पंडित नेहरू हमेशा कहते थे कि बच्‍चे बगीचे की कलियों की तरह होते है

पंडित नेहरू का जन्‍म 14 नंवबर 1879 में इलाहाबाद में हुआ था । जिसे अब प्रयागराज कहा जाता है।

Created By : Manuj on :14-11-2022 11:43:35 पंडित जवहरलाल नेहरू खबर सुनें
ये भी पढ़ें

14 नवंबर का इतिहास

नेहरू और बाल दिवस


चौदह नंवबर को देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवहरलाल नेहरू का जन्‍म दिन होता है। नेहरू बच्‍चों को बहुत पसंद करते थे और बच्‍चे उन्‍हें प्‍यार से चाचा नेहरू कहकर पुकारते थे,इसलिए हर साल उनके जन्‍त दिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। पहले बाल दिवस साल 1956 से बीस नंबर को मनाया जाता था। क्‍योंकि इस दिन संयूक्‍त राष्‍ट्र संघ की तरफ से पूरी दुनिया में बाल दिवस मनाया जाता है।

लेकिन नेहरू जी की मृत्‍यु 27 मई 1964 के बाद से उनके जन्‍म दिन को बाल दिवस मनाया जाने लगा। पहला बाल दिवस साल 1965 में मनाया गया। इसे लेकर भारतीय संसद में एक प्रस्‍ताव भी पारित किया गया थ। पंडित नेहरू हमेशा कहते थे कि बच्‍चे बगीचे की कलियों की तरह होते है, जिन्‍हें अच्‍छी देखभाल की जरूरत होती है,

क्‍योंकि वे देश का भविष्‍य और कल का नागरिक है। पंडित नेहरू का जन्‍म 14 नंवबर 1879 में इलाहाबाद में हुआ था । जिसे अब प्रयागराज कहा जाता है। उनके घर को आनंद भवन का नाम दिया गया है। वे कश्‍मीरी पंडित थे नेहरू जी के पिताजी का नाम मोतिलाल नेहरू था, वे इंडिया के बहुत बड़े वकील माने जाते थे।

आजादी की लड़ाई में इन्‍होंने इनका योगदान माना जाता है।पंडित जवाहर लाल नेहरू की प्ररम्भिक शिक्षा अपने घर में ही हुई,उसके बाद उन्‍हें इंग्‍लैंड पढ़ने के लिए भेजा गया। वहां से नेहरू जी ने बेरिस्‍टर की डिग्री हासिल की और अपने देश लौटे,,यहां आने के बाद वे गांधीजी के विचारों से बहुत प्रभावित हुए और उनके साथ आजादी दिलवाने के आंदोलन में जुड़ गए। साल 1920 में असहयोग आंदोलन में भाग लेते हुए नहरू जी पहली बार जेल में भी गए।देश आजाद होने के बाद पूर्ण स्‍वराज का विचार भी नेहरू जी ने ही रखा था।

गांधीजी ने उन्‍हें अपना राजनीतिक उत्‍तराधिकारी घाषित किय था।उन्‍होंने देश में कई शिक्षण संस्‍थानों की स्‍थापना की थी जैसे प्रोद्योगिकी संस्‍थान,अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान और भारतीय प्रबंधन संस्‍थान की स्‍थापना की थी। नेहरू जी ने आधुनिक भारत की नींव रखी।

बाल दिवस के दिन विभिन्‍न स्‍कूलों में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते है। बाल दिवस मनाने का असली मकसद है बच्‍चों के समग्र विकास शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य,खेल जैसी सुविधाओं को बच्‍चों के लिए करना उनके अधिकारों के प्रति सभी को जागरूक करना।

इस दिन समाज के उपेक्षित बच्‍चों के लिए भी कई समाजसेवी संस्‍थाएं कई कार्यक्रम आयोजित करती है। बाल दिवस बच्‍चों का राष्‍ट्रीय पर्व होता है इस पर कोई छूट्टी नहीं होती है। पढ़ाई भी नहीं करवाई जाती है। कई रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। पूरी दुनिया में बाल दिवस 20 नवंबर को मनाया जाता है। दुनिया में लगभग 50 देश ऐसे भी है जहां एक जून को बाल दिवस मनाया जाता है। आपको ये जानकर आश्‍चर्य होगा कि दुनिया के एक मात्र देश ब्रिटेन है जहां बाल दिवस नहीं मनाया जाता है।

Share On