Rewari news: सीडब्ल्यूसी ने एक साल की मेहनत के बाद गुम हुए बच्चे को अपने परिवार से मिलवाया
जिले की बाल कल्याण समिति की संवेदनशीलता से एक साल की मेहनत के बाद एक गुमशुदा बच्चे को पुनः उसके परिवार से मिलवा दिया है। गौरतलब है कि बच्चे आलिम को 16 जून 2025 को जिला झज्जर पुलिस द्वारा रेस्क्यू कर बाल गृह, रेवाड़ी में दाखिल कराया गया। उस समय यह बच्चा बोलने में पूरी तरह से असमर्थ था, इस वजह से उसकी पहचान स्थापित करना चुनौतीपूर्ण बन गया।
रेवाड़ी: जिले की बाल कल्याण समिति की संवेदनशीलता से एक साल की मेहनत के बाद एक गुमशुदा बच्चे को पुनः उसके परिवार से मिलवा दिया है। गौरतलब है कि बच्चे आलिम को 16 जून 2025 को जिला झज्जर पुलिस द्वारा रेस्क्यू कर बाल गृह, रेवाड़ी में दाखिल कराया गया। उस समय यह बच्चा बोलने में पूरी तरह से असमर्थ था, इस वजह से उसकी पहचान स्थापित करना चुनौतीपूर्ण बन गया।
बाल गृह प्रशासन के अधीक्षक अजमेर गोदारा और मुग्धा यादव ने बताया कि गत एक वर्ष में बच्चे की विशेष देखभाल की गई। उसे सरकारी अस्पताल रेवाड़ी के साथ-साथ निजी स्तर पर इलाज और स्पीच थेरेपी दिलाई गई, जिससे इसकी बोलने की क्षमता में सुधार हुआ। बच्चे की स्थिति में सुधार आने के बाद उसकी पहचान और परिवार का पता लगाने के प्रयास तेज किए गए। इस दौरान समाजसेवी मोहम्मद खुर्शीद आलिम निवासी नूरगंज, मेरठ के सहयोग से बच्चे के मूल निवास गांव बहपुरा, थाना पटवाई, जिला रामपुर उत्तर प्रदेश का पता लगाया जा सका।
इसके बाद इस बच्चे के अभिभावकों से संपर्क स्थापित किया गया। बच्चे की इच्छा जानने के बाद इसके माता-पिता सोमवार को रेवाड़ी पहुंचे और बाल कल्याण समिति के समक्ष उपस्थित होकर इन्होंने बच्चे को अपने साथ ले जाने के लिए आवेदन किया।
उक्त समिति की चेयरपर्सन श्रुति शर्मा, सदस्य कुसुम लता, नीतू चौधरी, बलजीत सिंह एकता शर्मा द्वारा सभी आवश्यक सत्यापन पूर्ण करने के बाद दीपिका यादव डीसीपीओ और नीतू सैनी काउंसलर की उपस्थिति में बच्चे को उसके पिता और भाई के सुपुर्द कर दिया गया। लंबे समय बाद अपने परिवार से मिलकर बच्चा बेहद खुश नजर आया।

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