मॉडल स्कूलों में हिंदी मीडियम में भी होंगे दाखिले, गरीब परिवारों के बच्चों को नहीं देनी पड़ेगी फीस

हरियाणा में सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों में ‘भाषा’ की बाध्यता को समाप्त कर दिया है। इन स्कूलों में अंग्रेजी के साथ हिंदी माध्यम में भी दाखिला होंगे। इन स्कूलों में गरीब परिवारों के बच्चों को फीस नहीं देनी पड़ेगी।

Created By : Shiv Kumar on :23-04-2022 16:28:43 प्रतीकात्मक तस्वीर खबर सुनें

शेरसिंह डागर, नूंह।
हरियाणा शिक्षा विभाग ने सीबीएसई से मान्यता प्राप्त राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूलों में ‘भाषा’ की बाधा को समाप्त कर दिया है। अब बच्चे इन स्कूलों में अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी माध्यम में भी दाखिला ले सकेंगे। इन स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब परिवारों के बच्चों को भी बड़ी राहत प्रदान करते हुए फीस की बाधा को समाप्त कर दिया गया है। इस फैसले से करीब 95 प्रतिशत बच्चों को राहत मिलेगी।
पहले था अंग्रेजी माध्यम, अब हिंदी भी किया लागू
दरअसल, सरकार की तरफ से प्रदेश के करीब 138 स्कूलों को सीबीएसई से मान्यता दिलाई गई है। चूंकि यह स्कूल सीधे सीबीएसई बोर्ड से जुड़े थे, इसलिए सरकार ने इन स्कूलों में केवल अंग्रेजी माध्यम ही चलाने का निर्णय लिया था। मगर सरकार के इस फैसले के बाद अभिभावकों सहित कुछ एसोसिएशन ने आवाज उठाई थी कि संस्कृति मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को हिंदी माध्यम से भी शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार दिया जाए। अब शिक्षा विभाग ने संस्कृति मॉडल स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम के साथ-साथ हिंदी माध्यम भी शुरू कर दिया है। निदेशालय की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक और राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल में, जिनके नजदीक नेबरहुड की दूरी सीमा अनुसार कोई अन्य राजकीय स्कूल नहीं है, ऐसे सभी स्कूलों में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के दोनों सेक्शन जारी रहेंगे।

1.80 लाख से कम सालाना आय वालों को नहीं देनी पड़ेगी फीस
सरकार द्वारा इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सामान्य फीस के दायरे से जोड़ा गया था, जिसे लेकर शिक्षा के अधिकार के तहत बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा की आवाज भी उठी थी। शिक्षा विभाग की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि ऐसे स्कूलों में हिंदी और अंग्रेजी दोनों अनुभाग (सेक्शन) के विद्यार्थियों से स्कूल विकास निधि ली जाएगी। ऐसे सभी विद्यार्थी जिनके अभिभावकों की सालाना आय 1.80 लाख से कम है, उन्हें स्कूल निधि के तहत लिए जाने वाले मासिक अंशदान से छूट प्रदान की जाएगी।

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