ज्ञानवापी केस में कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, नहीं हटाए जाएंगे कमिश्नर, 17 से पहले सर्वे कार्य करना होगा पूर्ण

ज्ञानवापी केस में अदालत ने फैसला सुना दिया है। अदालत ने आदेश दिया है कि 17 मई के पहले दोबारा सर्वे होगा। साथ ही अदालत ने आदेश दिया कि कमिश्नर नहीं हटाया जाएगा।

Created By : Shiv Kumar on :12-05-2022 14:49:49 प्रतीकात्मक तस्वीर खबर सुनें

एजेंसी, वाराणसी
अदालत ने ज्ञानवापी केस में बड़ा फैसला सुनाया है। सर्वे कमिश्नर अजय मिश्र को ज्ञानवापी केस में नहीं हटाया जाएगा। अदालत ने दो और सहायक कमिश्नर नियुक्त किए हैं। अदालत ने ऑडर दिया है कि 17 मई से पहले सर्वे किया जाएगा।अदालत ने ने कहा कि 17 मई से पूर्व कार्रवाई को पुख्ता करें। कमीशन की कार्रवाई में बाधा नहीं होनी चाहिए। अदालत ने 17 मई को सर्वे रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। कार्रवाई शासन प्रशासन के सहयोग से होगी। सुबह नौ से 12 तक सर्वे होगा। बाधा उत्पन्न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

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ज्ञानवापी परिसर में कमीशन की कार्यवाही कर रहे एडवोकेट कमिश्नर को चेंज करने की अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की मांग और तहखाने की वीडियोग्राफी कराने की वादी पक्ष की अपील पर बुधवार को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट में बहस पूरी हो गई थी। गुरुवार की सुबह से कचहरी में गहमागहमी का माहौल बना था। सभी पक्षों के अधिवक्ता व पक्षकार कोर्ट के बाहर डटे थे।

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आपको बता दें कि श्रृंगार गौरी के प्रतिदिन दर्शन पूजन की मांग पर पांच महिलाओं की तरफ से दायर वाद पर बीते आठ अप्रैल को कोर्ट ने अजय कुमार मिश्र को एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करते हुए ज्ञानवापी परिसर का सर्वेक्षण कर 10 मई तक कोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।

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कमीशन की कार्यवाही छह मई को शुरू तो हुई पर पूरी नहीं हो पाई। 7 मई को अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर एडवोकेट कमिश्नर चेंज करने की मांग कर दी। इस निवेदन पत्र पर 3 दिनों से कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। आज चौथे दिन कोर्ट ने फैसला सुना दिया।

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जिला शासकीय अधिवक्ता सिविल महेंद्र प्रसाद पांडेय ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन अदालत के ऑडर का अनुपालन कराने को तैयार हैं। कमीशन कार्यवाही शुरू होने के बाद सर्वे कमिश्नर को चेंज करने की मांग का विरोध किया। वादी पक्ष की ओर से सुधीर त्रिपाठी, शिवम गौड़, सुभाषनंदन चतुर्वेदी, अनुपम द्विवेदी, मदनमोहन ने अंजुमन इंतजामिया की आपत्ति का जोरदार विरोध किया।

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उन्होंने कहा कि ये कमीशन की कार्यवाही रोकने की कोशिश है। पहले कमीशन की रिपोर्ट अदालत में आए फिर उस पर आपत्ति की जा सकती है या दूसरे सर्वे कमीशन की मांग की जा सकती है। सुनवाई में नियुक्त सर्वे कमिश्नर अजय मिश्र, वादिनीगण, जितेंद्र सिंह बिशेन के अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे।

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