प्रधानमंत्री मोदी ने एनटीपीसी की 5200 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बिजली क्षेत्र के लिए आज का दिन काफी महत्वपूर्ण है। उज्ज्वल भारत उज्ज्वल भविष्य-पावर 2047 कार्यक्रम में पीएम मोदी ने हिस्सा लिया और उन्होंने एनटीपीसी की 5200 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

Created By : Shiv Kumar on :30-07-2022 15:30:49 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खबर सुनें

एजेंसी, नई दिल्ली
पीएम नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को 'उज्ज्वल भारत उज्जवल भविष्य-पावर @2047' कार्यक्रम में भाग लिया। पीएम मोदी ने इस दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए विद्युत क्षेत्र के लिए पुनर्निर्मित वितरण क्षेत्र योजना का शुभारंभ किया। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5200 करोड़ रुपये से ज्यादा की एनटीपीसी की कई हरित ऊर्जा परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया। वहीं पीएम मोदी ने बताया कि बीते आठ वर्षों में देश में करीब एक 1 लाख 70 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता जोड़ी गई है। आज वन नेशन वन पावर ग्रिड देश की शक्ति बन चुका है। पूरे देश को जोड़ने के लिए करीब एक लाख 70 हजार सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन्स बिछाई गईं हैं।

ये भी पढ़ें

अलीगढ़: बारिश के दौरान निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरी, 7 स्कूल बच्चे मलबे में दबे, दो की मौत

पीएम नरेंद्र मोदी ने जोर देते हुए कहा कि वक्त के साथ हमारी सियासत में एक गंभीर विकार आता गया है। सियासत में जनता को सत्य बताने की हिम्मत होना चाहिए पर हम देखतें हैं कि कई राज्यों में इससे बचने का प्रयास होता है। यह रणनीति तात्कालिक रूप से अच्छी सियासत लग सकती है। पर ये आज की चुनौतियों, आज के सच, अपने बच्चों के लिए, अपनी भावी पीढ़ियों के लिए टालने जैसा है।

ये भी पढ़ें

पुराने दिग्गज नेताओं की घर वापसी से भाजपा हुई और मजबूत: रोशन ठाकुर

पीएम नरेंद्र मोदी ने बताया कि देश को ये समझकर हैरानी होगी कि भिन्न-भिन्न राज्यों पर 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है। इन राज्यों को ये रुपये पावर जेनरेशन कंपनियों को देना है। पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों का कई विभागों, स्थानीय निकायों पर भी 60 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा राशि बकाया है। भिन्न- भिन्न राज्यों में बिजली पर सब्सिडी का जो कमिटमेंट किया गया है, वो रुपये भी इन कंपनियों को समय पर पूरा नहीं मिल पाता। ये बकाया राशि भी 75 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का है। बिजली बनाने से लेकर हर घर तक का पहुंचाने का जिम्मा जिनका है, उनका करीब ढाई लाख करोड़ रुपये फंसा हुआ है। जिन राज्यों के बकाया हैं, मेरा उनसे अपील है कि वो जितना जल्द संभव हो सके सब क्लीयर करें। साथ उन वजहों पर भी ईमानदारी से विचार करें कि जब देशवासी ईमानदारी से अपना बिजली का भरते हैं, तब भी कुछ स्टेट का बार-बार बकाया क्यों रहता है?

Share On