ऐसे कौन से कर्म हैं जिनके करने से स्त्री हो सकती है विधवा

हिन्दू परंपराओं के अनुसार, स्त्री विधवा होना किसी अभिशाप से कम नहीं होता है। समाज से पीड़ित ऐसी स्त्री के मन में कष्ट तो जरुर आता ही होगा कि, आखिर मेरे साथ ही ऐसा क्यों हुआ, मुझसे ऐसी कौन सी गलती हो गई। तो आइए जानते हैं हिन्दू धर्म के अनुसार, कुछ ऐसे कर्मों के बारे में जिनके कारण औरतों को वैधव्य भुगतना पड़ता है।

Created By : Amit on :08-09-2022 19:45:44 प्रतीकात्मक खबर सुनें

हिन्दू परंपराओं के अनुसार, स्त्री विधवा होना किसी अभिशाप से कम नहीं होता है। समाज से पीड़ित ऐसी स्त्री के मन में कष्ट तो जरुर आता ही होगा कि, आखिर मेरे साथ ही ऐसा क्यों हुआ, मुझसे ऐसी कौन सी गलती हो गई। तो आइए जानते हैं हिन्दू धर्म के अनुसार, कुछ ऐसे कर्मों के बारे में जिनके कारण औरतों को वैधव्य भुगतना पड़ता है।
गरुड़ पुराण में स्त्री के विधवा होने के बारे में कई कारणों के बारे में बताया गया है। जिनके करने पर स्त्री को विधवा का जीवन व्यतीत करना पड़ सकता है। उन्हीं कारणों में से मुख्य तीन कारण है जिन्हें आज हम आपको बता रहे हैं और अगर आप भी इन तीन कर्मों को करती हैं तो आप भी सावधान हो जाएं और अपने कर्मों में सुधार लाएं।
गरुड़ पुराण की मानें तो जो स्त्री अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती है, जैसे कि, करवा चौथ या कोई भी और व्रत, परन्तु व्रत के विधि विधानों का सही से पालन नहीं करती है। यदि कोई स्त्री उपवास के समय कई बार भोजन करती है, तो गरुड़ पुराण के अनुसार, यह व्रत उसके पति की लंबी आयु को कम कर देता है। पत्नी घर पर अकसर अकेली रहती है और घर की बागडोर भी पत्नी के ही हाथों में रहती है और इसी कारण पत्नी का चोरी छिपे पति से धन और कुछ अन्य चीजों को छिपा लेना बहुत ही आसान हो जाता है। परन्तु पत्नी का यह कृत्य उसके पति की मृत्यु का कारण बन सकता है।
दूसरा कारण यह है कि, अगर कोई स्त्री जरुरत से ज्यादा झूठ बोलती है, बात बात पर झगड़ा करती है और अपने पति की कोई भी बात नहीं मानती है, तथा बात बात पर अपने पति की झूठी कसमें खाती रहती है, तो ऐसी स्त्री के पति की आयु भी कम हो जाती है। अगर कोई स्त्री प्रतिदिन अपने पति से झगड़ा करती है और अपशब्दों का इस्तेमाल करती है, पति के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करने को बहुत ही बड़ा पाप माना गया है। इस कृत्य का परिणाम पति की अकाल मृत्यु का कारण बनता है और ऐसी महिलाओं के पति की अकाल मृत्यु हो भी सकती है।
वहीं तीसरा कारण ये है कि, यदि कोई स्त्री अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत तो रखती है, लेकिन साथ ही साथ अपने पति का अपमान भी करती है, तो उसके द्वारा रखा गया व्रत निष्क्रिय हो जाता है और उसका यही कृत्य उसे विधवा बना सकता है। वहीं यदि किसी व्यक्ति की पत्नी मांस का सेवन करती है तो उसके पति के स्वास्थ्य में दिक्कत आती रहती है और साथ ही साथ वह मांसाहार उसे विधवा भी बना सकता है। वहीं मांसाहार को शास्त्रों में घोर पाप भी माना गया है। वहीं शास्त्रों में कुछ और भी ऐसे कर्म बताए गए हैं जिनके करने से स्त्री विधवा बन सकती है। वहीं अगर कोई स्त्री अपने सुहाग की चीजों का महत्व नहीं समझती है और अपने पति की इज्जत नहीं करती है तो यह कृत्य उसे कम उम्र में ही विधवा बना देता है। अगर कोई स्त्री दूसरे पुरुष को प्रेम वासना भरी नजर से देखती है और किसी पर पुरुष के साथ संबंध स्थापित करती है तो ऐसी स्त्री को भी ये जान लेना चाहिए कि, उसका ये पापकर्म उसे कम उम्र में ही विधवा बना सकता है।

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