मिंडकोला कन्या महाविद्यालय का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था उद्घाटन, मात्र दो शिक्षकों के सहारे छात्राओं का भविष्य

शिक्षा! क्या केवल महाविद्यालयों के भवन बनाने से ही विद्यार्थियों के जीवन में सुधार हो पाएगा या फिर उन्हें इसी से ज्ञान का बोध हो जाएगा ? क्या कंक्रीट के बनाए हुए बड़े-बड़े इन भवनों की दीवारें अपने आप विद्यार्थियों को पढ़ाएंगी?

Created By : Pradeep on :17-11-2021 20:58:03 खबर सुनें

गजराज सिंह, पलवल

शिक्षा! क्या केवल महाविद्यालयों के भवन बनाने से ही विद्यार्थियों के जीवन में सुधार हो पाएगा या फिर उन्हें इसी से ज्ञान का बोध हो जाएगा ? क्या कंक्रीट के बनाए हुए बड़े-बड़े इन भवनों की दीवारें अपने आप विद्यार्थियों को पढ़ाएंगी? आखिर क्यों, महाविद्यालयों के लिए जो भवन बनाए गए हैं उनमें क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए प्रवक्ताओं व प्राचार्य की स्थाई नियुक्ति कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं? सरकार बेटियों को पढ़ाने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए बहुत सारे नारे देती नहीं थकती नजऱ आती है। सरकार के उन नारों को क्रियान्वित कराने के लिए बड़े स्तर पर मोटा पैसा भी खर्च किया जाता है। तो क्या बेटियों को बेहतर शिक्षा देने के दावे केवल नारों तक ही सीमित हैं या फिर कुछ और ? क्या विकास का मतलब सड़कों और भवन बनाना ही है। क्षेत्र में बेहतर शिक्षा के लिए विकास का कोई पैमाना नहीं है।
हम बात कर रहे हैं हथीन खंड के गांव स्वामीका स्थित शहीद राजकंवर राजकीय महाविद्यालय और राजकीय कन्या महाविद्यालय मिंडकोला की। जिसमें प्रवक्ताओं की कमी है। विद्यार्थी महाविद्यालय में आते हैं, लेकिन केवल समय व्यतीत करके वापिस घर चले जाने को विवश हैं। बता दें कि तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने स्वामीका स्थित शहीद राजकंवर राजकीय महाविद्यालय का शिलान्यास 12 अगस्त 2013 को हथीन के तत्कालीन विधायक एवं मुख्य संसदीय सचिव जलेब खां के प्रयासों पर किया था। करोड़ों रुपयों से बने इस महाविद्यालय का निर्माण कार्य वर्ष 2016 में पूरा हुआ था। महाविद्यालय में वर्ष 2017 से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई। तभी से महाविद्यालय में प्रवक्ताओं की कमी है।
वहीं विधायक प्रवीण डागर के पैतृक गांव स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 को वीडियो कांफ्रेसिंग के द्वारा किया था। लेकिन बावजूद इसके महाविद्यालय में अभी तक भी प्रवक्ताओं की नियुक्ति नहीं हो पाई है। केवल दो शिक्षकों के भरोसे महाविद्यालय की 247 छात्राओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। गौरतलब है कि प्रवक्ताओं की कमी के कारण छात्राओं ने 3 सितंबर 2019 को पलवल-नूंह रोड जाम कर दिया था। लेकिन आंदोलनों के बाद भी प्रवक्ताओं के रिक्त पड़े स्थानों को अभी तक नहीं भरा जा सका है।
विद्यार्थियों की संख्या
शहीद राजकंवर राजकीय महाविद्यालय स्वामीका
बीए प्रथम वर्ष - 60, द्वितीय वर्ष -127, तृतीय वर्ष -123
बीकॉम प्रथम वर्ष -12, द्वितीय वर्ष -12, तृतीय वर्ष -16
बीएससी प्रथम वर्ष -16, द्वितीय वर्ष -15, तृतीय वर्ष -30
राजकीय कन्या महाविद्यालय मिंडकोला
बीए प्रथम वर्ष -97, द्वितीय वर्ष -87, तृतीय वर्ष -63
शिक्षकों की स्थिति
शहीद राजकंवर राजकीय महाविद्यालय स्वामीका
उपलब्धता - हिस्ट्री -01, अंग्रेजी -01, गणित -01, इकोनॉमिक्स -01, सोशियोलॉजी -01, पॉलिटिकल साइंस -01
जरूरत - पब्लिक ऐड -01, साइकोलॉजी-01, हिंदी -01, जियोग्राफी -01, कॉमर्स -02, फिजिक्स -01, केमिस्ट्री -01
राजकीय कन्या महाविद्यालय मिंडकोला
उपलब्धता - हिस्ट्री -01 व जियोलॉजी -01
जरूरत - हिंदी -01, अंग्रेजी - 01, गणित - 01, पोलटिकल साइंस -01 व अन्य।

