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                <title>राजस्थान - देश रोजाना</title>
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                <description>राजस्थान RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>New Delhi/ Haryana News: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति में यमुना जल परियोजना के निर्माण और कार्यान्वयन के संबंध में आज राजस्थान सरकार और हरियाणा सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति में आज नई दिल्ली में यमुना जल परियोजना के निर्माण और कार्यान्वयन के संबंध में राजस्थान सरकार और हरियाणा सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर हुए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/state/rajasthan/haryana-news-an-important-agreement-was-signed-today-between-the/article-2444"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-06/img-20260629-wa0033.jpg" alt=""></a><br /><p>केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति में यमुना जल परियोजना के निर्माण और कार्यान्वयन के संबंध में आज राजस्थान सरकार और हरियाणा सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर<br />इस समझौते से हरियाणा और राजस्थान के लोगों की पानी से जुड़ी लगभग 3 दशक पुरानी समस्या का आज समाधान हो गया है</p>
<p>यह समझौता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा दिए गए ‘संवाद से समाधान’ के मंत्र का एक उत्कृष्ट उदाहरण है</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा दिए गए ‘सहकारी संघवाद’ के संदेश को हरियाणा, राजस्थान और जल शक्ति मंत्रालय ने सच्चे अर्थों में चरितार्थ किया है</p>
<p>इस समझौते के बाद राजस्थान के सीकर, चूरू और झुंझुनू के साथ-साथ हरियाणा के भिवानी और फतेहाबाद क्षेत्रों में भी पीने का पानी पहुंचाने की व्यवस्था हो जाएगी</p>
<p>बारिश का जो पानी किसी के काम नहीं आता था, इस समझौते के बाद वह पानी लोगों की प्यास बुझाने और बड़े तालाबों में संचयित होकर भूजलस्तर बढ़ाने के काम आएगा</p>
<p>यह समझौता हरियाणा और राजस्थान के लिए Win-Win Situation का एक बेहतरीन उदाहरण</p>
<p>केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल जी की अध्यक्षता में कुछ ही दिनों में इस समस्या का समाधान निकल गया</p>
<p>इस समझौते का जो प्रारूप बना है वो आने वाले कई दशकों तक विवादहीन समझौते के रूप में स्थापित रहेगा</p>
<p><br />नई दिल्ली : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति में आज नई दिल्ली में यमुना जल परियोजना के निर्माण और कार्यान्वयन के संबंध में राजस्थान सरकार और हरियाणा सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल और केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।<img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-06/img-20260629-wa0033.jpg" alt="IMG-20260629-WA0033" width="1600" height="1146"></img></p>
<p>इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि इस समझौते से हरियाणा और राजस्थान के लोगों की पानी से जुड़ी लगभग 3 दशक पुरानी समस्या का आज समाधान हो गया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा दिए गए सहकारी संघवाद के मंत्र का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह समझौता इस बात का उदाहरण है कि अगर राज्य सहकारी संघवाद की सोच को आगे बढ़ाएं तो तीन दशक पुरानी समस्या भी सरलता से सुलझ सकती है।</p>
