Firozpur Jhirka: फिरोजपुर झिरका में आंधी-तूफान ने मचाया कोहराम, सैकड़ों पक्षियों की मौत, कच्चे घर क्षतिग्रस्त, लाखों का नुकसान
दर्जनों पेड़ों के साथ बिजली के खंबे टूटे, 13 घन्टे बाद आई बिजली।
क्षेत्र में आए तेज आंधी-तूफान और गरज के साथ बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी। रविवार देर रात अचानक मौसम का मिजाज बदलने के बाद तेज हवाओं और धूल भरी आंधी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे टूट गए और कच्चे मकानों को भारी नुकसान पहुंचा।
फिरोजपुर झिरका: क्षेत्र में आए तेज आंधी-तूफान और गरज के साथ बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी। रविवार देर रात अचानक मौसम का मिजाज बदलने के बाद तेज हवाओं और धूल भरी आंधी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे टूट गए और कच्चे मकानों को भारी नुकसान पहुंचा। इस प्राकृतिक आपदा से लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
आंधी-तूफान के दौरान बड़ी संख्या में पक्षी भी इसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों के अनुसार तेज हवाओं के कारण पेड़ों पर बने घोंसले टूट गए, जिससे सैकड़ों पक्षियों की मौत हो गई। कई स्थानों पर मृत पक्षी जमीन पर पड़े मिले। पक्षी प्रेमियों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों ने इसे चिंताजनक बताया है।
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क्षेत्र के विभिन्न गांवों और शहर के आसपास के इलाकों में कई कच्चे मकानों की दीवारें गिर गईं तथा टीन शेड और छप्पर उड़ गए। प्रभावित परिवारों को रात कठिन परिस्थितियों में गुजारनी पड़ी। कई किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ा, क्योंकि खेतों में रखी कृषि सामग्री और पशुओं के लिए बनाए गए अस्थायी शेड क्षतिग्रस्त हो गए।
आंधी के कारण बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई। कई स्थानों पर बिजली के खंभे और तार टूट जाने से शहर तथा आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। लोगों को करीब 13 घंटे तक बिजली के बिना रहना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित रही, क्योंकि कई इलाकों में मोटरें नहीं चल सकीं।
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बिजली विभाग की टीमों ने रात से ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया था। कर्मचारियों ने टूटे खंभों और तारों को दुरुस्त कर सोमवार सुबह के बाद अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल की। प्रशासन ने भी नुकसान का आकलन करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने तथा भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए आवश्यक प्रबंध करने की मांग की है। आंधी-तूफान के बाद क्षेत्र में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है, लेकिन इसके निशान अभी भी कई स्थानों पर साफ दिखाई दे रहे हैं।

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