आईसीसी का चौथा नेशनल एजुकेशन एक्सीलेंस कॉन्क्लेव: सांसद डॉ सत्यपाल सिंह बोले- शिक्षा से मूल्यों को जोड़ने की आवश्यकता

इंटीग्रेटेड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री कॉन्क्लेव को संबोधित करते वक्त सांसद डॉ सत्यपाल सिंह ने कहा कि आज शिक्षा पर बजट बढ़ाने की जरूरत है पर इससे ज्यादा एजुकेशन में मूल्यों को भी जोड़ने की आवश्यकता है।

Created By : Shiv Kumar on :01-08-2022 16:03:16 आईसीसीआई का चौथा नेशनल एजुकेशन एक्सलेंस कॉन्क्लेव आयोजित खबर सुनें

देश रोजाना, नई दिल्ली
आज एजुकेशन पर बजट बढ़ाने की जरूरत है पर इससे ज्यादा एजुकेशन में मूल्यों को भी जोड़ने की आवश्यकता है। यह बात इंटीग्रेटेड चैंबर्स आॅफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए सांसद डॉ सत्यपाल सिंह ने कही। इंटीग्रेटड चैबर्स आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, (आईसीसीआई) का चौथा नेशनल एजुकेशन एक्सलेंस कॉन्क्लेव का आयोजन इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के मल्टीपरपस हॉल में किया गया। इस एजुकेशन समिट में देश भर के शिक्षा के तमाम दिग्गजों ने संबोधित किया।

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आईसीसीआई द्वारा आयोजन इस नेशनल समिट में मुख्य अतिथी के तौर पर भाजपा सांसद डॉ सत्यपाल सिंह ने शिरकत की और कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर डॉ सत्यपाल सिंह ने कहा कि आज देश में एजुकेशन बजट बढ़ाने की जरूरत है। लेकिन इसके साथ स्ट्रक्चर बदलने की जरूरत है। केवल बजट बढ़ाने से कार्य नहीं चलेगा। आज देश में वेल्यू वेस्ड एजुकेशन की जरूरत है। जिसके लिए एकेडमिशियन को कार्य करना होगाडॉ. सत्यपाल सिंह ने देश के पहले एजुकेशन मिनिस्टर मौलाना अब्दुल कलाम को कोट करते हुए कहा कि एजुकेशन दस-बीस वर्ष का प्लान नहीं है। जीवन भर एजुकेशन खाका खींचने की जरूरत है।

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इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में सांसद राजमणि पटेल ने कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि आज एजुकेशन को ग्रामीण भारत से जोड़ने की जरूरत है। एजुकेशन में मूलभूत कमियां हैं जिसकी सुधार करने की जरूरत है और इसके लिए सरकार को भी कदम उठाने की जरूरत है।

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आईसीसीआई के एजुकेशन कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए भाजपा के नेशनल सेक्रेटरी डॉ. अनुपम हाजरा ने कहा कि केवल इंफ्रास्ट्रक्चर से एजुकेशन को नहीं सुधारा जा सकता। इसके लिए आज सबसे ज्यादा एकेडमिशियनों को जिम्मेदारी लेनी होगी। तभी एजुकेशन में तेजी से सुधार होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नए एजुकेशन पॉलिसी में कई सुधार किए हैं जिसे लागू किया जा रहा है।
आईसीसीआई के इस कार्यक्रम में चार सत्र में एकेडमिशियनों ने संबोधित किया। पहला उद्घाटन में मुख्य वक्ता के रूप में नेशनल बोर्ड आॅफ एक्रिडेशन के चेयरमैन प्रो. केके अग्रवाल ने एजुकेशन संस्थाओं के मूलभूत सुधार पर खास जोर दिया। खासतौर पर एजुकेशन के इंटिग्रेशन की बात कही।

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उद्घाटन सत्र में एआईसीटी के चीफ कॉर्डिनेटर डॉ बुद्धा चंद्रशेखर ने कहा कि आज नई एजुकेशन पॉलिसी में कई बदलाव हुए हैं। जिसमें प्रैक्टिकल पर ज्यादा जोर है जिससे छात्र अब स्वरोजगार की ओर बढ़ने लगे हैं। एनआईटी कुरुछेत्र के डायरेक्टर प्रों बीपी रमन्ना रेड्डी,एएएफटी के चांसलर डॉ संदीप मारवाह, इलेक्ट्रानिक सेक्टर स्कील काउन्सिल आफ इंडिया के सीओओ डॉ अभिलाषा गौड़ ने संबोधित किया।


बता दें कि आईसीसीआई के इस खास कॉन्कलेव में देश भर के एजुकेशन संस्थाओं को सम्मानित भी किया गया। समापन सत्र को शोभित यूनिवर्सिटी के वीसी कुंवर विजेंद्र शेखर ने संबोधित किया। एजुकेशन एक्सलेंस कानक्लेव में आईसीसीआई के डायरेक्टर जेनरल कमलेंदु बाली ने धन्यवाद ज्ञापन किया। गौरतलब है कि आईसीसीआई देश के बड़े आर्थिक थिंक टैंक है जो सभी सेक्टरों के उद्यमियों को एक मंच देता है।

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