ऑपरेशन कनक से निकला बदरंग सच

सीबीआई की जांच में पता चला कि विभाग में 34 मौजूदा एवं तीन रिटायर्ड अधिकारियों की सरपरस्ती में एक पूरा गिरोह सक्रिय है, जो गोदामों में आने वाले प्रत्येक ट्रक से चार हजार रुपये की उगाही करता है। इस गिरोह में जनरल मैनेजर, डिप्टी जनरल मैनेजर, एजीएम, क्वालिटी कंट्रोल मैनेजर, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर, तकनीकी सहायक एवं मुनीम आदि शामिल हैं।

Created By : ashok on :15-01-2023 15:26:33 संजय मग्गू खबर सुनें

ऑपरेशन कनक से निकला बदरंग सच
संजय मग्गू
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) में भ्रष्टाचार किस कदर पैठा हुआ है, सीबीआई के ‘आॅपरेशन कनक’ से निकले निष्कर्ष यह साफ जाहिर करते हैं। नीचे से लेकर ऊपर तक, अदने कर्मचारी से लेकर आला अधिकारी तक पाप की कमाई बटोरने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं।

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मालूम हो कि पिछले दिनों सीबीआई ने हरियाणा के अंबाला एवं गुरुग्राम समेत छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 39 स्थानों पर छापेमारी करके बतौर रिश्वत जमा लगभग 1.03 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की थी। सीबीआई की जांच में पता चला कि विभाग में 34 मौजूदा एवं तीन रिटायर्ड अधिकारियों की सरपरस्ती में एक पूरा गिरोह सक्रिय है, जो गोदामों में आने वाले प्रत्येक ट्रक से चार हजार रुपये की उगाही करता है। इस गिरोह में जनरल मैनेजर, डिप्टी जनरल मैनेजर, एजीएम, क्वालिटी कंट्रोल मैनेजर, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर, तकनीकी सहायक एवं मुनीम आदि शामिल हैं। यानी रिश्वत के हमाम में सभी ने बेखौफ अपने कपड़े उतार रखे हैं। जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह हर फसल के सीजन में प्रत्येक डिपो से दो से पांच करोड़ रुपये वसूलता है।

मिल मालिक एवं विक्रेता एफसीआई के गोदामों पर तैनात तकनीकी सहायक को प्रति ट्रक चार हजार रुपये की रिश्वत देकर अपना घटिया अथवा कम गुणवत्ता वाला अनाज बेच देते थे, जिसे मानक के अनुरूप दिखाकर संबंधित स्टाफ आनन-फानन में दूसरे राज्यों के लिए रवाना कर देता था। मिल मालिक एवं विक्रेता अपने घटिया अनाज की अव्वल कीमत लेकर उसमें से एक हिस्सा इन सरकारी गिद्धों को फेंक देते थे।

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यानी सरकारी खजाने को चोट पहुंचाने के साथ-साथ आम गरीब जनता से विश्वास घात! सीबीआई की इस छापे मारी ने आम जन में पैठ रही उस धारणा को भी किसी हद तक दूर करने का काम किया है कि सरकार मदद के नाम पर उन्हें घटिया राशन देकर उनकी गरीबी का मजाक उड़ा रही है और उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। अब सरकार को चाहिए कि वह ऐसे तत्वों के खिलाफ अविलंब कठोर कार्यवाही करे, ताकि उन्हें सबक मिल सके। इसके अलावा सिस्टम में मौजूद दीगर भ्रष्टाचारियों के बीच भी यह संदेश पहुंचे कि उनकी मनमानी अब ज्यादा दिनों तक नहीं चलने वाली।

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