देशभर में साइबर क्राइम की 1548 वारदातों में शामिल गैंग का पर्दाफाश, तीन विदेशी नागरिकों सहित आठ आरोपी अरेस्ट

साइबर थाना फरीदाबाद टीम ने देशभर में साइबर क्राइम की 1548 वारदातों में शामिल गैंग का पर्दाफाश किया है। टीम ने इस मामले में तीन विदेशी नागरिकों सहित कुल आठ आरोपियों को भी अरेस्ट किया है। फरीदाबाद निवासी रामकिशोर के साथ की हुए 7.39 लाख रुपये के धोखाधड़ी के मामले को सुलझाते हुए साइबर थाना फरीदाबाद टीम को यह कामयाबी मिली है।

Created By : Shiv Kumar on :06-05-2022 18:46:05 प्रेस वार्ता डीसीपी हेडक्वार्टर नीतीश अग्रवाल। खबर सुनें

देश रोजाना, फरीदाबाद।
फेसबुक काफी हद तक लोगों को आपस में जोडऩे में सफल रही है। लोगों को इस कनेक्टिविटी से कई फायदे होते हैं। जहां आमजन एक दूसरे से संपर्क करके अपने विचारों को पूरी दुनिया में फैला सकते हैं। पर इसका गलत इस्तेमाल हो जाए तो उससे बहुत लोगों को आर्थिक चपत भी लग सकती है। कुछ अपराधिक प्रवृत्ति के लोग फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का गलत फायदा उठाकर उसमें टारगेट को लुभाने के लिए महिला के नाम से फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाकर लोगों के साथ दोस्ती करते हैं। जिससे उनसे पैसे ऐंठ सके। इसी प्रकार की साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए साइबर थाना फरीदाबाद की टीम ने तीन विदेशी नागरिकों तथा एक महिला सहित गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

ये भी पढ़ें

15 वर्षीय लड़की का दोबारा किया गया अपहरण, खोजबीन में जुटी पुलिस

डीसीपी हेडक्वार्टर नीतीश अग्रवाल ने प्रेस वार्ता कर बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तीन विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है जिसमें नाइजीरिया निवासी गैब्रियल व किंग्सले तथा घाना के रहने वाले गॉडविन का नाम शामिल है जो सभी वर्तमान दिल्ली में रह रहे थे। आरोपी गॉडविन का वीजा फरवरी 2021 व किंग्सले का वीजा 10 महीने पहले एक्सपायर हो चुका था जो अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। इसके अलावा महिला आरोपी युर्थिंग्ला वारोंग उर्फ मम्मी जो मणिपुर की रहने वाली है। वो भी दिल्ली में रह रही थी को भी अरेस्ट किया गया है। इसके अलावा गिरफ्तार आरोपियों में मुंबई निवासी हरीश, फिरोज अंसारी, नोएडा के राजकुमार उर्फ राजू व सर्फर उद्दीन व दिल्ली के रहने वाले सुशील तिवारी को गिरफ्तार किया गया है।

ये भी पढ़ें

युवाओं को रोजगार प्रदाता बनाने में अहम भूमिका निभा रही मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजनाः जयराम ठाकुर

फरीदाबाद निवासी रामकिशोर के साथ की थी 7.39 लाख रुपये की धोखाधड़ी
आरोपियों ने दिसंबर 2021 में फरीदाबाद निवासी रामकिशोर के साथ साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। जिसमें उन्होंने रामकिशोर के साथ 7.39 लाख रुपए की धोखाधड़ी की थी। पीडि़त ने इसकी शिकायत पुलिस थाना साइबर अपराध में दी, जिसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ षडयंत्र, धोखाधड़ी तथा फर्जी कागजात बनाकर उपयोग में लेने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा ने इस मामले में शामिल आरोपियों की धरपकड़ के लिए साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बसंत की अगुवाई में टीम का गठन किया जिसमें उप निरीक्षक प्रवीण, एसआई दीपक, शिवराज, प्रधान सिपाही भूपेंद्र, महिला प्रधान सिपाही अंजू, सिपाही आजाद, राकेश तथा अंशुल का नाम शामिल था।

