पटियाला हिंसा पर CM भगवंत मान का एक्शन, आईजी और एसएसपी को हटाया, इंटरनेट बंद किया गया

पटियाला घटना के बाद पंजाब के सीएम भगवंत मान ने पुलिस महानिदेशक व अन्य अफसरों के साथ उच्च स्तरीय मीटिंग की। साथ ही सीएम मान ने ट्वीट कर घटना के तुरंत जांच के आदेश दिए। साथ ही अधिकारियों को चेताया कि एक भी दोषी को बचना नहीं चाहिए। साथ ही पटियाला के आईजी राकेश अग्रवाल को हटा दिया गया है।

Created By : Shiv Kumar on :30-04-2022 11:46:21 पटियाला हिंसा खबर सुनें

एजेंसी, पटियाला।
पटियाला में शुक्रवार को खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च के दौरान शिवसेना के कार्यकर्ताओं व खालिस्तान समर्थकों के बीच झड़प हो गई और इसके बाद शहर में तनाव व्याप्त हो गया। एहतियातन पटियाला में 9:30 से शाम 6:00 बजे तक इंटरनेट बंद कर दिया गया है। अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए पंजाब के गृह विभाग ने आदेश जारी किए हैं। पटियाला आईजी राकेश अग्रवाल को पद से हटाने के बाद सीनियर एसपी व सिटी एसपी को भी हटा दिया है। सीएम ऑफिस के प्रवक्ता के अनुसार मुखविंदर सिंह चिन्ना को पटियाला का नया आईजी नियुक्त किया गया है। वहीं, दीपक पारिक को पटियाला का सीनियर एसपी जबकि वजीर सिंह को पटियाला का नया एसपी नियुक्त कर दिया गया है। वर्तमान में शहर में 10 कंपनियां तैनात की गई हैं व शहर में पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है।

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हिंदू संगठनों की पटियाला बंद की घोषणा
हिंदू संगठनों ने शनिवार को पटियाला बंद का आह्वान किया है। इसके अलावा काली माता मंदिर पर अटैक के दोषियों को अरेस्ट करने की मांग पर धरना, रोष मार्च का भी आह्वान किया है। वहीं, पटियाला एसएसपी नानक सिंह ने बताया है कि पटियाला में स्थितियां पूरी तरह कंट्रोल में है। साथ ही एसएसपी नानक सिंह ने लोगों से हर अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की। वहीं हिंदू संगठन के ऐलान के बाद शहर में ऐहतियातन भारी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात कर दिया गया है। शनिवार सुबह पटियाला के सीनियर एसपी नानक सिंह ने भारतीय हिंदू सुरक्षा समिति के प्रधान गिरिजी महाराज से उनके कार्यालय में मुलाकात की। आपको बता दें कि हिंदू संगठन उन खालिस्तानी समर्थकों को अरेस्ट करने की मांग उठा रहे हैं जिन्होंने काली माता मंदिर में एंट्री की कोशिश की और उस जगह पर पथराव किया। मार्च की नेतृत्व करने वाले हरीश सिंगला की कार पर पथराव भी किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने शुक्रवार शाम 7 बजे से शनिवार सुबह 6 बजे तक के लिए कर्फ्यू लगा दिया था।

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घटना के विरोध में शिवसेना हिंदुस्तान नामक हिंदू संगठन ने 30 अप्रैल यानी शनिवार को पटियाला बंद का आह्वान किया है। शिवसेना हिंदुस्तान के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन गुप्ता का कहना है कि खालिस्तान के खिलाफ मार्च में काली देवी के मंदिर का कोई मतलब नहीं था। खालिस्तान समर्थकों ने मंदिर पर हमला करके मंदिर की बेअदबी की है। उन्होंने खालिस्तान समर्थकों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए बंद की घोषणा की है।

घटना में चार लोग हुए जख्मी
पटियाला झड़प पर एसएसपी नानक सिंह ने कहा था कि खालिस्तान विरोधी मार्च के दौरान हुई हिंसा में चार लोग जख्मी हुए हैं। घायलों में दो सिपाही भी शामिल हैं। एसएसपी ने कहा कि जिस प्रोटेस्ट मार्च के दौरान हिंसा हुई, उसकी इजाजत नहीं दी गई थी। झड़प में लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया व गोलीबारी भी की। इसपर उन्होंने कहा कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर ही स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जो भी सही कदम थे, उठाए गए।

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जानें पूरा केस
एक दिन पूर्व शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष हरीश सिंगला ने खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च की घोषणा की और किया भी था। हरीश सिंगला ने कहा था कि शिवसेना, पंजाब को खालिस्तान नहीं बनने देगी। सिंगला की घोषणा के अनुसार शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग तय स्थान पर जमा हुए और खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च निकला गया। इस मार्च में जो लोग शामिल थे, वो खालिस्तान के विरोध में नारे लगाते हुए चल रहे थे। खालिस्तान विरोधी नारों के खिलाफ में खालिस्तान समर्थक संगठनों के लोग भी आ गए। खालिस्तान के पक्ष में नारे लगाने लगे। दोनों गुट आमने-सामने हुए तो तलवारें निकल आईं। पुलिस ने बैरिकेड कर रोकने का प्रयास किया पर वो कामयाब नहीं हो पाए। फिर अंत में पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।

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