भी निरस्त कर दिया जाएगा।</div>
<div> </div>
<div>उपनिदेशक ने बताया कि वर्तमान में जिले में किसानों की आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं। जिले में अब तक 4727.80 मीट्रिक टन यूरिया, 1004.05 मीट्रिक टन डीएपी, 50.35 मीट्रिक टन एमओपी, 356.20 मीट्रिक टन एनपीके तथा 122.70 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी खाद विक्रेता से उर्वरक खरीदने से पहले मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण अवश्य करवाएं। पोर्टल पर पंजीकरण के बिना खाद की खरीद संभव नहीं है। उन्होंने सभी खाद विक्रेताओं को भी निर्देश दिए कि वे बिना पंजीकरण वाले किसी भी किसान को उर्वरक उपलब्ध न कराएं तथा केवल पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को ही सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराएं।</div>
<div> </div>
<div>अनिल कुमार ने किसानों से आग्रह किया कि यदि कोई खाद विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बेचता है तो इसकी सूचना तुरंत अपने नजदीकी कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के कार्यालय में दें। उन्होंने किसानों से किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी पर ध्यान न देने तथा केवल विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करने की अपील की।</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="mail-message-footer spacer collapsible"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
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                                            <category>खेती-किसानी</category>
                                            <category>नूंह / मेवात</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 01:59:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NELOFER HASHMI]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Nuh Mewat News: 20 जून तक गांव-गांव में लगाए जा रहे उन्नत कृषि एवं प्राकृतिक खेती जागरूकता शिविर : डॉ. अब्दुल रजाक</title>
                                    <description><![CDATA[<p> जिला बागवानी अधिकारी डॉ. अब्दुल रजाक ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से प्रभावित हो रही भूमि की उर्वरता को बचाने तथा किसानों को टिकाऊ एवं लाभकारी खेती की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से बागवानी विभाग द्वारा जिले में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/haryana/nuh-mewat/nuh-mewat-news-advanced-agriculture-and-natural-farming-awareness-camps/article-2194"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-19-at-9.02.34-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>नूंह: </strong>जिला बागवानी अधिकारी डॉ. अब्दुल रजाक ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से प्रभावित हो रही भूमि की उर्वरता को बचाने तथा किसानों को टिकाऊ एवं लाभकारी खेती की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से बागवानी विभाग द्वारा जिले में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 12 जून से शुरू होकर 20 जून तक जिले के विभिन्न गांवों में आयोजित किया जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष अभियान के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती, बागवानी फसलों, जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। शिविरों में किसानों को विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उन पर उपलब्ध अनुदान संबंधी जानकारी भी प्रदान की जा रही है।</p>
<p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-19-at-9.02.34-pm.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-06-19 at 9.02.34 PM" width="1600" height="1200"></img></p>
<p>डॉ. अब्दुल रजाक ने कहा कि वर्तमान समय में प्राकृतिक खेती न केवल किसानों की लागत कम करने का प्रभावी माध्यम है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। विभाग द्वारा किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के विभिन्न मॉडल अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सके।</p>
<p><strong>खंड स्तर पर सक्रिय हैं विभागीय टीमें: </strong></p>
<p>जिला बागवानी अधिकारी ने बताया कि अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए विभाग की अलग-अलग टीमें सभी खंडों में लगातार सक्रिय हैं। खंड नूंह, पुन्हाना, फिरोजपुर झिरका, नगीना, इंद्री तथा तावडू में विभागीय अधिकारी एवं बागवानी सलाहकार किसानों के बीच पहुंचकर योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं और उनकी समस्याओं का समाधान भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को गांव बीवां में आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। शिविर के दौरान किसानों ने विभागीय अधिकारियों से सीधे संवाद कर बागवानी फसलों, प्राकृतिक खेती, पौध संरक्षण तथा अनुदान योजनाओं से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से उत्तर दिया गया।</p>
<p><strong>किसानों की आय बढ़ाने के लिए बागवानी को बढ़ावा: </strong></p>
<p> </p>
<p>डॉ. अब्दुल रजाक ने कहा कि बागवानी विभाग का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना तथा उन्हें कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों से जोड़ना है। विभाग भविष्य में भी ऐसे जागरूकता शिविरों का आयोजन करता रहेगा ताकि अधिक से अधिक किसान सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आधुनिक एवं लाभकारी खेती को अपनाएं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे विभाग द्वारा आयोजित शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और कृषि एवं बागवानी क्षेत्र में उपलब्ध नवीन तकनीकों तथा योजनाओं का लाभ उठाएं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>खेती-किसानी</category>
