गुजरात की बेमिसाल जीत का श्रेय मोदी को

असल में पीएम मोदी और उनके सिपहसालार इस बात को समझ गए हैं कि जब मतदान का समय आता है, तो मतदाताओं को चेहरा याद रहता है, समस्याएं नहीं। उसकी याददाश्त बहुत कमजोर होती है, वह एक हजार रुपये के गैस सिलेंडर को भूल जाती है।

Created By : ashok on :09-12-2022 15:04:42 संजय मग्गू खबर सुनें

संजय मग्गू
गुजरात में भाजपा ने इतिहास रच दिया। 182 में से 156 सीटों पर विजय हासिल करना, कोई मामूली बात नहीं है। रिकार्ड तोड़ जीत पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से लेकर पार्टी के सामान्य कार्यकर्ता की यही प्रतिक्रिया सामने आई कि गुजरात की जीत नरेंद्र मोदी की जीत है। गुजरात मॉडल की जीत है। सचमुच गुजरात के इतिहास में इससे पहले किसी भी राजनीतिक दल ने जीत का यह आंकड़ा नहीं छुआ था। इससे पहले वर्ष 1985 में कांग्रेस ने माधव सिंह सोलंकी के नेतृत्व में गुजरात में चुनाव लड़ा था और 149 सीटों पर जीत हासिल की थी। तब इस आंकड़े को प्रचंड बहुमत से जीत माना गया था। लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में गुजरात भाजपा ने यह मिथक भी तोड़ दिया।

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इस आंकड़े को ‘भूतो न भविष्यत’ कहा जा सकता है। अब शायद ही कभी गुजरात चुनाव में कोई इस आंकड़े तक पहुंच सके। गुजरात की जीत सचमुच पीएम मोदी की जीत है। जब चुनाव तिथियों की घोषणा हुई थी, तभी से देश भर के तमाम पत्रकारों और राजनीतिक विश्लेषकों ने यह कहना शुरू कर दिया था कि पिछले 27 साल से गुजरात की सत्ता पर काबिज भाजपा के लिए इस बार मुश्किल होने वाली है। सरकार के प्रति लोगों में रोष है। एंटी इनकंबेसी भी एक फैक्टर है जिससे भाजपा को नुकसान होगा। सोशल मीडिया पर भी ऐसी ही खबरों और वीडियो की भरमार थी, लेकिन नतीजा क्या निकला, यह अब सबको पता चल गया है। असल में गुजरात मॉडल का बाजा इतनी बार बजाया गया कि गुजरात के लोगों को मोदी के सिवा दूसरा कुछ सूझता ही नहीं है। उनके लिए मोरबी की घटना कोई मायने नहीं रखती है। उन्हें इस बात से कतई मतलब नहीं है कि बिलकीस बानो से सामूहिक बलात्कार और उनके परिवार की हत्या करने वालों को रिहा कर दिया गया है। गरीबी, बेकारी, महंगाई जैसी समस्याओं से कुछ लेना देना नहीं है।

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असल में पीएम मोदी और उनके सिपहसालार इस बात को समझ गए हैं कि जब मतदान का समय आता है, तो मतदाताओं को चेहरा याद रहता है, समस्याएं नहीं। उसकी याददाश्त बहुत कमजोर होती है, वह एक हजार रुपये के गैस सिलेंडर को भूल जाती है। पीएम मोदी का यही जादुई व्यक्तित्व है कि लाख परेशानियों और समस्याओं के बावजूद वोट उन्हें ही मिलता है। यही उत्तर प्रदेश में हुए चुनाव के दौरान हुआ। जनता भूल गई किसान आंदोलन को। बस उसे याद रहा, तो राम मंदिर का निर्माण, अयोध्या में मंदिर के नाम पर हो रहा विकास। सारे मुद्दे हवा हो गए नरेंद्र मोदी के आगे। हां, गुजरात में कांग्रेस की खराब हालत के लिए किसी हद तक भाजपा नहीं आप जिम्मेदार है। इस बार जितना वोट प्रतिशत कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का रहा है, उसको मिला देने पर पिछली बार कांग्रेस को जितना वोट प्रतिशत मिला था, उसके करीब ही पहुंचता है। गुजरात में कांग्रेसी कह भी रहे थे कि अरविंद केजरीवाल, भाजपा को नहीं, कांग्रेस को हराने गुजरात में आए हैं। कांग्रेस के लिए सिर्फ संतोष इस बात का है कि हिमाचल उसके हाथ में आ गया है।

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