आचार्य चाणक्य ने क्यों कहा योजनाओं को गुप्त रखने के लिए, जानें...

आचार्य चाणक्य ने अपनी पुस्तक चाणक्य नीति में अनेक पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। आचार्य चाणक्य अपने समय के कुशल अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ थे। उनकी योजनाएं बहुत कम ही विफल होती थीं। वे हमेशा सतर्क रहते थे और अपनी योजनाओं को हमेशा गुप्त रखते थे। उनका कहना है कि, योजनाएं हमेशा गुप्त रहनी चाहिए।

Created By : Mukesh on :12-03-2022 12:44:15 प्रतीकात्मक खबर सुनें

आचार्य चाणक्य ने अपनी पुस्तक चाणक्य नीति में अनेक पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। आचार्य चाणक्य अपने समय के कुशल अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ थे। उनकी योजनाएं बहुत कम ही विफल होती थीं। वे हमेशा सतर्क रहते थे और अपनी योजनाओं को हमेशा गुप्त रखते थे। उनका कहना है कि, योजनाएं जितनी गुप्त रहेंगी, वे उतनी ही सफल होंगी और सफल होने पर उन योजनाओं का आनंद भी उतना ही अधिक मिलेगा। तो आइए जानते हैं योजनाओं के सफल होने के बारे में आचार्य चाणक्य के और क्या विचार हैं।
जीवन में आपने कितने लक्ष्य साधे हों, परन्तु प्रश्न ये है कि, आप विफल कितने में हुए हैं। विफल होने पर मन में यह विचार आता है कि, परिश्रम किया, दृढ़ निश्चय रखा तो फिर विफल क्यों हुआ। इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए आप अपने आप से पूछिए कि, जिस योजना को लक्ष्य साधकर आगे बढ़े थे, उसका भान किस-किस को था।
पपीते के वृक्ष पर जब फल आते हैं, तो उसे कपड़े से ढक दिया जाता है। ऐसा इसीलिए करते हैं कि, कहीं उसके रंग और गंध से कीट और पतंगे आकर्षित होकर उसे खा न जाएं। इसीलिए अगर फल का आनंद लेना है तो उसे गुप्त रखना होगा। सफल होने के लिए केवल परिश्रमी होना ही पर्याप्त नहीं है, यदि लक्ष्य की प्राप्ति करनी है तो उस योजना को गुप्त रखना होगा। जिससे आप लक्ष्य पाना चाहते हैं वह योजना जितनी गुप्त होगी, सफलता उतनी ही निश्चित होगी।
Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Desh Rojana Portal किसी भी अंधविश्वास और इन तथ्यों की किसी प्रकार से कोई पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों पर अमल करने से पहले संबंधित ज्योतिषी, आचार्य तथा विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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