                                            <category>नूंह / मेवात</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 21:24:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Desh Rojana Bureau]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>New Delhi News: विदिशा–रायसेन–सीहोर–देवास के लिए वैज्ञानिक खेती का रोडमैप, इंटीग्रेटेड फार्मिंग पर फोकस - शिवराज सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[<div>विदिशा/ भोपाल/ नई दिल्ली, 14 जून 2026, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज विदिशा के बेरखेड़ी जट्टू में किसानों की अनूठी ‘पाठशाला’ लगाकर खेती बदलने का बड़ा संकल्प सामने रखा।</div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/farming/new-delhi-news-roadmap-of-scientific-farming-for-vidisha-raisen-sehore-dewas-focus/article-2102"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-06/shiv-raj-lamp.jpg" alt=""></a><br /><div>विदिशा/ भोपाल/ नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज विदिशा के बेरखेड़ी जट्टू में किसानों की अनूठी ‘पाठशाला’ लगाकर खेती बदलने का बड़ा संकल्प सामने रखा। यहाँ औपचारिक सभा और लंबे स्वागत भाषणों की जगह शिवराज सिंह और अन्य जनप्रतिनिधियों एवं वैज्ञानिकों की उपस्थिति में सीधे खेत और किसान पर फोकस रहा, जहाँ मॉडल कृषि विज्ञान केंद्र के शिलान्यास के साथ विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास के लिए वैज्ञानिक खेती का रोडमैप, ‘खेत बचाओ अभियान’ और आधुनिक मशीनरी–इनोवेशन की पूरी श्रृंखला लॉन्च की गई। किसान भाइयों–बहनों से सहज, बोलचाल की भाषा में संवाद करते हुए शिवराज मास्साब ने साफ कहा कि यह कोई राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि खेती की क्लास है, जहाँ ढाई एकड़ जमीन वाले छोटे किसान को भी इंटीग्रेटेड फार्मिंग, संतुलित खाद, अच्छी मिट्टी और अच्छी तकनीक के सहारे सम्मानजनक आजीविका दिलाने का संकल्प है।<img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-06/shiv-raj-lamp.jpg" alt="shiv raj lamp" width="1280" height="945"></img></div>
<div> </div>
<h6><strong>विदिशा में किसानों की पाठशाला</strong></h6>
<div>केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुरुआत में ही साफ कर दिया कि यह कार्यक्रम भीड़ जुटाने या भाषण देने के लिए नहीं, बल्कि किसानों की ट्रेनिंग के लिए है। उन्होंने मीडिया को भी बताया कि यहाँ आए किसान किसी बस या गाड़ी से भरकर नहीं लाए गए, जो सीखना चाहता है वह अपने साधन से आया है, इसलिए मंचीय औपचारिकताओं की जगह सीधी क्लास होगी। केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि यहाँ बैठे हर किसान को विद्यार्थी माना जाए, जिनके लिए वैज्ञानिक अपनी बात सीमित शब्दों में रखेंगे और फिर सीधे खेत में ले जाकर मशीनों और नई तकनीक का प्रदर्शन किया जाएगा।</div>
<div> </div>
<h6><strong>मॉडल KVK: 49 एकड़ की जीवंत प्रयोगशाला</strong></h6>
<div>बेरखेड़ी जट्टू में बनने वाला यह कृषि विज्ञान केंद्र 49 एकड़ जमीन पर देश का मॉडल KVK होगा, जहाँ इसी खरीफ सीजन से प्रदर्शन प्लॉटों पर आधुनिक तरीके से खेती शुरू होगी। शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि बिल्डिंग का इंतजार किए बिना खेत पर काम तुरंत शुरू होगा– किसान को आँखों से दिखाकर सिखाया जाएगा, सिर्फ सुनाकर नहीं। इस KVK से ICAR के 113 संस्थानों और 1700 से अधिक KVK–संस्थानों के नेटवर्क की रिसर्च सीधे विदिशा–अंचल के किसानों तक मोबाइल, डेमो और प्रशिक्षण के जरिए पहुंचाई जाएगी।</div>
<div> </div>
<h6><strong>वैज्ञानिक खेती का रोडमैप: ढाई एकड़ में सम्मानजनक आमदनी</strong></h6>
<div>केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि जमीनें बँट–बँटकर छोटी हो गई हैं, लेकिन ढाई एकड़ (एक हेक्टेयर) में भी अगर इंटीग्रेटेड फार्मिंग ठीक से की जाए तो पूरे परिवार की आजीविका आराम से चल सकती है। इसके लिए विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास जिलों की मिट्टी, पानी और संसाधनों का वैज्ञानिक विश्लेषण करके फसल–पद्धति का रोडमैप तैयार किया गया है, जिसकी ट्रेनिंग इसी KVK से दी जाएगी। खेत में मॉडल फार्म बना कर दिखाया जाएगा कि एक ही टुकड़े में अनाज, दलहन, तिलहन, बागवानी, पशुपालन, मछली–पालन, मधुमक्खी–पालन और मशरूम तक जोड़कर कैसे अधिकतम लाभ कमाया जा सकता है।</div>
<h6> </h6>
<h6><strong>खेत बचाओ अभियान’: कम खाद, सही खाद, सही सलाह</strong></h6>
<div>शिवराज सिंह चौहान ने अपने राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ का विस्तार करते हुए विदिशा में किसानों से धरती माँ को बचाने की भावनात्मक अपील की। उन्होंने कहा कि बिना मिट्टी की जांच किए अंधाधुंध रासायनिक खाद और कीटनाशक डालने से धरती की उर्वरा शक्ति खत्म हो जाएगी, इसलिए हर किसान के खेत की मिट्टी की जांच और ‘सॉइल हेल्थ कार्ड’ अभियान तेज किया जाएगा। खेती में संतुलित खाद के साथ प्राकृतिक और जैविक खेती को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जहाँ किसान कम–से–कम आधा एकड़ में वैज्ञानिक तरीके से प्राकृतिक खेती की कोशिश करें ताकि उत्पादन घटे बिना मिट्टी की सेहत सुधरे।</div>
<div> </div>
<h6><strong>एग्री क्लीनिक, हेल्पलाइन और मोबाइल ऐप से खेत–खेत पर सलाह</strong></h6>
<div>केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने घोषणा की कि विदिशा के इस मॉडल KVK में ‘एग्री क्लीनिक’ यानी फसल का अस्पताल बनाया जाएगा, जहाँ किसान पौधा, पत्ता या मिट्टी का नमूना लेकर आएँगे और वैज्ञानिक बीमारी पहचानकर तुरंत उपचार बताएँगे। साथ ही, 155261 जैसे भारत विस्तार–किसान सारथी नंबर और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को फोन पर भी तुरंत सलाह दी जाएगी– पत्ते पीले पड़ने से लेकर इल्ली लगने तक हर समस्या पर। शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि एक मोबाइल ऐप के जरिए खेत में घूमते–घूमते ही पता चल सकेगा कि मिट्टी में कौन–कौन से पोषक तत्व हैं और कितनी DAP और यूरिया की जरूरत है, जिसका लाइव प्रदर्शन वह खुद खेत में जाकर करेंगे।</div>
<div> </div>
<h6><strong>नकली खाद–बीज पर सख्ती, अच्छा बीज–अच्छी नर्सरी की गारंटी</strong></h6>
<div>केंद्रीय मंत्री चौहान ने किसानों की सबसे बड़ी चिंता नकली खाद, कीटनाशक और बीज को लेकर साफ कहा कि जो भी किसानों के साथ धोखा करेगा, उसे किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने किसानों से पक्का बिल लेने, QR कोड से प्रामाणिकता जांचने और नकली माल की शिकायत तुरंत करने की अपील की, साथ ही भरोसा दिलाया कि सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि विदिशा KVK में अच्छा बीज तैयार करने, गुणवत्तापूर्ण फल–सब्जी की नर्सरी विकसित करने और बीज के सही चुनाव–बीज उपचार की ट्रेनिंग देने की व्यवस्था होगी ताकि किसान ठगी से बचे और अच्छी फसल ले सके।</div>
<div> </div>
<h6><strong>मशीन बैंक और आधुनिक उपकरण: हर खेत तक तकनीक</strong></h6>
