अखिलेश सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापति को गैंगरेप मामले में दोषी ठहराया गया, इस दिन कोर्ट करेगा सजा का ऐलान

अखिलेश यादव सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति को गैंगरेप मामले में अदालत ने दोषी ठहरा दिया है। मामले में मंत्री के अलावा अन्य दो आरोपियों को दोषी ठहराया गया है। एमपी /एमएलए कोर्ट सजा का ऐलान 12 नवंबर को करेगा।

Created By : Shiv Kumar on :10-11-2021 22:41:27 खबर सुनें

एजेंसी, लखनऊ

यूपी की सपा सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति समेत तीन आरोपियों को एमपी/एमएलए अदालत के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय ने गैंगरेप और पास्को एक्ट के मामले में दोषी ठहरा दिया है। इस दौरान मामले के सभी आरोपी कोर्ट में मौजूद रहे। वहीं इस मामले में कोर्ट सभी दोषियों को 12 नवंबर को सजा सुनाएगा। अदालत ने इस केस में आरोपी विकास वर्मा, अमरेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह, चंद्रपाल और रुपेश्वर उर्फ रुपेश को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया है। इन तमाम आरोपियों के विरूद्ध पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। मामला दर्ज होने के बाद से ही पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति, अमरेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह, अशोक तिवारी, विकास वर्मा, आशीष कुमार और चंद्रपाल रूपेश्वर उर्फ रूपेश जेल में बंद थे।
आपको बता दें इस मामले की रिपोर्ट चित्रकूट निवासी एक महिला द्वारा 18 फरवरी 2017 को राजधानी लखनऊ के गौतम पल्ली थाने में दी गई थी। शिकायत में बताया गया कि सभी आरोपियों ने उसके साथ गैंगरेप किया है। इसके अलावा उसकी नाबालिग पुत्री के साथ भी दुष्कर्म करने का प्रयास किया गया। शिकायत में ये भी आरोप था कि नौकरी दिलाने के लिए आरोपियों ने पीड़िता को लखनऊ बुलाया। इस बीच अलग-अलग जगहों पर उसका रेप किया गया। पीड़िता के आरोप के अनुसार उसने मामले की शिकायत पुलिस महानिदेशक से भी की गई थी पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। फिर पीड़ित ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की। फिर पीड़ित की शिकायत को दर्ज करने के आदेश जारी हुए।मामले की सुनवाई में हिस्सा लेने के लिए पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति व्हीलचेयर पर बैठकर कोर्ट पहुंचे। इस दौरान अदालत में भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी मौजूद रही।
पीड़िता का एक वर्ष से नहीं हैपता
चित्रकूट निवासी पीडि़ता ने गायत्री प्रसाद प्रजापति पर गैंगरेप करने का आरोप लगाया था। घटना को लखनऊ में अंजाम दिया गया। इसलिए यह केस लखनऊ में ही दर्ज किया गया। जब प्रजापति मामले को लेकर जेल में बंद हो गए तो इस प्रकरण में कई कई मोड़ आए, जो सुर्खियों में भी रहे। इस मामले को लेकर पीडि़ता पर दो केस दिल्ली औरलखनऊ में दर्ज किए गए। एक केस तो पीड़िता की अधिवक्ता ने ही दर्ज कराया था। इस केस के बाद से पीड़िता का कोई अता-पता नहीं है। ये भी पता चला है कि पीड़ित महिला अपनी दो बेटी व एक बेटे के साथ हमीरपुर के राठ में रह रही है। पति पूर्व से ही महिला से अलग रहते थे। पति अपने अपने छोटे भाई के साथ रह रहे हैं।

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