नई आबकारी नीति से दिल्ली की राजस्व में आई भारी कमी, आदेश गुप्ता ने केजरीवाल सरकार पर साधा निशाना

नई आबकारी नीति को लेकर केजरीवाल सरकार इन दिनों विपक्ष के निशाने पर है। भाजपा नेता आदेश गुप्ता ने कहा है कि नई आबकारी नीति से दिल्ली के राजस्व में भारी कमी आई है।

Created By : Shiv Kumar on :03-08-2022 16:34:07 दिल्ली भाजपा की प्रेसवार्ता खबर सुनें

देश रोजाना, नई दिल्ली
अपनी नई आबकारी नीति को पहले लागू करने और अब उसे वापस लेने को लेकर केजरीवाल सरकार इन दिनों विपक्ष के निशाने पर है। भारतीय जनता पार्टी दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने नई आबकारी नीति को लेकर बयान दिया था कि इस नई नीति से दिल्ली सरकार को 3000 करोड़ रुपये का अधिक रेवेन्यू इकट्ठा हुआ है। जबकि इससे ठीक उलट दिल्ली सरकार की कैबिनेट नोट इसमें कमी बताई गई है।उन्होंने कहा कि 2019-20 में रेवेन्यू 8911 करोड़ रुपये का अनुमान था लेकिन यह घटकर 7029 करोड़ रुपये हो गया। आदेश गुप्ता बोले कि वहीं 2021-22 की बात करें तो 37.5 फीसदी की रेवेन्यू में भारी कमी यानि 2151 करोड़ रुपये का घाटा हुआ यानि साफ है कि नई आबकारी नीति से दिल्ली की राजस्व में भारी कमी आई है।

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शराब बोतलों की बिक्री बढ़ी पर राजस्व में आई कमी
आदेश गुप्ता ने नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी के साथ संयुक्त प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि कैबिनेट नोट में इस बात का खुलासा भी हुआ है कि एक ओर राजस्व में कमी आई है तो दूसरी तरफ शराब बोतलों की बिक्री में भारी बढ़ोतरी हुई है। इससे स्पष्ट होता है कि दिल्ली सरकार के खजाने को गलत तरीके से लूटा जा रहा है और इसका सीधा फायदा शराब माफियाओं को मिल रहा है।

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खुल गई केजरीवाल सरकार की पोल
वहीं नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि हर साल 10,000 करोड़ रुपये का फायदा और शराब की क्वालिटी अच्छी होने का दावा करने वाली केजरीवाल सरकार का पोल उस वक्त खुल गई कि जब 2022-23 की पहली तिमाही में 2375 करोड़ रुपये का रेवेन्यू आने का अनुमान था लेकिन सिर्फ 505 करोड़ रुपये का रेवेन्यू आया। जबकि 980 करोड़ रुपये तो सेक्योरिटी के रुप में जमा है। रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि उपमुख्यमंत्री ने विधानसभा के अंदर स्वीकार किया है कि दिल्ली में 100 नगर निगम वार्ड्स ऐसे हैं जहां शराब के ठेके नहीं खोले जा सकते तो फिर इन्होंने शराब के ठेकेदारों से मोटी-मोटी रकम लेकर मास्टर प्लान का उल्लंघन करके शराब के ठेके क्यों खोले गए हैं। अब इसकी जांच सीबीआई करेगी। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ने शराब माफियाओं की हर वह बात मानी चाहे ड्राइ डे कम करना हो, कमीशन बढ़ाना हो, उम्र सीमा घटाना हो, समय सीमा बढ़ानी हो या फिर खुद की शराब जांच हो।

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