72 के हुए शिवाजी राव गायकवाड़ यानी रजनीकांत

।कारपेंटर से कुली बनने, कुली से बी.टी.एस. कंडक्टर और फिर एक कंडक्टर से विश्व के सबसे ज्यादा प्रसिद्ध सुपरस्टार बनने तक का सफ़र कितना परिश्रम भरा होगा ये हम सोच सकते हैं। रजनीकांत का जीवन ही नहीं बल्कि फिल्मी सफ़र भी कई उतार चढ़ावों से भरा रहा है।

Created By : ashok on :12-12-2022 13:44:28 बेनजीर हाशमी खबर सुनें

वो कहते है न कि उम्र और असफलता कभी भी एक सुपरस्टार को निचे नही ला सकती। रजनीकांत जो एक तमिल एक्टर या फिर कहो सुपरस्टार”के साथ प्रोड्यूसर भी है। जिनको अपने जीवन में कई बार असफलता का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने हर वक़्त अपने आप को साबित किया, और एक सफल कलाकार के रु में लोगो के दिलो में अपने लिए जगह बना ली। 12 दिसंबर 1950 को एक मराठी परिवार में जन्में शिवाजी राव गायकवाड़ यानी रजनीकांत जैसे-जैसे बड़े होते गए वैसे-वैसे ही उनकी महानता भी बढ़ती गई ।

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कारपेंटर से कुली बनने, कुली से बी.टी.एस. कंडक्टर और फिर एक कंडक्टर से विश्व के सबसे ज्यादा प्रसिद्ध सुपरस्टार बनने तक का सफ़र कितना परिश्रम भरा होगा ये हम सोच सकते हैं। रजनीकांत का जीवन ही नहीं बल्कि फिल्मी सफ़र भी कई उतार चढ़ावों से भरा रहा है। जिस मुकाम पर आज रजनीकांत काबिज़ हैं

उसके लिए जितना परिश्रम और त्याग चाहिए होता है शायद रजनीकांत ने उससे ज्यादा ही किया है।साल 1973 में एक्टिंग में डिप्लोमा करने के बाद करियर कि शुरुआत साल 1975 की तमिल ड्रामा फ़िल्म अपूर्वा रागंगाल से डेब्यू से कि .. कई कमर्शियल रूप से सफल फिल्मो में बतौर मुख्य कलाकार काम किया है।

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तभी से लोग उन्हें “सुपरस्टार” कहने लगे और तमिलनाडु के सबसे प्रसिद्ध शख्सियत बन गए।

फिल्मो में डायलॉग बोलने का उनका अपना ही एक अलग अंदाज़ है, देश ही नही बल्कि विदेशो में भी लोग उनकी आवाज़ और उनके स्टाइल के दीवाने है। साल 2014 तक रजनीकांत 6 तमिलनाडु राज्य के फ़िल्म अवार्ड जीते – चार बेस्ट एक्टर अवार्ड और दो स्पेशल अवार्ड और साथ ही उन्हें फ़िल्मफेयर बेस्ट तमिल एक्टर का पुरस्कार भी से भी नवाजा गया एक्टिंग के साथ ही वे प्रोड्यूसर और स्क्रीनराइटर भी है। फ़िल्म करियर के साथ ही वे एक लोकोपकारी, आध्यात्मवादी और समाज सेवी भी है।

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