ये भी पढ़ें

पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा को रद्द करना दुर्भाग्यपूर्ण प्रतिभा सिंह

सबसे पहले मामले में घाना निवासी गॉडविन की हुई गिरफ्तारी
साइबर थाना की टीम ने मामले में कार्रवाई करते हुए सबसे पहले दिनांक 26 मार्च 2022 को घाना के रहने वाले आरोपी गॉडविन को गिरफ्तार करके 11 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। जिसमें उसने अपने साथियों के बारे में पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद दिनांक 2 अप्रैल को आरोपी गैब्रियल व हरीश फिरोज अंसारी को गिरफ्तार करके चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। दिनांक 7 अप्रैल को आरोपी गॉडविन, गैब्रियल व हरीश को रिमांड खत्म होने के बाद अदालत में दोबारा पेश करके जेल भेज दिया गया। इसके बाद आरोपी युर्थिंगला वारोंग व किंग्सले को दिनांक 15 अप्रैल को गिरफ्तार कर तीन दिन के रिमांड पर लिया गया व 19 अप्रैल को जेल भेज दिया गया। आरोपी राजकुमार को 18 अप्रैल तथा सफरूदीन को 20 अप्रैल को दिल्ली एनसीआर क्षेत्र से गिरफ्तार करके रिमांड के दौरान पूछताछ करने के बाद 23 अप्रैल 2022 को दोनो आरोपियों को दोबारा जेल भेज दिया गया।

ये भी पढ़ें

बाइक के पटाखा फोड़ने वाले सायलेंसर पर लगी रोक, उल्लघंन करने पर होगी सख्त कार्रवाई

साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देने में फेसबुक का इस्तेमाल करते थे आरोपी
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि आरोपी बहुत ही शातिर किस्म के अपराधी हैं। आरोपी साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक का प्रयोग करते थे। फरीदाबाद के रहने वाले राम किशोर के साथ की गई साइबर ठगी की वारदात में सबसे पहले आरोपी गैब्रियल ने जेनिफर अलेक्जेंडर नाम से फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बना बनाई जो अपने आप को इंग्लैंड का बताती थी। इस फर्जी फेसबुक प्रोफाइल से आरोपी ने फरीदाबाद निवासी को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जिसने विदेशी महिला की फ्रेंड रिक्वेस्ट देखकर उसे एसेप्ट कर लिया। फ्रेंड रिक्वेस्ट एसेप्ट होने के पश्चात आरोपी उससे बात करने लगा व उसका व्हाट्सएप नंबर लेकर उसे आरोपी गॉडविन से साझा कर दिया। आरोपी गॉडविन ने अब वहीं विदेशी महिला बनकर उसे लंदन के नंबर से व्हाट्सएप पर उसके साथ बातचीत करना शुरू कर दी। लंदन का नंबर देखकर रामकिशोर को यह विश्वास हो गया कि वह जो विदेशी महिला उससे बात कर रही है वह सच में इंग्लैंड से है। इसके बाद आरोपी काफी समय तक उसके साथ बातें करते रहे और जब व्यक्ति पूरी तरह उनके झांसे में आ गया तो वह उन्हें इंग्लैंड से उसके लिए गिफ्ट भेजने की बात करने लगे। इंग्लैंड से गिफ्ट प्राप्त होने की बात सुनकर कोई भी व्यक्ति आसानी से झांसे में आ सकता है।

ये भी पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में फिर सवालों के घेरे में आई पुलिस भर्ती प्रक्रिया, तीन अभ्यर्थियों संग एक अन्य शातिर चढ़ा हत्थे