<div>शिवराज सिंह चौहान ने छोटे और सीमांत किसानों के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर और मशीन बैंक की घोषणा की, जहाँ लेज़र लेवलर, डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) मशीन, ड्रिप–स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक मशीनें किराए पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि हर किसान के बस की बात नहीं कि वह हर मशीन खरीद सके, इसलिए KVK में मशीनें रखी जाएँगी– किसान जरूरत के मुताबिक नाममात्र का किराया देकर इस्तेमाल कर सकेगा और वापस जमा कर देगा। कम पानी में अधिक उत्पादन के लिए धान की डायरेक्ट सीडिंग, माइक्रो इरिगेशन और लेज़र लेवलिंग के लाइव डेमो आज के कार्यक्रम के बाद खेतों में दिखाए जाएँगे, ताकि किसान खुद देख–समझकर तकनीक अपनाएँ।</div>
<div> </div>
<h6><strong>वैल्यू एडिशन, प्रोसेसिंग, स्टार्टअप और स्किल डेवलपमेंट</strong></h6>
<div>कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह ने टमाटर, सब्जियों और फलों के दाम में उतार–चढ़ाव की समस्या पर बात करते हुए कहा कि केवल कच्चा माल बेचकर किसान को नुकसान उठाना पड़ता है, इसलिए यहाँ वैल्यू एडिशन और फूड प्रोसेसिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। KVK के जरिए टमाटर, सब्जी, फल, अनाज आदि से प्रसंस्कृत उत्पाद बनाने की तकनीक, पैकेजिंग और मार्केट से जुड़ने तक की राह दिखाकर युवाओं को कृषि–आधारित स्टार्टअप की ओर प्रोत्साहित किया जाएगा। मशरूम उत्पादन, पोल्ट्री, मधुमक्खी पालन, डेयरी जैसी गतिविधियों के लिए भी कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) कार्यक्रम चलेंगे, ताकि गाँव के नौजवान खेत से जुड़कर ही अच्छी आजीविका बना सकें।</div>
<div> </div>
<h6><strong>दलहन–तिलहन मिशन और MSP पर खरीदी</strong></h6>
<div>शिवराज सिंह चौहान ने दालों और तिलहनों का उत्पादन बढ़ाने के लिए दलहन आत्मनिर्भरता मिशन को तेज करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि चना, अरहर, मसूर, उड़द जैसी दालों के साथ–साथ तिल सहित तिलहन की खेती बढ़ाने के लिए किसानों को अच्छे बीज निःशुल्क प्रदर्शन प्लॉटों के लिए दिए जाएँगे और क्लस्टर आधारित खेती को प्रोत्साहन दिया जाएगा। शिवराज सिंह ने भरोसा दिलाया कि किसान जितना दलहन (तुअर, उड़द और मसूर) पैदा करेगा, उसे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा और जहाँ उत्पादन अधिक होगा, वहाँ दाल मिल लगाने के लिए 25 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी।<img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-06/shiv-raj-product.jpg" alt="shiv raj product" width="1280" height="935"></img></div>
<div> </div>
<h6><strong>किसानों से भावनात्मक अपील और जन–आंदोलन की दिशा</strong></h6>
<div>कार्यक्रम के अंत में शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से हाथ उठाकर संकल्प दिलवाया कि वे धरती माँ को बचाने, संतुलित खाद के उपयोग और अगली पीढ़ियों के लिए मिट्टी की सेहत सुधारने का वादा करें। उन्होंने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ सिर्फ सरकारी योजना नहीं, बल्कि जन–आंदोलन है, जिसमें वैज्ञानिक, KVK, ICAR, राज्य सरकारें, जनप्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह, FPO और किसान संगठन मिलकर काम करेंगे। </div>
<div> </div>
<div>खुद को ‘बंजारे की तरह गाँव–गाँव किसानों को जगाने वाला’ बताते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि जब तक सांस चलेगी, वे खेती और किसान की जिंदगी बदलने के लिए देशभर में इसी तरह क्लास लेते रहेंगे और विदिशा का यह मॉडल KVK पूरे देश के लिए प्रेरणा बनेगा। इस अवसर पर किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ वितरण भी किया गया।</div>
<div> </div>
<div>कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना, राजस्व मंत्री करण सिंह, पूर्व मंत्री सूर्य प्रकाश मीणा, विधायक मुकेश टंडन, हरिसिंह रघुवंशी, हरी सप्रे, उमाकांत शर्मा, रमाकांत भार्गव, सुरेंद्र पटवा, आशीष शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसी के साथ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक एवं डेयर के सचिव डॉ. मांगीलाल जाट तथा CII के सिद्धार्थ चतुर्वेदी, धानुका के आर.सी. अग्रवाल, इफको के डॉ. योगेंद्र कुमार सहित अनेक वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और ICAR एवं कृषि विभाग के अधिकारी इस महत्वपूर्ण किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए।<img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-06/shiv-raj-certi.jpg" alt="shiv raj certi" width="1280" height="975"></img></div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>दिल्ली /एनसीआर</category>
                                            <category>खेती-किसानी</category>
                                    

                <link>https://www.deshrojana.com/farming/new-delhi-news-roadmap-of-scientific-farming-for-vidisha-raisen-sehore-dewas-focus/article-2102</link>
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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 12:16:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Desh Rojana Bureau]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Palwal News : पलवल को एनसीआर क्षेत्र बाहर करने की मांग, किसानों ने रूपरेखा की तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारतीय किसान यूनियन टिकैत की बैठक स्थानीय जाट धर्मशाला में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष समंदर सिंह चौहान ने की, जबकि मंच का संचालन ज्ञान सिंह चौहान ने किया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/yoth/campus/palwal-news-farmers-prepare-outline-for-palwals-demand-to-be/article-2021"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-06/e2.jpg" alt=""></a><br /><div>पलवल। भारतीय किसान यूनियन टिकैत की बैठक स्थानीय जाट धर्मशाला में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष समंदर सिंह चौहान ने की, जबकि मंच का संचालन ज्ञान सिंह चौहान ने किया। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन टिकैत के राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत बतौर मुख्य वक्ता सम्मलित हुए। बैठक में पलवल जिले एनसीआर क्षेत्र से बाहर करने की सरकार से मांग की गई। <img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-06/e2.jpg" alt="e" width="1473" height="685"></img></div>
