ग्रामीण निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था बनाने पर मंथन, विभाग के स्वर्ण जयंती समारोह में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने की घोषणा

ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि ग्रामीण निर्माण विभाग का स्वरूप अन्य सभी अभियांत्रिकी विभागों की तरह होने के कारण निर्माण कार्य किये जाने की सीमा 15 करोड़ से बढ़ाकर असीमित किये जाने पर मंथन चल रहा है।

Created By : Pradeep on :01-07-2022 18:13:02 ग्रामीण निर्माण विभाग के आयोजन में विभागीय मंत्री सतपाल महाराज एवं अन्य। खबर सुनें

देहरादून
ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि ग्रामीण निर्माण विभाग का स्वरूप अन्य सभी अभियांत्रिकी विभागों की तरह होने के कारण निर्माण कार्य किये जाने की सीमा 15 करोड़ से बढ़ाकर असीमित किये जाने पर मंथन चल रहा है। उन्होंने कहा कि चूंकि वर्तमान में विभाग द्वारा अन्य गैर अभियांत्रिकी विभागों के निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं इसलिए ग्रामीण निर्माण विभाग को सभी गैर अभियांत्रिकी विभागों की कार्यदायी संस्था बनाने का विचार किया जा रहा है।

राजधानी दून में रिंग रोड स्थित एक होटल में ग्रामीण निर्माण विभाग की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर शुक्रवार को एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। विभागीय मंत्री सतपाल महाराज ने बतौर मुख्य अतिथि इस कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण निर्माण विभाग पूरे प्रदेश में उच्च गुणवत्ता युक्त विभिन्न विभागों के आवासीय एवं अनावासीय भवनों के साथ-साथ अन्य निर्माण कार्य भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि गत वित्तीय वर्ष में विभाग द्वारा 59 शासकीय विभागों, निगमों व स्वायत्तशासी संस्थाओं द्वारा भवनों व मार्गों को मिलाकर लगभग 5577 निर्माण कार्य कराए गए। जिसमें ग्राम्य विकास संस्थान रुद्रपुर के आवासीय व अनावासीय भवन, पी.आर.डी. विभाग का निदेशालय भवन, जनपद नैनीताल, बागेश्वर व रुद्रप्रयाग के विकास भवन, देहरादून में स्थित विधान सभा भवन एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय भवन का निर्माण कार्य शामिल है।

कुम्भ मेला-2021 के अन्तर्गत पुलिस, सी.पी.एम.एफ. के ट्रांजिट हॉस्टल के चार मंजिला भवन जिसकी लागत 405.57 लाख है का निर्माण कार्य साढ़े चार माह के रिकॉर्ड समय में पूर्ण किया गया। ग्रामीण निर्माण मंत्री ने बताया कि नाबार्ड पोषित एवं राज्य योजना के अन्तर्गत कुल 201 ग्रामीण मोटर मार्गों (लम्बाई 386.663 कि.मी.) का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया। उन्होंने कहा कि इन्हीं खूबियों के कारण ग्रामीण निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था बनाने पर गंभीरतापूर्वक विचार चल रहा है।

रिक्त पदों पर जल्द भर्ती के निर्देश
ग्रामीण निर्माण मंत्री ने कहा कि विभाग में तकनीकी संवर्ग के 487 पदों के सापेक्ष 238 लगभग (48 प्रतिशत) तथा गैर तकनीकी संवर्ग के कुल 398 पद के सापेक्ष 128 ( 32 प्रतिशत रिक्त पदों को भरने के निर्देश दिये गये हैं। रिक्त पदों पर नियुक्ति के बाद विभाग की कार्यक्षमता को तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को और अधिक बढ़ाया जा सकेगा। प्रदेश के विकास को गति देने के लिए विभाग को जिला योजना का सदस्य नामित किए जाने पर भी विचार चल रहा है।

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