मसूरी में प्रशिक्षु आईएएस अफसरों से सीएम धामी ने की अपील, कर्मयोगी बन देश में लाएं बदलाव

मसूरी में प्रशिक्षु आईएएस अफसरो को संबोधित करते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आगामी 25 वर्ष में यह देश जितना विकास करेगा, उसमें बहुत बड़ी भूमिका आप सभी अधिकारियों की होगी।

Created By : Pradeep on :27-06-2022 21:36:46 मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में प्रशिक्षु आईएएस अफसरों को संबोधित करते मुख्यमंत्री धामी। खबर सुनें

देहरादून
मसूरी में प्रशिक्षु आईएएस अफसरो को संबोधित करते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आगामी 25 वर्ष में यह देश जितना विकास करेगा, उसमें बहुत बड़ी भूमिका आप सभी अधिकारियों की होगी। सीएम ने कहा कि आजादी के 75 वें वर्ष में अमृत महोत्सव के साथ ही प्रधानमंत्री ने ‘मिशन कर्मयोगी’ कार्यक्रम की भी शुरुआत की है। इसका लक्ष्य भारतीय सिविल सेवकों को और भी अधिक रचनात्मक, सृजनात्मक, विचारशील, नवाचारी, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी समर्थ बनाते हुए भविष्य के लिए तैयार करना है।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में अमृत महोत्सव डिजिटल प्रदर्शनी एवं आजादी का अमृत महोत्सव सेमिनार का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक अकादमी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व प्रेरणा से “मिशन कर्मयोगी“ के अंतर्गत एवं संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के साथ समृद्ध भारतीय संस्कृति की व्यापक स्तर पर प्रचारित-प्रसारित करने को डिजिटल प्रदर्शनी के माध्यम से एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि आप लोग “आजादी का अमृत महोत्सव“ वर्ष में प्रशिक्षण प्राप्त कर “मिशन कर्मयोगी“ के तहत अपना काम शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि आप सभी भारत के जन-जन को कर्तव्य के लिए जागरूक करके, इस देश में बहुत बड़ा बदलाव ला सकते है।
कहा कि हम अपनी सनातन संस्कृति और भारत की पुरातन पद्धतियों का उचित अध्ययन करें तो ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसका समाधान हमारे पूर्वजों ने नहीं सुझाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का भी कथन है कि अमृतकाल के इस दौर में हमें रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म को अगले स्तर पर लेकर जाना है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमने सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण एवं संतुष्टि को अपनी कार्यपद्धति का सिद्धांत बनाया है और इसी मूल मंत्र को आधार बना कर जनसमस्याओं को सुलझाया जा रहा है। कार्यक्रम के बाद उन्होंने 22 राज्यों द्वारा लगाए गए हस्तकला स्टालों का अवलोकन किया।
सचिव गोविंद मोहन ने अपने संबोधन में कहा कि हमारा उद्देश्य वर्तमान परिस्थितियों के विकास के साथ ही अपने महान वीरों के बलिदान को याद करना भी है। उन्होंने कहा विभिन्न परिस्थितियों के बावजूद हमारे देश ने विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, अकादमी के निदेशक श्रीनिवास कटिकितला, संयुक्त निदेशिका राधिका रस्तोगी, फैकल्टी मेंबर्स एवं प्रशिक्षु अधिकारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

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