<div>रतन सिंह सौरोत ने बताया की बैठक में 16 से 18 जून को हरिद्वार में होने वाले यूनियन के शिविर के लिए जिले के किसानों को निमंत्रण दिया गया है। भारतीय किसान यूनियन द्वारा हरिद्वार में हर वर्ष यह शिविर आयोजित होता है, जिसमें देश के 18 राज्यों के पदाधिकारी और किसान हिस्सा लेते हैं और राष्ट्रीय स्तर के अहम मुद्दों पर चर्चा होती है। रतन सिंह सौरोत ने आगे कहा कि बैठक में मांग की गई कि पलवल जिले को एनसीआर क्षेत्र से बाहर किया जाए, क्योँकि पलवल को एनसीआर में शामिल होने से सहूलियतें तो मिलना दूर की बात है बल्कि उल्टा किसानों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। बैठक में निर्णय लिया गया है कि पलवल को एनसीआर से बाहर करने के लिए 15 जून को जिला उपायुक्त के माध्यम से एनसीआर सेक्ट्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही स्थानीय विधायकों और सांसदों को भी इस मांग से अवगत कराया जाएगा। </div>
<div>रतन सिंह सौरोत ने कहा कि जब मनोहर लाल खटटर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने अपने जिले करनाल और पानीपत को एनसीआर से बाहर करवाने के लिए केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी थी, यदि एनसीआर क्षेत्र होने से इतनी सहूलियत होती तो खुद मनोहर लाल खटटर मुख्यमंत्री होते हुए अपने जिलों को इससे बाहर करने की मांग नहीं करते। उन्होंने कहा कि अब एनसीआर के दायरे को 150 किलोमीटर से घटाया जा रहा है जिसके लिए 16 जून को दिल्ली में बैठक होनी है, इसलिए हमारी भी मांग है की पलवल जिले को भी एनसीआर से बाहर किया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके। सौरोत ने कहा कि अगर हमारी इस मांग को नहीं माना गया तो भविष्य में जिले के किसानो के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर एक वर्ष होने पर पुरानी कार्यकारिणी का कार्यकाल पूरा होने पर नई कार्यकारिणी का गठन किया, जिसमें सर्व सम्मति से समंदर सिंह चौहान को दूसरी बार जिला अध्यक्ष चुना गया। पलवल क्षेत्र से अशोक अमरपुर, हथीन से भागीरथ बडग़ुर्जर, होडल से प्रभु सिंह खिरबी और मिंडकोला भुडेर क्षेत्र से डॉ राजू मिंडकोला को अध्यक्ष बनाया गया। जिला वरिष्ठ उप प्रधान रामदयाल सरपंच बढ़ा, चंदन सिंह सौरोत एवं गजेंद्र सरपंच मानपुर को बनाया गया व जिला महासचिव की जिम्मेवारी मास्टर तेजपाल बहिन को सौंपी गई। बैठक में लख्मी पांचाल, होशियार सरपंच, गजराज देशवाल, देवदत्त थनथरी, मास्टर दिगम्बर, सुमेर सरपंच गहलब, डालचंद रायदासका, कन्हैया मंढनाका, सुधीर भिड़ूकी, कल्लू पंडित, बिजेंद्र, राजू मरौली, बबली आलूका, सुभाष दलाल व सुभाष मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>यूथ</category>
                                            <category>खेती-किसानी</category>
                                            <category>पलवल</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 15:43:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vinod Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विकसित भारत जी राम जी योजना की शुरुआत एक जुलाई से, गांवों के समग्र विकास को मिलेगी नई दिशा- शिवराज सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[<p>केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज महाराष्ट्र के सतारा स्थित सैनिक स्कूल ग्राउंड में आयोजित “प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) लाभार्थी सम्मेलन एवं महा आवास अभियान राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह” में 5 लाख पूर्ण ग्रामीण आवासों के गृह प्रवेश का शुभारंभ किया</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/state/maharashtra/launch-of-vikas-bharat-ji-ram-ji-yojana-from-july/article-1285"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-05/1001619747.jpg" alt=""></a><br /><div>सतारा (महाराष्ट्र)/नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज महाराष्ट्र के सतारा स्थित सैनिक स्कूल ग्राउंड में आयोजित “प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) लाभार्थी सम्मेलन एवं महा आवास अभियान राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह” में 5 लाख पूर्ण ग्रामीण आवासों के गृह प्रवेश का शुभारंभ किया। तथा5 लाभार्थियों को आवास की चाबियां सौंपीं और महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास को नई गति देने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की। <img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/1001619747.jpg" alt="1001619747" width="3008" height="2000"></img>इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री जयकुमार गोरे, पर्यटन, खननकर्म एवं माजी सैनिक कल्याण मंत्री तथा सतारा के पालकमंत्री शंभूराज देसाई, सार्वजनिक बांधकाम मंत्री शिवेंद्रसिंह भोसले, मदद एवं पुनर्वसन मंत्री मकरंद जाधव (पाटील), ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राज्य मंत्री योगेश कदम तथा स्थानीय सांसद श्रीमंत छत्रपति उदयनराजे भोसले उपस्थित थे।</div>
<div> </div>
<div>अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि देश में कोई भी गरीब कच्चे मकान में न रहे और प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक पक्की छत मिले। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने PMAY-G के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय कार्य करते हुए रिकॉर्ड समय में 5 लाख आवास पूर्ण कर सुशासन, संवेदनशीलता और परिणामोन्मुख प्रशासन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। <img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/1001619748.jpg" alt="1001619748" width="1280" height="1042"></img></div>
<div> </div>
<div>केंद्रीय मंत्री चौहान ने महाराष्ट्र के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत वित्त वर्ष 2026-27 हेतु 8,368.50 करोड़ रु. की केंद्रीय अंश सहायता जारी किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह राशि राज्य में ग्रामीण गरीबों के आवास निर्माण अभियान को और तेज करेगी तथा बेघर-मुक्त ग्रामीण महाराष्ट्र के संकल्प को मजबूत आधार देगी। </div>
<div>केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि जिन पात्र परिवारों का नाम अब तक छूट गया है, उनके लिए भी रास्ता खुला है और सर्वे तथा सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यकतानुसार और आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि बिजली, जल, स्वच्छता और सम्मानपूर्ण जीवन के साथ समग्र ग्रामीण जीवन-स्तर को ऊंचा उठाना है। </div>
<div>केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के अंतर्गत महाराष्ट्र के लिए 122.98 करोड़ रु. की लागत वाली 35 सड़क परियोजनाओं की स्वीकृति भी मुख्यमंत्री फडणवीस को सौंपी। 95.99 किलोमीटर लंबाई की इन परियोजनाओं से राज्य की 35 ग्रामीण बसावटों को लाभ मिलेगा और शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच अधिक सुगम होगी। </div>
