डायबिटीज आज की दुनिया में एक खतरनाक बीमारी बन गई है

अगर एक बार शरीर को मधुमेह रोग लग गया तो इंसान के शरीर के लिए ये एक स्‍लो स्‍वीट पॉयजन साबित होता है

Created By : Manuj on :14-11-2022 11:55:55 मधुमेह डायबिटीज खबर सुनें

विश्‍व मधुमेह डायबिटीज दिवस


हर साल 14 नवंबर को विश्‍व मधुमेह यानि की डायबिटीज दिवस मनाया जाता है। डायबिटीज आज की दुनिया में एक खतरनाक बीमारी बन गई है इसने पूरी दुनिया में आतंक मचा रखा है। अगर एक बार शरीर को मधुमेह रोग लग गया तो इंसान के शरीर के लिए ये एक स्‍लो स्‍वीट पॉयजन साबित होता है,क्‍योंकि इसे जड़ से खत्‍म करना मुश्किल होता है

,इसलिए इसे कंट्रोल करके रखना बहुत जरूरी होता है। दुनिया में अगर सबसे ज्‍यादा मरीज डायबिटीज के है तो वो भारत में है। दुनिया में करीब 160 देश इस दिवस को मानाते है ताकि डायबिटीज के बढ़ते खतरो और इसके इलाज कि प्रति लोगों को जागरुक किया जा सकें।अगर किसी को डायबिटीज हो और वो कंट्रोल में ना हो तो उसके कारण और भी कई बीमारियां हो सकती है जैसे- आंखों की रोशनी कम होना,हार्ट की प्रॉब्‍लम,ब्‍लड प्रेशर कम ज्‍यादा होना,किडनी फेल हो जाना,चोट का घाव ठीक होने में वक्‍त लगना जैसी कई बीमारियां इंसान को घेर लेती है।


साल 1991 में मधुमेह दिवस मनाने की शुरूआत हुई,,इसे 14 नवंबर को इसलिए मनाया जाता है क्‍योंकि इस दिन दिनफ्रेडरिक बैटिंग का जन्‍म हुआ था ये वहीं वैज्ञानिक है जिन्‍होंने चाल्‍स बैट के साथ मिलकर इंसुलिन की खोज की थी। लोगों को इस बीमारी प्रति जागरूक करने के लिए विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने इसे अंतर्राष्‍ट्रीय दिवस के रूप में मनाने की पहल की।

डायबिटीज दो प्रकार की होती है---
।-- टाइप वन डायबिटीज-- इसमें इंसुलिन की मात्रा कम बनती है,जिसे कंट्रोल तो किया जा सकता है लेकिन खत्‍म नहीं किया जा सकता है। ये बच्‍चों और युवाओं को जल्‍दी होती है। इसमें मरीज को इंसुलिन दिया जाता है।
2-- टाइप टू डायबिटीज-- इसकी चपेट में आने वाले मरीजों को योग करने,खान-पान पर कंट्रोल करने की सलाह दी जाती है। अगर मरीज मिठाई भी खाना चाहता हो तो डॉक्‍टर की सलाह पर खा सकता है। इसमें शरीर में शुगर की मात्रा को लेवल में रखना जरूरी होता है। कम-ज्‍यादा होने पर मरीज को खतरा बढ़ सकता है।


डायबिटीज के कारण और लक्षण---
1-हाई कोलेस्‍ट्रॉल।
2- हाई ब्‍लड प्रेशर।
3- जंक फूड खाना।
4-अनुवांशिक यानिकी ये बीमारी जेनेटिक भी होती है।
5-- स्‍टेस,तनाव में रहना।


6--नींद ज्‍यादा आना।
7-- भूख लगना।
8-- जल्‍दी थकान हो जाना।
9-- यूरिन पास करने में समस्‍या या बार-बार पेशाब आना।


10-- चोट लगने घाव होने पर ठीक होने में वक्‍त लगना।
डायबिटीज या मुधुमेह होने पर उपाय--
1--नींद पूरी लेना करीब छ: से सात घंटे सोना।
2-- शक्‍कर या मीठे खाना बंद कर दें,,खान-पान में सावधानि बरतें।


3- अपनी दवाईयों को लेने से भूले नहीं और वक्‍त पर ही दवा लें।
4-- नियमित रूप से योगा करे, मॉर्निंग वॉक करें।
5-- समय-समय पर डॉक्‍टर को जरूर चैकअप करवाए।
6-- डॉक्‍टर की सलाह पर करेला,मैथी और नीम का सेवन भी किया जा सकता है।


अब आपको प्री डायबिटीज के बारे में बताते है जो डायबिटीज से पहले होती है। और इसके बारे में समय पर पता चल गया तो हो सकता है कि डायबिटीज से बचा जा सके। एक हेल्‍थ सर्वे के मुताबिक पहले लोग प्री डायबिटीज के शिकार होते है,इसके लक्षण दिखाई नहीं देते है।

प्री डायबिटीज को साइलेंट हार्ट अटैक भी कहा जाता है। क्‍योंकि इसकी वजह से कई गंभीर बीमारियां हो सकती है। जब किसी व्‍याक्ति का ब्‍लड शुगर लेवल सामान्‍य से ज्‍यादा हो जाता है तो वो कंडीशन प्री डायबिटीज कहलाती है। प्री डायबिटीज में हमारा शरीर ज्‍यादा इंसुलिन बनाता है। लेकिन कुछ वक्‍त बाद एक्‍स्‍ट्रा इंसुलिन बनना कम हो जाता है। और शुगर लेवल बढ़ जाता है और व्‍यक्ति डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ जाता है। प्री डायबिटीज में बार-बार पेशाब आता है,,भूख ज्‍यादा लगती है

,थकान महसूस होती,,हाथ-पैरों में कंपन होता है और वजन भी कत होने लगता है। इन सभी लक्षणों वाले मरीजों को एक साल के अंदर डायबिटीज होने का खतरा दस फीसदी होता है ऐसा एक स्‍टडी में बताया गया है। तो ऐसे लक्षण दिखने पर वक्‍त पर डॉक्‍टर को जरूर दिखाए और डायबीटीज जैसी बीमारी से बचें।

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