यूपी विधानसभा चुनाव 2022 और पंजाब सहित सभी पांचों राज्यों का शड्यूल जारी, खबर पढ़कर जानें कब पड़ेंगे आपके यहां वोट

चुनाव आयोग ने यूपी, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में कोरोना प्रोटोकाल के तहत चुनाव कराने का ऐलान कर दिया है। चुनाव आयोग ने यूपी विधानसभा चुनाव समेत सभी पांचों राज्यों के लिए चुनावी शड्यूल भी घोषित कर दिया है। खबर पढ़ने के बाद आप जान सकेंगे कि कब-कब और कहां-कहा वोटिंग होगी?

Created By : Shiv Kumar on :09-01-2022 20:16:13 प्रतीकात्मक तस्वीर खबर सुनें

देश रोजाना, पलवल।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने चुनाव कार्यक्रम का ऐलान करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण के बीच चुनाव कराना चुनौतीपूर्ण है। पर यह हमारा कर्तव्य है। सात फेज में यूपी समेत इन पांचों राज्यों में चुनाव पूर्ण होंगे। सभी पांचों राज्यों में 10 मार्च को मतगणना होगी। 10 फरवरी को पहले चरण की वोटिंग होगी। इन पांचों राज्यों में 690 विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग होगी। कोरोना संकट के बीच चुनाव कराना काफी चुनौतीपूर्ण है। इससे निपटने के लिए नए प्रोटोकॉल बनाए गए हैं। साथ ही कई तैयारियां की गई हैं। तीन उद्देश्यों पर कार्य किया गया है। कोरोना मुक्त चुनाव, वोटर्स की सहूलियत और ज्यादा से ज्यादा वोटर्स की भागीदारी। इस बीच कोरोना भी बहुमत प्राप्त करने के लिए तेजी से बढ़ने लगा है।मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि चुनाव तैयारियों की समीक्षा की गई। कोरोना प्रोटोकाल के तहत चुनाव कराए जाएंगे। इस बार इन पांचों राज्यों में 18.34 करोड़ वोटर्स भाग लेंगे और इनमें 8.55 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं।सुशील चंद्रा ने कहा कि सभी चुनाव अधिकारियों व कर्मियों को फ्रंटलाइन वर्कर माना और सभी पात्र अधिकारियों को प्रीकोशनरी डोज लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि 15 जनवरी 2022 तक किसी भी रोड शो, पदयात्रा, साइकिल रैली, बाइक रैली व जुलूस निकालने की इजाजत नहीं होगी। चुनाव आयोग स्थिति की समीक्षा करेगा व बाद में नए निर्देश जारी किए जाएंगे।
पंजाब, गोवा और उत्तराखंड में एक ही फेज में चुनाव होंगे। 14 फरवरी को मतदान होगा। 10 मार्च को पांचों राज्यों के वोटों की काउंटिंग की जाएगी।
नोटिफिकेशन जारी करने की तारीख- 21 जनवरी
नामांकन की अंतिम डेट- 28 जनवरी
नामांकन पत्रों की जांच की अंतिम डेट- 29 जनवरी
नाम वापस लेने की अंतिम तिथि- 31 जनवरी
वोटिंग- 14 फरवरी
मतगणना- 10 मार्च

गोवा की सभी 40 विधानसभा सीटों पर एक ही फेज में 14 फरवरी को मतदान होगी। गोवा में इस बार भाजपा के अतिरिक्त कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और टीएमसी भी चुनाव लड़ती नजर आएंगी। आपको बता दें कि गोवा में विधानसभा का कार्यकाल 15 मार्च 2022 को समाप्त हो रहा है। गोवा में पिछला विधानसभा चुनाव फरवरी 2017 में कराए गए थे। कांग्रेस 15 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, पर सरकार नहीं बना सकी थी। भाजपा ने 13 सीटें जीती थीं व एमजीपी, जीएफपी व दो निर्दलिय विधायकों की मदद से सरकार बनाने में कामयाब हो गई। मनोहर पर्रिकर गोवा के मुख्यमंत्री बने थे, पर 17 मार्च 2019 को उनका निधन हो गया। इनके बाद गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत बनें। गोवा चुनाव 2022 में कांग्रेस और भाजपा के अलावा ममता बनर्टी की टीएमसी और आम आदमी पार्टी भी मैदान में उतर रही हैं।
भाजपा गोवा में पिछले 10 वर्ष से सत्ता में है, इस वजह से भाजपा को गोवा में सत्ता विरोधी लहर का भी सामना करना पड़ सकता है। वैसे भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा पूरी ताकत झोंक रहे हैं। वहीं गोवा की सत्ता में वापसी के लिए कांग्रेस खुब हाथ-पांव मार रही है। पर टीएमसी कांग्रेस की राह में बड़ा रोड़ा बनती दिखाई दे रही है। कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने टीएमसी का दामन थाम लिया हैं। 2017 में आम आदमी पार्टी यहां खाता नहीं खोल सकी थी, पर इस बार किंगमेकर बनने के प्रयास में पूरी तरह से जुटी हुई है।

