स्टेट इलेक्शन कमिशन के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, AAP ने 134 सीटें जीत ली हैं।

दिल्ली की सबसे चर्चित सीट, चांदनी चौक जो सभी 250 वार्डों आबादी के लिहाज से दिल्ली में सबसे छोटा वार्ड है, वार्ड नंबर 74, जिसकी कुल आबादी 51672, वोटर्स 44,153, ये वैश्य और ब्राह्मण बहुल वार्ड है,

Created By : Manuj on :07-12-2022 16:39:35 स्मिता सिंह खबर सुनें

स्टेट इलेक्शन कमिशन के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, AAP ने 134 सीटें जीत ली हैं। भाजपा को 104 सीटें मिली हैं। कांग्रेस को 9 और 3 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों की जीत हुई है। इसी के साथ
एमसीडी में जीत की हैट्रिक लगा चुकी भाजपा को 2017 के चुनाव में 181 और आम आदमी पार्टी को 48 सीट मिली थीं। लेकिन इस बार चुनाव नतीजों में आम आदमी ने बहुमत हासिल किय़ा है। भाजपा 15 साल बाद आउट हुई और निगम में भी केजरीवाल का झाड़ू आ गया है

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लेकिन इस पूरे एमसीडी नतीजों में एक बात जो गौर करने वाली रही कि बीजेपी के दिग्गज हों .या फिर आप के, अपने अपने गढ़ में ही औंधे मुंह गिरे हैं
सबसे पहले बात करें दिल्ली की सबसे चर्चित सीट, चांदनी चौक जो सभी 250 वार्डों आबादी के लिहाज से दिल्ली में सबसे छोटा वार्ड है, वार्ड नंबर 74, जिसकी कुल आबादी 51672, वोटर्स 44,153, ये वैश्य और ब्राह्मण बहुल वार्ड है, पंजाबी औऱ मुस्लिम वोटर्स की संख्या बराबर है, ओबेसी और अनुसूचित जाति के लोग कम हैं, ये सीट बीजेपी का गढ़ रही है, चर्चाओं में इसलिए रही क्योंकि इसे राजनेता बेटों की सीट भी कहा गया क्योंकि यहा से मैदान में उतरे तीनों ही पार्टी के प्र्तायशियों का पॉलिटिकल बैकग्राउंड था, बीजेपी ने मैदान में उतारा पूर्व विधायक वासुदेव कप्तान के बेटे , रवि कप्तान या रविन्द्र कुमार को, आम आदमी पार्टी से 5 बार विधायक रहे प्रहलाद साहनी के बेटे पूरन दीप सिंह आप से खड़े हुए और कांग्रेस से मैदान में रहे पूर्व मेयर स्वर्गीय बृजमोहन शर्मा के बेटे राहुल शर्मा। ये सीट इसलिए भी खास रही क्योंकि आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल यहीं के निवासी हैं, और अब यहां आप के ही पार्षद भी होंगे। इस सीट पर फतह के बाद आप ने साबित कर दिया है

कि दिल्ली में आप का झाड़ू जमकर चलेगा। वैसे इसी तरह द्वारका विधायनसभा सीट, जहां से आम आदमी पार्टी के विनय मिश्रा विधायक हैं, लेकिन इस विधानसभा के तीनों ही वार्डों में भाजपा पार्षद थे लेकिन अब यहां विधायक भी आप का और पार्षद भी आप के, क्योंकि यहां की जनता ने स्थानीय मुद्दों पर वोट किया और कमल को किनारे कर आप को जीत दिलाई
साउथ दिल्ली का बदरपुर विधानसभा क्षेत्र, ये भी भाजपा का गढ़ रहा है,

