हिंसा, लोभ, प्रपंच का बोलबाला

ईसा मसीह ने जीवन भर सत्य, प्रेम और अहिंसा की बात की। उन्होंने मानव को प्रेम करने की शिक्षा दी। हिंसा त्यागने और हिंसा न करने की सलाह दी, लेकिन इंसानों ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया।

Created By : ashok on :16-11-2022 14:49:46 अशोक मिश्र खबर सुनें

बोधिवृक्ष

अशोक मिश्र

ईसा मसीह ने जीवन भर सत्य, प्रेम और अहिंसा की बात की। उन्होंने मानव को प्रेम करने की शिक्षा दी। हिंसा त्यागने और हिंसा न करने की सलाह दी, लेकिन इंसानों ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। आज भी पूरी दुनिया में हिंसा, असत्य, लोभ, प्रपंच का बोलबाला है। लोग मन से कलुषित होते हुए सबको एक समान मानने और प्रेम करने का ढोंग करते हुए दिखाई दे जाएंगे। दुनिया के सभी धर्मों में सत्य के मार्ग पर चलने, दीन-दुखियों की सहायता करने, भूखे को भोजन कराने जैसे कई तरह के कामों को करने की शिक्षा दी गई है। व्यक्ति इन शिक्षाओं को पढ़ता-सुनता तो जरूर है, लेकिन उसे अमल में नहीं लाता है।

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यही बात अपने जीवन काल में ईसा मसीह ने भी कही, महात्मा बुद्ध, भगवान महावीर ने कही। हमारे देश के अन्य महापुरुषों ने भी इस बात को कहा और दोहराया, लेकिन न समाज से हिंसा का खात्मा हुआ, न लोभ कम हुआ। न हिंसा कम हुई, न प्रेम बढ़ा। एक ईसा मसीह से उनके शिष्य ने सवाल किया कि समाज में अधर्म बढ़ता जा रहा है, स्वार्थ भावना लोगों में पनप रही है। संसार का भविष्य आखिर क्या होगा? इस पर ईसा मसीह ने कहा था कि वास्तव में मनुष्य स्वार्थ में अंधा होता जा रहा है। लोग एक दूसरे से झगड़ने और लड़ने में लगे हुए हैं। इसका कारण यह है कि वह लालच में फंसे हुए हैं। अधर्म पनपने के कारण देश और समाज में नए-नए मसीह पैदा होंगे जो अपने को ही सबसे ऊपर समझेंगे। वे खुद भगवान की तरह पेश करने की कोशिश करें, लेकिन जो निष्पाप और निष्कलंक होगा, आखिर में वही बचेगा। बाकी सब मौत के मुंह में समा जाएंगे। परमेश्वर सच्चे और अच्छे लोगों को हमेशा किसी न किसी बहाने बचाता जरूर है।

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