किसानों की समस्याओं को सुलझाए हरियाणा सरकार

वैसे तो हरियाणा सरकार किसानों और छोटे व्यापारियों के हित में कई तरह की परियोजनाएं संचालित कर रही है। अभी एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री व्यापारी क्षतिपूर्ति बीमा योजना लागू की है। इससे छोटे और मंझोले व्यापारियों को होने वाले नुकसान की न केवल भरपाई की जाएगी बल्कि उन्हें कई तरह सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएगी।

Created By : Manuj on :02-10-2022 23:24:19 संजय मग्गू खबर सुनें

संजय मग्गू
वैसे तो हरियाणा सरकार किसानों और छोटे व्यापारियों के हित में कई तरह की परियोजनाएं संचालित कर रही है। अभी एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री व्यापारी क्षतिपूर्ति बीमा योजना लागू की है। इससे छोटे और मंझोले व्यापारियों को होने वाले नुकसान की न केवल भरपाई की जाएगी बल्कि उन्हें कई तरह सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएगी। ठीक इसी तरह फसल बीमा योजना जैसी तमाम योजनाओं के जरिये किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बावजूद बहुत कुछ किसानों के हित में किया जाना अभी शेष है।

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कई ऐसे मामले हैं जिनको सुलझाकर किसानों की समस्याओं को दूर किया जा सकता है। सरकारी स्तर पर प्रयास भी किए जा रहे हैं, लेकिन अब किसानों में तनिक भी अव्यवस्था होने पर बेचैनी दिखने लगी है। वे छोटी-छोटी बातों को लेकर आंदोलन करने लगे हैं। इसे तीन कृषि कानूनों को लेकर लगभग एक साल तक चले किसान आंदोलन का प्रभाव भी कहा जा सकता है। किसान नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा पर हुए हमले को लेकर सिरसा में जिस तरह किसानों ने एसपी आफिस का घेराव किया है, उससे जाहिर होता है कि किसानों ने अपने हक के लिए लड़ना सीख लिया है।

हरियाणा किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारू खेड़ा पर 22 अगस्त को कुछ लोगों ने कातिलाना हमला किया था। पुलिस अब तक कातिलाना हमला करने के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इस बात को लेकर किसान खफा थे। कई बार चेतावनी देने के बाद भी जब पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई, तो किसानों ने सिरसा में पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव करने का फैसला किया। भारी संख्या में किसान एसपी कार्यालय को घेरकर धरने पर बैठ गए। किसानों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस राजनीतिक दखल के चलते हमलावरों को गिरफ्तार करने में आनाकानी कर रही है। यदि ऐसा है तो प्रदेश सरकार को किसानों की समस्याएं सुननी चाहिए और आरोपियों को गिरफ्तार करके उचित सजा दिलाना चाहिए। वैसे किसानों का यह आरोप स्थानीय नेताओं और पुलिस अधिकारियों के लिए तो सही हो सकती है, लेकिन सरकार के स्तर पर नहीं। प्रदेश सरकार ने हमेशा किसानों और व्यापारियों की आर्थिक स्थिति सुधारने का हरसंभव प्रयास किया है। उन्हें न्याय दिलाने की कोशिश की है। शायद भविष्य में भी ऐसा ही होगा।

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