चारधाम यात्रा पर जाने वालों  के लिए अब कोविड टेस्ट अनिवार्य नहीं, जानें क्यों हुआ ऐसा

धामी सरकार की चेतावनी के बाद भी अफसर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। चार धाम यात्रा के दौरान कोविड जांच की अनिवार्यता संबंधी आदेश से तो यही लग रहा हैं। हालांकि सीएम ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।

Created By : Pradeep on :01-05-2022 17:37:48 प्रतीकात्मक तस्वीर खबर सुनें

देहरादून
धामी सरकार की चेतावनी के बाद भी अफसर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। चार धाम यात्रा के दौरान कोविड जांच की अनिवार्यता संबंधी आदेश से तो यही लग रहा हैं। हालांकि सीएम ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। यदि यह आदेश प्रभावी होता तो कुंभ की तरह चार धाम यात्रा के दौरान भी कोरोना जांच के नाम पर करोड़ों के वारे न्यारे होने की आशंका बन जाती।

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बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा को लेकर अफसरों ने राज्य की सीमा पर कोविड टेस्ट अनिवार्य कर दिया था। 4 दिन पहले स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने भी कुछ ऐसा ही संदेश दिया था। सीएम धामी के निर्देश पर मुख्य सचिव एसएस संधू ने साफ कर दिया है कि यात्रा पर आने वालों की कोई जांच नहीं होगी और न ही उनसे कोई ऐसा प्रमाण मांगा जाएगा। धामी की इस पहल से कोविड जांच के नाम पर कथित फर्जीवाड़े की अफसरों की मंशा पर ब्रेक लग गया है।

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दो साल के कोरोना काल के बाद इस साल चारधाम य़ात्रा में भारी भीड़ आने की संभावना है। इसके लिए सरकार के स्तर पर तमाम तैयारियां की जा रही हैं। इसी बीच अफसरों ने एक आदेश जारी कर दिया कि उत्तराखंड की सीमा में घुसने वालों को कोविड टेस्ट किया जाएगा। इसके बिना किसी की एंट्री नहीं होगी। इससे देशभर में यह संदेश गया कि कोरोना तेजी से फैल सकता है। बताया जा रहा है कि अफसरों ने कुंभ की तरह ही इस चारधाम यात्रा में टेस्टिंग के लिए किसी निजी फर्म को ठेका भी दे दिया था।

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इसी बीच सीएम धामी को अपने सूत्रों से इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने मुख्य सचिव से जवाब तलब किया। मुख्य सचिव एस एस संधू ने अफसरों के साथ एक बैठक की। इसमें उन्होंने साफ कर दिया कि उत्तराखंड में आने वालों की राज्य की सीमा पर न तो कई कोविड जांच होगी और न ही उनसे इन बारे में कोई प्रमाणपत्र मांगा जाएगा। सीएम धामी की इस पहल से देवभूमि में चारधाम यात्रा पर आने वाले लोगों को तो राहत होगी ही, अफसरों की कोविड जांच के नाम पर किसी निजी कंपनी को ठेका देने की मंशा पर भी पानी फिर गया है।

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