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पंजाब में 117 विधानसभा सीटों में से 34 सीटें आरक्षित हैं। पंजाब विधानसभा का कार्यकाल 27 मार्च खत्म होगा। वर्तमान में पंजाब की सत्ता कांग्रेस के हाथ में है और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी हैं। पंजाब में सरकार बनाने के लिए किसी भी दल को 59 सीटों का आंकड़ा प्राप्त करना होगा।
पंजाब का चुनावी गणित
पंजाब विधानसभा का कार्यकाल 27 मार्च को खत्म होगा। जिसके चलते वर्ष की शुरुआत में चुनाव होंगे। कांग्रेस प्रदेश में अपनी सत्ता के बचाने के लिए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी व प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्दू की अगुवाई में जद्दोजहद कर रही है। वहीं आम आदमी पार्टी इस चुनाव में नंबर दो से नंबर एक बनने के प्रयास में जुटी है। पंजाब में अकाली दल ने बसपा के साथ गठबंधन कर रखा है। बीजेपी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह और सुखदेव ढीढसा की पार्टी के साथ गठबंधन किया है।
117 सीटों वाले पंजाब में 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 77 सीटें जीतकर 10 वर्ष बाद सत्ता में लौटी। जबकि शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन सिर्फ 18 सीटों तक सिमट गया। आप 20 सीट जीतकर मुख्य विपक्षी दल बनी। कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री बने। पर 4 वर्ष के बाद कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर को हटाकर चरणजीत सिंह चन्नी को सूबे का सीएम बनाया।
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ये है उत्तराखंड का चुनावी गणित
70 सीटों वाली उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल 23 मार्च 2022 को खत्म होगा। प्रदेश में सियासी हलचलें तेज है। यहां कांग्रेस, भाजपा के साथ ही आप, बसपा और छोटी-छोटी कई पार्टियां अपना भाग्य आजमाने जा रही हैं। वैसे बीजेपी के लिए उत्तराखंड विधानसभा चुनाव सबसे अधिक चुनौती पूर्ण माना जा रहा है। क्योंकि यहां बीते दो दशक से हर 5 वर्ष में सत्ता बदलने की परंपरा चली आ रही है। ऐसे में कांग्रेस को आशा है कि वो सत्ता में वापस आएगी। दूसरी ओर बीजेपी सत्ता परिवर्तन के मिथक को तोड़ने के प्रयास में लगी हुई है।
2017 में हुए उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 57 सीटें जीतीं और प्रचंड बहुमत से अपनी सरकार बनाई थी। वहीं कांग्रेस महज 11 सीटें ही जीत पाई थी। उस वक्त भाजपा ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को सीएम बनाया था। चार वर्ष बाद ही उन्हें हटाकर भापजा ने तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया। पर कुछ ही महीनों में तीरथ सिंह रावत की जगह पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड का सीएम बना दिया गया।
हाल में ही धामी सरकार ने लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। धामी सरकार ने डॉ. गीता खन्ना को बाल संरक्षण आयोग का अध्यक्ष बनाया है, छह सदस्य भी बनाए हैं। पुलिस कर्मियों के 4600 रुपये ग्रेड पे में आंशिक संशोधन किया गया है। इस दायरे में आने वाले हर पुलिसकर्मी को दो लाख रुपए एक मुश्त देने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा शिक्षा विभाग में बंबर ट्रासफर व प्रमोशन किए हैं।
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मणिपुर में दो चरणों में होंने चुनाव
60 सीटों वाली मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल को खत्म हो रहा है। यहां दो फेज में चुनाव होंगे। पहले चरण के मतदान 27 फरवरी को होंगे और दूसरे चरण के लिये 3 मार्च को वोट डाले जाएंगे।
मणिपुर (प्रथम फेज - 27 फरवरी
नोटिफिकेशन - 1 फरवरी
नामांकन की अंतिम डेट- 8 फरवरी
नामांकन पत्र की स्क्रूटनी- 9 फरवरी
नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख- 11 फरवरी
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मणिपुर (दूसरा चरण- 3 मार्च
नोटिफिकेशन - 4 फरवरी
नामांकन की आखिरी तारीख- 11 फरवरी
नामांकन पत्र की स्क्रूटनी- 14 फरवरी
नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख- 16 फरवरी
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मणिपुर का पूरा चुनावी गणित
