जनभागीदारी से सुशासन-हिमाचल का महाक्विज़ एक अनूठी पहलः जयराम ठाकुर

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों की सफलता के लिए उनकी जानकारी जनता तक पहुंचाना नितांत आवश्यक है। उन्होंने यह बात आज सोलन जिला के बद्दी में आयोजित जन भागीदारी से सुशासन-हिमाचल का महाक्विज के उद्योग और निवेश विषय पर आधारित दूसरे राउंड के समापन समारोह को शिमला से वर्चुअल माध्यम द्वारा संबोधित करते हुए कही।

Created By : Pradeep on :19-06-2022 17:47:23 सीएम जयराम ठाकुर खबर सुनें

देश रोजाना, शिमला
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों की सफलता के लिए उनकी जानकारी जनता तक पहुंचाना नितांत आवश्यक है। उन्होंने यह बात आज सोलन जिला के बद्दी में आयोजित जन भागीदारी से सुशासन-हिमाचल का महाक्विज के उद्योग और निवेश विषय पर आधारित दूसरे राउंड के समापन समारोह को शिमला से वर्चुअल माध्यम द्वारा संबोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जनकल्याणकारी योजनाओं व कार्यक्रमों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए तकनीक का उपयोग करके जन भागीदारी से सुशासन-हिमाचल का महाक्विज़ के आयोजन की अनूठी पहल की है। इसके अन्तर्गत हिमाचल प्रदेश में पहली बार केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं पर आधारित ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि महाक्विज़ में प्रतिभागी भारी संख्या में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं। अभी तक इसमें लगभग 40 हजार प्रतिभागी हिस्सा ले चुके हैं। पहले राउंड में 23467 दूसरे राउंड में 14407 और तीसरे राउंड में 14000 से अधिक प्रतिभागियों ने इस महाक्विज में हिस्सा लिया है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस महाक्विज़ के माध्यम से लोगों को सरकार की योजनाओं को जानने और समझने का अवसर प्राप्त हो रहा है। इसके माध्यम से लोग और जागरूक होंगे तथा सरकार की योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण है। हिमाचल पावर सरप्लस राज्य है, यहां कानून व्यवस्था बेहतरीन है और राज्य सरकार ने निवेशकों के लिए विभिन्न प्रक्रियाओं को सरल बनाया है। प्रदेश की इज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग 16वें स्थान से सातवें स्थान पर पहुंची है। प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए धर्मशाला में ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट आयोजित की गई, जिसमें 96 हजार करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए गए और बहुत ही कम समय में हजारों करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश ने फार्मा हब के रूप में भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है। एशिया की 45 प्रतिशत दवाइयां हिमाचल के उद्योगों से निर्यात हो रही हैं। कम संसाधन वाले इस छोटे राज्य में प्रदेश के युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना आरंभ की है। इस योजना के तहत प्रदेश सरकार की ओर से उद्योग स्थापित करने के लिए ऋण पर सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। योजना में महिलाओं को ऊपरी आयु सीमा में 5 वर्ष तक की अतिरिक्त छूट दी गई है। इस योजना के उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। इसके माध्यम से 11000 से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।

उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने समारोह में मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेशवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और प्रदेश के तीव्र एवं संतुलित विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है। प्रदेश सरकार संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह शासन सुनिश्चित बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। बद्दी में आयोजित समारोह में विधायक परमजीत सिंह पम्मी व लखविंदर राणा, पूर्व विधायक के.एल. ठाकुर, जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष दर्शन सिंह सैनी, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा, महाक्विज़ के प्रतिभागियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

Share On