मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने उठाया नदी और समुद्र तटों पर गंदगी का मुद्दा

पीएम मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम में नदी-समुद्र तटों पर गंदगी का मुद्दा उठाया। उन्होंने ‘कचरे से कमाई’ के लिए प्रेरित करने को मिजोरम की एक नदी ‘चिटे लुई’ का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि बरसों की उपेक्षा के चलते यहां गंदगी और कचरे का ढेर लग गया था।

Created By : Pradeep on :26-06-2022 13:49:05 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खबर सुनें

पीएम मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम में नदी-समुद्र तटों पर गंदगी का मुद्दा उठाया। उन्होंने ‘कचरे से कमाई’ के लिए प्रेरित करने को मिजोरम की एक नदी ‘चिटे लुई’ का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि बरसों की उपेक्षा के चलते यहां गंदगी और कचरे का ढेर लग गया था। लेकिन कुछ लोगों ने यहां वेस्ट से वेल्थ क्रिएशन का अवसर देखा और साफ-सफाई शुरू की। इस दौरान नदी और उसके किनारों से जो प्लास्टिक और पॉलिथीन का कचरा निकला, उसका इस्तेमाल सड़क बनाने में किया गया। इसी तरह पीएम मोदी ने पुडुचेरी के समुद्र तट का भी उदाहरण देकर स्वच्छता के लिए प्रेरित किया।

पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 90वीं कड़ी में रेडियो पर जनता को संबोधित किया। अन्य बातों के अलावा पीएम ने कार्यक्रम के जरिए लोगों को स्वच्छता और साफ-सफाई के लिए प्रेरित करने के लिए उदाहरण दिए। ‘कचरे से कमाई’ से जुड़े सफल प्रयासों पर पीएम मोदी पहले भी ‘मन की बात’ में चर्चा करते रहे हैं। रविवार को उन्होंने मिज़ोरम की राजधानी आइजोल का एक उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि आइजोल में एक खूबसूरत नदी है, जिसका नाम है ‘चिटे लुई’। बरसों की उपेक्षा के चलते ये नदी गंदगी और कचरे के ढेर में बदल गई थी।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इस नदी को बचाने के लिए प्रयास शुरू हुए। इसके लिए स्थानीय एजेंसियां, स्वयंसेवी संस्थाएं और स्थानीय लोगों ने मिलकर सेव चिटे लुई नाम से एक्शन प्लान चलाया। नदी की सफाई के इस अभियान ने वेस्ट से वेल्थ क्रिएशन (कचरे से कमाई) का अवसर भी बना दिया। दरअसल, इस नदी में और इसके किनारों पर बहुत बड़ी मात्रा में प्लास्टिक और पॉलिथीन का कचरा भरा हुआ था। नदी को बचाने के लिए काम कर रही संस्था ने इसी पॉलिथिन से सड़क बनाने का फैसला लिया। यानि जो कचरा नदी से निकला, उससे मिज़ोरम के एक गांव में प्लास्टिक रोड बनाई गई। ये मिजोरम राज्य की इस तरह की पहली रोड है। पीएम मोदी ने कहा कि इस तरह स्वच्छता के साथ विकास को भी गति दी गई।

प्रधानमंत्री मोदी ने मिजोरम के अलावा पुडुचेरी का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि मिजोरम की तरह ही एक प्रयास पुडुचेरी के युवाओं ने अपनी स्वयंसेवी संस्थाओं के जरिए शुरू किया है। पुडुचेरी समंदर के किनारे बसा है। वहां के समुद्र तट और उनकी खूबसूरती को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं। लेकिन पुडुचेरी के समंदर के तटों पर भी प्लास्टिक की गंदगी बढ़ रही थी। ऐसे में लोगों ने अपने समंदर, समुद्र तटों और पर्यावरण को बचाने के लिए रिसाइकलिंग फॉर लाइफ अभियान शुरू किया। पीएम मोदी ने बताया कि इस अभियान के तहत पुडुचेरी के कराईकल में हजारों किलो कचरा हर दिन इकट्ठा किया जाता है। इस कचरे को छांटकर जो ऑर्गेनिक कचरा होता है, उससे खाद बनाई जाती है। बाकी दूसरी चीजों को अलग करके रिसाइकल कर लिया जाता है।

पीएम मोदी ने कहा कि इस तरह के प्रयास प्रेरणादायी तो है ही, सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ भारत के अभियान को भी गति देते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा पर्यावरण स्वच्छ रहे, हमारे पहाड़-नदियां, समंदर स्वच्छ रहें, तो स्वास्थ्य भी उतना ही बेहतर होता जाता है। बता दें कि रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 90वीं कड़ी का प्रसारण हुआ। पीएम मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को आधे घंटे के इस रेडियो प्रोग्राम में देश के लोगों के साथ जुड़ते हैं।

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