<div>शिवराज सिंह चौहान ने ‘महा आवास अभियान’ के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों, इकाइयों और अधिकारियों को मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ सम्मानित करते हुए कहा कि जब राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रशासनिक दक्षता और जनकल्याण का भाव साथ आता है, तब विकास अभियान जनआंदोलन बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने ग्रामीण आवास के क्षेत्र में जिस गति और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है, वह अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरक है। <img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/1001619749.jpg" alt="1001619749" width="1280" height="852"></img>केंद्रीय मंत्री चौहान ने विकसित भारत जी राम जी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि एक जुलाई से शुरू होने जा रही यह पहल गांवों के समग्र और सुनियोजित विकास की नई आधारशिला बनेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्राम पंचायतें अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की व्यापक रूपरेखा तैयार करेंगी, जिससे गांवों के बुनियादी ढांचे, जनसुविधाओं और आजीविका से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को गति मिलेगी तथा विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प को विकसित गांवों के मजबूत आधार पर आगे बढ़ाया जा सकेगा।</div>
<div>किसानों के मुद्दों पर विशेष रूप से बोलते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने प्याज उत्पादक किसानों को बड़ी राहत दी। उन्होंने कहा कि उत्पादन बढ़ने और निर्यात संबंधी परिस्थितियों के कारण बाजार भाव प्रभावित हुए हैं, इसलिए आज से ही NAFED द्वारा 12 रु. 35 पैसे प्रति किलो की दर से प्याज की खरीदी शुरू की जाएगी, ताकि किसानों को तत्काल सहारा मिल सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार किसानों को संकट में अकेला नहीं छोड़ेगी और खरीदी व्यवस्था को प्रभावी, पारदर्शी तथा व्यवस्थित बनाने पर बल दिया। चौहान ने अधिकारियों को सतर्क निगरानी रखने के निर्देश भी दिए, ताकि खरीदी प्रक्रिया सुचारु रहे और वास्तविक किसानों को उसका लाभ मिल सके। </div>
<div>गन्ना उत्पादकों से जुड़े मुद्दों पर चौहान ने भरोसा दिलाया कि केंद्र और महाराष्ट्र सरकार मिलकर समस्याओं का समाधान निकालेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ इस विषय पर चर्चा हुई है और संबंधित मंत्रालयों के स्तर पर आवश्यक विमर्श कर व्यावहारिक समाधान की दिशा में पूरी कोशिश की जाएगी, क्योंकि किसान देश की अर्थव्यवस्था का आधार हैं। </div>
<div>चौहान ने यह भी रेखांकित किया कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा हैं। उन्होंने MSP में हालिया बढ़ोतरी, तिलहन-दलहन खरीदी, कपास मिशन, फार्मर आईडी, किसान-केंद्रित व्यवस्थाओं और ग्रामीण आधारभूत संरचना के विस्तार जैसे उपायों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों और ग्रामीण गरीबों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। </div>
<div>शिवराज सिंह चौहान ने सतारा की पावन धरती को छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता, स्वाभिमान और सुशासन की प्रेरणास्थली बताते हुए कहा कि शिवाजी महाराज केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के नायक हैं। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने देश को यह संदेश दिया कि सुशासन का अर्थ गरीबों के आँसू पोंछना, माताओं-बहनों का सम्मान सुनिश्चित करना, किसानों को समृद्ध बनाना और समाज के अंतिम व्यक्ति को गले लगाना है; प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार इसी जनकल्याणकारी और संवेदनशील शासन-दृष्टि को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।</div>
<div>महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सहयोग से महाराष्ट्र को रिकॉर्ड 30 लाख आवासों की स्वीकृति मिली और राज्य ने रिकॉर्ड समय में 5 लाख घर पूर्ण कर आज लाभार्थियों को समर्पित किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आवासों की गुणवत्ता बढ़ाने, सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली सुविधा उपलब्ध कराने और जमीनविहीन पात्र परिवारों को भी सहायता देकर इस अभियान को व्यापक सामाजिक सुरक्षा के मॉडल में बदला है। </div>
<div> </div>
<div>मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र का लक्ष्य बेघर-मुक्त राज्य का निर्माण है और आने वाले समय में और अधिक परिवारों को आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने प्याज किसानों के लिए केंद्रीय मंत्री श्री चौहान द्वारा घोषित NAFED खरीदी का स्वागत किया तथा गन्ना एवं चीनी उद्योग से जुड़े मुद्दों पर केंद्र-राज्य समन्वय से समाधान निकालने का भरोसा व्यक्त किया। </div>
<div>कार्यक्रम में ग्रामीण विकास से जुड़े जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, लाभार्थियों और बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिकों की उपस्थिति रही।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>दिल्ली /एनसीआर</category>
                                            <category>खेती-किसानी</category>
                                            <category>महाराष्ट्र</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 22:49:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Desh Rojana Bureau]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश ने गन्ना किसानों को किया 3.21 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पहले दिन से ही किसानों के हित में कार्य कर रही है। अपने पहले फैसले में किसानों की 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कर्जमाफी करने वाली योगी सरकार के निर्देश पर किसानों को समय से गन्ना मूल्य भुगतान कराया जा रहा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/state/uttar-pradesh/lucknow/uttar-pradesh-paid-more-than-rs-321-lakh-crore-to/article-1243"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-05/ganna.jpeg" alt=""></a><br /><p>लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पहले दिन से ही किसानों के हित में कार्य कर रही है। अपने पहले फैसले में किसानों की 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कर्जमाफी करने वाली योगी सरकार के निर्देश पर किसानों को समय से गन्ना मूल्य भुगतान कराया जा रहा है। योगी सरकार की नीतियों, पारदर्शी व तकनीक आधारित व्यवस्था ने गन्ना किसानों को वर्ष 2017 से अब तक कुल 3,21,963 करोड़ का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान कराकर इतिहास रचा है। भुगतान की धनराशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका भी समाप्त हो गई। गन्ना एवं चीनी उद्योग अब प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। योगी सरकार किसानों की समृद्धि, युवाओं के रोजगार एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। <img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/ganna.jpeg" alt="ganna" width="1600" height="1470"></img></p>
