अपने उम्मीदवार को जिताने में सफल रहीं रिढाऊ की महिलाएं

मजे की बात यह है कि इस पंचायत में भी महिलाओं को नहीं बुलाया गया था। इसके बाद वही हुआ जिसकी आशंका थी। सर्वसम्मति से सरपंच का चुनाव नहीं हो सका। लेकिन अंतत: विजय महिलाओं की ही हुई।

Created By : ashok on :16-11-2022 14:33:52 संजय मग्गू खबर सुनें

संजय मग्गू

पिछले एक पखवाड़े से सोनीपत जिले का रिढाऊ गांव काफी चर्चा में रहा है। इस गांव के सरपंच का पद महिला के लिए आरक्षित घोषित किया गया, तो इस गांव के पुरुषों ने पंचायत करके एक महिला उम्मीदवार को तय करके कह दिया कि सर्वसम्मति से इसे ही सरपंच बनाया जााएगा। पुरुषों की पंचायत की खबर जैसे ही फैली गांव की महिलाएं पुरुषों द्वारा चुनी गई महिला उम्मीदवार के विरोध में आ खड़ी हुईं। उन्होंने कहा कि हम पुरुषों द्वारा तय की गई महिला उम्मीदवार को समर्थन देने के बजाय अपना उम्मीदवार खुद चुनेंगी। महिलाओं ने अपनी पंचायत करके राखी को अपना उम्मीदवार घोषित किया। इसके बाद पुरुषों ने फिर पंचायत बुलाई और कोशिश की कि सर्वसम्मति से कोई फैसला हो जाए। लेकिन महिलाओं ने पुरुषों की कोई भी बात मानने से इनकार कर दिया।

ये भी पढ़ें

बिरसा मुंडा और उनके जनजागरण का स्मरण

मजे की बात यह है कि इस पंचायत में भी महिलाओं को नहीं बुलाया गया था। इसके बाद वही हुआ जिसकी आशंका थी। सर्वसम्मति से सरपंच का चुनाव नहीं हो सका। लेकिन अंतत: विजय महिलाओं की ही हुई। उन्होंने अपनी उम्मीदवार राखी को 12 नवंबर को हुए पंचायत चुनाव में 1262 वोट हासिल करके अपने प्रतिद्वंद्वी को 368 वोटों से हरा दिया। यह महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण है। सोनीपत के रिढाऊ गांव का यह संदेश पूरे प्रदेश में एक नई मिसाल कायम करने में सफल होगा, ऐसी उम्मीद की जानी चाहिए। दरअसल, जब रिढाऊ गांव के पुरुषों ने पंचायत करके अपना उम्मीदवार तय करके एक तरह से फरमान जारी किया था, तो उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनके घर की ही महिलाएं उनके खिलाफ आ खड़ी होंगी। अब तक ऐसा ही होता आया था। पुरुष तय करके थे कि महिला पद पर कौन चुनाव लड़ेगा और कौन नहीं।

शायद सोनीपत में पहली बार महिलाएं अपने हक के लिए मुखर हुई और उन्होंने लक्ष्य हासिल करके ही दम लिया। पहले किसी महिला के सरपंच बनने के बाद उसका पति सरपंच बना घूमता था। अब शायद ऐसा न हो, कम से कम रिढाऊ गांव में। सरपंच चुनी गई गई राखी का कहना है कि मुझे सबने वोट दिया है और मैं सबको साथ लेकर गांव के विकास में अपना योगदान दूंगी। ऐसा ही होना भी चाहिए। सबको लेकर ही विकास किया जा सकता है।

Share On