मौलिक अधिकार नहीं है `मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाना`, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस्लाम को लेकर ये बात की स्वीकार

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बदायूं के बिसौली तहसील में धोरनपुर गांव की नूरी मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाकर अजान देने की इजाजत नहीं देने के आदेश के खिलाफ याचिका खारिज कर दी है। याचिका में याचिका कर्ता ने एसडीएम बिसौली के ऑडर को अवैध बताया था।

Created By : - on :06-05-2022 16:04:35 इलाहाबाद हाईकोर्ट खबर सुनें

एजेंसी, प्रयागराज।
मस्जिद और अन्य धार्मिक स्थल से लाउडस्पीकर हटाने के यूपी की योगी सरकार के निर्णय पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की भी मुहर भी लग गई है। मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाने की इजाजत मांगने की याचिका को खारिज करने के साथ ही इलाहाबाद हाई कोर्ट ने निर्देश भी दिया कि मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाना किसी का भी मौलिक अधिकार नहीं है।

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इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बदायूं की नूरी मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाने की इजाजत की मांग वाली याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि मस्जिद पर लाउडस्पीकर लगाकर अजान देना मौलिक हक नहीं है। इसपर बदायूं के एसडीएम ने मस्जिद पर स्पीकर लगाने की इजाजत नहीं देने की उचित वजह भी दर्ज कराई है। अदालत ने यह भी कहा है कि ये सही है कि अजान तो इस्लाम का अंग है पर इसके साथ ये भी है कि लाउडस्पीकर से अजान देना इस्लाम का अंग नहीं है। ये आदेश न्यायमूर्ति वीके बिड़ला और न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने इरफान की याचिका पर दिया है।

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इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बदायूं के बिसौली तहसील में धोरनपुर गांव की नूरी मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाकर अजान देने की अनुमति नहीं देने के ऑडर के खिलाफ याचिका खारिज कर दी है। याचिकाकर्ता का कहना था कि एसडीएम बिसौली का ऑडर अवैध है। इससे याचिकाकर्ता के मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाकर अजान करने के मूल अधिकारों और कानूनी अधिकार का हनन किया गया है। इस वजह से एसडीएम का तीन दिसंबर 21 का स्पीकर लगाने की इजाजत नहीं देने का ऑदेश रद किया जाए। याची ने 20 अगस्त 21 को अर्जी दी थी, जिसको एसडीएम ने रद्द कर दिया।

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