<h5> </h5>
<h5><strong>9 साल में योगी सरकार ने रिकॉर्ड 3,21,963 करोड़ रुपये का भुगतान किया</strong></h5>
<p>गन्ना किसानों को समय से भुगतान करने में योगी सरकार की नीति पूर्व की सरकारों पर भारी पड़ी। 2007 से 2012 में गन्ना किसानों को 52,131 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि 2012 से 2017 में 95,215 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं 9 साल में योगी सरकार ने रिकॉर्ड 3,21,963 करोड़ रुपये का भुगतान किया। योगी सरकार की अभिनव पहल ‘स्मार्ट गन्ना किसान’ प्रणाली के माध्यम से गन्ना क्षेत्रफल, सट्टा, कैलेंडरिंग और पर्ची जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। अब किसानों को उनकी गन्ना पर्ची सीधे मोबाइल पर प्राप्त होती है और भुगतान डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में पहुंचता है। </p>
<h5><strong>48 लाख गन्ना किसान परिवारों को दी आर्थिक मजबूती </strong></h5>
<p>योगी सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना मूल्य की दरों में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि भी की। अगेती प्रजातियों के लिए 400 रुपये व सामान्य प्रजातियों के लिए 390 रुपये प्रति कुंतल की दर निर्धारित की गई। इस बढ़ोत्तरी से गन्ना किसानों को लगभग 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त गन्ना मूल्य भुगतान प्राप्त हुआ है। योगी सरकार के कार्यकाल में चौथी बार गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की गई। समय से भुगतान होने से प्रदेश के 48 लाख गन्ना किसान परिवारों को आर्थिक मजबूती मिली है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने में गन्ना विकास विभाग का भी महत्वपूर्ण योगदान है।</p>
<h5><strong>उत्तर प्रदेश का औसत चीनी परता 10.21 प्रतिशत </strong></h5>
<p>यूपी के गन्ना क्षेत्रफल में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2025-26 में 29.51 लाख हेक्टेयर में गन्ना की खेती की गई। योगी सरकार के प्रयास से उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी गन्ना उत्पादक राज्य बना है। उत्तर प्रदेश में कुल 121 चीनी मिलें संचालित हैं। उप्र राज्य चीनी निगम की 3, उप्र सहकारी चीनी मिल्स संघ की 23 व निजी क्षेत्र की 95 चीनी मिलों द्वारा 877.93 लाख टन गन्ने की पेराई कर 89.68 लाख टन चीनी का उत्पादन किया गया है। पिछले पेराई सत्र में औसत चीनी परता उत्तर प्रदेश का 10.21 प्रतिशत रहा, जबकि महाराष्ट्र का चीनी परता 9.49 प्रतिशत है। </p>
<h5><strong>10 लाख से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित </strong></h5>
<p>प्रदेश में बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार, नई चीनी मिलों की स्थापना तथा मिलों की पेराई क्षमता में 1,28,500 टी.सी.डी. वृद्धि से रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। मिलों के आधुनिकीकरण व औद्योगिक पुनरुद्धार से 10 लाख से अधिक रोजगार का सृजन हुआ है। विगत 9 वर्ष से लगभग 6924 करोड़ का अतिरिक्त पूंजी निवेश किया गया है। एथेनॉल उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सरकार के प्रयासों से राज्य में एथेनॉल उत्पादन 188 करोड़ लीटर तक पहुंच गया है। </p>
<h5><strong>गन्ना किसानों की समस्या के समाधान के लिए टोल फ्री 1800-121-3203 एक्टिव</strong></h5>
<p>गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने बताया कि गन्ना किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दिया गया है। ई-गन्ना ऐप, ऑनलाइन सर्वे, पारदर्शी पर्ची वितरण एवं शिकायत निवारण प्रणाली जैसी व्यवस्थाओं ने किसानों को बड़ी राहत व सुविधा प्रदान की है। आज लाखों किसान मोबाइल के माध्यम से घर बैठे गन्ना संबंधी समस्त जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। गन्ना किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यालय स्तर पर टोल-फ्री कॉल सेन्टर नम्बर 1800-121-3203 की स्थापना की गयी है, जो 24 घण्टे संचालित है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>खेती-किसानी</category>
                                            <category>उत्तरप्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 17:34:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NELOFER HASHMI]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसान एमएसपी से नीचे उपज बेचने को मजबूर न हो - शिवराज सिंह </title>
                                    <description><![CDATA[<p>केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कृषि भवन, नई दिल्ली में NAFED और NCCF के साथ उपार्जन संबंधी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां बाजार भाव MSP से नीचे हैं, वहां किसानों से प्रभावी और समयबद्ध खरीद हर हाल में सुनिश्चित की जाए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/farming/farmers-should-not-be-forced-to-sell-produce-below-msp/article-1110"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-05/1001595027.jpg" alt=""></a><br /><div>नई दिल्ली:  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कृषि भवन, नई दिल्ली में NAFED और NCCF के साथ उपार्जन संबंधी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां बाजार भाव MSP से नीचे हैं, वहां किसानों से प्रभावी और समयबद्ध खरीद हर हाल में सुनिश्चित की जाए। कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने दोटूक कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में किसान को उसकी उपज का न्यायसंगत मूल्य दिलाना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्रतिबद्धता है और इस लक्ष्य में किसी भी स्तर की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। <img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/1001595027.jpg" alt="1001595027" width="1548" height="1032"></img>केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कृषि