<p>श्री अमित शाह ने कहा कि आज हुए समझौते के तहत जुलाई से अक्टूबर तक लगभग 580 एमसीएम पानी यमुना नहर से तीन भूमिगत पाइपलाइंस के जरिए राजस्थान तक पहुंचाया जाएगा। इन तीन पाइपलाइंस का व्यास 3.6 मीटर से भी अधिक है जिनके माध्यम से राजस्थान और हरियाणा राज्यों के लोगों के लिए पेयजल की व्यवस्था होगी। श्री शाह ने कहा कि यह समझौता दोनों राज्यों के लिए Win-Win Situation का अच्छा उदाहरण है। समझौते में वित्तीय जिम्मेदारी, लागत साझीकरण, जल आवंटन और जल छोड़ने के प्रोटोकॉल और रखरखाव का बारीकी से ध्यान रखा गया है। इस वैज्ञानिक रूप से परिपूर्ण समझौते में बुनियादी ढांचे का संचालन, रखरखाव, निगरानी तंत्र, पारदर्शिता के उपायों और विवाद समाधान की प्रक्रिया को भी बहुत बढ़िया तरीके से समाहित किया गया है।</p>
<p>केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हरियाणा, राजस्थान और विशेषकर केन्द्रीय जल आयोग ने इस समझौते का जो प्रारूप बनाया है वह आने वाले कई दशकों तक विवादहीन समझौते के रूप में स्थापित रहेगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल जी की अध्यक्षता में कुछ ही दिनों में इस समस्या का समाधान निकल गया। इस समझौते के बाद राजस्थान के सीकर, चूरू और झुंझुनू के साथ-साथ हरियाणा के भिवानी और फतेहाबाद क्षेत्रों में भी पीने का पानी पहुंचाने की व्यवस्था हो जाएगी।</p>
<p>श्री अमित शाह ने कहा कि इस समझौते से राजस्थान और हरियाणा, विशेषकर राजस्थान, में पीने के पानी की समस्या के निवारण में बहुत सहायता मिलेगी। जो पानी किसी काम नहीं आ रहा था, इस समझौते के बाद अब वह पानी लोगों की प्यास बुझाने और बड़े तालाबों में संचयित होकर भूजलस्तर बढ़ाने के काम आएगा। श्री शाह ने कहा कि हरियाणा, राजस्थान और जल शक्ति मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा दिए गए सहकारी संघवाद के संदेश को सच्चे अर्थों में चरितार्थ किया है।</p>
<p>इस परियोजना का उद्देश्य पश्चिमी यमुना नहर से भूमिगत पाइपलाइन के ज़रिए राजस्थान के हिस्से का यमुना का पानी पहुँचाना है। इससे राज्य, अपर यमुना बेसिन के इस्तेमाल लायक सतही पानी के बँटवारे पर 1994 के समझौते के तहत मिले पानी का सही तरीके से इस्तेमाल कर पाएगा। इस परियोजना से राजस्थान के सूखे और कम बारिश वाले इलाकों में पीने के पानी की निरंतर आपूर्ति होगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लाखों लोगों को फ़ायदा होगा। यह समझौता केन्द्र सरकार और समझौते में शामिल राज्य सरकारों के एकजुट प्रयासों से परियोजना को समय पर लागू करने की नींव रखने का काम करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>दिल्ली /एनसीआर</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 23:18:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NELOFER HASHMI]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पुष्कर मेले में 23 करोड़ का भैंसा, 15 करोड़ का घोड़ा  </title>
                                    <description><![CDATA[<p>राजस्थान की सुनहरी रेत के बीच बसा एक छोटा-सा शहर  पुष्कर, जिसे लोग “आस्था की धरती” कहते हैं। कहा जाता है, जब भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि रची, तो उनके हाथ से एक कमल का फूल गिरा, और जहाँ वह कमल गिरा  वहीं बनी पुष्कर झील। झील के किनारे बना है ब्रह्मा जी का विश्व प्रसिद्ध मंदिर,जो पूरे संसार में एक अकेला ब्रह्मा मंदिर है। सुबह-सुबह मंदिर की घंटियाँ बजती हैं, आरती की आवाज़ झील के पानी में गूंजती है, और पूरा वातावरण भक्ति से भर जाता है। लेकिन पुष्कर की पहचान सिर्फ धर्म से नहीं यह लगता है हर साल कार्तिक पूर्णिमा  के समय दुनिया का सबसे बड़ा और रंगीन पुष्कर मेला। यह मेला सिर्फ पशुओं का नहीं, यहाँ आता है पूरा राजस्थान अपनी पूरी शान के साथ। यह मेला सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि राजस्थान की संस्कृति, संगीत और रंगों का उत्सव है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/state/rajasthan/buffalo-worth-23-crores-horse-worth-15-crores-in-pushkar/article-94"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2025-10/14_11_2018-pushkar_mela_18634949.jpg" alt=""></a><br /><p>राजस्थान की सुनहरी रेत के बीच बसा एक छोटा-सा शहर  पुष्कर, जिसे लोग “आस्था की धरती” कहते हैं। कहा जाता है, जब भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि रची, तो उनके हाथ से एक कमल का फूल गिरा, और जहाँ वह कमल गिरा  वहीं बनी पुष्कर झील। झील के किनारे बना है ब्रह्मा जी का विश्व प्रसिद्ध मंदिर,जो पूरे संसार में एक अकेला ब्रह्मा मंदिर है। सुबह-सुबह मंदिर की घंटियाँ बजती हैं, आरती की आवाज़ झील के पानी में गूंजती है, और पूरा वातावरण भक्ति से भर जाता है। लेकिन पुष्कर की पहचान सिर्फ धर्म से नहीं यह लगता है हर साल कार्तिक पूर्णिमा  के समय दुनिया का सबसे बड़ा और रंगीन पुष्कर मेला। यह मेला सिर्फ पशुओं का नहीं, यहाँ आता है पूरा राजस्थान अपनी पूरी शान के साथ। यह मेला सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि राजस्थान की संस्कृति, संगीत और रंगों का उत्सव है। <img src="https://www.deshrojana.com/media/2025-10/14_11_2018-pushkar_mela_18634949.jpg" alt="14_11_2018-pushkar_mela_18634949" width="650" height="540"></img><br />किसान अपने ऊँट, घोड़े और भैंसे लेकर आते हैं, ताकि उन्हें अच्छे दामों पर बेच सकें, और श्रद्धालु आते हैं  पवित्र झील में स्नान करके अपने जीवन को पवित्र करने। इस साल 2025 में मेला आयोजित किया जा रहा है 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक। और इसका सबसे बड़ा और खास दिन है कार्तिक पूर्णिमा, जो इस साल 4 नवंबर, मंगलवार को पड़ रही है। <br />इस 7-दिन के मेले में हर दिन कुछ नया देखने को मिलता है ऊँट और घोड़ों की सजावट प्रतियोगिता,पुष्कर मेला सिर्फ खरीद-बिक्री का मेला नहीं है। बल्कि पुष्कर मेला की शान हैं सज-संवरे ऊँट और घोड़े। रंग-बिरंगे कपड़े, झंडियाँ, चमकदार आभूषण और कभी-कभी सींगों पर सुनहरी सजावट!<br />मालिक अपने पशुओं को गर्व से घुमाते हैं, और दर्शक तालियों से उनका उत्साह बढ़ाते हैं। और इस मेले की खुबसुरती बढ़ते है यह के लोक नृत्य और संगीत, दाढ़ी और पगड़ी प्रतियोगिता, और रात में झील के किनारे दीपदान का मनमोहक नज़ारा। जहाँ हजारों छोटे-छोटे दीपक पानी में तैरते हैं,जैसे आसमान और धरती दोनों रोशनी से झिलमिला रहे हों।<br />और अब एक बार फिर साल 2025 में, पूरे देश की नज़रें इस मेले पर तब टिक गईं, जब एक भैंसा ‘अनमोल’ मेले में आया जिसकी कीमत बताई गई ₹23 करोड़! अनमोल के मालिक का कहना है — “अनमोल केवल पशु नहीं, परिवार का सदस्य है।” उसका वजन करीब 1500 किलो, लंबाई 6 फीट से ज़्यादा,<br />और उसे खिलाया जाता है  दूध, सूखे मेवे और विशेष चारा।<br />इसी मेले में एक और सितारा बना  ‘शहबाज़’ नाम का मरवाड़ी घोड़ा, जिसकी कीमत है ₹15 करोड़! उसकी चाल, उसकी कद-काठी और शाही अदा ने सबका दिल जीत लिया। लोगों ने उसे “राजस्थान का शहंशाह” कहा।<img src="https://www.deshrojana.com/media/2025-10/whatsapp-image-2025-10-30-at-2.04.57-pm-(1).jpeg" alt="WhatsApp Image 2025-10-30 at 2.04.57 PM (1)" width="1280" height="720"></img><br />विदेशी पर्यटक भी यहाँ हजारों की संख्या में आते हैं कभी ऊँट की सवारी करते, कभी राजस्थान के लोकनृत्य पर झूमते, तो कभी कैमरे में कैद करते इस रेगिस्तान के पुष्कर मेले के रंगों के जादू को। पुष्कर मेला 2025 ने एक बार तैयार है परंपरा और आधुनिकता को साथ लेन के लिए , और जब ऐसा होता है तो  नज़ारा कुछ यूं बनता है कि दुनिया देखती रह जाती है। “रेत में भी रंग है, और हर चेहरे में एक कहानी — यही है पुष्कर मेला, जहाँ दिल भर जाए, पर नज़र न हटे।” </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सैर सपाटा </category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Oct 2025 17:10:00 +0530</pubDate>
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