Passing Out Parade:  देश को 288 और विदेशी सेना को मिले 89 अफसर

शनिवार का दिन एक बार फिर आईएमए के इतिहास में मील के पत्थर के रूप में शामिल हो गया। आज देश के लिए 288 और 8 मित्र देशों की सेनाओं के लिए 89 कुल 377 जेंटलमैन कैडेट पास आउट हो गए। अंतिम पग पार करते ही अधिकारी अपने अपने देश की सेना में बतौर अधिकारी के तौर पर देश की आन बान शान की रक्षा के लिए तैयार है।

Created By : Pradeep on :12-06-2022 15:38:39 आईएमए में पासिंग आउट परेड खबर सुनें

देहरादून
शनिवार का दिन एक बार फिर आईएमए के इतिहास में मील के पत्थर के रूप में शामिल हो गया। आज देश के लिए 288 और 8 मित्र देशों की सेनाओं के लिए 89 कुल 377 जेंटलमैन कैडेट पास आउट हो गए। अंतिम पग पार करते ही अधिकारी अपने अपने देश की सेना में बतौर अधिकारी के तौर पर देश की आन बान शान की रक्षा के लिए तैयार है। भारतीय सैन्य अकादमी में आयोजित हुई पासिंग आउट परेड के दौरान कदमताल कर जेंटलमैन कैडेट्स ने उत्साह और जोश का प्रदर्शन किया।

इस दौरान 'सारे जहां से अच्छा…' और ‘कदम कदम बढ़ाए जा…’ की सैन्य धुनों पर पूर्णता के साथ मार्च किया गया। सपनों को साकार करते हुए कदमताल करते जेंटलमैन कैडेट्स के माता-पिता और रिश्तेदार हर कदम को बड़े गर्व और स्नेह के साथ देख रहे थे। दक्षिण पश्चिम कमान के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल अमरदीप सिंह भिंडर परेड के समीक्षा अधिकारी के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने आईएमए में सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने पर कैडेट्स को बधाई दी और उन्होंने उत्कृष्ट परेड के लिए प्रशिक्षकों और कैडेट्स की सराहना की।

समीक्षा अधिकारी ने विदेशी जेंटलमैन कैडेट्स को बधाई देते हुए कहा कि विभिन्न मित्र देशों के उन सभी 89 जेंटलमैन कैडेटों को बधाई देना चाहता हूं जो भारत आए हैं और आईएमए, देहरादून में सफलतापूर्वक अपना प्रशिक्षण पूरा किया है। यकीन है कि आप अपने देश के राजदूत के रूप में अपने साथ उस स्थान और प्रशिक्षण की अच्छी यादों का खजाना वापस ले जाएंगे, जिसे आप जीवन भर संजो कर रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सैन्य अकादमी द्वारा प्रदान किया जाने वाला प्रशिक्षण पेशेवर और व्यक्तिगत रूप से आपके विकास का आधार होगा और हमारी सभी सेनाओं के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करेगा।

कहा कि, आईएमए को अपनी समृद्ध विरासत और अपने बहादुर पूर्व छात्रों की वीरता और बलिदान की गाथा पर गर्व है। कहा कि, वैश्विक स्तर पर भारतीय सेना की अपनी अलग पहचान है। सेना की इस परंपरा को बनाये रखने की जिम्मेदारी युवा अफसरों की है। कैडेट से सैन्य अधिकारी बनने जा रहे नौजवानों से पूरी निष्ठा, लग्न व समर्पण के साथ देश की सेवा करने का आह्वान भी उन्होंने किया। कहा कि यह समय अत्यंत चुनौतीपूर्ण है।

परेड के बाद निजाम पवेलियन में आयोजित पीपिंग व ओथ सेरेमनी में शिरकत करने के बाद सभी युवा बतौर लेफ्टिनेंट अपने-अपने देश की सेना की मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं। परेड के दौरान रिव्यूइंग अफसर ने आईएमए में सैन्य प्रशिक्षण के दौरान श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जेंटलमैन कैडेट्स को स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक प्रदान किए। भूटान के कैडेट तेंजिन नाम्गे को श्रेष्ठ विदेशी कैडेट (बांग्लादेश मेडल) का पुरस्कार दिया गया।

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