विदेशी निवेशकों के लिए निवेश का फेवरेट वेन्यू बना गौतमबुद्धनगर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में विदेश भ्रमण को गई टीम योगी द्वारा तमाम विदेशी कंपनियों व सरकारों से किए गए एमओयू और निवेश इंटेंट के मौखिक वादों के अनुसार ज्यादातर निवेशक गौतमबुद्धनगर में अपने उद्यम लगाने को बेताब हैं।

Created By : ashok on :28-12-2022 16:53:44 देश रोजाना ब्यूरो खबर सुनें

विदेशी निवेशकों के लिए निवेश का फेवरेट वेन्यू बना गौतमबुद्धनगर


देश रोजाना ब्यूरो

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश का गौतमबुद्धनगर विदेशी निवेशकों के लिए सबसे पसंदीदा जगह बनकर सामने आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में विदेश भ्रमण को गई टीम योगी द्वारा तमाम विदेशी कंपनियों व सरकारों से किए गए एमओयू और निवेश इंटेंट के मौखिक वादों के अनुसार ज्यादातर निवेशक गौतमबुद्धनगर में अपने उद्यम लगाने को बेताब हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार टीम योगी ने गौतमबुद्धनगर में हजारों करोड़ रुपए के निवेश से जुड़े एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं तो हजारों करोड़ रुपए के निवेश की मौखिक सहमति भी मिली है। 350 से ज्यादा कंपनियां हैं जो गौतमबुद्धनगर में निवेश को तैयार हैं। इस क्रम में दक्षिण कोरिया और जापान के दौरे पर गई टीम योगी ने जो 7 एमओयू किए हैं, उनमें से 6 गौतमबुद्धनगर में इकाइयां स्थापित करने को लेकर हैं। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने के अपने संकल्प को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों को 16 देशों में रोड शो के लिए भेजा था। प्रतिनिधिमंडल ने 400 से ज्यादा एमओयू साइन किए हैं। इन एमओयू के माध्यम से होने वाले निवेश से हजारों रोजगार के अवसर सृजित होंगे और युवाओं को रोजगार के लिए प्रदेश के बाहर नहीं जाना होगा।

टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर है फोकस
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष पटेल की अगुवाई में दक्षिण कोरिया और जापान के दौरे पर गई टीम योगी ने 10 से 18 दिसंबर के बीच 25 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश को आकर्षित किया। इनमें 18 हजार करोड़ से ज्यादा के एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए, जबकि 7 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश को लेकर मौखिक प्रतिबद्धता भी मिली। इन एमओयू में ज्यादातर विदेशी निवेशक गौतमबुद्धनगर में अपना निवेश करने जा रहे हैं। चाहे वो टेक्सटाइल मशीनरी निर्माण इकाई हो, टेक्सटाइल पार्क हो या फिर अपशिष्ट प्रबंधन सुविधा के विकास से जुड़ी इकाई हो। एमओयू के अलावा गौतमबुद्धनगर में कपड़ा व हथकरघा इकाई के लिए मौखिक प्रतिबद्धता भी दर्ज की गई है।

हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार
दक्षिण कोरिया और जापान की कंपनियों के साथ टीम योगी ने जो एमओयू किए हैं उनके माध्यम से हजारों करोड़ का निवेश आएगा। जापान इंडिया इंडस्ट्री प्रमोशन एसोसिएशन के साथ 2500 करोड़ रुपए का एमओयू हुआ है,

जो गौतमबुद्धनगर में टेक्सटाइल मशीनरी निर्माण इकाई स्थापित करेगी। इसके माध्यम से 5 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसी तरह निसेकेन क्वालिटी असेसमेंट सेंटर टोक्यो लैब गौतमबुद्धनगर में 100 एकड़ में एक 10 हजार करोड़ की लागत से डेडिकेटेड गारमेंट एंड टेक्सटाइल पार्क की स्थापना करेगा। इसके माध्यम से 10 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

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सबको मिले सरकारी सुविधाओं का लाभ

वहीं, वन वर्ल्ड कॉर्पोरेशन गौतमबुद्धनगर में 50 एकड़ क्षेत्र में 5 हजार करोड़ की लागत वाली अपशिष्ट प्रबंधन सुविधा के विकास का काम करेगी। सेको एडवांस लि. गौतमबुद्धनगर में 850 करोड़ के निवेश से गौतमबुद्धनगर में एक विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी। इसके जरिए 200 लोगों को रोजगार मिलेगा। यही नहीं, यूकेबी सर्विसेज व इंटरनेशनल बिजनेस सॉल्यूशन प्रा. लि. गौतमबुद्धनगर में कपड़ा व हथकरघा इकाई स्थापित करने के लिए 3 करोड़ रुपए खर्च करेगी।

कई अन्य कंपनियां भी हैं निवेश की इच्छुक
दक्षिण कोरिया और जापान की कंपनियां गौतमबुद्धनगर में कई और सेक्टर में भी निवेश की तैयारी में हैं। टीम योगी की व्यापारिक समुदायों और सरकार के बीच हुई बैठकों में निवेश के जो इंटेंट हासिल हुए हैं

वो भी अधिकांश गौतमबुद्धनगर में इकाई लगाने को इच्छुक हैं। इनमें दक्षिण कोरिया की सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स गौतमबुद्धनगर जिले में कोरियाई टाउनशिप और डाटा सेंटर विकसित करने को उत्सुक है। वहीं जापानी फार्मास्युटिकल ट्रेडर्स एसोसिएशन गौतमबुद्धनगर फार्मा उत्पादों के लिए एक तापमान नियंत्रित वेयरहाउस स्थापित करने में रुचि दिखाई है। दूरसंचाल के क्षेत्र में काम कर रहा एनटीटी ग्रुप भी गौतमबुद्धनगर में एक डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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इंद्रियों को वश में करने वाला अजेय

मित्सुई एंड कंपनी लि. गौतमबुद्धनगर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. के साथ एक ज्वॉइंट वेंचर बनाने पर विचार कर रहा है। सिस्मेक्स कॉर्पोरेशन ने मेडिकल पार्क के विस्तार को लेकर इच्छा जाहिर की है।

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