सत्संग का जीवन में बड़ा महत्व है

सत्संग का जीवन में बड़ा महत्व होता है। यदि संगत अच्छी है, तो व्यक्ति का निश्चित रूप से विकास होता है, वह जीवन में अपना लक्ष्य प्राप्त कर लेता है, लेकिन यदि संगत बुरी है, तो वह का विनाश ही होता है।

Created By : ashok on :22-11-2022 15:10:12 अशोक मिश्र खबर सुनें

अशोक मिश्र
सत्संग का जीवन में बड़ा महत्व होता है। यदि संगत अच्छी है, तो व्यक्ति का निश्चित रूप से विकास होता है, वह जीवन में अपना लक्ष्य प्राप्त कर लेता है, लेकिन यदि संगत बुरी है, तो वह का विनाश ही होता है। यही वजह है कि हमारे पूर्वजों ने हमेशा सत्संग करने को ही कहा है। कहा जाता है कि श्रावस्ती में दो चोर दोस्त थे। उन दिनों ठगी और चोरी करने के जो भी तरीके होते थे, उसके मुताबिक वे लोगों के घरों में चोरी करते थे। उन दिनों श्रावस्ती में महात्मा बुद्ध आए हुए थे। लोग उनके प्रवचन सुनने को जाया करते थे।

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एक दिन दोनों जेब तराशी करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ के साथ चलते हुए प्रवचन स्थल तक पहुंच गए। तभी महात्मा बुद्ध आए और प्रवचन देने लगे। उनमें से एक चोर ध्यानमग्न होकर प्रवचन सुनने लगा। वहीं दूसरे व्यक्ति ने इसका लाभ उठाकर कुछ लोगों का बटुआ मार लिया। जब प्रवचन खत्म हुआ तो एक ने दूसरे से पूछा, तुमने कुछ किया, तो प्रवचन सुनने वाले ने कहा कि मैं तो महात्मा बुद्ध की बातों में इतना खो गया था कि आज से मैंने यह काम छोड़ने का फैसला कर लिया है। अगले दिन उसने अपनी बात महात्मा बुद्ध और उनके शिष्यों के सामने मिलकर रखी, तो महात्मा बुद्ध ने उसे समझाते हुए कहा कि तुम्हारा साथी मूर्ख है।

तुम अपनी मेहनत से अपनी आजीविका कमाओ और परोपकार में अपना जीवन बिताओ। उस व्यक्ति पर बुद्ध की बात का प्रभाव पड़ा। वहीं दूसरा व्यक्ति कुछ दिनों बाद लोगों को ठगता हुआ पकड़ा गया और उसे जेल भेज दिया गया। अब वह जेल में पछताने लगा। वहीं, उसका दोस्त अब नगर का सबसे सम्मानित और दयालु व्यक्ति के रूप में प्रसिद्ध हो चुका था। वह हमेशा लोगों की मदद करने को तैयार रहता था।

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