दिल्ली: बाटला हाउस में एनआईए का बड़ा एक्शन, आईएसआईएस से संबंध रखने वाले मोहसिन अहमद को किया गिरफ्तार

एनआईए ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर दिल्ली के बाटला हाउस आईएसआईएस के सक्रिय सदस्य को अरेस्ट किया है। गिरफ्त में आए इस आतंकी का नाम मोहसिन अहमद है। मोहसिन अहमद क्रिप्टोकरेंसी की मदद से आतंकी फंडिंग करता था।

Created By : Shiv Kumar on :07-08-2022 15:17:40 प्रतीकात्मक तस्वीर खबर सुनें

एजेंसी, नई दिल्ली
दिल्ली के बाटला हाउस में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने ताबड़तोड़ छापे मारे और एक आईएसआईएस के सक्रिय सदस्य को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। गिरफ्त में आए इस आतंकी का नाम मोहसिन अहमद बताया जा रहा है। मोहसिन अहमद क्रिप्टोकरेंसी की मदद से आतंकी फंडिंग करता था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने रविवार को छह ठिकानों पर रेड मारी, इस दौरान यह कामयाबी मिली।

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एनआईए ने स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली में एक तलाशी अभियान शुरू किया व इस दौरान आईएसआईएस मॉड्यूल की गतिविधियों से कथित रूप से संबंधित एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की शिनाख्त नई दिल्ली के बाटला हाउस निवासी मोहसिन अहमद के तौर पर हुई है। पता चला है कि मोहसिन अहमद आस पड़ोस के लोगों पर नजर रखता था। मौका मिलने पर लोगों को भड़काने का प्रयास भी करता था। इस संबंध में अभी ज्यादा जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। वहीं एनआईए यह जानने का प्रयास कर रही है कि आखिर मोहसिन अहमद की आगे क्या योजना थी।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली के जामिया मिलिया विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने मोहसिन के बारे में जानकारी दी थी, जिसके आधार पर एनआईए ने यह एक्शन लिया। विवि के विद्यार्थियों की माने तो उसने कई विद्यार्थियों को इस्लामिक स्टेट की विचारधारा से प्रभावित करने का प्रयास किया। एनआईए ने इस मामले को लेकर 25 जून को ही मोहसिन के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिसके बाद लगातार उसकी खोजबीन की जा रही थी।


तफ्तीश में पता चला कि वो अफगानिस्तान व सीरिया में मौजूद आईएसआईएस के कमांडरों के संपर्क में था व वह उन्हें क्रिप्टोकरेंसी के जरिए फंड भेजता था। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि मोहसिन अहमद भारत में आईएसआईएस के लिए फंडिंग करता था। एनआईए अब यह पता लगा रही है कि क्रिप्टोकरेंसी व हवाला के माध्यम से हुई ट्रांजेक्शन को किसने फंड किया। इसका हैंडलर कौन है और कहां बैठा है? यह आगे कहां रुपये की सप्लाई कर रहा था। किसके पास धन पहुंचाया जा रहा था।

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