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                <title>हिमाचल प्रदेश - देश रोजाना</title>
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                <description>हिमाचल प्रदेश RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Himachal Pradesh: हिमाचल से कोलकाता तक सीधे रेल सफर की ऐतिहासिक शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन से गुरुमुखी सुपरफास्ट एक्सप्रेस को हरी झंडी मिलते ही हिमाचल प्रदेश और पूर्वी भारत के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित हो गया। यह ट्रेन क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग पूरी करते हुए यात्रियों, तीर्थयात्रियों और व्यापार को नई रफ्तार देगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/yoth/technology/himachal-pradesh-historic-start-of-direct-rail-travel-from-himachal/article-1871"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-06/d3bc0f87-5bdc-4a7e-83c3-d31c11b215fb.jpg" alt=""></a><br /><p>हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के लिए आज का दिन रेल इतिहास में खास बन गया है। पहाड़ों से लेकर पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत तक अब सफर और भी आसान हो गया है। ऊना जिले के अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन से कोलकाता के लिए गुरुमुखी सुपरफास्ट एक्सप्रेस को हरी झंडी मिलते ही हिमाचल और पूर्वी भारत के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित हो गया है।</p>
<p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-06/d3bc0f87-5bdc-4a7e-83c3-d31c11b215fb.jpg" alt="d3bc0f87-5bdc-4a7e-83c3-d31c11b215fb" width="720" height="496"></img>शनिवार को इस ऐतिहासिक ट्रेन को हमीरपुर से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन से रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह ट्रेन क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करने वाली साबित होगी और रोजगार, व्यापार व तीर्थ यात्रा-तीनों के लिए नई राह खोलेगी। कार्यक्रम में ऊना और आसपास के क्षेत्रों के कई जनप्रतिनिधि और भाजपा नेता भी मौजूद रहे।</p>
<p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-06/1a3ac8f0-a043-4624-bd02-3ca4dd2eb41a1.jpg" alt="1a3ac8f0-a043-4624-bd02-3ca4dd2eb41a" width="885" height="497"></img>गुरुमुखी सुपरफास्ट एक्सप्रेस नंबर 12326 हर शनिवार सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर अंब-अंदौरा से रवाना होकर अगले दिन रविवार दोपहर 2 बजकर 50 मिनट पर कोलकाता पहुंचेगी। वहीं ट्रेन नंबर 12325 हर गुरुवार सुबह 7 बजकर 40 मिनट पर कोलकाता से चलकर शुक्रवार शाम 5 बजकर 10 मिनट पर अंब-अंदौरा पहुंचेगी। यह ट्रेन कुल 18 स्टेशनों पर ठहराव करेगी और करीब 1848 किलोमीटर की दूरी लगभग 32 घंटे 40 मिनट में तय करेगी।</p>
<p>इस साप्ताहिक सुपरफास्ट ट्रेन से यात्रियों को न सिर्फ लखनऊ, वाराणसी, पटना और कोलकाता जैसे बड़े शहरों तक सीधी सुविधा मिलेगी, बल्कि तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब और गंगा सागर जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा भी अब कहीं ज्यादा सुगम हो जाएगी। किराए की बात करें तो एसी टू टियर के लिए 2880 रुपये, एसी थ्री टियर के लिए 2025 रुपये, एसी थ्री इकोनॉमी के लिए 1915 रुपये और स्लीपर क्लास के लिए 800 रुपये तय किए गए हैं।</p>
<p>गौर करने वाली बात यह है कि नंगल डैम से अंब-अंदौरा तक ट्रेन विस्तार की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी, और अब जाकर यह मांग पूरी हुई है। साफ है-यह ट्रेन सिर्फ पटरियों पर दौड़ती गाड़ी नहीं, बल्कि हिमाचल के विकास, कनेक्टिविटी और संभावनाओं को नई रफ्तार देने वाली एक बड़ी सौगात है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हिमाचल प्रदेश</category>
