मुख्यमंत्रियों और मुख्य न्यायाधीशों के सम्मेलन में सीएम धामी ने रखा राज्य सरकार का पक्ष, कही ये बात

नई दिल्ली में आयोजित मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों के सम्मेलन में सीएम धामी ने उत्तराखंड में न्यायिक क्षेत्र में शुरू की गई प्रशासनिक व अवस्थापना संबंधी सुविधाओं का जिक्र किया।

Created By : Pradeep on :30-04-2022 22:14:48 मुख्यमंत्रियों और न्यायाधीशों के सम्मेलन में सीएम धामी खबर सुनें

देहरादून
नई दिल्ली में आयोजित मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों के सम्मेलन में सीएम धामी ने उत्तराखंड में न्यायिक क्षेत्र में शुरू की गई प्रशासनिक व अवस्थापना संबंधी सुविधाओं का जिक्र किया। सीएम ने कहा कि प्रदेश में विधिक अधिकारियों का कैडर रिव्यू करते हुए स्वीकृत पदों की संख्या 230 से बढाकर 299 कर दी है। वर्तमान में 271 न्यायाधीश कार्य कर रहे हैं। इसी प्रकार उत्तराखंड द्वारा लम्बित प्रकरण को पूर्ण किया जा चुका है और 05 नयी परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

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शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में विज्ञान भवन में मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों का संयुक्त सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी भी मौजूद रहे और राज्य सरकार का पक्ष रखा। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड ने अपना पंचवर्षीय एवं वार्षिक अवस्थापना संबंधी आवश्यकताओं का ब्लूप्रिंट उच्च न्यायालय के साथ मिलकर तैयार किया है। जिसे केन्द्र सरकार को भेजा जा चुका है। इस मद में केन्द्र पोषित योजना के तहत मौजूदा वित्तीय वर्ष में 80 करोड़ की धनराशि केन्द्र सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य को आवंटित की गई है।

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इसी प्रकार उच्च न्यायालय में तथा सूचना प्रौद्योगिकी का विस्तार करते हुए एक टेक्निकल अधिकारी के सापेक्ष वर्तमान में 26 टेक्निकल अधिकारी कार्यरत हैं। सीएम धामी ने कहा कि सभी को सुचारू रूप से निःशुल्क न्यायिक सेवा प्राप्त हो, इस उद्देश्य से सभी 13 जिलों में 13 सदस्य सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में नियुक्त किये। साथ ही सभी 13 जनपदों में विशेष किशोर पुलिस इकाई की स्थापना की है। उत्तराखंड में सरकार द्वारा सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को दी जाने वाली सुविधा के संबंध में हाल ही में एक नियमावली बनाई गई है। उत्तराखण्ड द्वारा राज्य में 02 वाणिज्यिक न्यायालय शुरू कर दिए गये हैं तथा शीघ्र ही राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का भी संचालन प्रारम्भ कर दिया जायेगा।

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बीमार व वृद्ध गवाहों को विशेष सुविधा

देश में सर्वप्रथम वृद्ध, बीमार एवं न्यायालय आने में असमर्थ व्यक्तियों की गवाही अंकित करने के लिए उत्तराखंड के 13 जिलों में 13 मोबाइल न्यायालय वैन की सुविधा प्रारम्भ की गई है। जिससे विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही अंकित की जा रही है।

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