रक्षाबंधन पर है भद्रा का साया, भाई को राखी बांधने से पहले जान लें शुभ मुहूर्त

रक्षाबंधन वाले दिन बहन अपने भाइयों की कलाई पर स्नेह व प्रेम का  धागा (राखी) बांधती हैं व साथ  ही बहनें भाई की लंबी आयु की कामना करती हैं। बदले में भाई बहन को रक्षा का वचन देते हैं। रक्षाबंधन का त्योहार इस वर्ष 11 अगस्त को मनाया जाएगा। वहीं ज्योतिष का कहना है कि इस वर्ष रक्षा बंधन पर भद्रा का साया रहेगा।

Created By : Shiv Kumar on :21-07-2022 15:37:41 रक्षाबंधन खबर सुनें

देश रोजाना, पलवल
सावन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। रक्षाबंधन के दिन बहनें भाई की कलाई पर प्रेम व स्नेह का धागा यानी राखी बांधती हैं। साथ ही बहनें उसकी लंबी आयु की कामना करती हैं। इसके एवज में भाई बहन की रक्षा करने का वचन देते हैं। इस वर्ष रक्षाबंधन का त्योहार 11 अगस्त 2022 को मनाया जाएगा। ज्योतिष एक्सपर्ट के मुताबिक रक्षाबंधन पर इस वर्ष भद्रा का साया रहेगा। भद्रा में भूलकर भी भाई की कलाई पर राखी नहीं बांधनी चाहिए।

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कब रहेगा भद्रा का साया?
इस वर्ष रक्षाबंधन का त्योहार भद्रा के साए में मनेगा। भद्रा पुंछ 11 अगस्त को सांय पांच बजकर 17 मिनट से शुरू होगा व छह बजकर 18 मिनट तक जारी रहेगा। इसके बाद भद्रा मुख सांय छह बजकर 18 मिनट से शुरू होगा व रात 8 बजे तक रहेगा। भद्राकाल पूर्ण रूप से रात आठ बजकर 51 मिनट पर खत्म होगा। इस दौरान बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधने से बचें।

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भद्रा में राखी क्यों नहीं बांधी जाती?
भद्राकाल में रक्षाबंधन पर राखी नहीं बांधनी चाहिए। इसके पीछे एक पौराणिक कथा है। जिसमें कहा गया है कि लंकापति रावण की बहन ने भद्राकाल में उनकी कलाई पर राखी बांधी थी व सालभर के भीतर उसका विनाश हो गया था। बताया जाता है कि भद्रा शनिदेव की बहन थी। भद्रा को ब्रह्मा से श्राप मिला था कि जो भी भद्रा में शुभ या मांगलिक कार्य करेगा, उसका रिजल्ट अशुभ ही होगा।

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राखी बांधने का मुहूर्त
रक्षाबंधन पर राखी बांधने के कई शुभ मुहूर्त रहेंगे। रक्षाबंधन वाले दिन सुबह 11 बजकर 37 मिनट से 12 बजकर 29 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त होगा। इसके बाद दोपहर 02 बजकर 14 मिनट से 03 बजकर 07 मिनट तक विजय मुहूर्त रहेगा। इस दौरान आप कोई भी शुभ मुहूर्त देखकर भाई की कलाई पर राखी बांधें।

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