भवन में NAFED और NCCF की उपार्जन प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपार्जन को केवल औपचारिक स्वीकृति के रूप में नहीं, बल्कि किसानों को MSP का लाभ दिलाने वाले मिशन मोड दायित्व के रूप में लिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि बाजार में कीमतें MSP से नीचे चल रही हैं और फिर भी खरीद अपेक्षित स्तर पर नहीं हो रही है, तो यह स्थिति किसानों के हित में नहीं मानी जा सकती। कृषि मंत्री चौहान ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि एजेंसियां अपने-अपने जिलों और केंद्रों के स्तर पर स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण करें। उन्होंने कहा कि राज्यवार आवंटन के साथ-साथ जिला-स्तर पर उत्पादन, संभावित आवक और 25 प्रतिशत खरीद क्षमता का आकलन कर ठोस कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि उपार्जन का लक्ष्य वास्तविक जमीन पर हासिल हो सके। </div>
<div> </div>
<div>शिवराज सिंह चौहान ने दलहन-तिलहन, विशेषकर चना, मसूर, उड़द और सरसों जैसी फसलों पर विशेष फोकस करते हुए कहा कि जहां किसानों को MSP से कम दाम मिल रहे हैं, वहां खरीद में तेजी लाना अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उपार्जन केंद्रों की संख्या, खरीद क्षमता, जिला-स्तरीय बाधाएं, राज्य सरकारों के निर्देश, गुणवत्ता संबंधी स्थानीय समस्याएं और भुगतान व्यवस्था इन सभी पहलुओं की रोजाना निगरानी की जाए और जहां भी बाधा हो, उसका समाधान तत्काल केंद्रीय स्तर पर रखा जाए। <img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/1001595024.jpg" alt="1001595024" width="1600" height="1065"></img>मसूर उपार्जन की समीक्षा के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने राज्यों में वास्तविक बाजार भाव की ताजा जानकारी जुटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां कीमतें MSP के आसपास या नीचे हैं, वहां खरीद तंत्र और अधिक चुस्त किया जाए। </div>
<div> </div>
<div>कृषि मंत्री चौहान ने किसानों को समय पर भुगतान को अत्यंत संवेदनशील विषय बताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि भुगतान व्यवस्था को तेज, सरल और भरोसेमंद बनाया जाए। समीक्षा में यह मुद्दा सामने आया कि किसानों को भुगतान में विलंब की शिकायतें हैं, जिस पर मंत्री ने 72 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में सख्त SOP तैयार करने और राज्यों से चर्चा कर इसे प्रभावी रूप से लागू करने को कहा। </div>
<div>बैठक में राज्य पोर्टलों और CNA पोर्टल के एकीकरण, भुगतान में देरी, बिहार में DBT व्यवस्था की कमी, गुजरात में भुगतान विलंब, महाराष्ट्र में डेटा लंबित रहने और आंध्र प्रदेश से अतिरिक्त मात्रा के लिए आंकड़े प्राप्त होने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि यदि किसी राज्य के निर्देश, प्रक्रियाएं या स्थानीय प्रशासनिक अड़चनें किसानों से खरीद में बाधा बन रही हैं, तो केंद्र सरकार सक्रिय समन्वय के जरिए उनका समाधान सुनिश्चित करेगी। </div>
<div>कृषि मंत्री चौहान ने यह भी कहा कि दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने का राष्ट्रीय लक्ष्य तभी सफल होगा, जब किसानों को यह भरोसा होगा कि जरूरत पड़ने पर उनकी उपज MSP पर खरीदी जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की मंशा स्पष्ट है- किसान को संकट में नहीं छोड़ना है, बल्कि उसे उचित मूल्य, त्वरित भुगतान और प्रभावी खरीद तंत्र के माध्यम से मजबूत समर्थन देना है। </div>
<div> </div>
<div>मंत्री शिवराज सिंह ने NAFED और NCCF को निर्देशित किया कि वे उपार्जन को लेकर बेहतर काम करें, समस्याओं की सूची बनाकर समाधान सहित प्रस्तुत करें और शेष अवधि में खरीद प्रदर्शन में ठोस सुधार दिखाएं। उन्होंने कहा कि किसान हित में केंद्र सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है और उपार्जन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाया जाएगा।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>दिल्ली /एनसीआर</category>
                                            <category>खेती-किसानी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 01:05:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NELOFER HASHMI]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अन्नदाता को बड़ी सौगात, महाराष्ट्र में 40 लाख किसानों का कर्ज होगा माफ! </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>सूखे और बेमौसम बारिश की मार झेल रहे किसानों के लिए महाराष्ट्र सरकार ने अपने वादे के मुताबिक पिटारा खोल दिया है। बजट में घोषित 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्ज माफी योजना' अब धरातल पर उतरने के लिए तैयार है। इस योजना के अंतर्गत 35 से 40 लाख किसानों के कर्ज माफ़ किये जायेंगे। </strong></p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/state/maharashtra/big-gift-to-annadata-loan-of-40-lakh-farmers-will/article-900"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-04/screenshot-2026-04-28-115922.png" alt=""></a><br /><p> <img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-04/screenshot-2026-04-28-115922.png" alt="Screenshot 2026-04-28 115922" width="956" height="513"></img></p><p><br />महाराष्ट्र के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए एक राहत भरी खबर आई है। जिसमें  प्रदेश के लगभग 35 से 40 लाख किसानों की कर्ज माफ़ी की घोषणा की गई है। सरकार ने इस ऐतिहासिक कदम के लिए 27,000 करोड़ रुपये का बड़ा बजट निर्धारित किया है। </p><p><strong>अक्टूबर 2025 में बनी थी समिति </strong><br />आपको बता दें कि अक्टूबर 2025 महाराष्ट्र सरकार ने MITRA के CEO प्रवीण परदेसी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की थी। जिसे 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर किसान ऋण माफी योजना'नाम दिया गया था। इस समिति ने हाल ही में अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी है, जिसमें लाभार्थियों के चयन और योजना के प्रभावों पर सुझाव दिए गए हैं। </p><p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-04/screenshot-2026-04-28-120246.png" alt="Screenshot 2026-04-28 120246" width="948" height="540"></img></p><p><strong>"महा एल्गार मोर्चा" के आगे झुकी सरकार </strong><br />प्रहार जनशक्ति पार्टी के नेता बच्चू कडू ने अक्टूबर 2025 के अंत में महाराष्ट्र के नागपुर में किसानों की पूर्ण कर्जमाफी, एमएसपी