                                            <category>सैर सपाटा </category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 11:20:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Desh Rojana Bureau]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डॉ. राजेश कुमार मंगला के काव्य संग्रह “अतीत के गहने” पर साहित्यिक समालोचना ग्रन्थ प्रकाशित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रख्यात साहित्यकार डॉ. राजेश कुमार मंगला के चर्चित काव्य संग्रह “अतीत के गहने” पर एक महत्वपूर्ण साहित्यिक समालोचना ग्रंथ “डॉ. राजेश कुमार मंगला के काव्य संग्रह अतीत के गहने का साहित्यिक विश्लेषण” प्रकाशित हुआ है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/yoth/technology/literary-criticism-book-published-on-dr-rajesh-kumar-mangalas-poetry/article-1203"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2026-05/f3.jpg" alt=""></a><br /><p>बद्दी (हिमाचल प्रदेश)। प्रख्यात साहित्यकार डॉ. राजेश कुमार मंगला के चर्चित काव्य संग्रह “अतीत के गहने” पर एक महत्वपूर्ण साहित्यिक समालोचना ग्रंथ “डॉ. राजेश कुमार मंगला के काव्य संग्रह अतीत के गहने का साहित्यिक विश्लेषण” प्रकाशित हुआ है।<img src="https://www.deshrojana.com/media/2026-05/f3.jpg" alt="f" width="1600" height="900"></img> इस शोधपरक पुस्तक के लेखक महाराजा अग्रसेन यूनिवर्सिटी बद्दी, हिमाचल प्रदेश के कुलाधिपति नामित सुरेश गुप्ता हैं जो यहाँ पर परियोजना निदेशक होने के साथ साथ एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् भी हैं। इसे ब्लूरोज जैसे प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशक ने प्रकाशित किया है। साहित्यिक जगत में इस पुस्तक को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि किसी काव्य संग्रह पर स्वतंत्र विश्लेषणात्मक ग्रंथ का प्रकाशित होना लेखक की साहित्यिक स्वीकार्यता और प्रभाव का प्रमाण होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कृति साहित्य प्रेमियों एवं शोधार्थियों के लिए यह पुस्तक विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगी। इस शोध ग्रंथ की लगभग 50 प्रतियां विश्वविद्यालय पुस्तकालय के लिए मंगवाई गई हैं, ताकि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी, शोधार्थी एवं साहित्य प्रेमी इस महत्वपूर्ण साहित्यिक अध्ययन का लाभ उठा सकें। इसी अवसर पर डॉ. मंगला अंगवस्त्र तथा हिमाचली टोपी पहनाकर हिमाचली परंपरा के अनुसार सम्मानित भी किया गया जिन्होंने इस सम्मान को अपने साहित्यिक जीवन का विशेष क्षण बताते हुए कहा कि शिक्षा, साहित्य और संस्कृति के समन्वय से समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। इस दौरान श्री गुप्ता ने डॉ. मंगला के साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए उन्हें विश्वविद्यालय के लिए कुलगीत लिखने का आग्रह भी किया। साथ ही भविष्य में नई शिक्षा नीति को सरल एवं प्रभावी भाषा में लिपिबद्ध करने हेतु सहयोग का भी अनुरोध किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ पंकज नांगलिया और मुख्य कानूनी सलाहकार एडवोकेट तनुज गोयल सहित विश्वविद्यालय परिवार के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>यूथ</category>
                                            <category>हिमाचल प्रदेश</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                    

                <link>https://www.deshrojana.com/yoth/technology/literary-criticism-book-published-on-dr-rajesh-kumar-mangalas-poetry/article-1203</link>
