आजम खान की पत्नी तंजीन फातिमा व बेटे अब्दुल्ला आजम की परेशानी बढ़ी, जारी हुआ गैर जमानती वारंट

सपा नेता आजम खान की पत्नी तंजीन फातिमा और पुत्र अब्दुल्ला आजम के खिलाफ एक केस में सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान कोर्ट में तंजीन फातिमा और अब्दुल्ला आजम दोनों अनुपस्थित रहे। इसपर अदालत ने कार्रवाई की।

Created By : Shiv Kumar on :11-05-2022 14:53:01 तंजीन फातिमा व अब्दुल्ला आजम खबर सुनें

एजेंसी, लखनऊ
सपा नेता आजम खान के बाद अब उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम की परेशानी बढ़ती दिख रही हैं। कोर्ट ने आजम की पत्नी तंजीन फातिमा और पुत्र अब्दुल्ला आजम के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। वैसे दोनों को जन्म प्रमाण पत्र के मामले में एमपी-एमएलए अदालत में पेश होना था। पर वो दोनों कोर्ट में अनुपस्थित रहे। इसपर अदालत ने दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिए। इस केस में अगली सुनवाई की तारीख 16 मई निर्धारित की गई है। इस तारीख से पहले तंजीन फातिमा और अब्दुल्ला आजम को अदालत में पेश होना होगा। नहीं तो उनको अरेस्ट किया जा सकता है। बुधवार को अब्दुल्ला आजम व तंजीन फातिमा ने अदालत में गैर हाजरी पर माफीनामा पेश किया था। इसे अदालत ने निरस्त कर दिया व गैर जमानती वारंट जारी किया।

ये भी पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग मामले पर सुनवाई करने से किया इनकार,  याचिकाकर्ता को दी ये सलाह

सरकारी वकील अरुण प्रकाश सक्सेना ने कहा कि एमपी एमएलए अदालत (एसीजीएम फर्स्ट) रामपुर ने बुधवार को क्राइम नंबर 4/19 जो दो जन्म प्रमाण पत्र से संबंधित केस पर सुनवाई होनी थी। अदालत में आजम खान के बेटे व पत्नी की ओर से दलील दी गई कि उनके अधिवक्ता जो कि दिल्ली से आते हैं वह नहीं आ सके हैं। इस कारण बुधवार को जिरह नहीं हो सकती। इस आधार पर उनकी गैरहाजरी पर माफीनामा स्वीकार किया जाए पर अदालत ने ऐसा नहीं किया।

ये भी पढ़ें

चार बच्चों के पिता ने मासूम से किया रेप, नाजुक स्थिति में पीड़िता रोहतक पीजीआई रेफर

आजम खान की बेल याचिका पर भी हुई सुनवाई
दूसरी ओर बुधवार को आजम खान की बेल अर्जी पर बुधवार को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई हुई थी। फिलहाल केस की सुनवाई को अगले मंगलवार तक के लिए टाल दिया गया है। अदालत ने यूपी सरकार से इस बाबत उत्तर भी मांगा है। जस्टिस एल नागेश्वर राव व जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने इस पर जोर दिया कि आखिर ये कैसा संजोग है कि आजम खान पर जब भी अन्तिम केस में बेल का आदेश दिया जाता है तभी सरकार या प्रशासन उनपर एक नया केस दाखिल कर देता है। ऐसा लगातार होना कोई संयोग नहीं हो सकता। वहीं प्रदेश सरकार के वकील ने कहा कि गलत नीयत या मंशा से कोई केस दर्ज नहीं किया गया है। जैसे ही जांच रिपोर्ट आ जाती है केस दर्ज कर लिया जाता है। सपा नेता व उत्तर प्रदेश के मंत्री रहे आजम खान की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी बहुत अहम मानी जा रही है। क्यों आजम खान पर एक के बाद एक 89 मामले दर्ज किए गए हैं। उच्चतम न्यायालय ने यूपी सरकार को सप्ताह भर में हलफनामा दाखिल करने को कह कर सुनवाई मंगलवार के लिए स्थगित कर दी।

Share On