एक लाख ब्रिटिश पाउंड का गिफ्ट भेजने का दिया था ऑफर
आरोपियों ने उन्हें एक लाख ब्रिटिश पाउंड का गिफ्ट भेजने का ऑफर दिया आरोपियों द्वारा भेजे गए इस ऑफर को स्वीकार करते हुए पीडि़त द्वारा उसे अपना पता व अन्य जानकारियां साझा कर दी। इसके कई दिन बाद आरोपी महिला वारोंग ने आरोपी किंग्सले द्वारा उपलब्ध करवाई गई फर्जी सिम कार्ड से मुंबई एयरपोर्ट की कस्टम अधिकारी बनकर रामकिशोर को फोन किया व कहा कि लंदन से उनके लिए पार्सल आया है जिसे भारत में आने के लिए कस्टम क्लीयरेंस और जीएसटी पेमेंट करने की आवश्यकता है। 01 लाख पाउंड की कीमत के गिफ्ट के लालच में आकर पीडि़त ने साइबर ठगों द्वारा बताए गए फर्जी बैंक खाते में 7.40 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए।

ये भी पढ़ें

सरस्वती विद्या मंदिर निहाल पहुंचे राज्यसभा सांसद सिकंदर, स्कूल को विभिन्न गतिविधियों के लिए दिए 15 लाख

आधार कार्ड में फेरबदल कर देता था आरोपी सर्फरुद्दीन
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि नोएडा के रहने वाले आरोपी सर्फरुद्दीन जो सीएससी सेंटर चलाता था वह किसी भी आधार कार्ड में उसका पता बदलकर उसकी जगह फर्जी पता डाल देता था व इसी फर्जी आधार कार्ड को वह अपने साथी आरोपी राजकुमार को उपलब्ध करवाता। जिसके आधार पर आरोपी राजकुमार किसी भी बैंक में फर्जी खाता खुलवा देता था। इसके पश्चात आरोपी सुशील आरोपी राजकुमार द्वारा बनवाए गए फर्जी बैंक खाते को अपने अन्य साथियों को उपलब्ध करवाता था। आरोपी हरीश द्वारा साइबर ठगी के मामले में अपना बैंक खाता इन साइबर ठगों को उपलब्ध करवाया गया था।

ये भी पढ़ें

हिमाचल प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती लिखित परीक्षा स्थगित, जानें पूरा मामला

साइबर थाना की टीम 40 मोबाइल सहित अन्य चीजें की बरामद
साइबर थाना की टीम द्वारा आरोपियों के कब्जे से 40 मोबाइल, 37 सिम कार्ड, 03 पासपोर्ट, 40 पासबुक, 49 चेकबुक, 50 एटीएम कार्ड, 11 आधार कार्ड, 06 पैनकार्ड, दो पेन ड्राइव, आधार कार्ड में पता बदलने के काम में प्रयुक्त कंप्यूटर व प्रिंटर तथा 1.39 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं। साइबर टीम द्वारा बरामद किए गए इन मोबाइल फोन व सिम कार्ड को ट्रेस करने पर पता चला कि आरोपियों ने पूरे देश में साइबर क्राइम की 1548 वारदातों को अंजाम दिया है व जिसमें यूपी की सबसे अधिक 441, राजस्थान की 150, तेलंगाना की 149, दिल्ली की 147 तथा महाराष्ट्र की 101 वारदातें शामिल हैं। आरोपियों द्वारा हरियाणा में 30 वारदातों को अंजाम दिया जा चुका है। साइबर टीम द्वारा इन मामलों में संबंधित पुलिस थानों को सूचित किया जा रहा है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के फर्जी खातों में करीब 25 करोड़ रुपए का लेनदेन पाया गया है। पुलिस उपायुक्त ने साइबर थाना की टीम द्वारा किए गए सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि फरीदाबाद की साइबर थाना की टीम ने साइबर ठगी का भंडाफोड़ करने में बहुत ही बेहतरीन कार्य किया है। साथ ही आमजन से अपील है कि किसी भी तरह के लालच के बहकावे में ना आए किसी भी अनजान को अपनी डिटेल शेयर ना करें। साइबर ठगी होने पर 1930 पर कॉल करें।

Share On