अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: मंत्री अनूप धानक के साथ पांच हजार नागरिक करेंगे योग, एडीसी ने की ये खास अपील

नूंह में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर हरियाणा के श्रम एवं रोजगार मंत्री अनूप धानक के साथ पांच हजार लोग योग करेंगे। वहीं एडीसी डॉ. सुभिता ढाका ने बताया कि योग मन, शरीर व आत्मा को शुद्ध रखता है।

Created By : Shiv Kumar on :20-06-2022 22:58:30 प्रतीकात्मक तस्वीर खबर सुनें

शेरसिंह डागर, नूंह
अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. सुभिता ढाका ने कहा कि योग हमारी संस्कृति का हिस्सा है। यह पुरातन से चला आ रहा है और इसको लगातार आगे ले जाने की हमारी जिम्मेदारी है। योग हमारे मन, शरीर और आत्मा को शुद्ध रखता है। यह हमें अपने आप को देखने का अवसर भी देता है। अतिरिक्त उपायुक्त सोमवार को वाईएमडी कॉलेज के परिसर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले अंतिम अभ्यास योग कार्यक्रम में संबोधित कर रही थी। आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृंखला में आयुष विभाग व जिला प्रशासन की ओर से 21 जून को यहीं पर आठवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा जिसमें एक साथ 5 हजार से अधिक नागरिक योग करेंगे। कार्यक्रम के लिए नागरिकों को सुबह 6.15 बजे पहुंचना होगा। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर प्रदेश के श्रम एवं रोजगार मंत्री अनूप धानक मौजूद रहेंगे।

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एडीसी ने कहा कि योग हम सबको जोडऩे का काम करता है। यह विश्व बंधुत्व को पोषित करने में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। यही कारण है कि पूरे विश्व में योग को मान्यता दी है। इस अंतिम योगाभ्यास कार्यक्रम के बाद अतिरिक्त उपायुक्त ने योग मैराथन दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसी प्रकार जिला के विभिन्न खंडों में भी आज योग का अंतिम अभ्यास किया गया 21 जून को सभी खंडों में संबंधित बीडीपीओ की देखरेख में योग कार्यक्रम आयोजित करवाया जाएगा।
यह होगा योगा प्रोटोकोल

सूक्ष्म व्यायाम
प्रार्थना, ग्रीवा चालन-1, ग्रीवा चालन-2, स्कंध खिंचाव-1, स्कंध खिंचाव-2, स्कंध पालन-1, स्कंध पालन-2, कटि चालन, घुटना संचालन व्यायाम शामिल हैं।

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खड़े होकर करने वाले आसन
ताड़ासन, वृक्षासन, पादह्स्तासन-1, पादह्स्तासन-2, अद्र्घ चक्रासन, त्रिकोणासन शामिल हैं। बैठकर करने वाले आसन में दण्डासन, भद्रासन, वज्रासन, अद्र्ध उष्ट्रासन, उष्ट्रासन, शशांकासन, उतानमंडूकासन, वक्रासन शामिल हैं।


पेट के बल लेटकर किए जाने वाले आसन
मकरासन, भुजंगासन, शलभासन आसन शामिल हैं। पीठ के बल लेटकर किए जाने वाले आसन में सेतुबंधासन उत्तानपाद आसन, अर्धहलासन, पवनमुक्तासन व शवासन शामिल हैं।
इसके अलावा कपालभाती, अनुलोम विलोम प्राणायाम, शीतली प्राणायाम व भ्रामरी प्राणायाम शामिल हैं। अंत में ध्यान आसन।

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