फर्जीवाड़ा कर दूसरों को फंसाने चले खुद फंस गए, छह महीनों में 122 पर हुई कार्रवाई

झूठी शिकायत देकर पुलिस को गुमराह करने वालों के खिलाफ फरीदाबाद पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस ने वर्ष 2022 में फरवरी से जुलाई तक 6 महीनों में झूठी शिकायत देने वाले 122 आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। डीसीपी क्राइम मुकेश कुमार मल्होत्रा झूठी शिकायत देने वाले लोगों को सख्स चेतावनी दी है।

Created By : Shiv Kumar on :05-08-2022 17:07:20 डीसीपी क्राइम मुकेश कुमार मल्होत्रा खबर सुनें

देश रोजाना, फरीदाबाद
फरीदाबाद पुलिस ने बीते छह महीनों में झूठी शिकायत देने वाले 122 आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 182 के तहत करवाई की है।
केस नं-एक: खुद के साथ लूट होने की झूठी शिकायत दी
पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि क्राइम ब्रांच 48 प्रभारी राकेश कुमार की टीम ने ऐसे ही एक झूठे केस का पदार्फाश करते हुए लूट के झूठे मुकदमे में खुद को पीड़ित बताने वाले आरोपी पर झूठी शिकायत देने का मुकदमा दर्ज किया है। झूठी शिकायत देने वाले आरोपी का नाम कुणाल है जो सूरजकुंड के चार्मवुड विलेज का निवासी है। दिनांक 1 अगस्त 2022 को कुणाल ने क्राइम ब्रांच 48 प्रभारी राकेश कुमार को बताया कि उसने रैपीडो के जरिए 31 जुलाई को एक मोटरसाइकिल राइड बुक की थी जो उसे लेकर शूटिंग रेंज के रास्ते होते हुए सूरजकुंड आ रहा था तो रास्ते में बाइक चालक ने पेशाब के बहाने बाइक रोकी व किसी को फोन करने लगा। इस दौरान वहां दो बाइक पर चार लड़के आए। जिन्होंने उसके साथ मारपीट करके उसका मोबाइल फोन, पर्स व स्मार्ट वॉच छीन ली व फरार हो गए। पीड़ित कुणाल ने रैपीडो बाइक चालक व अन्य चार लड़कों पर लूट का आरोप लगाया जोकि पुलिस जांच में झूठे पाए गए जिसके लिए आरोपी कुणाल पर 182 आईपीसी के तहत करवाई की गई है।

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केस नं-2 बाइक चोरी का झूठा केस दर्ज करवाया
दूसरा केस क्राइम ब्रांच 85 प्रभारी जोगिंदर सिंह की टीम ने दर्ज किया। जिसमें आरोपी ने खुद को पीड़ित बताकर बाइक चोरी का झूठा केस दर्ज करवाया था। झूठी शिकायत देने वाले आरोपी का नाम देवेंद्र है जो बल्लभगढ़ के सुनपेड़ गांव का निवासी है। उसने दिनांक 11 सितंबर 2021 को पुलिस थाना आदर्श नगर बल्लभगढ़ में एक झूठा केस दर्ज करवाया कि उसकी बुलेट बाइक चोरी हो गई है। जबकि पुलिस जांच में सामने आया कि देवेंद्र ने अपनी बाइक मनोज नामक व्यक्ति को बेच दी थी व उसकी चोरी का झूठा केस दर्ज करवा दिया। इसलिए आरोपी देवेंद्र पर झूठी शिकायत देने की कार्रवाई की गई है।

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तीसरा केस: खुद का अपहरण करके 10 लाख लूट का झूठा केस दर्ज कराया
तीसरा मामला क्राइम ब्रांच 65 प्रभारी ब्रह्म प्रकाश की टीम ने भी एक झूठे केस का पदार्फाश किया है। जिसमें आरोपी का नाम नवीन है जिसकी ग्रेटर नोएडा में एमपी आॅटो मोबाइल नाम से कंपनी है जो फरीदाबाद से निशा कास्टिंग के मालिक जयपाल से कंपनी का आॅटो पार्ट्स का सामान खरीदता है। दिनांक 11 जून को नवीन ने पुलिस थाना सदर बल्लभगढ़ में शिकायत दी कि 10 जून की रात जयपाल व उसके साथी नीटू ने गांव दयालपुर के पास उसकी गाड़ी के आगे अपनी गाड़ी लगाकर उनकी गाड़ी छीन ली व उनका अपहरण करके 10 लाख रुपये लूट लिए। क्राइम ब्रांच की टीम ने शिकायतकर्ता नवीन से गहनता से पूछताछ की जिसमें सामने आया कि नवीन द्वारा दी गई शिकायत झूठी है। नवीन ने बताया कि वह फरीदाबाद से जयपाल की कंपनी से कुछ सामान लेकर जा रहा था पर उसने बाद में पैसे देने की बात कही पर जयपाल ने उसकी बात नहीं मानी व सामान वापिस उतरवा लिया। इसका बदला लेने के लिए नवीन ने जयपाल व उसके साथी के खिलाफ झूठी शिकायत दी थी। नवीन ने बताया कि उसके 10 लाख रुपये नोएडा में उसके मकान में सुरक्षित हैं। इसके बाद आरोपी की निशानदेही पर नोएडा के उसके मकान से 10 लाख रुपये बरामद किए गए। इस केस में नवीन द्वारा लगाए गए आरोप झूठे पाए गए। पुलिस ने नवीन पर झूठी शिकायत देखकर पुलिस को गुमराह करने व पुलिस व अदालत का समय बर्बाद करने के जुर्म में भारतीय दंड संहिता की धारा 182 के तहत नवीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

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अपने लाभ के लिए ऐसी हरकत ना करें: डीसीपी क्राइम
झूठी शिकायतों को वजह से निर्दोष व्यक्ति को बहुत सारी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है व उसे कोर्ट कचहरी के चक्कर काटने पड़ते हैं। किसी निर्दोष व्यक्ति को इसकी वजह से हानि न पहुंचे व समय की बबार्दी न हो। इसलिए झूठी शिकायत देने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में फरवरी से जुलाई तक छह महीनों में झूठी शिकायत देने वालों पर 122 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं जिसमें फरवरी के 15, मार्च के 25, अप्रैल के 19, मई के 25, जून के 21 व जुलाई के 17 मुकदमे शामिल हंै। कोई भी व्यक्ति अपने फायदे के लिए इस प्रकार की हरकत ना करें अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- डीसीपी क्राइम मुकेश कुमार मल्होत्रा

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