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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 16:20:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vinod Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएम योगी के निर्देश पर एफएसडीए का बड़ा एक्शन, कोडीनयुक्त कफ सिरप की पैरेलल सप्लाई चेन ध्वस्त </title>
                                    <description><![CDATA[<p>योगी सरकार ने पिछले पौने नौ वर्षों में अवैध नशे के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की है। योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.deshrojana.com/state/uttarakhand/big-action-by-fsda-on-instructions-of-cm-yogi-parallel/article-259"><img src="https://www.deshrojana.com/media/400/2025-12/whatsapp-image-2025-12-29-at-2.55.20-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p>योगी सरकार ने पिछले पौने नौ वर्षों में अवैध नशे के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की है। योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ताबड़तोड़ एक्शन ने अवैध नशे के सौदागरों की कमर तोड़ दी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) को कोडिनयुक्त कफ सिरप एवं एनडीपीएस श्रेणी की औषधियों के अवैध भंडारण, क्रय-विक्रय, वितरण तथा अवैध डायवर्जन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिये। इस पर तीन माह पहले अभियान शुरू किया।    </p>
<p><img src="https://www.deshrojana.com/media/2025-12/cccccccccccc.jpeg" alt="cccccccccccc" width="960" height="1280"></img></p>
<h1><br />कई प्रदेशों में विवेचना की गई और सुपर स्टॉकिस्ट के साथ होलसेलर के कारोबारी रिश्तों के सबूत जुटाए</h1>
<p>विभाग ने कोडिनयुक्त कफ सिरप के अवैध डायवर्जन को लेकर देश का सबसे बड़ा क्रैक डाउन शुरू करने से पहले अंदरुनी गहन जांच शुरू की। इस दौरान झारखंड, हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड जैसे राज्यों में विवेचना की गई और यूपी के सुपर स्टॉकिस्ट और होलसेलर के साथ उनके कारोबारी रिश्तों के सबूत जुटाए। इसके बाद प्रदेश में क्रैक डाउन शुरू हुआ, जिसने सिरप के अवैध डायवर्जन की परतें उधेड़ दीं। एसएसडीए की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस और एसटीएफ ने नशे के सौदागरों को दबोचने के लिए एक्शन शुरू किया। सीएम के निर्देश पर सिरप का नशे के रूप में इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ एनडीपीएस और बीएनएस के तहत मुकदमे दर्ज किये गये। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा चलाने को सही ठहराते हुए 22 मामलों में आरोपियों की रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने 22 मामलों में आरोपियों द्वारा अरेस्ट स्टे की रिट याचिकाओं को भी खारिज कर दिया।</p>
<h2>52 जनपदों में 332 से अधिक थोक औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों की जांच की गई</h2>
<p><br />एफएसडीए ने पिछले तीन माह में कोडिनयुक्त कफ सिरप और एनडीपीएस श्रेणी की औषधियों के अवैध भंडारण, क्रय-विक्रय, वितरण तथा अवैध डायवर्जन पर कुल 52 जनपदों में 332 से अधिक थोक औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों की जांच की। जांच के दौरान प्राप्त अभिलेखीय एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर 36 जनपदों की कुल 161 फर्मों/संचालकों के विरुद्ध बीएनएस तथा एनडीपीएस एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई। वहीं, जिलाधिकारियों को गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के लिए पत्र लिखा ताकि अवैध नशे के अर्जित संपत्ति को जब्त किया जा सके। सीएम के निर्देश पर एफएसडीए ने कोडिनयुक्त कफ सिरप की नशे के रूप में तस्करी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की, जो पूरे देश में सबसे बड़ा क्रैक डाउन है। </p>
<img src="https://www.deshrojana.com/media/2025-12/whatsapp-image-2025-12-29-at-2.55.20-pm.jpeg" alt="WhatsApp Image 2025-12-29 at 2.55.20 PM" width="960" height="1280"></img>