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हमारे कालेज में प्रवक्ताओं की कमी है। कालेज जाने का भी कोई फायदा नहीं हो पाता है। क्षेत्र के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
पुष्पेंद्र अग्रवाल, छात्र स्वामीका
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पिछले लंबे अरसे से कालेज में प्रवक्ताओं की कमी के कारण पढ़ाई बाधित हो रही है। ऐसे में बिन शिक्षकों के कैसे पढ़ाई पूरी करें। जिससे छात्र परेशान हैं।
संदीप कुमार, छात्र स्वामीका
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कालेज में प्रवक्ताओं की कमी को लेकर कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया है। लेकिन अभी तक स्थिति ज्यों-की-त्यों बनी हुई है।
सचिन शर्मा, छात्र स्वामीका
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छात्राएं कई किलोमीटर चलकर महाविद्यालय आती हैं। लेकिन यहां प्रवक्ता न होने से सारा दिन कक्षा में बैठकर वापिस चली जाती हैं।
पूजा, छात्रा मिंडकोला
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बिना शिक्षकों के बेटियों की शिक्षा कैसे पूरी होगी, कैसे अपने सपनों को साकार कर पाएंगी। क्या केवल नारे मात्र देने से इस व्यवस्था में सुधार हो जाएगा।
दर्शन, छात्रा मिंडकोला
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महाविद्यालय में निर्धारित विषयों के प्रवक्ता न होने के कारण छात्राओं का भविष्य और पैसा खऱाब हो रहा है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए।
रिंकी, छात्रा मिंडकोला
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स्वामीका महाविद्यालय में स्टाफ की कमी को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। अभी तक मुख्यालय की तरफ से खाली पदों पर नियुक्ति के आदेश नहीं आए हैं।
राजपाल, प्रधानाचार्य, शहीद राजकंवर राजकीय महाविद्यालय, स्वामीका
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समाज तभी आगे बढ़ेगा जब समृद्ध होगा और समृद्ध तब होगा जब युवा शिक्षित होंगे। लेकिन, बिन शिक्षकों के कैसे क्षेत्र की युवा अपने सपनों को पूरा कर पाएंगे। कॉन्ट्रैक्ट पालिसी के तहत किसी भी टीचर से कोई भी सब्जेक्ट पढवा लेते हैं। ऐसे में कैसे ग्लोबलाइजेशन की तरफ हमारे कदम सार्थक होंगे।

डा. रानी रावत, नेत्री इनेलो

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भाजपा की सरकार केवल कागजी घोषणाओं के बल पर चली हुई है। जमीनी स्तर पर सारी व्यवस्थाएं चरमराई हुई हैं। क्षेत्र की युवा पीढ़ी का भविष्य शिक्षकों की कमी के कारण अंधकारमय है। सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढाओ के नारे तो देती है, लेकिन उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराने के नाम पर ढाक के तीन पात नजऱ आते हैं।

इसराइल चौधरी, कांग्रेसी नेता

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स्वामीका और मिंडकोला के महाविद्यालय में स्टाफ को लेकर विभाग के शिक्षा मंत्री से बात हुई है। जिन विषयों के स्टाफ की कमी है उनकी लिस्ट बनवाई जा रही है। अगले महीने तक स्टाफ की नियुक्ति करा दी जाएगी।

प्रवीण डागर, विधायक हथीन

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