बॉन्ड पालिसी पर सरकार झुकने को तैयार, न छात्र

हड़ताल कर रहे छात्रों की मांग है कि प्रदेश सरकार सात साल की बांड अवधि और 40 लाख रुपये की बांडराशि की जगह एक साल की बांड अवधि और दस लाख रुपये की बांड राशि तय करे। जबकि सरकार का कहना है कि एमबीबीएस पूरी करने के बाद छात्रों को सात साल हरियाणा में सेवा करनी होगी।

Created By : ashok on :30-11-2022 14:45:16 संजय मग्गू खबर सुनें

संजय मग्गू
प्रदेश में पिछले कई दिनों से हड़ताली एमबीबीएस छात्रों की प्रशासनिक अधिकारियों से दो दौर की वार्ता विफल हो जाने के बाद अब मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने खुद कमान संभाल ली है। उन्होंने 30 नवंबर को हड़ताल कर रहे एमबीबीएस छात्रों को चंडीगढ़ बुलाकर यह जाहिर कर दिया है कि वे मामला सुलझाने के लिए पहल करने को तैयार हैं। लेकिन इस मामले में सबसे बड़ी पेच यह है कि जब तक दोनों पक्षों में से कोई एक पक्ष झुकता नहीं है, तब तक मामला सुलझने वाला नहीं है।

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हड़ताल कर रहे छात्रों की मांग है कि प्रदेश सरकार सात साल की बांड अवधि और 40 लाख रुपये की बांडराशि की जगह एक साल की बांड अवधि और दस लाख रुपये की बांड राशि तय करे। जबकि सरकार का कहना है कि एमबीबीएस पूरी करने के बाद छात्रों को सात साल हरियाणा में सेवा करनी होगी। ऐसा न करने पर चालीस लाख रुपये की बांड राशि वसूली जाएगी। इस मामले में एक तर्क सरकार का यह है कि प्रदेश के पांच सरकारी कालेजों में पढ़ाई करने के बाद ज्यादातर डॉक्टर विदेश या देश के ही दूसरे राज्यों में चले जाते हैं। वे विदेश या दूसरे राज्यों में नौकरी कर लेते हैं या फिर निजी क्लीनिक-अस्पताल खोल कर कमाई करने लगते हैं। सरकारी संस्थानों में पढ़ने के बाद छात्र दूसरे राज्यों में सेवा देने लगते हैं और उस सेवा से हरियाणा वंचित रह जाता है। सारे संस्थान जुटाकर छात्रों को पढ़ाने वाले प्रदेश को डाक्टरों की कमी का दंश झेलना पड़ता है।

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यही वजह है कि प्रदेश सरकार बांड अवधि के साथ-साथ बांड राशि बढ़ाकर प्रदेश में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया है। लेकिन एमबीबीएस छात्र सरकार के इस फैसले को मानने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने तो आज प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी भी बंद रखी है। हालांकि कुछ जगहों पर इसका ज्यादा असर नहीं दिखाई दिया है। लेकिन हड़ताली छात्रों ने इमरजेंसी सेवाएं जरूर जारी रखी हैं। अब तो इन हड़ताली एमबीबीएस छात्रों के साथ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन भी आ खड़ा हुआ है। उसका समर्थन मिलने के बाद से छात्रों के झुकने की संभावना थोड़ी क्षीण हो गई है। बहरहाल, 30 नवंबर को मुख्यमंत्री के साथ होने वाली वार्ता से हड़ताल खत्म होने की उम्मीद तो पैदा ही हो गई है।

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