पुतिन ने यूक्रेन के चार क्षेत्रों पर कब्जे का किया ऐलान, पश्चिमी देशों ने साधा निशाना

रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने क्रेमलिन समारोह में चार यूक्रेनी क्षेत्रों पर कब्जा करने का ऐलान कर दिया है। इस दौरान पुतिन ने पश्चिमी देशों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हम किसी भी चेतावनी के सामने न तो झुके हैं और न ही झुकेंगे। इसके अलावा पुतिन ने पश्चिमी देशों को लालची होने का भी आरोप लगाया।

Created By : Mukesh on :01-10-2022 07:55:10 प्रतीकात्मक खबर सुनें

रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने क्रेमलिन समारोह में चार यूक्रेनी क्षेत्रों पर कब्जा करने का ऐलान कर दिया है। इस दौरान पुतिन ने पश्चिमी देशों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हम किसी भी चेतावनी के सामने न तो झुके हैं और न ही झुकेंगे। इसके अलावा पुतिन ने पश्चिमी देशों को लालची होने का भी आरोप लगाया।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि पश्चिमी देश रूस को कमजोर करने और सोवियत संघ के पतन के बाद से इसे अपने घुटनों पर लाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश चाहते हैं कि हमारा राज्य छोटे राज्य में बंट जाए और यह राज्य एक-दूसरे के खिलाफ लड़ें। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश लालची हैं और चाहते हैं कि रूस उसके अपनिवेदश में रहे।
उन्होंने पश्चिमी देशों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि वे हमें आजाद नहीं देखना चाहते। वे चाहते हैं कि हम गुलामी की भीड़ में रहें। हालांकि रूस एक महान सभ्यता वाला देश है और पश्चिमी देशों द्वारा तय किए गए झूठे नियमों का हमेशा से इनकार किया है। पुतिन ने आगे कहा कि पश्चिमी अभिजात वर्ग हमेशा से ऐसा ही रहा है। वे उपनिवेशवादी रहे हैं और वे उपनिवेशवादी बने हुए हैं। वे भेदभाव करते हैं और राष्ट्रों को प्रथम वर्ग व द्वितीय वर्ग में बांटकर अंतर करते हैं। यही कारण है कि रूसोफोबिया है, जिसे पश्चिम में फैलाया जा रहा है।
व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि पश्चिम देशों ने भारत जैसे देशों को लूटा है। हमने खुद को कॉलोनी नहीं बनने दिया। रूस सोवियत संघ को फिर से बनाने के लिए प्रयास नहीं कर रहा है। हम अतीत को वापस नहीं ला सकते हैं। हमें इसकी आवश्यकता नहीं है। हालांकि रूस किसी भी दबाव में आने वाला देश नहीं है।
बता दें कि ब्रिटेन और अमेरिका समेत तमाम पश्चिमी देशों ने रूस के जनमत संग्रह को दिखावा बताया था और कहा था कि हम इस दिखावे जनमत संग्रह को कभी स्वीकृति नहीं देंगे। इसके अलावा कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भी बयान में कहा था कि हम भी इन दिखावटी जनमत संग्रह या रूस के यूक्रेनी क्षेत्रों के अवैध कब्जे के प्रयास के परिणामों को कभी भी मान्यता नहीं देंगे।

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