साइकिल रैली निकालकर छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहकर बेहतर समाज का निर्माण करने के प्रति किया गया जागरूक

हरियाणा के फरीदाबाद में नशे के दुष्परिणाम के प्रति छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग द्वारा एक साइकिल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस अभियान में क्यूआरजी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने हेल्थ पार्टनर के रूप में नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने में बड़ा योगदान दिया।

Created By : Shiv Kumar on :07-05-2022 17:07:26 साइकिल रैली खबर सुनें

देश रोजाना,फरीदाबाद
अमृत महोत्सव के अंतर्गत नशे के दुष्परिणाम के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग द्वारा साइकिल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इसमें क्यूआरजी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने हेल्थ पार्टनर के रूप में नशामुक्ति का संदेश लोगों तक पहुंचाने में बड़ा योगदान दिया। पुलिस सिविल लाइन्स से बतौर मुख्य अतिथि फरीदाबाद डीसीपी हेडक्वार्टर नीतीश अग्रवाल ने शुक्रवार को सुबह आठ बजे हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली को रवाना किया। इस रैली में राजकीय विद्यालय के 125 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

इस अवसर पर फरीदाबाद डीसीपी हेड क्वार्टर नीतीश अग्रवाल, डीसीपी ट्रैफिक सुरेश कुमार, नेशनल स्टूडेंट केडर इंचार्ज इंस्पेक्टर सविता, महिला थाना एसएचओ, दुर्गा शक्ति ग्रुप, क्यूआरजी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर राजीव गोयल व सेक्टर 30-31 पुलिस लाइन्स पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल हेमा अरोड़ा सहित अस्पताल के अन्य कर्मी मौजूद रहे। यह साइकिल रैली सेक्टर 30, 31, 28, ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-18, 19 से होते हुए सेक्टर-16 क्यूआरजी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल पहुंची, वहां रैली का भव्य स्वागत किया गया। फिर रैली में आए छात्र-छात्राओं और अन्य लोगों को क्यूआरजी हॉस्पिटल में किडनी विभाग के डायरेक्टर डॉ. राम काबरा ने नशा करने से किडनी को पहुंचने वाले नुकसान के बारे में अहम जानकारी दी।

इंसान के दिमाग पर बुरा असर डालते हैं मादक पदार्थ
वहीं नीतीश अग्रवाल ने बताया कि नशे का सेवन या मादक पदार्थ इंसान के दिमाग पर बुरा असर डालते हैं। इनसे समाज, परिवार और देश को भी गंभीर हानि सहन करनी पड़ रही है। किसी भी देश का विकास उसके नागरिकों के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। पर नशे की बुराई के कारण यदि मानव स्वास्थ्य खराब होगा तो देश का भी विकास नहीं हो सकता। नशा बुरी आदत है जो व्यक्ति को तन-मन-धन से खोखला कर देता है। इससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। परिवार की आर्थिक स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जाती है। इस बुराई को समाप्त करने के लिए शासन के साथ ही समाज के हर तबके को आगे आना होगा। तने पर कार्रवाई करने से पहले जड़ों को काटना होगा। वहीं उन्होंने कहा कि क्यूआरजी हॉस्पिटल, पुलिस प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस, स्कूल मैनेजमेंट का शुक्रगुजार हूं कि सभी ने मिल कर नशा मुक्ति मुहीम को आगे बढ़ाया व समाज में जागरूकता फैलाते हुए फरीदाबाद शहर को हम जल्दी नशा मुक्त करेंगे।

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शरीर के अहम अंग किडनी को प्रभावित कर देते हैं नशीले पदार्थ
क्यूआरजी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल से किडनी विभाग के डायरेक्टर डॉ. राम काबरा ने कहा कि किडनी हमारे शरीर का एक अहम अंग है जो शरीर में फिल्टर का कार्य करती है पर शराब, सिगरेट का अत्यधिक सेवन व फिर बाद में हेरोइन, कोकेन की लत किडनी को कई तरह से नुकसान पहुंचाते हैं। सिगरेट और शराब का ज्यादा सेवन किडनी में खून की सप्लाई कम करके किडनी के साथ लीवर को नुकसान पहुंचाता है। अन्य नशे की वजह से किडनी की मसल्स को भी नुकसान पहुंचता है, जिससे कुछ विषाक्त पदार्थ निकलते हैं जो किडनी को खराब करते हैं। ज्यादातर नशों से किडनी की ब्लड सप्लाई प्रभावित होती है जिससे गुर्दे कम काम करने लगते हैं और फिल्टर कम करते हैं। साथ ही नशा करने से कुछ ऐसे विषाक्त पदार्थ पैदा होते हैं जिन्हें गुर्दों को फिल्टर करना होता है पर ये विषाक्त पदार्थ गुर्दे को चोट पहुंचाते हैं। नशा करने से खून में एसिड बहुत अधिक मात्रा में पैदा होता है तो गुर्दे को अधिक एसिड फिल्टर करना पड़ता है जिससे गुर्दा जल्दी खराब हो सकता है।

दर्द निवारक दवाओं से भी खराब हो जाता है गुर्दा
इसके अलावा दर्द निवारक दवाओं की लत के कारण भी गुर्दा खराब हो जाता है। किडनी को स्वस्थ रखने के लिए सिगरेट, शराब का सेवन व अन्य नशा करने से बचें। जिन लोगों को नशे की लत है, उनके लिए साइकेट्रिस्ट की सलाह बहुत मददगार साबित हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति शराब, सिगरेट छोड़ नहीं पा रहा है तो इनका सेवन धीरे-धीरे कम करने का प्रयास करें। पर्याप्त मात्रा में पानी जरूर पिएं। डॉक्टर की सलाह अनुसार ही दर्द निवारक दवा का इस्तेमाल करें। प्रोटीन का ज्यादा लोड नहीं होना चाहिए। जिम जाने वाले बच्चों को सप्लीमेंट का सेवन आहार विशेषज्ञ की सलाह अनुसार ही करना चाहिए।

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