2017 में मणिपुर विधानसभा चुनाव में बीजेपी 21 सीटें जीतकर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरकर सामने आई थी। वहीं कांग्रेस 28 विधायकों के सबसे बड़ी सिसासी पार्टी बनी थी। उस वक्त भाजपा ने नेशनल पीपल्स पार्टी (4), नगा पीपल्स फ्रंट (4), लोजपा (1) और दो अन्य विधायकों के समर्थन से मणिपुर में सरकार बनाई थी और एन बीरेंद्र सिंह को मुख्यमंत्री बनाया गया। वहीं मणिपुर में भाजपा सत्ता को बचाए रखने के लिए अपनी पूरी जान लगा रही है। इसके अलावा कांग्रेस भी सत्ता पर कब्जा जमाने के लिए हर प्रयास कर रही है।
सबसे अधिक सीटों पर भी कांग्रेस को नहीं मिली थी सत्ता
आपको बता दें 2017 के चुनाव में 21 सीटें हासिल करने वाली बीजेपी ने वर्ष 2022 में राज्य में जीत के लिए 40 सीटों का लक्ष्य रखा है। 2017 में 60 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए बीजेपी को बहुमत का सहारा लेना पड़ा था। तब सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली कांग्रेस को 28 सीटें जीतने के बाद भी राज्य की सत्ता से बेदखल होना पड़ा था।
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यूपी विधानसभा में 403 सीट हैं और इनका कार्यकाल 14 मई 2022 को समाप्त हो रहा है। आपको बता दें 2017 के चुनाव में भापजा ने 312 सीटों पर जीतीं थी। सपा को 49, बसपा को 19 और कांग्रेस को मात्र 7 सीटों पर जीत मिली थी। बीजेपी ने पूर्ण बहुमत के साथ यूपी में सहयोगी दलों के साथ मिलकर सरकार बनाई और योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाया। योगी ने 19 मार्च 2017 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। योगी यूपी में भाजपा के पहले ऐसे मुख्यमंत्री होंगे जो प्रदेश में पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। इस बार के चुनाव में भाजपा और अखिलेश यादव की सपा पार्टी के बीच मुख्य मुकाबला होने का अनुमान है। वहीं इस चुनाव में प्रियंका गांधी वाड्रा की अगुवाई में कांग्रेस और मायावती की पार्टी बसपा भी अपना वजूद बचाने के प्रयास में जुटी हैं।
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यूपी का चुनावी कार्यक्रम
पहला फेज: 10 फरवरी
दूसरा फेज-14 फरवरी
तीसरा फेज- 20 फरवरी
चौथा फेज- 23 फरवरी
पांचवां फेज- 27 फरवरी
छठा फेज- 3 मार्च
सातवां फेज- 7 मार्च
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यूपी विधानसभा चुनाव का परिणाम: 10 मार्च
यूपी में कुल 403 सीटें
पहले चरण में -58
दूसरे चरण में-55
तीसरे चरण में-59,
चौथे चरण में-60
पांचवें चरण में-60
छठे चरण में-57
सातवें चरम में -54
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इस बीच कोरोना भी बहुमत प्राप्त करने के लिए तेजी से बढ़ने लगा है। उत्तर प्रदेश में तीन दिनों के अंदर ही मामले दोगुने से ज्यादा हो गए हैं। बुधवार को प्रदेश में 2,036 मामले सामने आए थे, जो शुक्रवार को बढ़कर 4,223 हो गए। बुधवार, गुरुवार को कोरोना से किसी की जान नहीं गई, जबकि शुक्रवार को 1 व्यक्ति की संक्रमण के चलते मौत हुई। फिलहाल प्रदेश में 17.23 लाख कुल केस हैं। अब तक 22, 918 लोगों ने कोरोना संक्रमण के चलते जान गंवाई है। अभी राज्य में 12, 327 लोग अपना इलाज करा रहे हैं।
पंजाब में 30 दिसंबर के बाद से कोरोना मामलों में इजाफा शुरू हुआ। इससे पहले यहां रोजाना 100 से कम मामले सामने आ रहे थे। 30 दिसंबर को यहां 166 मामले दर्ज हुए। इसके बाद से लगातार मामलों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। 4 जनवरी को यहां 1004 मामले दर्ज हुए। 7 जनवरी तक बढ़कर ये 2874 हो गए। फिलहाल प्रदेश में 6.13 लाख कुल केस हैं। अब तक 16,663 लोगों ने कोरोना संक्रमण के चलते जान गंवाई है। अभी राज्य में 9425 लोग अपना इलाज करा रहे हैं।
उत्तराखंड में भी कोरोना संक्रमण तेज हो गया है। यहां रोजाना मामले 1000 के करीब पहुंच रहे हैं। 20 दिसंबर तक यहां रोजाना के औसत 15-20 मामले सामने आ रहे थे। 31 दिसंबर को यहां 147 मामले दर्ज हुए और उसके बाद से लगातार मामलों में इजाफा ही हो रहा है। शुक्रवार को यहां 814 नए केस मिले।
गोवा में 26 दिसंबर को 25 नए केस आए थे, जो 31 दिसंबर को बढ़कर 261 हो गए। बुधवार को यहां 1002 मामले दर्ज हुए, गुरुवार को 961 और शुक्रवार को 1432 केस सामने आए
मणिपुर में 31 दिसंबर को 10 केस दर्ज हुए थे। 1 जनवरी को 19 केस मिले और 6 जनवरी को 59 नए केस सामने आए। यहां पिछले तीन दिनों में एक्टिव केस भी बढ़े हैं। 5 जनवरी को एक्टिव केस 11 थे, 7 जनवरी को ये केस 30 हो गए। अब तक राज्य में कुल 1.26 लाख लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। कुल एक्टिव केस 346 हैं।

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