कोरोना काल में मां-बाप को खोने वाले बच्चों को मिले मदद

कांग्रेस के नेता राहुल गांधी इन दिनों भारत जोड़ो यात्रा पर निकले हैं। इस दौरान वे विभिन्न लोगों से मुलाकात करके उनकी समस्याओं से परिचित हो रहे हैं। अच्छा नेता वही होता है, जो अपने देश की समस्याओं से परिचित होता है। इस दौरान राहुल गांधी प्रतीक्षा नाम की लड़की से मिले और उसकी समस्या को जाना तो उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक मार्मिक अपील की है।

Created By : ashok on :03-10-2022 14:39:50 sanjay maggu खबर सुनें

-संजय मग्गू
कांग्रेस के नेता राहुल गांधी इन दिनों भारत जोड़ो यात्रा पर निकले हैं। इस दौरान वे विभिन्न लोगों से मुलाकात करके उनकी समस्याओं से परिचित हो रहे हैं। अच्छा नेता वही होता है, जो अपने देश की समस्याओं से परिचित होता है। इस दौरान राहुल गांधी प्रतीक्षा नाम की लड़की से मिले और उसकी समस्या को जाना तो उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक मार्मिक अपील की है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर कोरोना पीड़ित परिवार के बच्चों की अनदेखी करने का आरोप तो लगाया ही, लेकिन ऐसे बच्चों की मदद करने का आग्रह भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किया। उन्होंने पीएम मोदी से अपील की है कि उन्हें कर्नाटक की नन्हीं प्रतीक्षा की मदद जरूर करनी चाहिए। बता दें कि प्रतीक्षा के पिता की कोरोना से मृत्यु हो गई थी। उसके पिता को उचित चिकित्सा सुविधा तो मिली ही नहीं, उनकी मौत के बाद प्रतीक्षा को भी कोई मदद नहीं की गई। प्रतीक्षा बताती है कि वह डॉक्टर बनकर मानवता की सेवा करना चाहती है। राहुल गांधी ने कहा है कि प्रधानमंत्री जी, प्रतीक्षा की बात सुनें, जिसने भाजपा सरकार के कोविड कुप्रबंधन के कारण अपने पिता को खो दिया। वह अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाने और परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार से मदद की गुहार लगाती है। सच तो यह है कि देश में न जाने कितनी प्रतीक्षा हैं जिन्होंने अपने परिजनों को खो दिया है और सरकारी सुविधा या मदद से वंचित हैं। जब देश में कोरोना वायरस का प्रकोप अपने चरम पर था, तब देश में एक तरह से स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी आपाधापी फैली हुई थी। चिकित्सकों की समझ में नहीं आ रहा था कि इस वायरस को नियंत्रित करने के लिए क्या दवा दी जाए या वैक्सीन लगाया जाए। उस समय तक इसकी कोई दवा नहीं खोजी गई थी। इसी वजह से कोरोना की पहली और दूसरी लहर में भारत में मौतों की संख्या काफी अधिक थी। मरने वालों में सबसे ज्यादा ऐसे लोग शामिल थे जो कोरोना को लेकर फैली अफवाह के चलते दहशत में मर गए थे। उस दौरान एक ही घर से कई लोगों की मौत हुई थी। ऐसे में अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों की एक अच्छी खासी तादाद है जिनमें से ज्यादातर बच्चों को अभी तक कोई सुविधा या मदद नहीं मिली है। सरकार को ऐसे सभी बच्चों की मदद करनी चाहिए। उनके जीवन यापन और शिक्षा की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि वे भी सम्मान से जी सकें।

Share On