मंत्री जी यह बता दो घोटाले की जांच किससे कराओगे...

लघु सचिवालय में हुई ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में मंत्री डा. बनवारी लाल शिकायतकर्ता की बात सुनते ही एक बार तो अचंभित से हो गए। फिर बात को संभालते हुए बोले कि ठीक है फिर ऊपर चल रही जांच की रिपोर्ट आने दो उसके बाद देखते हैं। शिकायतकर्ता ने मंत्री से यह भी कह डाला कि उसके पास वह वीडियो भी है।

Created By : Pradeep on :28-12-2021 23:10:34 पलवल लघु सचिवालय में ग्रीवेंस की बैठक लेते मंत्री बनवारी लाल और साथ में विधायक प्रवीण डागर, दीपक मंगला और विधायक जगदीश नायर। खबर सुनें

धान फसल खरीद घोटाले का मुद्दा विधानसभा में उठने के बाद भी ज्यों-का-त्यों पड़ा हुआ है और जांच में क्या हुआ यह फाइलों में ही दबा हुआ है। होडल अनाजमंडी में हुए धान घोटाले की जांच कराने की बात पर हरियाणा के सहकारिता, अनुसूचित जातियां एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री डा. बनवारी लाल उस वक्त सकते में आ गए जब शिकायतकर्ता ने कहा कि जांच को किससे कराओगे यहां तो सभी अधिकारी पैसे खाए बैठे हैं। लघु सचिवालय में हुई ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में मंत्री डा. बनवारी लाल शिकायतकर्ता की बात सुनते ही एक बार तो अचंभित से हो गए। फिर बात को संभालते हुए बोले कि ठीक है फिर ऊपर चल रही जांच की रिपोर्ट आने दो उसके बाद देखते हैं। शिकायतकर्ता ने मंत्री से यह भी कह डाला कि उसके पास वह वीडियो भी है, जिसमें मार्केट कमेटी के अधिकारी ऊपर तक अधिकारियों व नेताओं को पैसे पहुंचाने का दावा करते हैं। यह सुनते ही मंत्री ने शिकायत को अगली बैठक में रखने का बोल कर शिकायतकर्ता को चलता कर दिया।

और जब खाकी ने कार्यकर्ताओं के साथ की धक्का मुक्की
यूं तो अपने मंत्री से मिलने और उससे अपनी बात कहने का सभी कार्यकर्ताओं का मन होता है। लेकिन, जब उन्हीं कार्यकर्ताओं को मंत्री के सुरक्षाकर्मी मिलने से रोक दें तो उन कार्यकर्ताओं के मन पर क्या बीतती होगी। ऊपर से उन कार्यकर्ताओं के साथ धक्का मुक्की भी मंत्री की सुरक्षा करने वाले खाकी के नुमाइंदों ने कर दी। ऐसे में कार्यकर्ता मन मसोसकर दूर दरवाजे को देखकर कर भी क्या सकता है। बात बीते दिनों हुई ग्रीवेंस की बैठक वाले दिन की है। जब मंत्री डा. बनवारी लाल जब जिले के लघु सचिवालय में ग्रीवेंस की बैठक के बाद डीसी के कार्यालय में बिना कार्यकर्ताओं से मिले ही अंदर चले गए। ऐसे में खाकी द्वारा बंद किए दरवाजे को प्रवीण बाबू की आवाज पर कमल के फूल वाली पार्टी के जिलाध्यक्ष ने आकर खोला। तब कहीं जाकर प्रवीण बाबू भी अंदर जा पाए।

नकद नारायण तो चल ही रहा है
यूं तो प्रदेश के मुखिया जी दावा करते हैं कि उनके शासन में भ्रष्टाचार नहीं हो रहा। न कहीं पर्ची और न ही खर्ची है। यदि फिर भी कहीं कोई भ्रष्टाचार करता भी है तो उनसे सख्ती से निपटा जा रहा है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जा रहीं हैं। लेकिन, अपने मुखिया के ही दावों को धता बताते हुए प्रवीण बाबू ने मजाक में ही सही किंतु हकीकत बयां कर ही दी। बात उस समय चल पड़ी जब डा. बनवारी लाल ग्रीवेंस की बैठक में देरी से पहुंचे। बस फिर क्या खादी पहनने वालों के तीर एक दूसरे पर छूटने शुरू हो गए। तो किसी बात पर प्रवीण बाबू ने मजाक में कह ही डाला नकद नारायण तो चल ही रहा है। लेकिन हमारा क्या है, हम तो किसान के बेटे हैं अपने दरांती और फावड़े है लेकर दोबारा खेत में चल देंगें। आखिरकार नगद नारायण चल कहां रहा है यह तो प्रवीण बाबू ही जानें।
कारवां गुजर गया गुबार देखते रहे
वि व गीतकार गोपालदास नीरज का लिखा गीत कारवां गुजर गया गुबार देखते रहे और हम खड़े-खड़े बहार देखते रहे जिले के माननीयों पर इस समय खरा उतर रहा है। दरअसल बहुत समय से जिले के तीनों माननीय मंत्रिमंडल विस्तार की बाट जोह रहे थे। मंगलवार को वह घड़ी आ ही गई जब कि सूबे के मुखिया ने अपने सियासी परिवार को यानी मंत्रिमंडल को बड़ा कर लिया। मंत्रिमंडल विस्तार का शुभ मुहूर्त तो निकल गया, लेकिन जिले की झोली खाली ही रह गई। वैसे डिंपल बाबू के मंत्री बनने के चर्चे तो काफी थे। होडल वाले नायर साहब भी मंत्री बनने की अपनी तरफ से तो पूरी जुगत भिड़ा रहे थे। चंडीगढ़ में दफ्तर पक्का करने के लिए डिंपल बाबू हरिद्वार प्रवास को छोड़कर चंडीगढ़ पहुंच भी गए थे पर अंत में निराशा ही हाथ लगी।

ये भी पढ़ें

नागरिक अस्पताल पलवल में खुलेआम जलाया जा रहा कूड़ा और मेडिकल वेस्ट, शिकायतों पर भी नहीं हो रही कार्रवाई

गजराज सिंह आर्य

Share On