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उत्‍तराखंड में आज भी युवा रोजगार के लिए भटक रहा है और सबसे अहम मुद्दा पलायन का जिसे आज तक कोई भी सरकार नहीं रोक पाई

Created By : Manuj on :09-11-2022 15:37:59 उत्‍तराखंड खबर सुनें

नम्रता पुरोहित कांडपाल

उत्‍तराखंड जिसे देव भूमि के रूप में पूजा जाता है।

उत्‍तराखंड अलग राज्‍य की मांग को लेकर सबसे पहले छ: मई साल 1938 को गढ़वाल श्रीनगर में भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में मांग उठी थी,,हालांकि जिन मुद्दों को लेकर अलग राज्‍य की मांग उठी थी वो इतने सालों में भी पूरे नहीं हुए है,, उत्‍तराखंड में आज भी युवा रोजगार के लिए भटक रहा है

और सबसे अहम मुद्दा पलायन का जिसे आज तक कोई भी सरकार नहीं रोक पाई है।। इस ,-राज्‍य का भविष्‍य तो उज्‍ज्‍वल है लेकिन नेतृत्‍व भी सही हो जाए तो राज्‍य को पर्यटन की दृष्टि से आगे बढ़ाया जा सकता है,रोजगार के अवसर पैदा कर पलायन को भी रोका जा सकता है।।

देखा जाए तो इतने सालों में थोड़ा बहुत बदलाव तो हुआ है शिक्षा के क्षेत्र में भी काफी आगे आया है उत्‍तराखंड,, आईआईएम काशीपुर में बना।। इंजीनियर कॉलेज रूडकी को भी और मोडिवेट किया गया है।। हल्दवानी में मेडिकल कॉलेज है।। लेकिन ये बदलाव निम्‍न यानि ग्रामीण स्‍तर पर देखने को नहीं मिलता है।। गांवों में आज भी शिक्षा,स्‍वास्‍थ्‍य सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है।।

बिना शिक्षा के किसी भी प्रकार का विकास नहीं किया जा सकता है अगर आपमें ज्ञान की कमी होगी तो आप आगे नहीं बढ़ पाएंगे,, और यही उत्‍तराखंड के गांवों में देखने को मिलता है।। सड़कों का निर्माण तो हुआ है लेकिन फिर भी निचले स्‍तर तक अभी भी सुविधाएं नहीं पहुंच पाई है,,भूमि का क्रय-विक्रय हो रहा है बाहर से आने वाले लोग आसानी से जमीन खरीद सकते है।

जो कि पहाडी इलाको में अलाउड नहीं होता है।। जैसे हिमांचल का पेटेंट है उसी तर्ज पर उत्‍तराखंड को भी डेवलेप किया जाना चाहिए ये यहां की सरकारों को सोचना होगा।। कृषि के क्षेत्र में भी राज्‍य को और आगे बढ़ाया जा सकता है,,ऑर्गेनिक खेती पर जोर दिया जाना चाहिए,,जड़ीबूटी संबंधी दवाओं पर भी ध्‍यान दिया जाना चाहिए।।प्राकृतिक सम्‍पदाओं से परिपूर्ण है ये देवभूमि उततराखंड मगर सिर्फ इस ओर ध्‍यान देने की जरूरत है इन विशेषताओं को पहचानने की जरूरत है।

भले ही यहां गंगा यमुना जैसी पवित्र नदियां बहती है लेकिल फिर भी इस पर्वतीय क्षेत्र में पानी की बहुत कमी है।। जमीनी स्‍तर पर काम करने की जरूरत है,,जब आम आदमी को मूलभूत सुविधाएं ही नहीं मिल पाएंगी तो वो तो पलायन करेगा ही,, किसे अच्‍छा लगता होगा अपना घर छोड़कर जाना लेकिन जब धरातल पर ही योजनाओं का रूप नहीं दिखाई देगा तो पलायन तो होगा ही।।
कुटिर उद्योगों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।


भोगोलिक स्थिति को सुधारते हुए मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति पर ध्‍यान देने की जरूरत है।
पर्यटन के क्षेत्र में अवसर ढ़ूंढ़े जा सकते है।


जिससे की रोजगार मिले और पलायन रूके।


इसके अलावा इस राज्‍य की की कुछ रोचक बाते आपको बताते है--
उत्‍तराखंड के मुख्‍य धार्मिक स्‍थल है--हरिद्वार,ऋषिकेश,केदारनाथ,बदरीनाथ,गंगोत्री,यमनोत्री, उत्‍तरकाशी,,पंच प्रयाग और देव प्रयाग है।।
उत्‍तराखंड का राज्‍य फूल है सफेद कमल, , जो परमपिता ब्रहमा जी के हाथों में रहता है।। इसका मेडिकल सांइस में बहुत उपयोग माना गया है।। राज्‍य पेड़ बुराश माना जाता है,, जिसके रस भी कई दवाईयों को बनाने में यूज किया जाता है।।
जिम कार्बेट राष्‍ट्रीय उद्यान है जो लगभग एक हजार साल पुराना है।।
उत्‍तराखंड का चिपको आंदोलन जो 1970 में हुआ था पेडों की रक्षा के लिए महिलाएं पेड़ों के गले लग गई थी।।
टिहरी बांध जो भारत का सबसे ऊंचा बांध है जहां पैदा की गई बिजली को हरियाणा,पंजाब,जम्‍मू कश्‍मीर और दिल्‍ली तक वितरित किया जाता है।।

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