कोडीन कफ सिरप के गैर-चिकित्सीय उपयोग के खिलाफ सुपर स्टॉकिस्ट और होलसेलर के यहाँ जांच करते एफएसडीए अधिकारी

<h3>मामले की तह तक पहुंची एफएसडीए और पकड़ में आया पूरा नेक्सेज </h3>
<p><br />एफएसडीए आयुक्त ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए जनपद स्तर पर कई टीमें बनाईं। टीमों की निगरानी के लिए मुख्यालय पर एक टीम बनाई गई। विभिन्न टीमें जांच के लिए विभिन्न प्रदेशों में गई और गोपनीय तरीके से साक्ष्य जुटाए। टीम ने केंद्रीय नॉरकोटिक्स ब्यूरो, ग्वालियर, मध्य प्रदेश से कोडीन फॉस्फेट का कोटा एवं उठान के विवरण को एकत्रित किया। वहीं टीम ने कोडिनयुक्त कफ सिरप निर्माता फर्मों की जांच के लिए हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड गई। यहां से सिरप के निर्माण और वितरण से संबंधित अभिलेख जुटाए। इसके बाद सिरप के क्रय विक्रय अभिलेख के लिए रांची, दिल्ली और लखनऊ का रूख किया। इस दौरान पाया गया कि अधिकांश होलसेल के पास स्टॉक पहुंचने का सत्यापन नहीं है और रिटेल मेडिकल स्टोर के नाम पर कोई भी विक्रय बिल नहीं मिला जबकि दिल्ली, रांची के सुपर स्टॉकिस्ट और इनसे जुड़े कुछ चिन्हित होल सेलर के नाम पर बिलिंग करके सिरप के साथ एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं की एक सामानान्तर वितरण श्रृखंला बनायी गयी। इसका खुलासा करने के लिए विभाग द्वारा कड़ी मेहनत की गयी। इसके बाद पूरी चेन को कनेक्ट किया, जिसके बाद सिरप के अवैध डायवर्जन का मामला सामने आया।</p>
<h4>वर्ष 2024-25 में कफ सिरप की आपूर्ति चिकित्साीय आवश्यकता से कई गुना अधिक मिली</h4>
<p><br />कई मामलों में फर्में विक्रय बिल प्रस्तुत करने में असफल रहीं, जबकि कुछ फर्मों द्वारा केवल कागजी अभिलेखों में सिरप का क्रय-विक्रय दर्शाया गया। प्रस्तुत विक्रय विवरणों में भी किसी भी फुटकर औषधि प्रतिष्ठान को कोडीनयुक्त कफ सिरप की वास्तविक आपूर्ति का सत्यापन नहीं हो सका, जिससे कथित आपूर्ति को अप्रमाणित पाया गया। वर्ष 2024-25 प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप की आपूर्ति वास्तविक चिकित्सीय आवश्यकता से कई गुना अधिक पाई गई। जांच में ऐबोट हेल्थ केयर द्वारा निर्मित फेन्सिडिल की 2.23 करोड़ से अधिक बोतलें, लैबोरेट फार्मास्युटिकल्स द्वारा निर्मित एस्कॉफ की 73 लाख से अधिक बोतलें तथा अन्य कंपनियों द्वारा निर्मित लगभग 25 लाख बोतलों की आपूर्ति दर्ज मिली, जिनका चिकित्सीय उपयोग प्रमाणित नहीं हो सका।</p>
<p>एफएसडीए ने रिपोर्ट सीएम और पुलिस को सौंपी। इसके आधार पर पुलिस और एसटीएफ ने 79 अभियोग दर्ज किये। इसमें अब तक 85 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। वर्तमान में एक्शन चल रहा है। वहीं मामले में गठित एसआईटी भी जांच कर रही है। जानकारों की मानें तो अगले माह एसआईटी जांच रिपोर्ट सीएम को सौंप सकती है।</p>
<h6>  लाइसेंसिंग प्रणाली सख्त करने का प्रस्ताव</h6>
<p><br />मुख्यमंत्री के निर्देश पर एफएसडीए मुख्यालय द्वारा थोक औषधि विक्रय लाइसेंसिंग प्रणाली को और अधिक सख्त व पारदर्शी बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें थोक प्रतिष्ठान की जीओ टैगिंग, भंडारण क्षमता की पुष्टि और इनकी फोटोग्राफ कराने का प्रस्ताव भेजा गया है। वहीं प्रतिष्ठान के टेक्निकल पर्सन का अनुभव प्रमाण पत्र को ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा सत्यापन करने का भी प्रस्ताव भेजा गया है। कोडीनयुक्त कफ सिरप के निर्माण, बल्क सप्लाई, वितरण एवं निगरानी के लिए भारत सरकार से आवश्यक अधिसूचना एवं दिशा-निर्देश जारी करने के लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>हेल्थ एंड ब्यूटी</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 16:05:59 +0530</pubDate>
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