भगवान दत्‍तात्रेय सभी कष्‍टों का निवारण तुरंत ही कर देते है।

भगवान दत्‍तात्रेय के लिए कहा जाता है कि वो अपने भक्‍तों की पुकार पर अदृश्‍य रूप से प्रकट होकर उनकी सहायता करतें हैं

Created By : Manuj on :07-12-2022 16:14:13 स्मिता सिंह खबर सुनें

दत्‍तात्रेय जयंती


शास्‍त्रों के अनुसार मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा तिथि को भगवान दत्‍तात्रेय की जयंती मनाई जाती है। इस बार ये सात दिसंबर 2022 वार बुधवार को मनाई जाएगी। वैसे तो पूरे देश में हिंदू धर्म में भगवान दत्‍तात्रेय की जयंती मनाई जाती है, लेकिन मुख्‍य रूप से महाराष्‍ट्र राज्‍य में दत्‍तात्रेय जयंती को हषोल्‍लास के साथ मनाया जाता है।

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भगवान दत्‍तात्रेय के लिए कहा जाता है कि वो अपने भक्‍तों की पुकार पर अदृश्‍य रूप से प्रकट होकर उनकी सहायता करतें हैं। इनकी उपासना से तत्‍काल फल की प्राप्ति होती है। भगवान दत्‍तात्रेय सभी कष्‍टों का निवारण तुरंत ही कर देते है। भगवान दत्‍तात्रेय को त्रिदेवों का संयुक्‍त स्‍वरूप यानिकी ब्रह्रमा, विष्‍णु और महेश का अंश माना जाता है। भगवान दत्‍तात्रेय में गुरू और ईश्‍वर का स्‍वरून निहीत माना जाता है। तीन मुख और छ: हाथ है भगवान दत्‍तात्रेय के। भ्‍गवान दत्‍तात्रेय ने अपने चौबीस गुरू बनाए है,

इनके साथ गाय और कुत्‍ता भी दिखाई देता है। सभी से भगवान दत्‍तात्रेय ने शिक्षा ग्रहण की है। भगवान दत्‍तात्रेय ने गुरूओं में पशु-पक्षी, मानव और प्रकृति सभी को अपना गुरू माना है। कलयुग के लिए ये माना जाता है कि किसी भी कार्य को करने में कोई अड़चन आ रही हो जो कार्य किसी की भी पूजा से संपन्‍न ना हो पा रहा हो, वो कार्य भगवान दत्‍तात्रेय की पूजा सं संपन्‍न हो जाता है। भगवान दत्‍तात्रेय की पूजा करने से मनुष्‍य बुरी संगत, गलत रास्‍ते पर जाने से बच सकतें हैं। इनकी पूजा-अर्चना से संताप प्राप्ति और ज्ञान प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण होती है।

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जो मनुष्‍य भगवान दत्‍तात्रेय की पूजा करते हैं उन पर किसी भी प्रकार के तंत्र-मंत्र, नजर दोष यानि की किसी भी तरह की नकारात्‍मक ऊर्जा का प्रभाव नहीं होता है। मनुष्‍य के सभी पापों का नाश होता है, व्‍यक्ति सही रास्‍ते पर चलने लग जाता है। जो अपने जीवन में किसी गुरू को तलाश रहें है अपने जीवन के लिए माग्‍दर्शक चाहते है तो वे भगवान दत्‍तात्रेय की पूजा अवश्‍य करनी चाहिए। भगवान दत्‍तात्रेय की पूजा से तन-मन दोनों ही शुद्ध और सात्विक होते है। भगवान की पूजा करते समय पीले पुष्‍प, चंदन और पीली मिठाई का भोग लगाए, सम्‍भव हो तो एक समय का उपवास भी रखें। भगवान दत्‍तात्रेय के मंत्रों का जाप करें और उनसे अपनी मनोकामना पूर्ण करने का आशीर्वाद मांगें।

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