और अन्य मांगों को लेकर "महा एल्गार मोर्चा" के तहत एक बड़ा आंदोलन किया। कडू के नेतृत्व में हजारों किसानों ने वर्धा रोड एनएच-44 को जाम कर दिया, जिससे सरकार को बातचीत के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने सरकार के सामने किसानों की मांगें रखी थी। कडू ने कर्ज माफी के साथ-साथ खेती को मजबूत करने के उपायों पर भी सुझाव दिए थे। </p><p><strong>इस समिति द्वारा कुछ प्रावधान इस प्रकार हैं </strong><br />महाराष्ट्र सरकार द्वारा घोषित v के अंतर्गत  30 सितंबर, 2025 तक के 2 लाख रुपये तक के फसल ऋण माफ किए जाएंगे। जो किसान समय पर कर्ज चुकाते हैं, उन्हें 50,000 रुपये तक का प्रोत्साहन मिलेगा। हालाँकि ऐसा करने से सरकार पर 2026-27 के बजट में  लगभग ₹27,000 करोड़ से ₹35,000 करोड़ का वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है। </p><p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-04/506537-farmers.jpg" alt="506537-farmers" width="956" height="546"></img></p><p><strong>किसे मिलेगा लाभ ? </strong><br />सबसे पहले जरुरी है कि किसान स्थाई रूप से महारष्ट्र निवासी होना चाहिए , दूसरा कर्ज माफ़ी के लिए वही किसान पत्र होंगे जिनका कर्ज 30 सितंबर 2025 तक बकाया हो। अगर किसी कर्ज उसके बाद का है तो वो किसान इसके पत्र नहीं होंगे। तीसरा इस कर्ज माफ़ी का लाभ केवल वही किसान ले सकेंगे  जिन्होंने राष्ट्रीयकृत बैंकों, सहकारी बैंकों और राज्य द्वारा मान्यता प्राप्त निजी वित्तीय संस्थानों से कर्ज लिया हो। </p><p><strong>किसान ऐसे करें आवेदन </strong><br />सरकार ने आगामी खरीफ सीजन से पहले लाभ वितरित करने का लक्ष्य रखा है। तो पात्र किसान सही समय पर आवेदन करके इसका लाभ लें। जैसे ही अधिकारी इसकी घोषणा कर देंगे तुरंत बैंको के माध्यम से इसके संचालित होने की सम्भावना है। इसके लिए ज़रूरी दस्तावेज तैयार कर लें जैसे -संबंधित बैंक शाखा में आधार कार्ड, भूमि रिकॉर्ड, बैंक पासबुक और फसल ऋण से संबंधित दस्तावेज जमा करने पड़ सकते हैं।  तो पहले से तयारी करके रखें। </p><p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-04/screenshot-2026-04-28-120557.png" alt="Screenshot 2026-04-28 120557" width="956" height="725"></img></p><p><strong>क्यों जरूरी है लोन माफी योजना?</strong><br />पिछले दो साल में महाराष्ट्र के कृषि क्षेत्र को लगातार संकटों का सामना करना पड़ा है. बाढ़ और बेमौसम बारिश, फसलों के दामों में उतार-चढ़ाव, किसान संगठनों और विपक्ष का दबाव जैसे कारणों से सरकार ने एक बार फिर किसानों को राहत देने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। </p><p>बताया जा रहा है कि, 'एग्रीस्टैक' (Agristack) तकनीक के जरिए लाभार्थियों की लिस्ट तैयार की जा रही है ताकि, किसी भी तरह के भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे। अगर आप भी महाराष्ट्र के किसान हैं, तो अपने आधार कार्ड और बैंक खाते को अपडेट रखें क्योंकि महाराष्ट्र दिवस यानी 1 मई के बाद कभी भी खुशियों की पहली किस्त आपके खाते में आ सकती है।</p><p><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>खेती-किसानी</category>
                                            <category>महाराष्ट्र</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 12:29:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[ANJU SHARMA]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अनाज मंडी में खरीदे गए गेहूं की उठान की गति धीमी होने से बनी अव्यवस्था </title>
                                    <description><![CDATA[<p>हथीन अनाज मंडी में खरीदे गए गेहूं की उठान की धीमी गति से अव्यवस्था की स्थिति बन गई है। इस कारण आढ़तियों एवं किसानों में रोष व्याप्त है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/haryana/palwal/district-hathin/chaos-due-to-slow-lifting-of-wheat-purchased-in-grain/article-893"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-04/img-20260408-wa0490.jpg" alt=""></a><br /><p>हथीन। हथीन अनाज मंडी में खरीदे गए गेहूं की उठान की धीमी गति से अव्यवस्था की स्थिति बन गई है। इस कारण आढ़तियों एवं किसानों में रोष व्याप्त है।</p>
<img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-04/img-20260408-wa0490.jpg" alt="IMG-20260408-WA0490" width="3000" height="4000"></img>
हथीन अनाज मंडी हथीन में खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। उठान की गति धीमी होने के कारण बनी अव्यवस्था

<p>मंडी में अब तक तीन लाख 80 हजार क्विंटल से अधिक की आवक हो चुकी है। जिसमें से दो सरकारी खरीद एजेंसियों ने  तीन लाख 53 हजार 313 क्विंटल गेहूं की खरीद की है।कुल खरीद में से मात्र  दो लाख 10 हजार पांच क्विंटल गेहूं का उठान हुआ है।इसी प्रकार हथीन अनाज मंडी के सब यार्ड खरीद केंद्र मण्डकौला में कुल 90 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं की आवक हुई। जिसमें से 85 हजार 459 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई।मण्डकौला खरीद केंद्र से अब तक मात्र 60 हजार 173 क्विंटल गेहूं का उठान हुआ है।उठान की गति धीमी होने के कारण हजारों किसानों का करोड़ों रुपए का भुगतान भी अटका हुआ है। अनाज मंडी आढ़ती असोसिएशन के पूर्व प्रधान सुखवीर सिंह राजाजी ने कहा कि उठान के लिए नियुक्त ट्रांसपोर्ट ठेकेदार समय पर उठान के लिए पर्याप्त संख्या में गाड़ियां नही भेज रहे हैं। इस कारण उठान की गति  संतोष जनक नही है। उठान न होने से खरीदा गया गेहूं सम्बंधित एजेंसियों के स्टोर वेयर हाउस तक नही पहुंच पा रहा  है। इस कारण किसानों  का भुगतान भी नही हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि पर्याप्त गाड़ियों का प्रबन्ध कर उठान की गति में तेजी लाई  जाए। हथीन अनाज मंडी में वर्तमान में एक लाख 40 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। मौसम बिगड़ने पर खरीदा गया गेहूं भीग भी सकता है।  इस संबंध में अनाज मंडी के नोडल अधिकारी एवं स्थानीय एसडीएम हरिराम ने बताया कि उठान तेज करने के लिए सम्बन्धित स्टाफ एवं ट्रांसपोर्ट ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि लापरवाही हुई तो कड़ा एक्शन लिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>खेती-किसानी</category>
                                            <category>पलवल</category>
                                            <category>ज़िला हथीन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 00:16:16 +0530</pubDate>
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