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लेकिन जैसा कि नतीजों ने साफ किया, रामवीर सिंह बिधूड़ी अपना क्षेत्र बचाने में नाकाम रहे। बदरपुर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 180 से 184 तक, 5 में से 4 सीटों पर आप की झाड़ी चली, और अपने ही गढ़ में भाजपा के हाथ सिर्फ एक सीट आई, वार्ड नंबर 182 मीठापुर।
इसी तरह रोहतास नगर विधानसभा क्षेत्र भी भाजपा का गढ़ कहा जाता है, जहां आम आदमी पार्टी ने संध लगाई है, हां से आप की सबसे कम उम्र की प्रत्याशी, 24 साल की शिवानी पांचाल ने जीत पाई है,
विश्वास नगर विधानसभा की जनता ने भी आप में विश्वास जताया है, यहां से विधायक हैं भाजपा के ओम प्रकाश शर्मा, लेकिन यहां के चार में से दो पर आप और दो दो वार्डों पर भाजपा ने जीत पाई है।

लेकिन जैसा हाल भाजपा का रहा वैसा ही आप के साथ भी हुआ, आप के मंत्री सतेन्द्र जैन के इलाके में बीजेपी का कमल खिला, सतेन्द्र जैन शकूरबस्ती से विधायक हैं इस क्षेत्र में तीन वार्ड हैं 58,59 और 60, इन तीनों ही वार्डों में कमल ने झाड़ू को पछाड़ा। सतेन्द्र के गढ़ में आप की हार को तिहाड़ वाले वायरल वीडियो का असर कह सकते हैं।
आप जीत से भले फूली न समा रही हो, लेकिन मनीष सिसोदिया का इलाका भी आप के हाथ से फिसला है, पटपड़गंज , जहां से मनीष विधायक हैं, इस क्षेत्र में चार वार्डों में से 3 में कमल ने जीत दर्ज की है। सिर्फ पटपड़गंज वार्ड नं 197 में आप की जीत हुई है बाकी मयूरविहार 2, विनोदनगर और मंडावली में भाजपा प्रत्याषियों को जीत मिली है।

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तो कुल मिलाकर भाजपा की तीन बार की जीत पर इस बार आप ने झाड़ू फेरा है, हालांकि ये जीत पिछली बार के भाजपा के 181 के बहुमत से कम है, लेकिन पूर्ण बहुमत से जीत तो आप को मिल ही गई है, और अगरे पांच साल के लिए निगम भी। तीसरी दफा सीएम बनने के बाद आखिरकार आप ने निगम में भी झाड़ू को लाकर ही दम लिया है, तो पार्टी के ये हौसले कल आने वाले नतीजो के लिए भी कई मैसेज देकर गई है, क्योंकि ऐसा दौर जब आप लगातार आरोपों से सराबोर हो, कोई तिहाड़ कोई ईडी के चक्करों में फंसा हो, तब पार्टी का ऐसा प्रदर्शन पार्टी के मजबूत और एक जुट कामकाज को दिखाता है, और शायद से भी कि तीन दफा सीएम बन केजरीवाल ने जनता का भरोसा शायद काफी हद तक जीत लिया है कि अब दिल्ली के दिलवालों ने उन्हें निगम का जिम्मा भी सौप दिया है।


और आफ की जीत के साथ ही शुरु हो गया है इन कयासों का दौर भी कि कौन होगा दिल्ल का नया मेयर, तो आपको बता दें कि आतिशी मर्लेना का नाम इस लिस्ट में सबसे ऊपर है, इसके अलावा आप नेता निर्मला देवी और शालिनी सिंह का नाम भी सुनाई दे रहा है., तो इन तीन में से कोई एक चेहरा आपको दिल्ली के मेयर के रूप में दिखाई दे सकता है।
बहरहाल, अब देखने वाली बात ये होगी कि निगम में आने के बाद आप की झाड़ू दिल्ली को क्या नया रूप देती है। केजरीवाल तो कह रहे हैं , अच्छे होंगे पांच साल, एमसीडी में भी केजलीवाल, लेकिन सफाई, शिक्षा, सरकारी कर्मचारियों के समय का सदुपयोग, सरकारी सुस्ती से त्रस्त कारोबारियों की कसक, अन्ना मवेशियों की सिर दर्दी, पार्किं प्रॉबलम जैसी तमाम समस्याएं हैं, जिनका निदान करने के लिए अब आप को कमर कसनी होगी और पूरे करने होंगे वो वादे जिनके दम पर ये जीत आप ने पाई है,

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